Hazaribagh news

हजारीबाग कांड के आरोपियों को  गैंगस्टर Rahul Singh ने धमकाया

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग में 12 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी मामले में गैंगस्टर Rahul Singh ने प्रेस रिलीज जारी कर धमकी दी है। दरअसल, झारखंड के हजारीबाग में 12 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस घटना को लेकर गैंगस्टर Rahul Singh ने प्रेस रिलीज जारी कर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उसने इस घटना को इंसानियत पर कलंक बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। Rahul Singh ने अपने बयान में कहा कि विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंभा गांव में जो हुआ, वह बेहद शर्मनाक और दर्दनाक है। उसने कहा कि एक मासूम बच्ची, जिसने अभी दुनिया को समझना शुरू ही किया था, उसके साथ इस तरह की बर्बरता ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।

Anjali Kumari मार्च 30, 2026 0
Hazaribagh bandh
हजारीबाग बंद असरदार, मशाल जुलूस में उमड़े लोग

हजारीबाग। विष्णुगढ़ में 12 साल की नाबालिग के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के विरोध में सोमवार 30 मार्च को हजारीबाग बंद है। यह बंद झारखंड प्रदेश भाजपा के आह्वान पर बुलाया गया है। सोमवार को सुबह से ही हजारीबाग की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है, दुकानें बंद हैं और बाजार खाली हैं। बंद को सफल बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर जुलूस निकाल रहे हैं।  निकाला गया मशाल जुलूस इससे पहले बंद की पूर्व संध्या पर रविवार की शाम मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें लोगों की भीड़ उमड़ी।  हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद के नेतृत्व में विष्णुगढ़ की 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई जघन्य घटना और निर्मम हत्या पर रविवार को विष्णुगढ़ में निकाला मशाल जुलूस और कैंडल मार्च निकाला गया। मशाल जुलूस निकाल कर लोगों से सोमवार को हजारीबाग बंद का आह्वान किया गया।  दोषियों की गिरफ्तारी की मांग भाजपा विधायक ने सरकार से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने देने की भी मांग की। इधर झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने भी दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। विष्णुगढ़ में 12 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म एवं हत्या की घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।

Anjali Kumari मार्च 30, 2026 0
Hazaribagh Ram Navami
रामनवमी पर हजारीबाग में दिखा बेटियों का शौर्य, आर्ष कन्या गुरुकुल की ब्रह्मचारिणियों ने जीता दिल

हजारीबाग। रामनवमी के पावन अवसर पर हजारीबाग में महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक और अद्भुत तस्वीर देखने को मिली। जहां एक ओर शहरभर में धार्मिक उल्लास और भक्ति का माहौल था, वहीं दूसरी ओर बेटियों ने अपने शौर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आर्य समाज द्वारा संचालित आर्ष कन्या गुरुकुल की ओर से निकाली गई शौर्य शोभायात्रा में ब्रह्मचारिणियों ने तलवारबाजी, लाठी-कला और पारंपरिक युद्धकौशल का ऐसा प्रदर्शन किया कि सड़क किनारे खड़े लोग दंग रह गए।   तलवार, लाठी और आत्मविश्वास से सजी शोभायात्रा रामनवमी के इस विशेष आयोजन में गुरुकुल की छात्राएं और ब्रह्मचारिणियां पारंपरिक परिधान में हाथों में तलवार, लाठी और अन्य शस्त्र लेकर सड़कों पर उतरीं। उन्होंने न सिर्फ शस्त्रों का संचालन किया, बल्कि साहस, संयम और अनुशासन का भी शानदार परिचय दिया। जुलूस में बालक और बालिकाओं का बैंड दस्ता भी आकर्षण का केंद्र बना रहा। सड़क पर एक साथ लाठियां भांजती और युद्धक मुद्राओं में प्रदर्शन करती बच्चियों ने यह साबित कर दिया कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।   समाज को दिया सशक्त संदेश इस शौर्य शोभायात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज को एक मजबूत संदेश देना भी था—“बेटियां भी बेटों से कम नहीं”। जिस तरह रामनवमी पर युवक पारंपरिक शस्त्रों के साथ अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं, उसी तरह अब बेटियां भी आगे बढ़कर अपनी क्षमता दिखा रही हैं। गुरुकुल के आचार्य ने कहा कि आज की हर बेटी में रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरता और आत्मबल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियां न केवल संस्कार और शिक्षा में आगे हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर देश और समाज की रक्षा के लिए भी पूरी तरह सक्षम हैं।   एक महीने की मेहनत ने बनाया प्रदर्शन खास गुरुकुल में रामनवमी की तैयारी पिछले एक महीने से चल रही थी। छोटी-छोटी बच्चियों को तलवार, लाठी और अन्य पारंपरिक हथियारों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। इस अभ्यास का परिणाम जुलूस के दौरान साफ दिखाई दिया, जब छात्राओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ सड़क पर अपना प्रदर्शन किया। हर प्रस्तुति में अनुशासन, समर्पण और साहस साफ झलक रहा था।   जनप्रतिनिधियों ने भी सराहा प्रदर्शन इस शोभायात्रा में नगर निगम के मेयर अरविंद कुमार भी शामिल हुए। उन्होंने गुरुकुल की बच्चियों की जमकर सराहना की और कहा कि इन बेटियों ने हजारीबाग का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जब ये बच्चियां हाथों में तलवार और लाठी लेकर प्रदर्शन करती हैं, तो उनमें आत्मविश्वास साफ दिखाई देता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ये बच्चियां केवल शस्त्र संचालन ही नहीं, बल्कि वेद और संस्कृत ज्ञान में भी अद्भुत हैं।

Anjali Kumari मार्च 28, 2026 0
Hazaribagh Ram Navami incident
रामनवमी जुलूस के दौरान हजारीबाग में दो हिंसक वारदात, एक की मौत, दूसरा घायल

हजारीबाग। रामनवमी जुलूस के दौरान शुक्रवार देर रात हजारीबाग जिले में दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हिंसा की गंभीर घटनाएं सामने आईं। एक मामले में एक व्यक्ति की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई, जबकि दूसरी घटना में एक समाजसेवी चाकूबाजी में घायल हो गए। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।   पेलावल ओपी क्षेत्र में मुखिया के भाई की हत्या पहली और सबसे गंभीर घटना पेलावल ओपी थाना क्षेत्र के गदोखर गांव में हुई। यहां रामनवमी जुलूस के दौरान गांव के मुखिया के 40 वर्षीय भाई राम कुमार साव उर्फ रामा साव की भुजाली से हमला कर हत्या कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जुलूस के दौरान दो युवक एक वाहन के बोनट पर चढ़कर नाच रहे थे। रामा साव ने उन्हें नीचे उतरने को कहा, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद कुछ ही देर में हिंसक रूप ले बैठा और आरोप है कि दोनों युवकों ने रामा साव पर अचानक भुजाली से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से भी रंजिश थी, जिससे मामला और भड़क गया।   कोर्रा थाना क्षेत्र में चाकूबाजी, समाजसेवी घायल दूसरी घटना कोर्रा थाना क्षेत्र के दीपूगढा गोलंबर के पास हुई। यहां कोऑपरेटिव कॉलोनी निवासी और ब्रह्मर्षि समाज के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह पर चाकू से हमला किया गया। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत आरोग्यम अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।   पुलिस ने जांच तेज की दोनों मामलों में पुलिस ने संबंधित थाना क्षेत्रों में जांच तेज कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

Anjali Kumari मार्च 28, 2026 0
Ram Navami 2026
झारखंड में रामनवमी को लेकर हाई अलर्ट, 10 हजार अतिरिक्त पुलिस बल रहेगा तैनात

हजारीबाग। रामनवमी के मद्देनजर झारखंड प्रशासन ने राज्यभर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम पूरे कर लिए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 10 हजार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। राज्य के सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस मुख्यालय और स्पेशल ब्रांच की ओर से पहले ही सभी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।   हजारीबाग और रांची पर विशेष फोकस प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा के लिहाज से हजारीबाग को सबसे अधिक संवेदनशील माना गया है। इसके अलावा रांची सहित कई अन्य जिलों में भी अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। रामनवमी जुलूस और शोभायात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए वरिष्ठ IPS अधिकारी खुद मॉनिटरिंग करेंगे। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि पर्व के दौरान शांति और सौहार्द का माहौल बना रहे।   सजावट और जुलूस मार्गों पर भी अलर्ट स्पेशल ब्रांच ने सड़क किनारे लगाए जाने वाले झंडे, बैनर, झालर और सजावटी सामग्री को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। आशंका जताई गई है कि कुछ असामाजिक तत्व धार्मिक आयोजनों के दौरान लगे सजावटी सामान से छेड़छाड़ कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इस वजह से जुलूस मार्गों पर सुरक्षा और निगरानी दोनों को मजबूत किया गया है।   रांची में ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव राजधानी रांची में रामनवमी के अवसर पर ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। प्रशासन ने तय किया है कि कुछ निश्चित समय तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। ऐसे सभी वाहन रिंग रोड के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। इसके अलावा छोटे मालवाहक वाहनों, ऑटो और टोटो के संचालन पर भी समयबद्ध प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि जुलूस मार्गों पर भीड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके।   सोशल मीडिया पर सख्त नजर प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आम लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी भ्रामक या अपुष्ट सूचना पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है।

Anjali Kumari मार्च 26, 2026 0
Teachers receiving awards at Hazaribagh education event promoting life skills and student development programs
हजारीबाग में शिक्षा के साथ जीवन कौशल पर जोर, 80 स्कूलों के 160 शिक्षक हुए सम्मानित

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के सरकारी स्कूल अब सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रह गए हैं। यहां शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को जीवन से जुड़े जरूरी कौशल भी सिखाए जा रहे हैं। इस पहल का मकसद बच्चों को शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाना है। जीवन कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष फोकस जिले के स्कूलों में चल रहे इस अभियान के तहत किशोर-किशोरियों को 16 से अधिक महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जा रही है। इनमें स्वास्थ्य, पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता, लिंग समानता, नशामुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा बाल विवाह, बाल तस्करी, हिंसा से बचाव और भावनात्मक संतुलन जैसे संवेदनशील विषयों पर भी छात्रों को जागरूक किया जा रहा है। 160 शिक्षकों को मिला सम्मान सोमवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 80 स्कूलों के 160 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। यह आयोजन शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम और सेंटर फॉर कैटलाइजिंग चेंज (C3) के संयुक्त प्रयास से किया गया था। सम्मानित शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर उनके योगदान की सराहना की गई। नगर भवन में हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम यह कार्यक्रम नगर भवन में आयोजित जिला स्तरीय साथिया (पीयर एजुकेटर) सम्मेलन और स्वास्थ्य आरोग्य दूत सम्मान समारोह के तहत हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई, जिसमें शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए। विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार, राज्य समन्वयक रफत फरजाना और सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार समेत कई अधिकारियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने किशोर स्वास्थ्य, शिक्षा और जागरूकता से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी और इस पहल को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। नाटक के जरिए जागरूकता का संदेश कार्यक्रम के दौरान पीयर एजुकेटर छात्रों ने लघु नाटिका प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से महावारी स्वच्छता, नशामुक्ति और बीमारियों से बचाव जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से सामने रखा गया। जिले में शिक्षा का व्यापक विस्तार हजारीबाग जिले में शिक्षा का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। यहां कक्षा 1 से 12वीं तक करीब 1800 स्कूल संचालित हैं। जिले के 16 प्रखंडों और 1300 से अधिक गांवों में यह पहल बच्चों तक पहुंच रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य का बेहतर समन्वय यह पहल शिक्षा और स्वास्थ्य के समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आई है। इससे छात्र न सिर्फ पढ़ाई में बेहतर हो रहे हैं, बल्कि जीवन के अहम फैसले लेने में भी सक्षम बन रहे हैं। आगे और मजबूत होगी पहल विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह के कार्यक्रम लगातार जारी रहे, तो इसका सकारात्मक असर पूरे झारखंड में देखने को मिलेगा। इससे बच्चों में जागरूकता बढ़ेगी और वे एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित हो सकेंगे।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
Hazaribagh school funding issue
हजारीबाग के 1457 सरकारी स्कूलों को नहीं मिला फंड, नामांकन और अटेंडेंस रजिस्टर की खरीद ठप

हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में सरकारी स्कूलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जिले के 1457 प्रारंभिक विद्यालयों को अब तक स्कूल डेवलपमेंट फंड नहीं मिला है, जिससे नए सत्र से पहले जरूरी तैयारियां प्रभावित हो गई हैं।   नामांकन और उपस्थिति पर संकट फंड की कमी के कारण स्कूलों में एडमिशन रजिस्टर और अटेंडेंस रजिस्टर की खरीदारी नहीं हो सकी है। ऐसे में 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से पहले शिक्षकों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है कि बच्चों का नामांकन और उपस्थिति कैसे दर्ज की जाएगी।   एक लाख छात्रों की पढ़ाई पर असर इस स्थिति का असर जिले के करीब एक लाख छात्रों पर पड़ सकता है। रजिस्टर के अभाव में न सिर्फ पढ़ाई की प्रक्रिया प्रभावित होगी, बल्कि स्कूलों की प्रशासनिक व्यवस्था भी बाधित हो रही है।   अन्य व्यवस्थाएं भी प्रभावित फंड नहीं मिलने से स्कूलों में स्वच्छता, स्टेशनरी और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इससे स्कूलों के संचालन में दिक्कतें बढ़ गई हैं।   शिक्षकों में बढ़ी चिंता नया सत्र शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी हैं, लेकिन अब तक फंड जारी नहीं होने से शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि अगर जल्द राशि नहीं मिली, तो नए सत्र की शुरुआत में भारी अव्यवस्था देखने को मिल सकती है। फिलहाल, स्कूल प्रबंधन और शिक्षक विभाग से जल्द फंड जारी करने की मांग कर रहे हैं, ताकि समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा सकें।

Anjali Kumari मार्च 23, 2026 0
Arrested TSPC militants with seized weapons including INSAS rifles and police team in Hazaribagh
क्रांति के नाम पर वसूली! हजारीबाग में TSPC के 8 उग्रवादी गिरफ्तार, हथियारों का जखीरा बरामद

बड़ी वारदात की साजिश नाकाम, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से टला खतरा हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) के 8 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में होने वाली संभावित बड़ी घटना को समय रहते टाल दिया गया। बड़ी साजिश की थी तैयारी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उग्रवादी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर संदिग्ध इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया गया। फिल्मी अंदाज में पीछा कर पकड़े गए आरोपी कार्रवाई के दौरान उरीमारी ओपी क्षेत्र के कोलियरी इलाके में एक संदिग्ध बोलेरो वाहन नजर आया। पुलिस को देखते ही चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उसे घेर लिया। भागने के दौरान वाहन अनियंत्रित होकर आसवा और गुडकुवा गांव के बीच पुल और पेड़ से टकरा गया। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन में सवार सभी संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। हथियारों के साथ पकड़े गए उग्रवादी तलाशी के दौरान दो आरोपियों के हाथ में इंसास राइफल मिली, जिससे उनके इरादों की गंभीरता साफ हो गई। पुलिस ने मौके से- 2 इंसास राइफल भारी मात्रा में जिंदा कारतूस 1 देसी पिस्टल 1 बोलेरो वाहन 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। लातेहार और रांची के रहने वाले आरोपी गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान सुनील मुंडा, विरेंद्र मुंडा, सुरेंद्र मुंडा, लालमोहन मुंडा, अनिल मुंडा, रविंद्र गंझू उर्फ रिंकू, सत्येंद्र गंझू उर्फ संतु और संजय मुंडा के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी लातेहार और रांची जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी टीएसपीसी संगठन से जुड़े हैं और इलाके में सक्रिय होकर वसूली और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
Students sitting in a government school classroom with poor infrastructure due to lack of funds in Hazaribagh
हजारीबाग के 1457 सरकारी स्कूलों में फंड संकट, नए सत्र से पहले शिक्षा व्यवस्था पर मंडराया खतरा

एडमिशन-रजिस्टर से लेकर साफ-सफाई तक प्रभावित, करीब एक लाख बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा असर हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में सरकारी स्कूलों की हालत नए शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले ही चिंताजनक हो गई है। जिले के 1457 प्रारंभिक विद्यालयों को अब तक विद्यालय विकास कोष की राशि नहीं मिल पाई है, जिससे स्कूलों की बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं। नए सत्र से पहले बढ़ी परेशानी राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में 1 अप्रैल 2026 से नया सत्र शुरू होना है, लेकिन मार्च खत्म होने को है और अब तक फंड जारी नहीं किया गया है। आमतौर पर हर साल झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा मार्च की शुरुआत में ही यह राशि उपलब्ध करा दी जाती है, ताकि स्कूल समय रहते तैयारी पूरी कर सकें। इस बार देरी से स्कूल प्रबंधन और शिक्षक दोनों चिंतित हैं। एडमिशन और अटेंडेंस रजिस्टर की कमी फंड नहीं मिलने का सबसे बड़ा असर एडमिशन प्रक्रिया पर पड़ रहा है। स्कूलों में नामांकन और छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए जरूरी रजिस्टर तक उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा चॉक, डस्टर जैसी सामान्य शैक्षणिक सामग्री भी स्कूलों में नहीं पहुंच पाई है। कई शिक्षक अपने स्तर पर व्यवस्था कर किसी तरह पढ़ाई जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं। एक लाख छात्रों की पढ़ाई पर असर इस वित्तीय संकट का सीधा प्रभाव जिले के करीब एक लाख छात्रों पर पड़ रहा है। बुनियादी संसाधनों की कमी के कारण पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। शिक्षकों का कहना है कि यदि जल्द फंड नहीं मिला तो सत्र की शुरुआत अव्यवस्थित तरीके से होगी। स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित विद्यालय विकास कोष का एक हिस्सा साफ-सफाई और स्वच्छता पर खर्च किया जाता है, लेकिन फंड के अभाव में स्कूलों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। शौचालयों की नियमित सफाई नहीं हो पा रही है और पेयजल की देखरेख भी प्रभावित हो रही है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है। छात्रों की संख्या के आधार पर मिलती है राशि सरकारी प्रावधान के अनुसार, स्कूलों को छात्रों की संख्या के आधार पर फंड दिया जाता है- 100 तक छात्र: 25 हजार रुपये 101 से 200 छात्र: 50 हजार रुपये 201 से 300 छात्र: 75 हजार रुपये यह राशि विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के खाते में भेजी जाती है, जहां से स्कूल के विकास कार्यों में इसका उपयोग किया जाता है। विभाग की चुप्पी से बढ़े सवाल फंड जारी करने में हो रही देरी को लेकर शिक्षा विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। जमीनी स्तर पर समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। क्या बोले अधिकारी जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन ने बताया कि माध्यमिक स्कूलों को फंड मिल चुका है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रारंभिक विद्यालयों के लिए भी जल्द ही राशि जारी कर दी जाएगी, जिससे स्कूलों में जरूरी व्यवस्थाएं बहाल हो सकें।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
Street play performance promoting drug-free Ram Navami in Hazaribagh with Tarang Group spreading social awareness
हजारीबाग में नशामुक्त रामनवमी की मुहिम: तरंग ग्रुप के नुक्कड़ नाटक ने जगाई सामाजिक चेतना

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग में इस बार रामनवमी का पर्व धार्मिक उत्साह के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी प्रतीक बनता दिख रहा है। शहर के हर कोने में भक्ति का माहौल है, लेकिन इसी बीच तरंग ग्रुप की एक पहल ने इस उत्सव को नई दिशा दे दी है। युवाओं द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान लोगों को नशामुक्त और मर्यादित तरीके से रामनवमी मनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। नुक्कड़ नाटक से लोगों तक पहुंचा संदेश तरंग ग्रुप ने 19 मार्च से शहर के विभिन्न इलाकों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता अभियान शुरू किया है। कलाकारों की टोली मोहल्लों में जाकर लोगों के बीच प्रस्तुति दे रही है और उन्हें त्योहार की गरिमा बनाए रखने की सीख दे रही है। नाटकों में प्रभावशाली संवाद और गीतों का इस्तेमाल कर लोगों को नशे से दूर रहने की अपील की जा रही है। “राम का नाम बदनाम न करो” जैसे संदेश दर्शकों के बीच खासा प्रभाव छोड़ रहे हैं। परंपरा और अनुशासन पर दिया जोर तरंग ग्रुप के निर्देशक अमित कुमार गुप्ता ने बताया कि इस अभियान का मकसद लोगों को यह समझाना है कि रामनवमी सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि अनुशासन, मर्यादा और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब जुलूस शांति और सौहार्द के साथ निकाले जाते हैं, तभी इस पर्व की असली पहचान सामने आती है। नशा और अशोभनीय व्यवहार इस परंपरा को नुकसान पहुंचाते हैं। नाटक में दिखी सामाजिक सच्चाई नुक्कड़ नाटक के जरिए कलाकारों ने यह दिखाया कि नशा और फूहड़ता किस तरह त्योहारों की पवित्रता को प्रभावित करते हैं। साथ ही उन्होंने भाईचारे और अनुशासन के महत्व को भी रेखांकित किया। कलाकारों के सशक्त अभिनय ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया और समाज में सकारात्मक बदलाव की जरूरत को उजागर किया। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान के दौरान महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को भी प्रमुख मुद्दा बनाया गया। कलाकारों ने स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी त्योहार की सफलता तभी है, जब महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिले। समाज के हर वर्ग से इस दिशा में जिम्मेदारी निभाने की अपील की गई। लोगों ने की पहल की सराहना स्थानीय लोगों ने तरंग ग्रुप की इस पहल की खुलकर तारीफ की है। उनका मानना है कि इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए बेहद जरूरी हैं। खासकर युवाओं के बीच इस अभियान का प्रभाव साफ देखा जा रहा है, जो इसे और सफल बना रहा है। कलाकारों की मेहनत बनी अभियान की ताकत इस जागरूकता अभियान में कई कलाकार सक्रिय रूप से शामिल हैं, जिन्होंने अपने अभिनय के जरिए लोगों तक मजबूत संदेश पहुंचाने का काम किया। उनकी भावना और समर्पण ने इस पहल को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। युवाओं के लिए बना प्रेरणा स्रोत तरंग ग्रुप का यह अभियान केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने की कोशिश है। यह खासतौर पर युवा पीढ़ी को जिम्मेदारी का एहसास करा रहा है कि त्योहारों को सही तरीके से मनाना भी एक सामाजिक कर्तव्य है। अगर ऐसे प्रयास लगातार जारी रहे, तो निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।  

surbhi मार्च 20, 2026 0
government office in Hazaribagh
झारखंड के हजारीबाग में सरकारी टेंडर प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया, ठेकेदारों ने पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए जोरदार हंगामा किया।

क्या है पूरा मामला? 18 मार्च को जल संसाधन विभाग और भवन प्रमंडल कार्यालय में टेंडर प्रक्रिया के दौरान दर्जनों ठेकेदार पहुंच गए। आरोप है कि निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। ठेकेदारों ने दिनभर विरोध प्रदर्शन और हल्ला किया। अधिकारियों की अनुपस्थिति ने बढ़ाया विवाद जलपथ प्रमंडल संख्या-2 के कार्यपालक अभियंता और भवन प्रमंडल के प्रभारी अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे। इससे गुस्साए ठेकेदारों ने कार्यालय कर्मचारियों पर दबाव बनाया। कई टेंडर प्रक्रियाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। किन योजनाओं पर असर? 1. जलपथ प्रमंडल (करीब 55 लाख रुपये के काम): बरकट्ठा, चलकुसा और कटकमसांडी प्रखंडों में विकास कार्य प्रस्तावित सड़क, गार्डवाल, स्कूल में शौचालय, साइकिल स्टैंड, बोरिंग और आंगनबाड़ी मरम्मत जैसे काम तय समय: टेंडर के बाद 90 दिनों में पूरा करने की योजना 2. भवन प्रमंडल (5 करोड़+ के प्रोजेक्ट): जिले में अलग-अलग निर्माण और विकास कार्य लेकिन टेंडर प्रक्रिया पूरी करने में कर्मचारियों को देर शाम तक भी सफलता नहीं मिली विभाग का पक्ष भवन प्रमंडल के प्रभारी कार्यपालक अभियंता अतुल कुमार सिंघल का कहना है कि: टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है इसे पूरा कराने के लिए अधिकारियों की टीम लगी हुई है कुल मिलाकर स्थिति यह मामला सरकारी टेंडर सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही पर फिर सवाल खड़ा करता है। ठेकेदारों का अविश्वास अधिकारियों की अनुपस्थिति और रुकी हुई प्रक्रियाएं इन सबने मिलकर हजारीबाग में विकास कार्यों को प्रभावित कर दिया है।  

surbhi मार्च 19, 2026 0
Former minister aiming bow and arrow at workers near coal mining site in Hazaribagh
तीर-धनुष लेकर पूर्व मंत्री का हमला! कोयला परियोजना में वर्करों पर निशाना, हजारीबाग में मचा हड़कंप

झारखंड के हजारीबाग जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां पूर्व मंत्री पर कोयला खनन परियोजना में काम कर रहे मजदूरों पर तीर-धनुष से हमला करने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ता नजर आ रहा है। कोयला परियोजना में अचानक हमला, मजदूरों में अफरा-तफरी यह पूरा मामला हजारीबाग के केरेडारी क्षेत्र स्थित चट्टी बरियातू कोल परियोजना का बताया जा रहा है। यहां काम कर रहे मजदूरों पर अचानक हमला कर दिया गया, जिससे वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पूर्व मंत्री पर लगे गंभीर आरोप इस हमले का आरोप झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर लगाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पहाड़ी के ऊपर खड़े होकर हाथ में तीर-धनुष लिए कंपनी के वर्करों और वाहनों की ओर निशाना साधते नजर आए। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। कोयला खनन के विरोध से जुड़ा मामला बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद इलाके में चल रहे कोयला खनन कार्य को लेकर है। स्थानीय स्तर पर इस परियोजना का विरोध किया जा रहा था और उसी क्रम में यह घटना सामने आई। रिपोर्ट्स के अनुसार, संबंधित परियोजना एनटीपीसी से जुड़ी बताई जा रही है, जहां खनन कार्य जारी है। तीर चलाने से मची दहशत प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पूर्व मंत्री पहाड़ की चोटी पर चढ़ गए और वहां से नीचे काम कर रहे मजदूरों की ओर तीर चलाया। इस दौरान मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां कंपनी के कर्मचारियों का दावा है कि इससे पहले भी उन्हें काम बंद करने के लिए धमकाया गया था। आरोप है कि यह घटना उसी विवाद का हिस्सा हो सकती है। जांच के बाद होगी कार्रवाई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजनीति में भी गरमाया मुद्दा यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेता जा रहा है। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं और कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई है। विवादों से रहा है पुराना नाता पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पहले भी अपने बयानों और गतिविधियों को लेकर चर्चा में रहे हैं। लेकिन इस बार तीर-धनुष से हमले के आरोप ने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया है।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
Seized tanker filled with spirit and confiscated gas cylinders during raid in Dhanbad and Bokaro
धनबाद में नकली शराब गिरोह पर बड़ी कार्रवाई: 24 हजार लीटर स्पिरिट जब्त, नागालैंड नंबर टैंकर पकड़ा गया

गिरिडीह और हजारीबाग में होनी थी सप्लाई, बोकारो में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण का भी खुलासा धनबाद: झारखंड के धनबाद में अवैध शराब के कारोबार पर प्रशासन ने बड़ा प्रहार किया है। उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए करीब 24 हजार लीटर कच्चा स्पिरिट से भरे एक टैंकर को जब्त किया है। यह स्पिरिट को नकली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाना था। नेशनल हाईवे पर पकड़ा गया संदिग्ध टैंकर यह कार्रवाई तोपचांची थाना क्षेत्र के कोटाल अड्डा स्थित नेशनल हाईवे के पास की गई। टीम ने जीओ पेट्रोल पंप के समीप नागालैंड नंबर (NL-01-L-1775) वाले टैंकर को रोककर जांच की, जिसमें भारी मात्रा में कच्चा स्पिरिट बरामद हुआ। गिरिडीह और हजारीबाग में होनी थी सप्लाई पूछताछ के दौरान टैंकर चालक ने खुलासा किया कि यह स्पिरिट गिरिडीह और हजारीबाग में सक्रिय अवैध शराब निर्माताओं को पहुंचाई जानी थी। इस जानकारी के बाद विभाग ने तुरंत टैंकर को जब्त कर लिया और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी। चालक गिरफ्तार, भेजा गया जेल उत्पाद विभाग ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। बोकारो में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण का भंडाफोड़ इधर बोकारो जिले में भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। माराफारी थाना क्षेत्र के बांसगोड़ा इलाके में एक दुकान पर छापेमारी कर अवैध रूप से रखे गए गैस सिलेंडरों को जब्त किया गया। यह कार्रवाई जिला आपूर्ति पदाधिकारी शालिनी खलखो के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने की। जांच के दौरान दुकान के अंदर छुपाकर रखे गए 8 भरे हुए एचपी गैस सिलेंडर और 19 खाली इंडेन सिलेंडर बरामद किए गए। अभियान तेज, अवैध कारोबारियों में हड़कंप प्रशासन की इन लगातार कार्रवाइयों से अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि नकली शराब और अवैध गैस भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।   इस कार्रवाई को झारखंड में अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस और उत्पाद विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुटे हैं।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
Aftermath of a road accident in Hazaribagh where a trailer hit a bus and tempo after brake failure.
हजारीबाग में दर्दनाक सड़क हादसा: अनियंत्रित ट्रेलर ने बस-टेंपो को मारी टक्कर, दुकानदार समेत 2 की मौत

  ब्रेक फेल होने से हुआ भीषण हादसा झारखंड के Hazaribagh जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। यह हादसा Charhi Ghato Chowk पर हुआ, जहां एक अनियंत्रित ट्रेलर ने बस और टेंपो को पीछे से टक्कर मार दी। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए।   ट्रेलर का ब्रेक फेल, चालक खो बैठा नियंत्रण जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 9:15 बजे एक ट्रेलर (RJ52GA2501) का ब्रेक अचानक फेल हो गया। चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रेलर ने आगे चल रही टेंपो तथा सागर बस (JH02BT5683) को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सड़क किनारे फल बेच रहे Uday Singh (45 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक अन्य व्यक्ति की भी जान चली गई, जबकि करीब 10 से 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं।   घायलों को अस्पताल भेजा गया हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने राहत कार्य शुरू किया। सभी घायलों को इलाज के लिए Hazaribagh के अस्पतालों में भेजा गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।   नेशनल हाईवे पर लगा लंबा जाम दुर्घटना के बाद National Highway near Charhi पर लगभग दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने और यातायात सामान्य करने की कार्रवाई शुरू की।   जांच में जुटी पुलिस पुलिस का कहना है कि हादसे की मुख्य वजह ट्रेलर का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है और दुर्घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की नियमित जांच की मांग भी उठाई है।  

surbhi मार्च 14, 2026 0
Newly literate adults appearing for assessment exam under Nav Bharat Literacy Programme in Hazaribagh schools
हजारीबाग में 15 मार्च को नव साक्षर आकलन परीक्षा, 26 हजार अभ्यर्थी होंगे शामिल

  हजारीबाग: झारखंड के Hazaribagh जिले में नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15 मार्च को नव साक्षरों की पहली आकलन परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में जिले के करीब 26 हजार नव साक्षर महिला और पुरुष भाग लेंगे। परीक्षा के सफल संचालन को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।   26 हजार नव साक्षर देंगे परीक्षा जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) सह साक्षरता कार्यक्रम के सचिव Akash Kumar ने बताया कि यह आकलन परीक्षा नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य नव साक्षरों के ज्ञान और सीखने की प्रगति का मूल्यांकन करना है। उन्होंने बताया कि परीक्षा में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों को बाद में प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें आगे की शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों में लाभ मिल सकेगा।   4143 स्कूल बनाए गए परीक्षा केंद्र परीक्षा के आयोजन के लिए जिले भर में 4143 स्कूलों का चयन किया गया है। इन स्कूलों के एक-एक कक्षा कक्ष को जन चेतना केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। 15 मार्च को नव साक्षर इन केंद्रों पर पहुंचकर आकलन परीक्षा देंगे। व्यवस्था इस तरह की गई है कि प्रतिभागियों को अपने नजदीकी केंद्र पर ही परीक्षा देने की सुविधा मिल सके।   16 प्रखंडों में एक साथ होगी परीक्षा जिले के सभी 16 प्रखंडों में एक ही दिन यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। इनमें सदर, दारू, टाटीझरिया, इचाक, विष्णुगढ़, पदमा, बरही, बड़कागांव, केरेडारी, कटकमदाग, कटकमसांडी, चौपारण, चलकुसा, बरकट्ठा, डाडी और चुरचू प्रखंड शामिल हैं। इन सभी प्रखंडों में बनाए गए जन चेतना केंद्रों पर नव साक्षर निर्धारित समय पर परीक्षा में शामिल होंगे।   तैयारी को लेकर हुई समीक्षा बैठक परीक्षा की तैयारियों को लेकर गुरुवार को राज्य स्तर पर ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य स्तरीय कार्यक्रम पदाधिकारी Manoj Kumar ने जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। यह बैठक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित की गई, जिसमें परीक्षा की व्यवस्था और जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।   बैठक में शामिल हुए कई अधिकारी समीक्षा बैठक में साक्षरता कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी नागेश्वर सिंह, बीईईओ बिजय राम, राकेश कुमार, बीपीओ रश्मि सिंह और जिला समन्वयक निसार खान वारसी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा जिले के सभी 16 प्रखंडों के बीपीओ, डीआरजी, एसआरजी, बीआरपी, सीआरपी और अन्य शिक्षाकर्मी भी शामिल हुए। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस परीक्षा के माध्यम से नव साक्षरों की शैक्षणिक प्रगति का आकलन किया जाएगा और भविष्य में साक्षरता कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
School principals attending PM SHRI scheme workshop at DIET Hazaribagh for government school development
हजारीबाग में पीएम श्री योजना को लेकर बड़ी पहल: 13 मार्च को 19 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की कार्यशाला

  झारखंड के हजारीबाग जिले में सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम श्री योजना को लेकर महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत चयनित स्कूलों के विकास और बेहतर क्रियान्वयन को लेकर 13 मार्च को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में जिले के 19 चयनित स्कूलों के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक भाग लेंगे, जहां उन्हें योजना के प्रभावी संचालन और स्कूल विकास से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।   13 प्रखंडों में चुने गए पीएम श्री स्कूल हजारीबाग जिले के 16 प्रखंडों में से 13 प्रखंडों में एक-एक पीएम श्री स्कूल का चयन किया गया है। इसके अलावा सदर, बड़कागांव और चलकुसा प्रखंड में दो-दो स्कूलों को इस योजना में शामिल किया गया है। इस प्रकार जिले में कुल 19 स्कूलों को पीएम श्री योजना के तहत विकसित किया जा रहा है, जिनमें आधुनिक शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।   2024 में शुरू हुई पीएम श्री योजना पीएम श्री योजना की शुरुआत वर्ष 2024 में की गई थी। इसका उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करना है। इस योजना के तहत चयनित स्कूलों को शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूत करने, भवन निर्माण, डिजिटल सुविधाएं, शिक्षण सामग्री और अन्य बुनियादी संसाधनों के लिए हर साल एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि देने का प्रावधान है। यह राशि सामान्यतः मार्च माह के अंत तक स्कूलों को उपलब्ध कराई जाती है।   डायट में होगी उन्मुखीकरण कार्यशाला जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन ने बताया कि 13 मार्च को आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शुरू होगा। कार्यशाला में प्रधानाध्यापकों को पीएम श्री योजना के उद्देश्यों, इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया और इससे जुड़े प्रशासनिक व शैक्षणिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।   कार्यशाला पर 50 हजार रुपये खर्च डीईओ प्रवीण रंजन के अनुसार, इस एक दिवसीय कार्यशाला के आयोजन पर लगभग 50 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। कार्यक्रम में पीएम श्री योजना से जुड़े प्रशिक्षित शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे, जो स्कूल प्रबंधन, वित्तीय व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने के उपायों पर मार्गदर्शन देंगे।   स्कूलों को मिल सकता है एक-एक करोड़ रुपये शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस महीने के अंत तक जिले के सभी 19 पीएम श्री स्कूलों को केंद्र सरकार की ओर से एक-एक करोड़ रुपये की राशि जारी की जा सकती है। इस धनराशि का उपयोग स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराने और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने में किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस योजना से हजारीबाग जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
Debris piled along main road in Hazaribagh causing traffic congestion and difficulties for commuters
हजारीबाग की मुख्य सड़कों पर मलबे का अंबार, प्रशासन की लापरवाही से बढ़ी लोगों की परेशानी

  शहर की लाइफलाइन बनी परेशानी का कारण झारखंड के हजारीबाग में प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। शहर की प्रमुख सड़कों में शामिल कचहरी से आनंद चौक जाने वाली सड़क और जिला स्कूल से विमेंस कॉलेज तक का मार्ग इन दिनों अव्यवस्था का शिकार हो गया है। यह सड़क शहरी क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन यहां फैले मलबे और अधूरे प्रबंधन के कारण लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों एक ओर रमजान का पवित्र महीना चल रहा है तो दूसरी ओर सरहुल और रामनवमी जैसे त्योहारों की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। ऐसे समय में शहर की मुख्य सड़क का अव्यवस्थित होना लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है।   नाली निर्माण के लिए काटी गई सड़क करीब एक महीने पहले नगर निकाय चुनाव की घोषणा के बाद इस सड़क पर नाली निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। इसके लिए सड़क के बीच दो जगहों पर खुदाई की गई और पुलिया निर्माण का काम शुरू हुआ। हालांकि निर्माण कार्य अब लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन सड़क पर फैले मलबे को हटाने की दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सड़क के दोनों किनारों पर मिट्टी और पत्थरों का ढेर लगा हुआ है, जिससे रास्ता काफी संकरा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पथ निर्माण विभाग के ठेकेदार ने काम तो शुरू कर दिया, लेकिन काम पूरा होने के बाद सड़क की सफाई और मलबा हटाने की जिम्मेदारी नहीं निभाई।   जाम और दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा सड़क के किनारे पड़े मलबे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता बेहद जोखिम भरा बन गया है। कई बार वाहन चालक फिसलकर गिर भी चुके हैं। इसके अलावा सड़क संकरी हो जाने के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। थोड़ी सी भी भीड़ होने पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है।   अधिकारियों के सामने ही अनदेखी हैरानी की बात यह है कि यह सड़क कचहरी परिसर के सामने से होकर गुजरती है। इस रास्ते से रोजाना वकील, पुलिस अधिकारी और कई सरकारी कर्मचारी गुजरते हैं। नगर निगम के अधिकारी भी इसी मार्ग से अपने कार्यालय आते-जाते हैं। इसके बावजूद सड़क पर पड़े मलबे और अव्यवस्था को लेकर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी सब कुछ देखने के बावजूद इस समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं।   नए मेयर से शहरवासियों को उम्मीद हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव के बाद शहर को नया मेयर मिला है। युवा मेयर के रूप में चुने गए प्रतिनिधि इस सड़क की खराब स्थिति से भलीभांति परिचित हैं। चूंकि वे पेशे से वकील और पत्रकार भी रह चुके हैं, इसलिए लोगों को उम्मीद थी कि वे इस समस्या को प्राथमिकता देंगे। हालांकि अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से शहरवासियों में निराशा बढ़ने लगी है। लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द सड़क से मलबा हटाकर व्यवस्था को दुरुस्त करे, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
Children entering private school under RTE scheme in Hazaribagh for free admission 2026
Hazaribagh: RTE के तहत 279 बच्चों का प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन

  झारखंड के Hazaribagh जिले में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत चालू सत्र 2026-27 के लिए गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिले के 23 निजी स्कूलों में कुल 279 बच्चों का मुफ्त एडमिशन लिया जाएगा। इसके लिए अभिभावक 14 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिला प्रशासन के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने नामांकन की तैयारी पूरी कर ली है। आवेदन करने के लिए अभिभावकों को आधिकारिक वेबसाइट rtehazaribagh.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। यह प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू हो चुकी है। सबसे ज्यादा 20-20 सीटों पर नामांकन बरकट्ठा के डिवाइन पब्लिक स्कूल गंगपाचो, चौपारण के सुरेखा प्रकाश भाई पब्लिक स्कूल बहेरा, शहरी क्षेत्र के नेशनल पब्लिक स्कूल और इचाक के चैंपियन बेसिक अकैडमी में होगा। वहीं सबसे कम नामांकन डाडी प्रखंड के डीएवी पब्लिक स्कूल गिद्दी में सिर्फ 5 सीटों पर किया जाएगा।   RTE के तहत 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत निजी स्कूलों को अपनी प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है।   एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेज नामांकन के लिए अभिभावकों को बच्चे के पते के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या बिजली बिल देना होगा। इसके अलावा जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और दिव्यांग बच्चों के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट भी जरूरी होगा।   उम्र सीमा तय नर्सरी और एलकेजी: न्यूनतम उम्र 3 वर्ष 6 माह और अधिकतम 4 वर्ष 6 माह कक्षा 1: उम्र 5 वर्ष 6 माह से अधिक और 7 वर्ष से कम उम्र की गणना 31 मार्च 2026 के आधार पर की जाएगी।   नियमों का सख्ती से पालन जिला शिक्षा अधीक्षक Akash Kumar ने कहा कि जिले में RTE नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। नामांकन प्रक्रिया में लापरवाही करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने अलग से टीम गठित की है, जो आवेदन की जांच और चयन प्रक्रिया की निगरानी करेगी।  

surbhi मार्च 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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surbhi मार्च 31, 2026 0