Khan Sir

Bihar case
Bihar: खान सर की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार

पटना, एजेंसियां। पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में शनिवार को पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें खान सर को अदालत से अंतरिम राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को अगले आदेश तक जारी रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उनके तीन स्टाफ के खिलाफ भी किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक बरकरार रखी है। मामले की अगली सुनवाई अब 25 जून को होगी।  पुलिस ने पेश की अपडेट पुलिस डायरी सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत में अपडेटेड केस डायरी पेश की, जिसमें दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग किए जाने का उल्लेख किया गया। हालांकि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फिलहाल खान सर और उनके स्टाफ को मिली अंतरिम राहत जारी रखी। वहीं, खान सर के दोनों सुरक्षा गार्डों को 25 जून तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है। उनकी जमानत याचिका पर भी उसी दिन सुनवाई होगी। रोशन आनंद का आरोप बता दें कि 2 जून की रात खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुए हंगामे के दौरान दोनों गार्डों पर फायरिंग करने का आरोप लगा था। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यह कार्रवाई खान सर के निर्देश पर हुई थी, जिसके बाद उन्हें भी एफआईआर में नामजद किया गया। इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद को जमानत मिल चुकी है। रौशन आनंद लगातार पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते रहे हैं, जबकि खान सर की ओर से सभी आरोपों को पहले ही निराधार बताया जा चुका है।

anjali kumari जून 20, 2026 0
Delhi High Court hearing
दिल्ली हाई कोर्ट में अंजना ओम कश्यप-खान सर विवाद में 2 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

नई दिल्ली, एजेंसियां। टीवी न्यूज एंकर अंजना ओम कश्यप और शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर के बीच चल रहे मानहानि विवाद में दिल्ली हाई कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। मामले में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। हालांकि, अदालत ने सोशल मीडिया पर मौजूद कथित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो हटाने के लिए कोई अंतरिम आदेश जारी करने से फिलहाल इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि कई प्रतिवादियों ने अभी तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया है, इसलिए उन्हें दो सप्ताह का समय दिया जाता है। मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी।   अंजना ओम कश्यप ने मांगी थी अंतरिम राहत सुनवाई के दौरान अंजना ओम कश्यप की ओर से पेश वकीलों ने अदालत से आग्रह किया कि उनके और उनके परिवार, विशेषकर उनके बच्चों, के बारे में सोशल मीडिया पर किए गए कथित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो तत्काल हटाने का निर्देश दिया जाए। उनका तर्क था कि इन पोस्टों से उनकी प्रतिष्ठा और परिवार प्रभावित हो रहा है, इसलिए तत्काल राहत आवश्यक है।   खान सर की ओर से क्या दलील दी गई? खान सर और अन्य प्रतिवादियों की ओर से पेश वकीलों ने अंतरिम राहत का विरोध करते हुए कहा कि मामले में कोई तत्काल आवश्यकता नहीं है और इसकी सुनवाई नियमित पीठ के समक्ष होनी चाहिए। उन्होंने यह भी दलील दी कि वादी ने पहले शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों के संबंध में बयान दिए थे और अब आलोचना पर आपत्ति जता रही हैं। सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों की ओर से यह टिप्पणी भी की गई कि "पहले आग लगाती हैं, फिर धुएं से दिक्कत क्यों होती है।"   दो करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग अंजना ओम कश्यप ने इस मामले में खान सर सहित अन्य के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करते हुए दो करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में सभी पक्षों के जवाब आने के बाद ही आगे की सुनवाई होगी। फिलहाल अदालत ने किसी भी पक्ष के दावों पर अंतिम टिप्पणी नहीं की है और मामले की सुनवाई 2 जुलाई तक स्थगित कर दी है।

anjali kumari जून 18, 2026 0
Prince Yadav death case
प्रिंस यादव की मौत मामले में तेज प्रताप यादव ने खान सर पर लगाए गंभीर आरोप

पटना, एजेंसियां। ज्ञान बिंदु कोचिंग एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई मौत का मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। इस घटना को लेकर जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान शिक्षक खान सर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अब तक किसी जांच एजेंसी या पुलिस ने पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।   तेज प्रताप ने क्या कहा मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप यादव ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यदि किसी पर आरोप लगाया जाना है तो वह खान सर हैं। उन्होंने दावा किया कि हत्या उनके इशारे पर कराई गई है और इस मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। फिलहाल पुलिस की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।   एक्स पर भी की न्याय की मांग इससे पहले तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रिंस यादव की मौत पर शोक व्यक्त किया था। उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस मामले में शामिल सभी दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया कि जेल में बंद रौशन आनंद को मानवीय आधार पर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पेरोल या अस्थायी रिहाई दी जाए।   तेजस्वी यादव ने मांगी उच्चस्तरीय जांच वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवाद शिक्षा जगत के लिए चिंता का विषय हैं और पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई पारदर्शी होनी चाहिए।   फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रिंस यादव की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। तब तक मामले में लगाए गए सभी आरोप जांच के अधीन हैं।

anjali kumari जून 15, 2026 0
Khan Sir Raushan Anand Case Update
खान सर-रौशन आनंद केस में 20 जून पर टिकी सबकी नजर

पटना, एजेंसियां। पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में कानूनी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। एक ओर खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक खान सर उर्फ फैजल खान को अदालत से अंतरिम राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। अब रौशन आनंद की ओर से ऊपरी अदालत में जमानत के लिए नई कानूनी पहल की तैयारी की जा रही है।   खान सर को मिली अंतरिम सुरक्षा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें 20 जून तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान की। कोर्ट ने पुलिस को केस डायरी और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 20 जून को होगी। तब तक खान सर की गिरफ्तारी या उनके खिलाफ किसी कठोर कार्रवाई पर रोक रहेगी।   खान सर के वकील ने अदालत में दलील दी कि उन पर लगाई गई गंभीर धाराएं तथ्यात्मक रूप से कमजोर हैं। उनका कहना था कि घटना में किसी को गोली नहीं लगी और सुरक्षा गार्ड ने आत्मरक्षा में लाइसेंसी हथियार से हवाई फायरिंग की थी।   रौशन आनंद को नहीं मिली राहत   ज्ञान बिंदु एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने मामले को गंभीर प्रकृति का बताते हुए राहत देने से इनकार किया। अब उनके वकील जिला एवं सत्र न्यायालय में नई जमानत याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।   क्या है पूरा मामला? 2 जून की रात मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर में तोड़फोड़, पथराव और फायरिंग की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। बाद में सामने आए एक वीडियो में सुरक्षा गार्ड फायरिंग करते दिखाई दिए। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में गार्डों ने खान सर के निर्देश पर गोली चलाने की बात कही, जिसके बाद उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया।   20 जून को अगली अहम सुनवाई अब इस पूरे विवाद की अगली महत्वपूर्ण तारीख 20 जून है। इसी दिन खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई होगी। वहीं रौशन आनंद की ओर से उच्च अदालत में जमानत के लिए नई कानूनी रणनीति तैयार की जा रही है। मामले पर शिक्षा जगत और छात्रों की भी नजर बनी हुई है।

abhishek singh जून 10, 2026 0
Khan Sir addresses students after court grants interim protection in a firing-related case.
खान सर को फिलहाल राहत, कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक; फायरिंग मामले में पुलिस से मांगी केस डायरी

  पटना: फायरिंग और हिंसा से जुड़े चर्चित मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक खान सर को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने साथ ही पुलिस को मामले की केस डायरी पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगली सुनवाई या अगले आदेश तक खान सर के खिलाफ कोई कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस आदेश के बाद फिलहाल उनकी गिरफ्तारी की आशंका टल गई है। हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज है मामला खान सर ने सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। उनके खिलाफ हत्या की कोशिश और हथियारों के कथित अवैध इस्तेमाल से संबंधित मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर के अनुसार, फायरिंग की घटना के दौरान मौजूद सुरक्षा गार्डों के बयान के आधार पर पुलिस ने खान सर को भी आरोपी बनाया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने गार्ड्स से कहा था, "तुम गोली चलाओ, बाकी मैं देख लूंगा।" खान सर और उनके समर्थक इन आरोपों को निराधार बता रहे हैं। जेल में बंद सुरक्षा गार्डों की जमानत पर भी नजर इसी मामले में गिरफ्तार किए गए खान सर के दो सुरक्षा गार्ड दीपक कुमार और तालेबर सिंह की जमानत याचिका पर भी अदालत में सुनवाई हुई। दोनों को 4 जून को गिरफ्तार किया गया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत के सामने अपनी दलीलें रखीं, जिसके बाद न्यायालय ने पुलिस से मामले से जुड़े सबूत प्रस्तुत करने को कहा। कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था और अब दोनों की जमानत पर फैसला आने की संभावना है। रौशन आनंद की जमानत पर भी आज फैसला संभव दूसरी ओर, खान सर की कोचिंग पर हमले के मामले में जेल में बंद ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की जमानत याचिका पर भी आज फैसला आ सकता है। रौशन आनंद की गिरफ्तारी को लेकर उनके समर्थकों और छात्रों में नाराजगी देखी जा रही है। सोमवार को पटना में बड़ी संख्या में छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर उनकी रिहाई की मांग की। छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च, लगाए समर्थन में नारे पटना की सड़कों पर निकले छात्रों ने रौशन आनंद के समर्थन में नारेबाजी की और उनकी रिहाई की मांग उठाई। कई छात्र हाथों में पोस्टर लिए दिखाई दिए, जिन पर "झूठे केस में हमारा जीवन मत बर्बाद करो" और "मैं निर्दोष हूं" जैसे संदेश लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने खान सर की गिरफ्तारी की मांग भी की, जिससे यह विवाद अब छात्रों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस की भूमिका पर खान सर के बदले सुर घटना के बाद शुरुआती प्रतिक्रिया में पुलिस की सराहना करने वाले खान सर ने अब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के समय पुलिस मौके पर देर से पहुंची थी। फायरिंग के वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए खान सर ने कहा कि उस समय हालात बेहद तनावपूर्ण थे और उनके गार्ड्स ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी। उन्होंने कहा, "मुझे पता था कि पुलिस को पहुंचने में समय लगेगा। पुलिस उड़कर तो नहीं आ सकती। ऐसे में सुरक्षा गार्डों का काम लोगों की सुरक्षा करना होता है।" क्लासरूम में छात्रों को दिखाई घटना की कहानी विवाद के बीच खान सर का एक नया वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह छात्रों को कोचिंग परिसर में हुई घटना के बारे में जानकारी देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर सीसीटीवी फुटेज दिखाते हुए दावा किया कि उनके एक सुरक्षा गार्ड को बेरहमी से पीटा गया था और इस मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। उन्होंने छात्रों से कहा कि मामले के मूल मुद्दे से ध्यान भटकाया जा रहा है और घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। "कोचिंग बंद हुई तो फीस बढ़ जाएगी" अपने संबोधन के दौरान खान सर ने कोचिंग फीस का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि यदि खान ग्लोबल स्टडीज जैसी संस्थाएं बंद हो गईं तो आने वाले महीनों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली कई कोचिंग संस्थानों की फीस एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यावसायिक लाभ कमाना नहीं, बल्कि छात्रों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। मामले पर टिकी सबकी निगाहें फायरिंग, कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब निगाहें अदालत के अगले आदेश, सुरक्षा गार्डों की जमानत और रौशन आनंद के मामले में आने वाले फैसले पर टिकी हैं, जो इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकते हैं।  

Deepshikha जून 9, 2026 0
Khan Sir Case
फायरिंग मामले में खान सर ने दाखिल की अग्रिम जमानत याचिका, मंगलवार को होगी सुनवाई

पटना, एजेंसियां। पटना में चर्चित फायरिंग मामले को लेकर शिक्षक और कोचिंग संचालक Khan Sir ने सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) याचिका दायर की है। अपनी याचिका में उन्होंने दावा किया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और गोलीबारी की घटना से उनका कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। मामले में अब मंगलवार को सुनवाई होगी।   वकील ने सरेंडर की अटकलों पर लगाया विराम एफआईआर दर्ज होने के बाद यह चर्चा तेज थी कि खान सर अदालत में आत्मसमर्पण कर सकते हैं। हालांकि उनके अधिवक्ता अरविंद कुमार महुआर ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे सरेंडर नहीं करेंगे, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत अग्रिम जमानत की मांग करेंगे। इसी क्रम में सोमवार को पटना सिविल कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई।   गार्ड्स की जमानत पर फैसला सुरक्षित मामले में गिरफ्तार दोनों सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिका पर भी अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। दूसरी ओर, ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रोशन आनंद की रिहाई को लेकर भी अदालत में बहस हुई, लेकिन इस मामले में भी फैसला सुरक्षित रखा गया है।   2 जून की रात हुई थी फायरिंग पूरा मामला 2 जून की रात का है, जब खान सर की कोचिंग के बाहर फायरिंग, पथराव और मारपीट की घटना सामने आई थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रोशन आनंद को गिरफ्तार किया था। बाद में एक वीडियो सामने आया, जिसमें खान सर के दो गार्ड कथित तौर पर फायरिंग करते दिखाई दिए।   गार्ड्स के बयान के बाद बढ़ीं मुश्किलें पुलिस पूछताछ में दोनों गार्डों ने कथित रूप से कहा कि उन्होंने खान सर के निर्देश पर गोली चलाई थी। इसी आधार पर पुलिस ने खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। हालांकि खान सर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है।

Unknown जून 8, 2026 0
Khan Sir faces legal scrutiny after firing incident outside coaching institute in Patna
खान सर पर FIR: बॉडीगार्ड्स की फायरिंग मामले में बढ़ीं मुश्किलें, पुलिस जांच तेज

  पटना: चर्चित शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक फैजल खान उर्फ खान सर एक नए विवाद में घिर गए हैं। कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग और हंगामे के मामले में पटना पुलिस ने उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का दावा है कि घटना के दौरान खान सर ने अपने सुरक्षा गार्डों को गोली चलाने के लिए उकसाया था। FIR में क्या है आरोप? कदमकुआं थाना में दर्ज एफआईआर के अनुसार, पुलिस पदाधिकारी अनिल कुमार के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि हंगामे के दौरान खान सर ने अपने बॉडीगार्ड्स से कहा था, “खड़े होकर क्या कर रहे हो, गोली चलाओ, जो होगा मैं देख लूंगा।” इसी बयान को आधार बनाकर पुलिस ने खान सर को भी मामले में आरोपी बनाया है। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़ी धाराओं में जांच की जा रही है। दो बॉडीगार्ड गिरफ्तार घटना 2 जून की रात की बताई जा रही है, जब खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई थी। इस दौरान दो सुरक्षा गार्डों द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए खान सर की भूमिका की भी जांच शुरू की गई। छात्रों के प्रदर्शन के बाद बढ़ा दबाव मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुरुवार को पटना के कारगिल चौक पर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इससे पहले पुलिस ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को भी गिरफ्तार कर चुकी है, जिसके बाद कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवादों पर बहस तेज हो गई। पुराने बयानों की भी जांच घटना वाली रात खान सर ने मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि कोचिंग पर हमला करने आए लोगों की ओर से गोली चलने की जानकारी मिली थी। अगले दिन उन्होंने कहा कि उन्होंने अफरातफरी में मिली शुरुआती सूचनाओं के आधार पर यह बयान दिया था। पुलिस अब उनके इन बयानों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का मिलान कर रही है। खान सर का पक्ष मामला दर्ज होने के बाद खान सर सार्वजनिक रूप से कम दिखाई दिए हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके सुरक्षा गार्डों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी। उनका कहना है कि उस समय माहौल बेहद तनावपूर्ण था और सुरक्षा गार्डों ने अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की। आगे क्या? पुलिस फिलहाल वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और अदालत की कार्यवाही के आधार पर मामले की दिशा तय होगी। फिलहाल यह मामला पटना में शिक्षा जगत और छात्रों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।  

Deepshikha जून 6, 2026 0
Student Protest
खान सर के समर्थन में सड़कों पर उतरे छात्र, कोचिंग सेंटर के बाहर बढ़ी भीड़

पटना, एजेंसियां। पटना में चर्चित शिक्षक खान सर  के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं और कोचिंग सेंटर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की भीड़ लगातार बढ़ रही है, जिससे इलाके में हलचल का माहौल बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला जानकारी के अनुसार, Kadamkuan Police Station में खान सर के खिलाफ हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई कोचिंग सेंटर के सुरक्षा गार्डों के बयानों के आधार पर की गई है। FIR की खबर सामने आते ही छात्रों में नाराजगी और बेचैनी बढ़ गई, जिसके बाद सैकड़ों छात्र उनके समर्थन में कोचिंग सेंटर के बाहर पहुंच गए। छात्रों का कहना- जांच पूरी होने से पहले फैसला न हो प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। छात्रों ने दावा किया कि खान सर लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का मार्गदर्शन करते रहे हैं और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है। इसी वजह से वे उनके समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार के बहकावे में न आने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पुलिस की अपील के बावजूद कोचिंग सेंटर के बाहर छात्रों की मौजूदगी बनी हुई है। खान सर ने जांच में सहयोग का दिया भरोसा विवाद के बीच खान सर ने कहा है कि उन्हें FIR की आधिकारिक जानकारी अभी तक नहीं मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे। उनका दावा है कि कोचिंग सेंटर पर हुए कथित हमले के दौरान सुरक्षा गार्डों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। 2 जून की घटना से शुरू हुआ विवाद पूरा विवाद 2 जून की रात हुई एक घटना से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि कुछ लोगों ने कोचिंग सेंटर में घुसकर हंगामा किया और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की। इसके बाद फायरिंग का एक वीडियो सामने आया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर लिया और आगे की जांच के दौरान खान सर को भी मामले में नामजद आरोपी बनाया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

Unknown जून 6, 2026 0
Khan Sir first Reaction
‘मेरे फोटो पर माला चढ़ जाए, यही चाहते हैं कुछ लोग’- फायरिंग विवाद पर पहली बार बोले खान सर

पटना, एजेंसियां। पटना स्थित अपने कोचिंग संस्थान पर हुए हमले और फायरिंग विवाद के बीच खान सर ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने फायरिंग को आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया और कहा कि हालात ऐसे थे कि सुरक्षा गार्डों को कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस के पहुंचने से पहले बिगड़ चुके थे हालात खान सर ने कहा कि घटना के समय पुलिस मौके पर मौजूद नहीं थी और उसे पहुंचने में समय लगा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक पुलिस नहीं पहुंची थी, तब तक सुरक्षा गार्ड क्या करते। उनके अनुसार सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और उन्होंने वही किया। ‘गार्ड ने किसी व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया’ फायरिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर खान सर ने कहा कि इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा गार्ड ने किसी व्यक्ति को निशाना बनाकर गोली नहीं चलाई, बल्कि आत्मरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से कार्रवाई की गई थी। गार्ड के साथ मारपीट का आरोप खान सर ने बताया कि उनके गार्ड के साथ हमलावरों ने बुरी तरह मारपीट की थी। उनका कहना था कि गार्ड को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। ऐसी स्थिति में सुरक्षा कर्मियों से निष्क्रिय रहने की उम्मीद नहीं की जा सकती। भावुक हुए खान सर छात्रों से बातचीत के दौरान खान सर ने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि उनके साथ कोई बड़ी घटना हो जाए। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “ये लोग चाहते हैं कि खान सर के फोटो पर माला चढ़ जाए।” CCTV फुटेज दिखाकर दी सफाई विवाद के बीच खान सर छात्रों को CCTV फुटेज दिखाकर पूरी घटना समझाते नजर आए। वहीं फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। दोनों गार्डों से पूछताछ की गई है और उनके हथियार सत्यापन के लिए जब्त कर लिए गए हैं। मामले में नई एफआईआर दर्ज कर जांच जारी है।

Unknown जून 6, 2026 0
Khan Sir Coaching Controversy
खान सर की कोचिंग विवाद में नया मोड़, किसने किसकी पोस्टर फाड़ी? वीडियो वायरल

पटना, एजेंसियां। पटना में चर्चित खान सर और रौशन आनंद की कोचिंग संस्थाओं के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी बीच एक नया सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति ज्ञान बिंदु कोचिंग के सम्मान समारोह का पोस्टर फाड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना 31 मई की रात करीब 11:30 बजे की है। खान सर के स्टाफ पर लगे आरोप स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पोस्टर उसी परिसर में लगाया गया था जहां खान सर की कोचिंग और ज्ञान बिंदु कोचिंग संचालित होती हैं। दावा किया जा रहा है कि पोस्टर फाड़ने वाला व्यक्ति खान सर की कोचिंग से जुड़ा स्टाफ सदस्य है। घटना के बाद दोनों संस्थानों के कर्मचारियों के बीच बहस भी हुई थी। इसके बाद कथित तौर पर ज्ञान बिंदु कोचिंग के बोर्ड पर खान सर की कोचिंग का पोस्टर लगाए जाने की बात भी सामने आई है। आधिकारिक पुष्टि का इंतजार हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान को लेकर अभी तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच एजेंसियां वीडियो की जांच कर रही हैं और पुलिस का कहना है कि तथ्यों की पुष्टि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। पथराव और फायरिंग के आरोपों की भी जांच बताया जा रहा है कि पोस्टर विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था। इसी क्रम में खान सर की कोचिंग पर पथराव की घटना सामने आई थी। इससे पहले फायरिंग से जुड़े एक वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने खान सर के दो सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की थी और कथित हथियार को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा था। मामले में खान सर से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। छात्रों का प्रदर्शन जारी दूसरी ओर, रौशन आनंद की रिहाई की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन कर रौशन आनंद को निर्दोष बताते हुए उनकी रिहाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। फिलहाल पूरा मामला पुलिस जांच के अधीन है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

Unknown जून 6, 2026 0
Khan Sir Coaching Attack
वीडियो फुटेज ने पलटा मामला, खान सर के 2 लोगों को पुलिस ने उठाया

पटना, एजेंसियां। Khan Sir Coaching Attack: खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। ज्ञान बिंदु कोचिंग की ओर से एक कथित वीडियो जारी किया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि 2 मई की रात हुए विवाद के दौरान फायरिंग खान सर के गार्ड की ओर से की गई थी। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस गुरुवार को खान सर के कोचिंग सेंटर पहुंची और वहां से दो लोगों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। दोनों से मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है। खान सर के कोचिंग सेंटर पहुंची पुलिस ज्ञान बिंदु कोचिंग टीम के सदस्य आदर्श ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीडियो जारी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि फायरिंग की पूरी घटना पूर्व नियोजित थी और इसे साजिश के तहत अंजाम दिया गया। आदर्श ने कहा कि वीडियो में कहीं भी ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में उनकी भी गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और खान सर की भूमिका की भी जांच की जाए। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस रेस फायरिंग से जुड़े वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इसी क्रम में खान सर के कोचिंग सेंटर से जुड़े दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक तौर पर विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। 2 मई की रात क्या हुआ था? 2 मई की रात करीब 10 बजे पटना स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर पर हंगामा हुआ था। आरोप है कि कुछ लोग वहां पहुंचे, गार्ड के साथ मारपीट की और कोचिंग परिसर में पत्थरबाजी की। इस दौरान पोस्टर और बैनर भी फाड़े गए थे। घटना के बाद मौके पर पहुंचे खान सर ने शुरुआत में दावा किया था कि 8 से 10 राउंड फायरिंग हुई है। हालांकि बाद में वे अपने ही बयान से पलट गए थे। इसके बाद उनकी ओर से ज्ञान बिंदु कोचिंग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। CCTV फुटेज में दिखी मारपीट और पत्थरबाजी इस मामले से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। वीडियो में कुछ लोग कोचिंग के गार्ड के साथ मारपीट करते और परिसर में हंगामा करते दिखाई दिए थे। फुटेज में पत्थरबाजी और पोस्टर फाड़ने की घटनाएं भी कैद होने का दावा किया गया। रौशन आनंद समेत 3 लोग भेजे जा चुके हैं जेल मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों अभिषेक तथा गौरव को गिरफ्तार किया था। बाद में तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया। रौशन आनंद ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल गिरफ्तारी के बाद रौशन आनंद ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उनका दावा था कि पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि गोली चलने की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था को बदनाम करने और आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की जा रही है। रौशन आनंद ने यह भी कहा था कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अंततः सच सामने आएगा।

Unknown जून 4, 2026 0
Firring in Khan Sir Coaching Centre
हमले के बाद खान सर की कोचिंग बंद, छात्रों ने लगाए जिंदाबाद के नारे

पटना, एजेंसियां। मंगलवार रात पटना स्थित खान सर की कोचिंग में हुई मारपीट और तोड़फोड़ की घटना के बाद संस्थान को फिलहाल बंद कर दिया गया है। बुधवार सुबह बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग के बाहर पहुंचे और खान सर के समर्थन में “खान सर जिंदाबाद” के नारे लगाए। खान सर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों के कारण आज पढ़ाई संभव नहीं होगी।   गार्ड पर हमला, कोचिंग में मची अफरातफरी खान सर के अनुसार कुछ लोग जबरन कोचिंग परिसर में घुस आए और ड्यूटी पर तैनात गार्ड के साथ बेरहमी से मारपीट की। हमले में गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका सिर फट गया। घटना के समय ऑनलाइन कक्षाएं भी संचालित हो रही थीं, जिससे छात्रों और स्टाफ में अफरातफरी का माहौल बन गया। घायल गार्ड का अस्पताल में इलाज जारी है।   सुरक्षा बढ़ाई गई, पुलिस जांच में जुटी घटना के बाद कोचिंग परिसर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। खान सर ने भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से उचित सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।   धमकी और साजिश के आरोप खान सर ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने कोचिंग को दो दिनों के भीतर “उड़ा देने” की धमकी दी है। उन्होंने इस घटना को सुनियोजित साजिश बताते हुए दावा किया कि आसपास के कुछ कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग इसमें शामिल हो सकते हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।   FIR दर्ज, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस मामले में नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है। पटना के एसएसपी ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच में गोलीबारी की पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

Unknown जून 3, 2026 0
Khan Sir speaking on NEET UG 2026 cancellation and demanding major exam system reforms
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने पर भड़के Khan Sir, सरकार को दिए 5 बड़े सुझाव

पेपर लीक विवाद पर NTA और सरकार पर उठाए सवाल देशभर में NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर अब मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर Khan Sir ने भी सरकार और National Testing Agency (NTA) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही अनियमितताओं को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए और सुधार के लिए सरकार को पांच बड़े सुझाव दिए। “NTA को भंग कर देना चाहिए” Khan Sir ने कहा कि सिर्फ परीक्षा रद्द कर देना समस्या का समाधान नहीं है। उनके मुताबिक NTA लगातार परीक्षा प्रबंधन में असफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है, इसलिए सरकार को इस एजेंसी को भंग करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। पेपर लीक करने वालों को मिले कड़ी सजा Khan Sir ने पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की वजह से मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न करे। रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में हो जांच Khan Sir ने मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जांच सिर्फ Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपना काफी नहीं है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके। CBI जांच जल्द पूरी करने की मांग Khan Sir ने कहा कि CBI जांच प्रक्रियाएं अक्सर काफी लंबी चलती हैं। उन्होंने मांग की कि जांच तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि अगर जांच में बहुत ज्यादा समय लगेगा तो प्रभावित छात्र लंबे समय तक असमंजस में रहेंगे। उनका बयान था कि “रिपोर्ट आते-आते कई बच्चे डॉक्टर भी बन जाएंगे।” सुरक्षित और पारदर्शी एजेंसी को मिले जिम्मेदारी उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं केवल ऐसी एजेंसियों को करानी चाहिए, जो पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित कर सकें। उनके अनुसार बार-बार पेपर लीक और परीक्षा विवादों के कारण छात्रों का भरोसा कमजोर होता जा रहा है। NTA को बताया “Never Trustable Agency” Khan Sir ने NTA की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए इसे “Never Trustable Agency” तक कह दिया। उनका कहना है कि जिस संस्था पर देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की जिम्मेदारी है, वही लगातार विवादों में घिरी हुई है। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली में बड़े स्तर पर सुधार करने की अपील की, ताकि भविष्य में छात्रों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।  

surbhi मई 13, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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वरिष्ठ संपादक एवं प्रतिष्ठित पत्रकार दीपेश कुमार का हृदयाघात से निधन

anjali kumari जून 24, 2026 0