आईपीएल 2026 के 59वें मुकाबले में Lucknow Super Giants ने Chennai Super Kings को 7 विकेट से हराकर पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर कर दिया। इस हार के बाद चेन्नई सुपर किंग्स को प्लेऑफ की रेस में बड़ा झटका लगा है और टीम पांचवें से फिसलकर छठे स्थान पर पहुंच गई है। लखनऊ की टीम भले ही प्लेऑफ की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुकी हो, लेकिन इस जीत ने बाकी टीमों की गणित जरूर बिगाड़ दी है। अब चेन्नई के लिए आगे का रास्ता बेहद मुश्किल हो गया है। टीम को प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए अपने बचे हुए दोनों मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे। अपडेटेड IPL 2026 पॉइंट्स टेबल स्थान टीम मैच जीत हार अंक नेट रन रेट 1 Royal Challengers Bengaluru 12 8 4 16 +1.053 2 Gujarat Titans 12 8 4 16 +0.551 3 Sunrisers Hyderabad 12 7 5 14 +0.331 4 Punjab Kings 12 6 5 13 +0.355 5 Rajasthan Royals 11 6 5 12 +0.082 6 Chennai Super Kings 12 6 6 12 +0.027 7 Delhi Capitals 12 5 7 10 -0.993 8 Kolkata Knight Riders 11 4 6 9 -0.198 9 Mumbai Indians 12 4 8 8 -0.504 10 Lucknow Super Giants 12 4 8 8 -0.701 मैच का पूरा हाल BRSABV Ekana Cricket Stadium में खेले गए इस मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 187 रन बनाए। चेन्नई की ओर से कार्तिक शर्मा ने शानदार 71 रन की पारी खेली। वहीं शिवम दुबे ने नाबाद 32 रन बनाए। डेवाल्ड ब्रेविस ने 25 और संजू सैमसन ने 20 रन का योगदान दिया। लखनऊ के लिए आकाश सिंह सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 3 विकेट झटके। 188 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ की टीम ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। मिचेल मार्श ने 90 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। जोश इंग्लिस ने 35 रन बनाए, जबकि निकोलस पूरन 32 रन बनाकर नाबाद लौटे। लखनऊ ने मुकाबला सिर्फ 16.4 ओवर में जीत लिया। प्लेऑफ की रेस हुई रोमांचक अब प्लेऑफ की लड़ाई और भी दिलचस्प हो गई है। Rajasthan Royals और Chennai Super Kings के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। नेट रन रेट भी अब अहम भूमिका निभाने वाला है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का रोमांच अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। रविवार को खेले गए दो अहम मुकाबलों के बाद प्लेऑफ की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। Lucknow Super Giants और Mumbai Indians की टीमें आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई हैं, जबकि Royal Challengers Bengaluru शानदार जीत के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गई है। 53वें मुकाबले में Chennai Super Kings ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 5 विकेट से हराकर उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। वहीं रायपुर में खेले गए रोमांचक मुकाबले में आरसीबी ने मुंबई इंडियंस को आखिरी गेंद पर 2 विकेट से हराकर बड़ा झटका दिया। लखनऊ बनी बाहर होने वाली पहली टीम लखनऊ सुपर जायंट्स का IPL 2026 अभियान बेहद निराशाजनक रहा। टीम ने 11 मैचों में सिर्फ 3 जीत दर्ज की और 8 मुकाबलों में हार का सामना किया। 6 अंकों के साथ टीम अंक तालिका में सबसे नीचे 10वें स्थान पर है। लगातार खराब प्रदर्शन और कमजोर नेट रन रेट ने टीम को प्लेऑफ की रेस से बाहर कर दिया। मुंबई इंडियंस का भी टूटा सपना पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस इस सीजन लय में नजर नहीं आई। टीम ने 11 मुकाबलों में सिर्फ 3 जीत हासिल की और 8 मैच गंवाए। 6 अंकों के साथ मुंबई की टीम 9वें स्थान पर पहुंच गई है। आरसीबी के खिलाफ करीबी हार ने उनके प्लेऑफ की सभी संभावनाओं को खत्म कर दिया। RCB बनी नंबर-1 टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज कर अंक तालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया। टीम के अब 14 अंक हैं और उसका नेट रन रेट +1.103 है, जो इस समय सभी टीमों से बेहतर है। हैदराबाद और गुजरात के भी 14-14 अंक हैं, लेकिन बेहतर NRR के चलते आरसीबी टॉप पर पहुंच गई है। IPL 2026 Updated Points Table स्थान टीम मैच जीत हार अंक NRR 1 RCB 11 7 4 14 +1.103 2 SRH 11 7 4 14 +0.737 3 GT 11 7 4 14 +0.228 4 PBKS 10 6 3 13 +0.571 5 CSK 11 6 5 12 +0.185 6 RR 11 6 5 12 +0.082 7 KKR 10 4 5 9 -0.169 8 DC 11 4 7 8 -1.154 9 MI 11 3 8 6 -0.585 10 LSG 11 3 8 6 -0.907 CSK vs LSG: 203 रन का लक्ष्य किया हासिल चेन्नई सुपर किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स ने 8 विकेट खोकर 203 रन बनाए। जवाब में चेन्नई ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 19.2 ओवर में 5 विकेट पर 208 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। इस जीत के साथ CSK अब पांचवें स्थान पर पहुंच गई है और उसकी प्लेऑफ की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। RCB vs MI: आखिरी गेंद तक चला रोमांच रायपुर में खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले में आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। मुंबई इंडियंस ने 7 विकेट पर 166 रन बनाए। जवाब में आरसीबी ने बेहद रोमांचक अंदाज में आखिरी गेंद पर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ आरसीबी ने न सिर्फ दो अहम अंक हासिल किए बल्कि पॉइंट्स टेबल में भी लंबी छलांग लगाकर पहला स्थान कब्जा कर लिया। अब प्लेऑफ की रेस और हुई दिलचस्प RCB, SRH, GT और PBKS फिलहाल सबसे मजबूत स्थिति में नजर आ रही हैं। वहीं CSK और RR भी अभी रेस में बनी हुई हैं। आने वाले मुकाबले तय करेंगे कि इस सीजन की अंतिम चार टीमें कौन होंगी।
आईपीएल 2026 में खराब फॉर्म से जूझ रही Lucknow Super Giants के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। टीम के महंगे खिलाड़ी Josh Inglis अब स्क्वाड से जुड़ गए हैं और 4 मई को होने वाले अगले मुकाबले के लिए चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे। शादी के कारण देर से जुड़े इंग्लिस जोश इंग्लिस ने पहले ही फ्रेंचाइज़ियों को सूचित कर दिया था कि अपनी शादी के कारण वह टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं रहेंगे। 18 अप्रैल को पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के मार्गरेट रिवर में उनकी शादी हुई थी, जिसके चलते वह देर से टीम से जुड़े। 8.60 करोड़ में खरीदा, अब टीम को उम्मीद लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें आईपीएल ऑक्शन में 8.60 करोड़ रुपये में खरीदा था। इससे पहले वह Punjab Kings का हिस्सा थे, लेकिन सीमित उपलब्धता के कारण टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया था। टीम के लिए क्यों अहम हैं इंग्लिस? 31 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज का टी20 फॉर्म शानदार रहा है। आईपीएल 2025 में उन्होंने 11 मैचों में 278 रन बनाए थे, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 162 रहा। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके नाम दो शतक भी दर्ज हैं, जिससे उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा लगाया जा सकता है। लगातार हार से जूझ रही LSG इस सीजन में लखनऊ का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। 8 मैचों में टीम के पास सिर्फ 4 अंक हैं और वह पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे है। शुरुआती 3 मैचों में 2 जीत के बाद टीम लगातार 5 मुकाबले हार चुकी है। बल्लेबाजी की कमजोरी टीम की सबसे बड़ी समस्या रही है, ऐसे में इंग्लिस की एंट्री से मध्यक्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है। ब्रीट्जके टीम से बाहर इस बीच टीम के साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी Matthew Breetzke निजी कारणों से अपने देश लौट गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके परिवार में एक करीबी के निधन के कारण उन्होंने यह फैसला लिया है। उनकी वापसी को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
आईपीएल 2026 के मुकाबले में Lucknow Super Giants को Rajasthan Royals के खिलाफ 40 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज Jofra Archer की घातक गेंदबाजी ने लखनऊ की बल्लेबाजी को पूरी तरह से झकझोर दिया। 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम मात्र 119 रनों पर सिमट गई। हार के बाद कप्तान Rishabh Pant काफी निराश नजर आए और उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके पास इस हार का कोई ठोस जवाब नहीं है। “जवाब बाहर नहीं, अंदर ढूंढने होंगे” – पंत मैच के बाद पंत ने स्वीकार किया कि टीम पिच को सही तरीके से समझने में असफल रही। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी यूनिट ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया, जिससे टीम को भारी नुकसान हुआ। पंत ने कहा, “मेरे पास इस हार का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। हमें अपने अंदर झांककर सुधार करना होगा। बल्लेबाजों को थोड़ा समय लेकर खेलना चाहिए था।” उन्होंने यह भी माना कि वह खुद अपनी पारी को लंबा नहीं खींच पाए, जो टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। पंत के मुताबिक, पूरी बल्लेबाजी इकाई को जिम्मेदारी लेनी होगी और गलतियों से सीखना होगा। गेंदबाजों की तारीफ, उम्मीदें बरकरार पंत ने टीम के गेंदबाजों के प्रदर्शन, खासकर Mohammed Shami की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं, जिन पर टीम आगे काम कर सकती है। उन्होंने भरोसा जताया कि अभी टूर्नामेंट में काफी मैच बाकी हैं और टीम वापसी कर सकती है। “पहले से अंदाजा था कि गेंद स्विंग करेगी” – रियान पराग वहीं राजस्थान के कप्तान Riyan Parag ने जीत के बाद कहा कि पिच गेंदबाजों के अनुकूल थी और उन्हें पहले से अंदाजा था कि गेंद स्विंग करेगी। उन्होंने Nandre Burger और जोफ्रा आर्चर की शानदार लाइन-लेंथ की जमकर तारीफ की और टीम के सकारात्मक माहौल को जीत का अहम कारण बताया। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ जडेजा का खास बयान मैच में अहम भूमिका निभाने वाले Ravindra Jadeja ने नाबाद 43 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता। उन्होंने यह अवॉर्ड अपनी पत्नी रिवाबा जडेजा को समर्पित किया। जडेजा ने कहा कि पिच बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं थी और गेंद लगातार सीम और स्विंग कर रही थी। उन्होंने हालात के अनुसार धैर्य से खेलते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
आईपीएल के इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में Punjab Kings ने धमाकेदार बल्लेबाजी के दम पर Lucknow Super Giants को 54 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। मैच के बाद कप्तान Shreyas Iyer ने टीम के युवा सितारों की खुलकर तारीफ की और खासतौर पर प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली की साझेदारी को जीत की असली वजह बताया। आर्य-कोनोली की साझेदारी ने पलटा मैच दूसरे विकेट के लिए प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली के बीच 182 रन की जबरदस्त साझेदारी ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। आर्य ने 93 रन की शानदार पारी खेली, जबकि कोनोली ने 87 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अय्यर ने कहा, “दोनों के बीच पार्टनरशिप शानदार रही। कुछ शॉट तो सच में होश उड़ा देने वाले थे, खासकर तेज गेंदबाजों के खिलाफ बैक-फुट से सीधे शॉट खेलना काबिल-ए-तारीफ था। बीच के ओवरों में जिस तरह का संयम दिखाया गया, वह कमाल था।” ‘छक्कों की चुनौती’ और इनाम में बल्ला मैच के दौरान कप्तान अय्यर ने खिलाड़ियों को एक दिलचस्प चुनौती भी दी। उन्होंने बताया, “मैंने आर्य और कोनोली से कहा कि देखते हैं कौन ज्यादा छक्के मारता है। इनाम के तौर पर मेरा बल्ला मिलेगा। यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन इससे टीम का माहौल हल्का और सकारात्मक बना रहता है।” खिलाड़ियों को आजादी देना ही सफलता की कुंजी अय्यर ने अपनी कप्तानी शैली पर भी खुलकर बात की। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी देने से वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं खिलाड़ियों को यह नहीं बताता कि उन्हें कैसे खेलना है। उनका अपना तरीका होता है। कोच Ricky Ponting मैच से पहले खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं और फिर खिलाड़ी मैदान पर अपना कमाल दिखाते हैं।” पंजाब किंग्स की टॉप पर मजबूत पकड़ इस जीत के साथ पंजाब किंग्स ने 6 में से 5 मैच जीतकर 11 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स की लगातार तीसरी हार ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मैच का हाल पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने 7 विकेट के नुकसान पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में Lucknow Super Giants 20 ओवर में 5 विकेट पर 200 रन ही बना सकी। एलएसजी के लिए Rishabh Pant ने 43 रन, Aiden Markram ने 42 रन, Mitchell Marsh ने 40 रन और Ayush Badoni ने 35 रन का योगदान दिया, लेकिन टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई।
आईपीएल 2026 में Royal Challengers Bangalore (RCB) और Lucknow Supergiants (LSG) के बीच खेले गए मुकाबले के बाद ‘मैन ऑफ द मैच’ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज Rasikh Salam Dar को नजरअंदाज करने पर क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई है। 4 विकेट लेने के बावजूद नहीं मिला सम्मान इस मुकाबले में रसिख सलाम डार ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 24 रन देकर 4 विकेट झटके और LSG की पारी को 146 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई। उनका प्रदर्शन मैच का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा था। RCB ने बाद में 15.1 ओवर में 149 रन बनाकर 5 विकेट से आसान जीत दर्ज की, लेकिन सभी को उम्मीद थी कि ‘मैन ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड रसिख को मिलेगा। हेजलवुड को अवॉर्ड मिलने से बढ़ा विवाद हैरानी की बात यह रही कि यह अवॉर्ड Josh Hazlewood को दिया गया, जिन्होंने 4 ओवर में 20 रन देकर सिर्फ 1 विकेट लिया। इस फैसले ने फैंस और एक्सपर्ट्स को चौंका दिया है। आकाश चोपड़ा ने उठाए सवाल भारत के पूर्व ओपनर और कमेंटेटर Aakash Chopra ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि मैच के नतीजे में सबसे बड़ा योगदान रसिख सलाम डार का था, इसलिए उन्हें नजरअंदाज करना सही नहीं है। गेंदबाजों ने दिलाई जीत RCB की जीत में गेंदबाजों का योगदान बेहद अहम रहा। Rasikh Salam Dar – 4 विकेट (24 रन) Bhuvneshwar Kumar – 3 विकेट (27 रन) Krunal Pandya – 2 विकेट (38 रन) Josh Hazlewood – 1 विकेट (20 रन) गेंदबाजों के इस सामूहिक प्रदर्शन ने RCB को टॉप पर पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। क्या फैसले पर फिर होगी समीक्षा? क्रिकेट में ‘मैन ऑफ द मैच’ का चयन अक्सर बहस का विषय बनता रहा है, लेकिन इस बार मामला ज्यादा चर्चा में है क्योंकि एक गेंदबाज ने मैच जिताऊ प्रदर्शन किया, फिर भी उसे नजरअंदाज कर दिया गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या ऐसे फैसलों में पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत है या फिर चयन प्रक्रिया में बदलाव होना चाहिए।
आईपीएल 2026 में एक बार फिर Virat Kohli का बल्ला जमकर बोल रहा है। Royal Challengers Bengaluru (RCB) के स्टार बल्लेबाज कोहली ने लखनऊ के खिलाफ शानदार पारी खेलते हुए ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली है। इम्पैक्ट प्लेयर बनकर भी छाए कोहली Lucknow Super Giants के खिलाफ मुकाबले में कोहली ने 34 गेंदों में 49 रन की अहम पारी खेली और टीम को 147 रन का लक्ष्य हासिल करने में मदद की। यह पहली बार था जब RCB ने उन्हें Impact Player के रूप में इस्तेमाल किया। इस पारी के साथ कोहली के इस सीजन में कुल 228 रन हो गए हैं, जिससे वह रन बनाने वालों की सूची में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। खास बात यह है कि कोहली हाल ही में घुटने में दर्द से जूझ रहे थे, फिर भी उन्होंने मैदान पर आकर टीम के लिए अहम योगदान दिया। ऑरेंज कैप की रेस में कड़ी टक्कर कोहली के बाद दूसरे स्थान पर Heinrich Klaasen हैं, जो Sunrisers Hyderabad के लिए खेलते हुए 224 रन बना चुके हैं। तीसरे स्थान पर RCB के कप्तान Rajat Patidar पहुंच गए हैं, जिन्होंने लखनऊ के खिलाफ 13 गेंदों में 27 रन की तेज पारी खेली। इसके अलावा Ishan Kishan और Vaibhav Sooryavanshi भी 200+ रन के आंकड़े को पार कर चुके हैं, जिससे इस सीजन की रन रेस और रोमांचक हो गई है। पर्पल कैप की दौड़ भी दिलचस्प गेंदबाजी में Anshul Kamboj (Chennai Super Kings) और Prasidh Krishna (Gujarat Titans) 10-10 विकेट के साथ टॉप पर बने हुए हैं। उनके पीछे Ravi Bishnoi (Rajasthan Royals) और Prince Yadav (LSG) 9-9 विकेट लेकर दबाव बनाए हुए हैं। वहीं Bhuvneshwar Kumar और Krunal Pandya 7-7 विकेट के साथ रेस में बने हुए हैं। खास बात यह है कि क्रुणाल इस सीजन के टॉप विकेट-टेकर्स में इकलौते फिंगर स्पिनर हैं। सीजन होता जा रहा रोमांचक IPL 2026 में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी फॉर्म में लौटे हैं, वहीं युवा खिलाड़ी भी लगातार चुनौती पेश कर रहे हैं। आने वाले मुकाबलों में ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस और भी दिलचस्प होने वाली है।
आईपीएल 2026 के सीजन में एक बार फिर पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। Royal Challengers Bengaluru (RCB) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Lucknow Super Giants को 5 विकेट से हराया और सीधे टेबल के शीर्ष पर पहुंच गई। इस जीत ने टूर्नामेंट के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। RCB ने अब तक खेले गए 5 मुकाबलों में से 4 में जीत दर्ज की है और सिर्फ 1 मैच गंवाया है। टीम के पास 8 अंक हैं और +1.503 का बेहतरीन नेट रन रेट है, जो उसे अन्य टीमों से आगे रखता है। लगातार दो जीतों ने टीम का आत्मविश्वास और मजबूत किया है। सीजन की शुरुआत में RCB ने Sunrisers Hyderabad को 6 विकेट से हराया, इसके बाद Chennai Super Kings को 43 रन से मात दी। हालांकि तीसरे मैच में Rajasthan Royals ने 6 विकेट से हराकर RCB को झटका दिया, लेकिन टीम ने वापसी करते हुए Mumbai Indians को 18 रन से हराया और अब लखनऊ के खिलाफ जीत दर्ज कर टॉप पर कब्जा कर लिया। पॉइंट्स टेबल की स्थिति पहले स्थान पर RCB (8 अंक, +1.503 NRR) दूसरे स्थान पर Rajasthan Royals (8 अंक, +0.889 NRR) तीसरे स्थान पर Punjab Kings (7 अंक) चौथे स्थान पर Sunrisers Hyderabad (4 अंक) पांचवें स्थान पर Delhi Capitals (4 अंक) छठे स्थान पर Gujarat Titans (4 अंक) सातवें स्थान पर Lucknow Super Giants (4 अंक) आठवें स्थान पर Chennai Super Kings (4 अंक) नौवें स्थान पर Mumbai Indians (2 अंक) दसवें स्थान पर Kolkata Knight Riders (1 अंक) RR दूसरे स्थान पर, KKR सबसे कमजोर Rajasthan Royals ने भी 5 मैचों में 4 जीत के साथ 8 अंक हासिल किए हैं, लेकिन नेट रन रेट कम होने के कारण वह दूसरे स्थान पर है। वहीं Kolkata Knight Riders का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है—5 मैच खेलने के बाद भी टीम जीत का खाता नहीं खोल सकी है और सबसे नीचे बनी हुई है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में एक बेहद रोमांचक मुकाबले में Lucknow Super Giants ने शानदार वापसी करते हुए Sunrisers Hyderabad को हराकर सीजन की पहली जीत दर्ज की। इस जीत के हीरो रहे कप्तान Rishabh Pant, जिन्होंने आखिरी ओवर में शानदार बल्लेबाजी कर टीम को जीत तक पहुंचाया। आखिरी ओवर का रोमांच और पंत का धमाका 157 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए LSG की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए, लेकिन कप्तान पंत एक छोर पर डटे रहे। आखिरी ओवर में जब जीत के लिए रन चाहिए थे, तब पंत ने गेंदबाज जयदेव उनादकट पर लगातार तीन चौके जड़कर मैच खत्म कर दिया। उन्होंने 52 गेंदों में नाबाद 68 रन की पारी खेली, जो दबाव में खेली गई एक कप्तानी पारी थी। भावुक हो गए संजीव गोयनका जैसे ही पंत ने विनिंग शॉट लगाया, कैमरे Sanjiv Goenka की ओर मुड़ गए। टीम के मालिक गोयनका इस जीत से इतने भावुक हो गए कि उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने अपने सीने पर हाथ रखा और भावनाओं को छिपा नहीं सके। मैच खत्म होने के बाद वह मैदान पर पहुंचे और पंत को गले लगाकर उनकी शानदार पारी के लिए बधाई दी। आलोचनाओं के बीच जवाब इस मैच से पहले दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार के बाद गोयनका और पंत के बीच बातचीत को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हुई थीं। हालांकि, टीम ने बाद में साफ किया कि वह सिर्फ एक सामान्य बातचीत थी और सब कुछ ठीक है। इस शानदार जीत के साथ LSG ने यह साबित कर दिया कि टीम दबाव में भी वापसी करना जानती है और कप्तान पंत एक बार फिर मैच विनर बनकर उभरे हैं।
IPL 2026 में भले ही लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन इस मुकाबले में एक बड़ी उपलब्धि तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के नाम दर्ज हो गई। इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में शमी ने पारी की पहली ही गेंद पर विकेट लेकर इतिहास रच दिया। पहली गेंद पर विकेट, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड मोहम्मद शमी ने मैच की पहली गेंद पर ही केएल राहुल को आउट कर शानदार शुरुआत दिलाई। इसी के साथ शमी IPL इतिहास में 5 बार पहली गेंद पर विकेट लेने वाले इकलौते गेंदबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने कई बड़े गेंदबाजों को पीछे छोड़ दिया है। प्रवीण कुमार, उमेश यादव, ट्रेंट बोल्ट, लसिथ मलिंगा, भुवनेश्वर कुमार, अशोक डिंडा और पैट कमिंस जैसे गेंदबाजों ने यह कारनामा 3-3 बार किया है, लेकिन शमी उनसे आगे निकल गए हैं। लखनऊ की बल्लेबाजी रही कमजोर मैच की बात करें तो लखनऊ सुपर जायंट्स की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। टीम 18.4 ओवर में सिर्फ 141 रन पर सिमट गई। कप्तान ऋषभ पंत जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई। हालांकि मिचेल मार्श और अब्दुल समद ने कुछ हद तक संघर्ष करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया, लेकिन यह स्कोर जीत के लिए काफी नहीं था। समीर रिजवी की दमदार पारी से दिल्ली की जीत 142 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत भी खराब रही। टीम ने शुरुआती झटके झेले, लेकिन इसके बाद समीर रिजवी ने शानदार जिम्मेदारी निभाई। रिजवी ने 47 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए, जबकि ट्रिस्टन स्टब्स ने 39 रनों की अहम पारी खेली। दोनों के बीच 119 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया और दिल्ली को जीत दिलाई। रिकॉर्ड के बावजूद टीम को नहीं मिली जीत मोहम्मद शमी का यह ऐतिहासिक प्रदर्शन टीम को जीत नहीं दिला सका, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर यह उपलब्धि उन्हें IPL के सबसे खास गेंदबाजों में शामिल करती है।
IPL 2026 के एक मुकाबले के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स के खेमे में तनाव खुलकर सामने आ गया। लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद जो दृश्य देखने को मिला, उसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। मैदान पर ही टीम के मालिक संजिव गोयनका और कप्तान ऋषभ पंत के बीच तीखी बहस होती नजर आई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में गोयनका काफी नाराज दिखाई दे रहे हैं और उनका बातचीत का अंदाज भी बेहद सख्त नजर आया। मैच का हाल: लखनऊ की कमजोर बल्लेबाजी पड़ी भारी इस मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम केवल 141 रन ही बना सकी। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने यह लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। लखनऊ के गेंदबाजों ने भी 20 अतिरिक्त रन (16 वाइड और 4 लेग बाई) देकर टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं। मैच के बाद कप्तान ऋषभ पंत ने हार की वजह बताते हुए कहा कि कम स्कोर के कारण दबाव बढ़ गया और अतिरिक्त रन टीम पर भारी पड़े। फैंस का गुस्सा: ‘मैदान पर नहीं, ड्रेसिंग रूम में होनी चाहिए थी बात’ इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कई क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि इस तरह सार्वजनिक रूप से कप्तान से बहस करना खेल भावना के खिलाफ है। उनका कहना है कि टीम से जुड़ी बातों को ड्रेसिंग रूम तक सीमित रखना चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब संजिव गोयनका का ऐसा रवैया चर्चा में आया हो। इससे पहले भी वह एक अन्य कप्तान के साथ इसी तरह के व्यवहार को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। टीम बॉन्डिंग पर असर या वापसी का मौका? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस विवाद का असर लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम बॉन्डिंग पर पड़ेगा, या फिर ऋषभ पंत आने वाले मैचों में अपने प्रदर्शन से जवाब देंगे। IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम के अंदर का माहौल जीत-हार पर गहरा असर डालता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आईपीएल 2026 से पहले लखनऊ सुपर जाएंट्स के ट्रेनिंग कैंप से एक दिलचस्प वीडियो सामने आया है, जिसमें अर्जुन तेंदुलकर और ऋषभ पंत के बीच बल्ले के वजन को लेकर बातचीत हो रही है। इस बातचीत में अर्जुन ने अपने पिता सचिन तेंदुलकर के बल्ले को लेकर ऐसा खुलासा किया, जिसे सुनकर पंत भी हैरान रह गए। भारी बल्ले से खेलने की पसंद ट्रेनिंग के दौरान ऋषभ पंत ने अर्जुन से उनके बैट के वजन के बारे में पूछा। जवाब में अर्जुन ने बताया कि उनका बल्ला करीब 1200 से 1220 ग्राम के बीच है। उन्होंने कहा कि उन्हें भारी बल्ले से खेलने में मजा आता है और गेंद बल्ले से लगते ही अच्छी गति से निकलती है।इसके बाद अर्जुन ने अपने पिता के बल्ले का जिक्र करते हुए बताया कि सचिन तेंदुलकर 1310 से 1315 ग्राम तक वजन वाला बल्ला इस्तेमाल करते थे। यह सुनकर पंत चौंक गए, क्योंकि इतना भारी बल्ला इस्तेमाल करना हर खिलाड़ी के बस की बात नहीं होती। सचिन की विरासत को आगे बढ़ा रहे अर्जुन क्रिकेट जगत में यह बात पहले से चर्चा में रही है कि सचिन तेंदुलकर अपने करियर के दौरान भारी बल्ले का इस्तेमाल करते थे, जो उनकी बल्लेबाजी शैली का एक अहम हिस्सा था। अब अर्जुन भी उसी राह पर चलते नजर आ रहे हैं और हल्के बल्ले से खेलने से बचते हैं। मजेदार बातचीत ने जीता दिल वीडियो में दोनों खिलाड़ियों के बीच हल्की-फुल्की बातचीत भी देखने को मिली। ऋषभ पंत ने अर्जुन की शादी को लेकर मजाक करते हुए कहा कि वह शादी के अगले ही दिन ट्रेनिंग के लिए पहुंच गए थे। इस पर उन्होंने अर्जुन की तारीफ करते हुए उन्हें काफी उत्साही खिलाड़ी बताया।पंत ने यह भी कहा कि अगर अर्जुन को किसी भी तरह की मदद की जरूरत हो तो वह हमेशा उनके लिए मौजूद हैं। आईपीएल 2026 में नई टीम, नई उम्मीदें इस बार अर्जुन तेंदुलकर Lucknow Super Giants की ओर से खेलते नजर आएंगे, जबकि पहले वह Mumbai Indians का हिस्सा थे। टीम ने अपना ट्रेनिंग कैंप शुरू कर दिया है और खिलाड़ी पूरे जोश के साथ तैयारी में जुटे हैं।लखनऊ सुपर जाएंट्स की टीम पिछले सीजन के निराशाजनक प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। टीम अपना पहला मुकाबला 1 अप्रैल को खेलेगी, जहां सभी की नजर अर्जुन और पंत की जोड़ी पर रहेगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।