नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष पत्र लिखकर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। पत्र में उन्होंने अमरनाथ यात्रा को भारत की आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक एकता और सेवा भाव का प्रतीक बताते हुए श्रद्धालुओं से पांच संकल्प लेने की अपील की है। यह संदेश यात्रा के दोनों आधार शिविरों बालटाल और नुनवान (पहलगाम) में श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया। पीएम ने यात्रियों से लिए पांच संकल्प अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा नियमों का पालन करने, 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा देने और राष्ट्र सेवा की भावना के साथ यात्रा पूरी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी की यात्रा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर है। स्थानीय लोगों से खरीदारी की भी अपील प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से जम्मू-कश्मीर के स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने और स्थानीय कारोबारियों से खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र के लोगों की आजीविका को भी समर्थन मिलेगा। यात्रा से जुड़े सभी कर्मियों का जताया आभार प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन, सुरक्षा बलों, स्वास्थ्य कर्मियों और स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, मंगलमय और सफल यात्रा की कामना करते हुए कहा कि अमरनाथ यात्रा देश की एकता और आध्यात्मिक शक्ति का जीवंत प्रतीक है।
वेलिंगटन, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस यात्रा की पुष्टि करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया है। यह पिछले 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 10 जुलाई को न्यूजीलैंड के सबसे बड़े शहर ऑकलैंड पहुंचेंगे। क्रिस्टोफर लक्सन ने क्या कहा? न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा, "भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का न्यूजीलैंड दौरा हमारे द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। हम व्यापार, निवेश, शिक्षा, पर्यटन और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं।" व्यापार और सुरक्षा सहयोग पर होगी अहम चर्चा यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच व्यापार एवं निवेश, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, पर्यटन, खेल और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। दोनों नेता द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने के उपायों पर भी विचार करेंगे। FTA के बाद पहली उच्चस्तरीय यात्रा यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और न्यूजीलैंड ने हाल ही में मुक्त व्यापार समझौता (FTA) किया है। इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड के लगभग 95 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क समाप्त या कम किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है। द्विपक्षीय रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में नया अध्याय जोड़ सकती है। दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक और लोगों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में इस दौरे को अहम कदम माना जा रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार देर रात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से टेलीफोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और हालिया घटनाक्रम की जानकारी साझा की। होर्मुज़ में नौवहन सुनिश्चित करने पर दिया जोर प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में बनी नई समझ का स्वागत करते हुए कहा कि सभी विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। उन्होंने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही भारत के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नौवहन और व्यापार की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंधों को और मजबूत बनाने तथा क्षेत्रीय घटनाक्रम पर लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में संघर्षविराम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी दुनिया की नजर टिकी हुई है।
विक्टोरिया, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स ने अपने सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में शामिल 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, ब्लू इकोनॉमी और समुद्री शासन के क्षेत्र में उनके योगदान और नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया है। यह सम्मान सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके तीन दिवसीय राजकीय दौरे के दौरान प्रदान किया। पर्यावरण संरक्षण के लिए मिला सर्वोच्च सम्मान सेशेल्स सरकार ने कहा कि 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' देश का सर्वोच्च सम्मान है, जो उन वैश्विक नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने समुद्री संसाधनों के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और सतत विकास को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान भारत की ग्रीन ग्रोथ, ब्लू इकोनॉमी और जलवायु कार्रवाई से जुड़ी पहलों के लिए दिया गया है। पीएम मोदी ने दुनिया को किया सम्मान समर्पित सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह इसे उन सभी देशों को समर्पित करते हैं जो जलवायु परिवर्तन की चुनौती से लड़ रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स मिलकर हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सतत विकास के लिए काम करते रहेंगे। कई अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर दौरे के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, ब्लू इकोनॉमी, क्षमता निर्माण और विकास साझेदारी से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स को भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल 'PS LESPWAR' भी सौंपा, जिससे हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा सहयोग और मजबूत होगा। भारत-सेशेल्स संबंधों को मिली नई मजबूती प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे पर सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका को और मजबूत करेगा।
नई दिल्ली/काराकस: वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने दुख और संवेदना व्यक्त की है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आपदा में जान गंवाने वालों के प्रति शोक जताते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ मजबूती से खड़ा है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है। वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने राजधानी काराकस समेत कई शहरों में भारी तबाही मचाई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि कई क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। पीएम मोदी ने जताई संवेदना प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि भारत सरकार और देशवासियों की ओर से वेनेजुएला के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जाती है। उन्होंने लिखा, "भारत की ओर से मैं वेनेजुएला सरकार और वहां के लोगों, विशेष रूप से उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खो दिया है। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं और इस कठिन समय में सभी प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।" वेनेजुएला में आपातकाल घोषित भूकंप के बाद वेनेजुएला सरकार ने कई प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल घोषित कर दिया है। कार्यवाहक राष्ट्रपति Delcy Rodríguez ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए आपदा में जान-माल के नुकसान की पुष्टि की और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रही है और प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन संसाधन भेजे जा रहे हैं। उन्होंने मृतकों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की। हजारों मौतों की आशंका विशेषज्ञ एजेंसियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार भूकंप का असर बेहद व्यापक हो सकता है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने चेतावनी दी है कि इस आपदा में भारी जनहानि और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान होने की आशंका है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक मृतकों की संख्या हजारों में पहुंच सकती है। राहत-बचाव अभियान जारी काराकस और अन्य प्रभावित शहरों में आपातकालीन दल, सेना और बचाव एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। कई इलाकों में संचार और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है, जिससे राहत कार्यों में चुनौतियां सामने आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से भी वेनेजुएला को सहायता और समर्थन के संदेश मिल रहे हैं। भारत सहित कई देशों ने जरूरत पड़ने पर मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश की है।
वेनेजुएला, एजेंसियां। वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद पूरी दुनिया से संवेदनाएं और सहायता के प्रस्ताव सामने आ रहे हैं। भारत ने भी इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप में जान गंवाने वालों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के साथ एकजुटता जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप से हुई तबाही से वह अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही कहा कि इस कठिन समय में भारत वेनेजुएला के साथ खड़ा है और हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है। दो शक्तिशाली भूकंपों से मची तबाही जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम वेनेजुएला में लगातार दो शक्तिशाली भूकंप आए। पहला झटका रिक्टर पैमाने पर 7.2 तीव्रता का था, जबकि लगभग 39 सेकंड बाद दूसरा और अधिक शक्तिशाली 7.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र कैरेबियाई तट के पास मोरोन क्षेत्र में था। झटकों का असर राजधानी कराकास समेत देश के कई हिस्सों में महसूस किया गया और कंपन लगभग 1,700 किलोमीटर दूर ब्राजील के अमेजन क्षेत्र तक पहुंचा। एयरपोर्ट बंद, आपातकाल लागू भूकंप के बाद कई इमारतों, मकानों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। देश के प्रमुख सिमोन बोलिवार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी क्षति पहुंची है, जिसके चलते उसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। हालात को देखते हुए सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर दिया है और सभी आपात सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया है। वैश्विक समर्थन की लहर वेनेजुएला की इस त्रासदी पर दुनिया के कई देशों और नेताओं ने समर्थन जताया है। विभिन्न देशों ने राहत और बचाव कार्यों में सहयोग की पेशकश की है। अधिकारियों के अनुसार, नुकसान का आकलन जारी है और मृतकों की संख्या हजारों तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष निर्णय लिया। दिल्ली लौटने के बाद प्रधानमंत्री सीधे अपने आवास नहीं गए, बल्कि कुछ समय तक एयरपोर्ट पर ही रुके रहे ताकि उनके काफिले की आवाजाही से राजधानी की सड़कों पर यातायात प्रभावित न हो। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचे। इसी दौरान दोपहर 2 बजे से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) की पुनर्परीक्षा शुरू होने वाली थी। ऐसे में प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट से निकलने में देरी करने का निर्णय लिया, जिससे परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। छात्रों की सुविधा को दी प्राथमिकता सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नहीं चाहते थे कि उनके वीवीआईपी काफिले की वजह से राजधानी में ट्रैफिक जाम की स्थिति बने और परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थी समय पर अपने केंद्रों तक न पहुंच सकें। इसी कारण उन्होंने कुछ समय एयरपोर्ट पर ही रुककर यातायात व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने का प्रयास किया। कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई पुनर्परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को देश और विदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। तीन मई को आयोजित मूल परीक्षा को कथित प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद पुनर्परीक्षा कराई जा रही है। पुनर्परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जा रही है। इस बार अभ्यर्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी प्रदान किया गया है। 551 भारतीय शहरों सहित 14 विदेशी केंद्रों पर परीक्षा एनटीए के अनुसार, परीक्षा का आयोजन भारत के 551 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों तथा विदेश के 14 केंद्रों पर किया जा रहा है। परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 95,000 से अधिक परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों से तनावमुक्त होकर परीक्षा देने की अपील पुनर्परीक्षा से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे किसी भी प्रकार के तनाव या चिंता से दूर रहकर परीक्षा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार और एनटीए परीक्षा के निष्पक्ष एवं सुचारु आयोजन के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं। NEET-UG पुनर्परीक्षा को लेकर देशभर में व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की गई है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
कोलकाता, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 और 21 जून को पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। दौरे के पहले दिन वह हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री राज्य की जनता को संबोधित करेंगे और कई महत्वपूर्ण विकास एवं कृषि योजनाओं की शुरुआत करेंगे। इसके साथ ही वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की अगली किस्त भी किसानों के खातों में जारी करेंगे। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपने दौरे की जानकारी साझा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल दिवस का आयोजन राज्य की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि तारकेश्वर का संबंध भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और बंगाल की सांस्कृतिक अस्मिता से भी जुड़ा रहा है। प्रधानमंत्री इस दौरान कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से कई केंद्रीय योजनाओं की शुरुआत करेंगे। इनमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्री स्टैक, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन पहलों से किसानों की आय बढ़ाने, खेती को तकनीक से जोड़ने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम दौरे के दूसरे दिन, 21 जून को प्रधानमंत्री कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद वह भारतीय नौसेना के लिए स्वदेशी डिजाइन से तैयार तीन युद्धपोतों आईएनएस दुनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रे को औपचारिक रूप से कमीशन करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन युद्धपोतों के नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी। यह दौरा कृषि, संस्कृति, स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पेरिस, एजेंसियां। फ्रांस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए। इन उपहारों के माध्यम से भारतीय कला, परंपरा और हस्तशिल्प को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया गया। कलमकारी महाभारत पेंटिंग बनी मुख्य आकर्षण पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों को आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध हस्तनिर्मित कलमकारी शैली में बनी महाभारत पेंटिंग भेंट की। यह कलाकृति लगभग छह महीने की मेहनत से तैयार की गई है, जिसमें महाभारत के विभिन्न प्रसंगों को विस्तार से दर्शाया गया है। पेंटिंग में धर्म, न्याय, साहस और नैतिक निर्णय जैसे मूल्यों को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया भगवद्गीता का संदेश भी प्रमुख रूप से शामिल है, जो कर्तव्य और आत्मसंयम का मार्ग दिखाता है। ब्रिजिट मैक्रों को मिला पोचमपल्ली सिल्क स्टोल राष्ट्रपति मैक्रों की पत्नी ब्रिजिट मैक्रों को तेलंगाना का प्रसिद्ध पोचमपल्ली सिल्क स्टोल उपहार में दिया गया। यह हाथ से बुना हुआ स्टोल पारंपरिक इकत रेजिस्ट-डाइंग तकनीक से तैयार किया जाता है और अपनी ज्यामितीय व पुष्पीय डिजाइनों के लिए जाना जाता है। यह स्टोल भारतीय वस्त्र परंपरा और आधुनिक कलात्मकता का सुंदर संगम माना जाता है। सांस्कृतिक कूटनीति को बढ़ावा भारतीय हस्तशिल्प और सांस्कृतिक वस्तुओं के जरिए यह उपहार न केवल कला का प्रदर्शन हैं, बल्कि भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का भी प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री मोदी अपने विदेशी दौरों में अक्सर इस तरह के पारंपरिक उपहार भेंट करते हैं, जिससे भारतीय कारीगरों और उनकी कला को वैश्विक पहचान मिल सके।
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार (19 जून, 2026) को 56 वर्ष के हो गए। उनके जन्मदिन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई दी। प्रधानमंत्री ने लिखा, "लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं।" 56 साल के हुए राहुल गांधी राहुल गांधी का जन्म 19 जून, 1970 को नई दिल्ली में हुआ था। वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के पुत्र हैं। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट से सांसद हैं और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। राहुल गांधी पिछले 22 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं और कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया प्रेरणास्रोत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने X पर पोस्ट कर राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि संविधान के आदर्शों के प्रति राहुल गांधी की अटूट निष्ठा और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष लाखों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। खरगे ने कहा कि समावेशिता, सामाजिक न्याय, सद्भाव और करुणा की कांग्रेस पार्टी की परंपरा राहुल गांधी के सार्वजनिक जीवन और नेतृत्व में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच निरंतर संवाद और सत्ता के सामने निर्भीक होकर सच बोलने के कारण राहुल गांधी ने समाज के कमजोर और हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज को मजबूती से उठाया है। पवन खेड़ा ने राहुल गांधी के संघर्ष को सराहा कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि बहुत कम नेताओं ने लंबे समय तक इतनी तीखी आलोचना और लगातार सार्वजनिक जांच-परख का सामना किया है। पवन खेड़ा ने कहा, "ऐसी परिस्थितियों में अधिकांश लोग सार्वजनिक जीवन से पीछे हट जाते हैं, लेकिन राहुल गांधी को कमजोर करने का हर प्रयास उनके संकल्प को और मजबूत करता गया, उनकी राजनीति को और परिपक्व बनाता गया तथा जनता से उनके संबंध को और गहरा करता गया।" राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके लंबे एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
G7 समिट में ट्रम्प बोले- मोदी के रहते भारत पर हमला हुआ तो अमेरिका साथ देगा पेरिस, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार देर रात करीब 2 बजे (भारतीय समय अनुसार) पेरिस पहुंचे। यहां होटल के बाहर भारतीय मूल के लोगों ने पीएम मोदी का स्वागत किया। मोदी ने लोगों से हाथ मिलाया और बच्चों को दुलारा भी। पीएम गुरुवार शाम Vivatech 2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहेंगे। एक दिन पहले मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित 52वें G7 समिट में शामिल हुए। उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से 18 मिनट द्विपक्षीय बातचीत हुई। अमेरिका देगा भारत का साथ ट्रम्प ने वादा किया है कि मोदी के रहते कभी भारत पर हमला होता है तो अमेरिका मदद के लिए साथ खड़ा होगा। मोदी के अलावा कोई और नेता भारत में होगा तो मुझे सोचना पड़ेगा। यूरोप का बड़ा तकनीकी सम्मेलन है Vivatech... Vivatech यूरोप का बड़ा तकनीकी सम्मेलन है, जहां दुनियाभर की नई इंडस्ट्रीज, टेक्निक कंपनियां, इंवेस्टर और एक्सपर्ट नई टेक्निक और इनोवेशन का डिस्प्ले करते हैं। मुख्य तौर पर आर्टिफिशिअल इंटेलिजेंस (AI), स्टार्टअप और उद्यमिता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, हरित प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, भविष्य की उभरती तकनीकों पर उन पर चर्चा करते हैं। भारत की भी है भागीदारी यहां भारत का राष्ट्रीय मंडप (इंडिया पैवेलियन) भी स्थापित किया गया है, जहां देश के स्टार्टअप, नवाचार और तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जा रहा है। मोदी की यात्रा का अंतिम दिन दरअसल, पीएम मोदी की 6 दिन फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा का आज अंतिम दिन है। मोदी 13-14 जून तक फ्रांस के नीस शहर में थे। इसके बाद 14 से 16 तक स्लोवाकिया में रहे। वहां से लौटकर एवियन में G7 समिट में शामिल हुए। G7 समिट में ट्रम्प बोले- मैं मोदी की तरह नही 17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में 52वें G7 समिट का दूसरा दिन रहा। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की द्विपक्षीय चर्चा हुई। इसमें ट्रम्प ने कहा- जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं, व्हाइट हाउस में मोदी का हमेशा अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा। ट्रम्प ने पीएम मोदी की तारीफ में कहा- जब तक मोदी लीडर हैं, इंडिया हर फील्ड में बड़ा रोल निभाएगा। मोदी शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह नहीं हूं। मोदी भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाया बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा जरूरी है। उम्मीद है कि ईरान के साथ डील में भारतीयों की सुरक्षा पक्की की जाएगी।
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर्सनैलिटी और बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के करीबी माने जाने वाले ओरी (ओरहान अवत्रामणि) एक बार फिर यूट्यूबर ध्रुव राठी पर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट में ओरी ने ध्रुव राठी की आलोचना करते हुए उन्हें "एंटी नेशनल" बताया और कहा कि वह मुद्दों पर अपनी सुविधा के अनुसार बात करते हैं। "मुझे वह आदमी बिल्कुल पसंद नहीं है" 'KK Creates' पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान ओरी ने कहा कि ध्रुव राठी केवल उन्हीं विषयों पर बोलते हैं जो उनके नैरेटिव के अनुरूप होते हैं। उन्होंने कहा कि वह ध्रुव राठी के सभी वीडियो फॉलो नहीं करते, लेकिन उनके अनुसार कई बार यूट्यूबर ऐसी बातें करते हैं जिनका कोई मतलब नहीं होता, जबकि जिन मुद्दों पर उन्हें बोलना चाहिए, उन पर वह चुप रहते हैं। ओरी ने कहा, "मुझे वह आदमी बिल्कुल पसंद नहीं है।" पीएम नरेंद्र मोदी के साथ फोटो खिंचवाने का सपना पॉडकास्ट के दौरान ओरी ने यह भी बताया कि उनकी एक खास ख्वाहिश है। उन्होंने कहा कि वह एक दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने मशहूर पोज में तस्वीर खिंचवाना चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि यह सपना भविष्य में जरूर पूरा होगा। दिसंबर 2025 के विवाद से जुड़ा मामला यह विवाद नया नहीं है। दिसंबर 2025 में ध्रुव राठी ने 'The Fake Beauty of Bollywood Celebrities' शीर्षक से एक वीडियो जारी किया था, जिसमें कई बॉलीवुड अभिनेत्रियों के कथित कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट और सर्जरी पर चर्चा की गई थी। वीडियो के थंबनेल में जाह्नवी कपूर की तस्वीर भी इस्तेमाल की गई थी, जिसके बाद ओरी ने उनकी तरफ से खुलकर समर्थन किया था। कई अभिनेत्रियों का हुआ था जिक्र ध्रुव राठी के उस वीडियो में जाह्नवी कपूर के अलावा: प्रियंका चोपड़ा दीपिका पादुकोण काजोल जैसी कई अभिनेत्रियों का नाम भी शामिल था। वीडियो के समय और कंटेंट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस देखने को मिली थी। पहले भी कर चुके हैं तीखी टिप्पणी इससे पहले भी ओरी ने सोशल मीडिया पर ध्रुव राठी को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्हें "राष्ट्र-विरोधी" कहा था। उनका कहना था कि वह ध्रुव राठी को इसी पहचान से जानते हैं। हालांकि, ध्रुव राठी की ओर से ओरी के हालिया बयान पर फिलहाल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पश्चिम बंगाल इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक अनोखा विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। राज्य सरकार 20 जून को पश्चिम बंगाल दिवस के मौके पर कोलकाता में गंगा (हुगली नदी) के बीच 500 नौकाओं पर एक साथ योगाभ्यास का भव्य आयोजन करने जा रही है। यदि यह आयोजन सफल रहता है, तो इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है। राज्य सचिवालय नबान्न से मिली जानकारी के अनुसार, यह आयोजन हरिद्वार, ऋषिकेश और वाराणसी में आयोजित बड़े योग कार्यक्रमों से भी अधिक भव्य और ऐतिहासिक होने की उम्मीद है। सरकार इसे बंगाल की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के अवसर के रूप में देख रही है। इन स्थानों पर होगा योग महोत्सव का आयोजन गंगा योग कार्निवाल के मुख्य केंद्रों में मिलेनियम पार्क, बेलूड़, दक्षिणेश्वर, बाबूघाट और प्रिंसेप घाट शामिल होंगे। इस अवसर पर गंगा के दोनों किनारों को विशेष रूप से सजाया जाएगा। हावड़ा ब्रिज से लेकर विद्यासागर सेतु तक के क्षेत्र और बीच में स्थित 42 इमारतों को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। शाम के समय ड्रोन शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशेष प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया जा सकता है, जिससे यह कार्यक्रम केवल योग तक सीमित न रहकर एक सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले लेगा। 21 जून को रेड रोड पर होगा मुख्य योग दिवस समारोह 20 जून को गंगा योग कार्निवाल के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शामिल होने की संभावना है। राज्य सरकार के अनुसार, गंगा योग कार्निवाल को योग दिवस समारोह की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है और इसे देश के सबसे बड़े नदी-आधारित योग आयोजनों में शामिल करने की योजना है। बंगाल की आध्यात्मिक विरासत को मिलेगी नई पहचान पश्चिम बंगाल की आध्यात्मिक और योग परंपरा काफी समृद्ध रही है। रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, योगीराज श्यामाचरण लाहिड़ी, स्वामी युक्तेश्वर गिरि और स्वामी योगानंद जैसी महान विभूतियों ने इस भूमि को विश्व स्तर पर विशेष पहचान दिलाई है। पिछले कुछ वर्षों में योग के क्षेत्र में बंगाल अपेक्षाकृत पीछे माना जाने लगा था। राज्य सरकार इस आयोजन के माध्यम से बंगाल की खोई हुई योग और आध्यात्मिक प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित करने का प्रयास कर रही है। दिव्या लोगनाथन को मिली जिम्मेदारी पूरे आयोजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। नौसेना और श्याम प्रसाद मुखर्जी पोर्ट से नौकाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार की अपनी नौकाओं को भी कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी आयोजन के लिए दिव्या लोगनाथन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का कार्य संभालेंगी। हावड़ा फेरी घाट और विक्टोरिया मेमोरियल में भी होंगे विशेष योग सत्र पर्यटन विभाग सोमवार को हावड़ा फेरी घाट पर विशेष योग अभ्यास सत्र आयोजित करेगा। इसके अलावा विक्टोरिया मेमोरियल के सामने भी योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यदि योजना सफल होती है, तो यह संभवतः दुनिया का पहला ऐसा आयोजन होगा, जिसमें गंगा नदी के बीच 500 से अधिक नौकाओं पर हजारों लोग एक साथ योगाभ्यास करते नजर आएंगे। आयुष मंत्रालय और राज्य प्रशासन के संयुक्त प्रयास से यह कार्यक्रम भारत की संस्कृति, अध्यात्म और विरासत का वैश्विक प्रदर्शन बन सकता है।
रांची। झारखंड प्रदेश बीजेपी ने गुरुवार को PM मोदी के 12 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मीडिया से कहा कि PM मोदी ने 12 साल का कार्यकाल पूरा किया। यह देश के लिये काफी गौरवपूर्ण बात है। उन्होंने देश के विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की। इस दौरान 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण इतनी बड़ी संख्या में लोगों का गरीबी रेखा से बाहर निकलना, किसी भी सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रधानमंत्री का लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि देश के गरीबों का उत्थान करना रहा है। 22 राज्यों में एनडीए की सरकार उन्होंने कहा कि आज देश के 22 राज्यों में एनडीए की सरकार है। विभिन्न राज्यों में भाजपा को जनता का लगातार समर्थन मिल रहा है। पीएम मोदी का कार्यकाल सत्ता नहीं साधना और तपस्या का कालखंड है। जम्मू-कश्मीर से लेकर नॉर्थ ईस्ट तक विकास मरांडी ने कहा कि एक समय जम्मू-कश्मीर में रेल संपर्क की कल्पना भी नहीं की जाती थी। लेकिन, आज श्रीनगर तक ट्रेन पहुंच चुकी है। वहीं नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में भी अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं। जिन क्षेत्रों को कभी विकास से वंचित रखा गया था। वहां आज सड़क, रेल और अन्य आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। आर्टिकल 370 और 3 तलाक जैसे ऐतिहासिक फैसले उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का साहसिक निर्णय लिया। साथ ही तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त कर महिलाओं को न्याय दिलाने का काम किया। ये ऐसे फैसले थे, जिनकी पहले कोई कल्पना भी नहीं करता था। ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाई भारत की ताकत उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति और क्षमता को देखा। पहले रक्षा क्षेत्र की अधिकांश जरूरतें विदेशों से पूरी होती थीं। लेकिन, अब भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। लड़ाकू विमानों सहित कई रक्षा उपकरणों का निर्माण देश में ही किया जा रहा है। कोरोना काल में दिखी मजबूत नेतृत्व क्षमता मरांडी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान देशवासियों को एकजुट रखने और संकट से बाहर निकालने का सफल प्रयास किया। लगभग 50 करोड़ से अधिक लोगों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा गया है। करोड़ों गरीबों को मिली छत मरांडी ने कहा कि करोड़ों गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान मिले हैं। अब तक लगभग 4 करोड़ मकानों का निर्माण कराया गया है। दुनिया की अर्थव्यवस्था में पीछे था देश बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने कई दशकों तक देश में शासन किया, लेकिन गांव और शहरों के विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि 2014 से पहले भारत दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में काफी पीछे था, जबकि आज देश चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ते हुए देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। बुधवार को उनके कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे हो गए, जिसके साथ ही उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को देश की बागडोर संभाली थी। इसके बाद 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल कर उन्होंने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। वर्तमान में वह अपने लगातार तीसरे कार्यकाल में देश का नेतृत्व कर रहे हैं। भारत मंडपम में NDA की विशेष बैठक इस ऐतिहासिक उपलब्धि और केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में भाजपा और NDA शासित 22 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री तथा गठबंधन के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को इस उपलब्धि पर बधाई दी और उनके नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों की सराहना की। अनौपचारिक माहौल में दिखी अलग तस्वीर औपचारिक बैठकों और राजनीतिक चर्चाओं के बीच भारत मंडपम में एक हल्का-फुल्का और आत्मीय दृश्य भी देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने NDA के सहयोगी दलों के नेताओं के साथ बैठकर झालमुड़ी का स्वाद लिया। इस दौरान की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए, जिनमें प्रधानमंत्री सहयोगी नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत करते नजर आए। राजनीतिक कार्यक्रम के बीच यह दृश्य चर्चा का विषय बन गया। लगातार तीसरे कार्यकाल में कायम नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी का यह रिकॉर्ड भारतीय राजनीति में उनकी लंबे समय तक बनी लोकप्रियता और नेतृत्व क्षमता का संकेत माना जा रहा है। लगातार तीन लोकसभा चुनावों में जीत हासिल करने के बाद उन्होंने देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में दर्ज की जाएगी।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में बुधवार (10 जून) को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। बैठक में बीजेपी और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे और प्रधानमंत्री को उनके ऐतिहासिक कार्यकाल के लिए बधाई दी। ‘जनता ने बदलाव के लिए चुना एनडीए’ – पीएम मोदी अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2014 में जब एनडीए सत्ता में आया था, तब देश की जनता ने बदलाव और स्थिरता की उम्मीद के साथ भरोसा जताया था। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने उस विश्वास को मजबूत करने का काम किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा था कि उन्हें देश की इतनी लंबी अवधि तक सेवा करने का अवसर मिलेगा, लेकिन जनता के विश्वास ने यह जिम्मेदारी संभव बनाई। कांग्रेस पर साधा निशाना, ‘कुशासन’ का लगाया आरोप प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि लंबे समय तक देश ने धीमी विकास दर, भ्रष्टाचार और नीतिगत अस्थिरता का सामना किया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद सरकार की स्पष्ट नीति और निर्णायक नेतृत्व के कारण देश के विकास को नई गति मिली है और भारत आज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। 12 सालों की उपलब्धियां गिनाईं प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि: हवाई अड्डों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है एक्सप्रेसवे और मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है रक्षा निर्यात में वृद्धि हुई है डिजिटल भुगतान और इंटरनेट उपयोग में भारत वैश्विक स्तर पर अग्रणी बना है उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि एक नए भारत की कहानी है जो बड़े लक्ष्य तय कर उन्हें हासिल कर रहा है। ‘स्थिरता से मिली विकास को गति’ – पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की जनता ने राजनीतिक स्थिरता को समझते हुए एनडीए को लगातार सेवा का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले अस्थिरता के कारण विकास प्रभावित होता था, लेकिन अब निर्णय तेजी से और प्रभावी ढंग से लागू हो रहे हैं। नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का दावा इसी अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी हासिल की। उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru के लगातार सबसे लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का लगातार कार्यकाल 4,399 दिन हो गया है, जबकि नेहरू का कार्यकाल 4,398 दिनों का था। एनडीए बैठक में दिखी बड़ी राजनीतिक मौजूदगी बैठक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, जे.पी. नड्डा और नितिन गडकरी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। साथ ही एनडीए के सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे, जिनमें टीडीपी, जेडीयू, जेडीएस और अपना दल (एस) के प्रतिनिधि शामिल थे। तीसरे कार्यकाल में भी जारी है नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार 2014 में पद संभाला था, इसके बाद 2019 और 2024 में लगातार चुनाव जीतकर उन्होंने तीसरा कार्यकाल शुरू किया। एनडीए नेताओं ने इस अवसर को भारत की राजनीतिक स्थिरता और विकास यात्रा का प्रतीक बताया।
नई दिल्ली: NEET UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि पेपर लीक में शामिल दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो भविष्य में दूसरों के लिए मिसाल बने। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की सिफारिश की गई है ताकि जल्द फैसला हो सके। 21 जून को होने वाले NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। मंगलवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NTA मुख्यालय पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा संचालन और रिजल्ट प्रक्रिया का जायजा लिया। दोषियों पर होगी सबसे कड़ी कार्रवाई धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पेपर तैयार करने और अनुवाद प्रक्रिया से जुड़े जिन लोगों ने देश के करोड़ों छात्रों का भरोसा तोड़ा है, उनके खिलाफ न केवल आपराधिक कार्रवाई होगी बल्कि नागरिक दायित्व (Civil Liability) के तहत भी कार्रवाई की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई को निर्देश दिया गया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई सुनिश्चित की जाए ताकि जल्द फैसला सामने आ सके। शिक्षा मंत्री ने कहा, "दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो आने वाले समय में किसी के लिए भी चेतावनी और मिसाल बने।" PM मोदी भी कर रहे हैं निगरानी धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। केंद्र सरकार की सभी एजेंसियां अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं और छात्रों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि NTA कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रही है ताकि उन संस्थाओं और व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके जिन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया। री-एग्जाम की तैयारियां अंतिम चरण में NTA पहले ही NEET UG 2026 री-एग्जाम के लिए एग्जाम सिटी स्लिप जारी कर चुका है। अब जल्द ही एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। कुछ छात्रों द्वारा परीक्षा केंद्र बदलने की मांग की गई है, जिस पर एजेंसी विचार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी फैसले छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं। संसदीय समिति ने अधिकारियों को तलब किया बुधवार को संसद की स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, NTA और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। समिति परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की सुधार योजनाओं पर सवाल-जवाब करेगी। CUET-UG रिजल्ट भी जल्द NTA CUET-UG 2026 का रिजल्ट भी जल्द जारी करने की तैयारी में है। 7 जून को परीक्षा समाप्त होने के बाद 9 जून को प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी गई थी। छात्र 11 जून तक प्रति प्रश्न 200 रुपये शुल्क देकर आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इस वर्ष 243 विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश CUET स्कोर के आधार पर होगा। साइबर सुरक्षा पर विशेष फोकस सरकार ने NTA के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए संयुक्त सचिव और निदेशक स्तर के नए अधिकारियों की नियुक्ति की है। इसके अलावा IB, CBI और साइबर सुरक्षा एजेंसियों को भी सक्रिय किया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
नई दिल्ली, एजेंसियां। नरेंद्र मोदी बतौर इलेक्टेड प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को पार कर चुके हैं। नेहरू चुनाव जीतकर 4398 दिन प्रधानमंत्री रहे थे। मोदी बतौर पीएम सबसे ज्यादा यानी 4399 पार कर चुके हैं। हालांकि नेहरू 1947 से 1952 तक भी प्रधानमंत्री थे, लेकिन तब चुनाव नहीं हुआ था, यानी इलेक्टेड पीएम नहीं थे। उसे भी जोड़ दें तो नेहरू का कुल कार्यकाल 6131 दिन का हो जाएगा। देश में सबसे ज्यादा लगातार 9000 से ज्यादा दिनों तक सत्ता प्रमुख रहने का रिकॉर्ड भी नरेंद्र मोदी के नाम है। पहले गुजरात के सीएम और फिर देश के पीएम के तौर पर।
नई दिल्ली, एजेंसियां। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने केंद्र सरकार से पिछले आठ वर्षों में NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं में हुई पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों पर एक विस्तृत श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में कहा कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि छात्रों के बीच सबसे बड़ी चिंता यह है कि पिछले पेपर लीक मामलों की जांच किस प्रकार हुई और उसके परिणाम क्या रहे। जांच से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध न होने के कारण छात्रों में असमंजस और अविश्वास का माहौल बना हुआ है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई सार्वजनिक करने की मांग संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल पेपर लीक मामलों में सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों की कार्रवाई का कोई समेकित सार्वजनिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार एक श्वेत पत्र जारी करे, जिसमें प्रत्येक मामले का विवरण, गिरफ्तार आरोपियों के नाम, आरोपपत्र या क्लोजर रिपोर्ट की स्थिति और मुकदमों की वर्तमान प्रगति का उल्लेख हो। 2024 के मामलों का भी किया जिक्र दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में 2024 के नीट-यूजी पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्य आरोपी संजीव कुमार उर्फ मुखिया के जमानत पर होने और कुछ मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने को लेकर छात्रों के बीच सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों में स्पष्ट जानकारी न मिलने से अफवाहों को बढ़ावा मिल रहा है। 21 जून को होगी पुनर्परीक्षा गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा, जो 3 मई को आयोजित होनी थी, पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दी गई थी। मामले की जांच सीबीआई कर रही है और परीक्षा की पुनर्परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है। दिग्विजय सिंह का मानना है कि पारदर्शिता बढ़ाने से छात्रों का परीक्षा व्यवस्था और सरकारी संस्थानों पर विश्वास दोबारा मजबूत हो सकेगा।
साउथ और बॉलीवुड फिल्मों के चर्चित अभिनेता Prakash Raj एक बार फिर अपने राजनीतिक तंज को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने एक वीडियो शेयर कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आम खाने की उनकी पसंद को लेकर व्यंग्य किया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है। प्रकाश राज ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह आम को काटकर उसमें आइसक्रीम मिलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि “कॉकरोच ऐसे आम खाते हैं” और प्रधानमंत्री की ओर इशारा करते हुए टिप्पणी की। वीडियो में क्या दिखा? वीडियो में प्रकाश राज आम को एक अनोखे तरीके से तैयार करते नजर आते हैं और इसे “कॉकरोच स्टाइल” खाने का उदाहरण बताते हैं। उन्होंने पोस्ट के साथ हैशटैग #CockroachJantaParty भी इस्तेमाल किया, जो पहले से ही सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। इस बयान के बाद यूजर्स दो हिस्सों में बंट गए हैं-कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी और राजनीतिक व्यंग्य बता रहे हैं, जबकि कई इसे प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी करार दे रहे हैं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ विवाद की पृष्ठभूमि यह पूरा विवाद उस समय और तेज हुआ जब सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान “कॉकरोच” शब्द का इस्तेमाल बेरोजगार युवाओं के संदर्भ में किया गया। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर #CockroachJantaParty नाम से एक व्यंग्यात्मक अभियान शुरू हुआ, जिसने तेजी से लोकप्रियता हासिल की। इस ऑनलाइन आंदोलन से कई फिल्मी हस्तियों और सोशल मीडिया यूज़र्स के जुड़ने की भी खबरें सामने आईं। इसी डिजिटल ट्रेंड को आधार बनाकर अब यह मुद्दा राजनीतिक और सोशल मीडिया बहस का केंद्र बन गया है। पीएम मोदी की आम पसंद का संदर्भ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर आम को अपनी पसंदीदा फलों में शामिल बता चुके हैं। पुराने इंटरव्यू में भी उन्होंने आम के प्रति अपने लगाव का जिक्र किया था, जिसका हवाला देकर प्रकाश राज ने यह तंज कसा। सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया प्रकाश राज के इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। समर्थक इसे व्यंग्य और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति बता रहे हैं, जबकि आलोचक इसे राजनीतिक मर्यादा से बाहर का बयान मान रहे हैं।
Narendra Modi शनिवार को देशभर के 51 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी के अपॉइंटमेंट लेटर वितरित करेंगे। यह 19वां रोजगार मेला होगा, जिसका आयोजन सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री युवाओं से संवाद भी करेंगे। 47 शहरों में होगा रोजगार मेला सरकार के मुताबिक इस बार रोजगार मेला देश के 47 शहरों में आयोजित किया जा रहा है। चयनित युवाओं को: Indian Railways Ministry of Home Affairs स्वास्थ्य विभाग वित्तीय सेवा विभाग उच्च शिक्षा विभाग सहित कई सरकारी संस्थानों और मंत्रालयों में नियुक्ति दी जाएगी। अब तक 12 लाख युवाओं को मिल चुके हैं नियुक्ति पत्र सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 18 रोजगार मेलों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें करीब 12 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि रोजगार मेला युवाओं को तेजी से सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की बड़ी पहल है। सोशल मीडिया पर क्या बोले पीएम मोदी? Narendra Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि सरकार युवाओं को सशक्त बनाने और उनके बेहतर भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार मेले के जरिए देशभर के युवाओं को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिल रहा है। अक्टूबर 2022 में शुरू हुई थी योजना रोजगार मेले की शुरुआत 22 अक्टूबर 2022 को हुई थी। उस समय प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराना है। लोकसभा चुनाव से पहले 12 फरवरी 2024 को आयोजित 12वें रोजगार मेले में सबसे ज्यादा 1 लाख नियुक्ति पत्र बांटे गए थे। वहीं 2025 में रोजगार मेलों के जरिए 11 लाख नियुक्तियों का आंकड़ा पार किया गया था। 18वें रोजगार मेले में महिलाओं पर दिया था जोर 19वें रोजगार मेले से पहले आयोजित 18वें रोजगार मेले में प्रधानमंत्री ने 61 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए थे। तब उन्होंने कहा था कि: महिला स्वरोजगार दर में 15% की बढ़ोतरी हुई है कई स्टार्टअप में महिलाएं डायरेक्टर की भूमिका निभा रही हैं गांवों में भी महिलाएं रोजगार गतिविधियों का नेतृत्व कर रही हैं प्रधानमंत्री ने यह भी बताया था कि उस रोजगार मेले में 8 हजार से ज्यादा महिलाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए थे।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।