भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी में शामिल Hyundai Creta अब बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। Hyundai Motor India ने हाल ही में क्रेटा के कई वेरिएंट्स को बंद कर दिया है, वहीं दूसरी ओर डीलरशिप्स इस एसयूवी पर अब तक के सबसे बड़े डिस्काउंट ऑफर कर रही हैं। ऑटो इंडस्ट्री में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है कि कंपनी जल्द ही क्रेटा का नया फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है।
ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी मॉडल के फेसलिफ्ट लॉन्च से पहले कंपनियां अक्सर पुराने स्टॉक को क्लियर करने और प्रोडक्शन लाइन को आसान बनाने के लिए इसी तरह की रणनीति अपनाती हैं। ऐसे में क्रेटा को लेकर बाजार में हलचल बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है।
हुंडई ने अब क्रेटा की रेंज को सीमित करते हुए केवल सात वेरिएंट्स में उपलब्ध रखा है–
कई पुराने वेरिएंट्स हटाने के पीछे कंपनी का उद्देश्य प्रोडक्शन को अधिक व्यवस्थित बनाना माना जा रहा है। यह कदम संकेत देता है कि आने वाले समय में अपडेटेड फेसलिफ्ट वर्जन बाजार में उतारा जा सकता है।
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर फीचर लिस्ट पर देखने को मिला है। पहले कुछ मिड-लेवल वेरिएंट्स में मिलने वाला ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) अब केवल टॉप-एंड King वेरिएंट तक सीमित हो गया है।
यानी अब एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स खरीदने के लिए ग्राहकों को ज्यादा महंगा वेरिएंट चुनना पड़ेगा। इससे उन ग्राहकों पर असर पड़ सकता है जो कम बजट में प्रीमियम सेफ्टी टेक्नोलॉजी चाहते थे।
क्रेटा पर इस समय शानदार ऑफर्स दिए जा रहे हैं, जिसने ग्राहकों का ध्यान खींच लिया है।
हालांकि डिस्काउंट की राशि शहर, डीलर और वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।
ऑटो मार्केट के जानकार इसे “स्टॉक क्लियरिंग एक्सरसाइज” मान रहे हैं, जो अक्सर फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च से पहले देखने को मिलती है।
हालांकि कंपनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर फेसलिफ्ट लॉन्च की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम कई संकेत दे रहे हैं। माना जा रहा है कि नए मॉडल में–
जैसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
इस समय खरीदारों के सामने दो बड़े विकल्प मौजूद हैं–
अगर आप बेहतर डील और ज्यादा डिस्काउंट चाहते हैं, तो मौजूदा मॉडल खरीदना फायदे का सौदा हो सकता है। भारी छूट के चलते क्रेटा अभी ज्यादा वैल्यू फॉर मनी साबित हो सकती है।
अगर आप लेटेस्ट डिजाइन और नए फीचर्स चाहते हैं, तो फेसलिफ्ट मॉडल का इंतजार करना बेहतर हो सकता है। हालांकि नए मॉडल की कीमत मौजूदा वर्जन से ज्यादा होने की संभावना है।
फिलहाल बाजार की स्थिति यही संकेत दे रही है कि आने वाले महीनों में क्रेटा से जुड़ी बड़ी घोषणा देखने को मिल सकती है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जून 2026 में इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की बिक्री रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई। इस दौरान 1,93,495 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 75 प्रतिशत अधिक हैं। बिक्री के मामले में TVS Motor ने लगातार अपनी बादशाहत कायम रखी, जबकि Bajaj Auto ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए कंपनी को कड़ी चुनौती दी। वहीं, कभी बाजार में नंबर-1 रही Ola Electric अभी भी अपनी खोई हुई बढ़त वापस पाने की कोशिश कर रही है। छह महीने में 9.7 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री जनवरी से जून 2026 के बीच देशभर में 9,70,611 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 53 प्रतिशत की वृद्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि मई में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बड़ी संख्या में ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओर रुख किया, जिसका सीधा असर जून की बिक्री पर दिखाई दिया। TVS ने लगातार तीसरे महीने बनाए रखा दबदबा जून 2026 में TVS Motor ने 46,999 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बेचकर सबसे अधिक बिक्री दर्ज की। इसके साथ कंपनी की बाजार हिस्सेदारी लगभग 24 प्रतिशत रही। TVS लगातार तीसरे महीने 40 हजार से अधिक यूनिट बेचने में सफल रही है। इसी अवधि में कंपनी ने भारत में 10 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री का महत्वपूर्ण आंकड़ा भी पार कर लिया। Bajaj Chetak ने बढ़ाई प्रतिस्पर्धा Bajaj Auto ने जून में 43,234 यूनिट की बिक्री दर्ज की। कंपनी का लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर Chetak लगातार ग्राहकों की पसंद बना हुआ है। बाजार में Bajaj की हिस्सेदारी अब करीब 22 प्रतिशत तक पहुंच गई है और बिक्री के मामले में TVS और Bajaj के बीच का अंतर लगातार कम होता जा रहा है। Ather और Hero Vida की शानदार रफ्तार Ather Energy ने जून में 31,188 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे, जो पिछले साल की तुलना में 95 प्रतिशत अधिक हैं। कंपनी का फैमिली स्कूटर Rizta बिक्री बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। वहीं Hero Vida ने सबसे तेज बढ़त दर्ज करते हुए जून में 21,792 यूनिट की बिक्री की। कंपनी की सालाना वृद्धि 175 प्रतिशत रही, जो इस सूची में सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन में से एक है। Ola Electric अभी भी वापसी की कोशिश में एक समय भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार की सबसे बड़ी कंपनी रही Ola Electric जून में 16,144 यूनिट बेचकर पांचवें स्थान पर रही। हालांकि कंपनी की सालाना बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन पिछले पांच महीनों से उसकी मासिक बिक्री में लगातार सुधार देखने को मिला है। इससे संकेत मिलता है कि Ola Electric धीरे-धीरे अपनी बाजार हिस्सेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रही है। Ampere और River Mobility ने भी दिखाया दम Ampere ने जून में 10,928 यूनिट की बिक्री दर्ज की और अपनी स्थिति मजबूत की। वहीं River Mobility ने 4,391 यूनिट बेचते हुए 214 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हासिल की, जो सभी प्रमुख कंपनियों में सबसे अधिक रही। इसके अलावा BGauss, E-Sprinto और Simple Energy भी जून 2026 में टॉप-10 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों की सूची में शामिल रहीं। इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती मांग और नए मॉडल्स के लॉन्च के चलते भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार पहले से अधिक प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है। TVS और Bajaj के बीच नंबर-1 की दौड़ तेज हो गई है, जबकि Ather, Hero Vida और Ola Electric भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही हैं। आने वाले महीनों में यह मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है।
नई दिल्ली: भारतीय कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में लंबे समय से मजबूत पकड़ बनाए हुए Maruti Suzuki की लोकप्रिय SUV Maruti Brezza जल्द बड़े बदलावों के साथ बाजार में दस्तक दे सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी 2026 Brezza Facelift पर काम कर रही है, जिसमें डिजाइन, फीचर्स, टेक्नोलॉजी और इंजन के स्तर पर कई महत्वपूर्ण अपडेट देखने को मिल सकते हैं। सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि नई Brezza में पहली बार टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है, जो इसे मौजूदा मॉडल की तुलना में अधिक दमदार बना सकता है। पहली बार मिल सकता है टर्बो-पेट्रोल इंजन रिपोर्ट्स के अनुसार, फेसलिफ्ट मॉडल में 1.0-लीटर 3-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलने की संभावना है। संभावित इंजन स्पेसिफिकेशन: 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन लगभग 98.6 hp पावर 147.6 Nm टॉर्क 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स इसके अलावा कंपनी मौजूदा 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन को भी जारी रख सकती है। मौजूदा इंजन आउटपुट: 103 hp पावर 137 Nm टॉर्क 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन CNG मॉडल में मिलेगा बड़ा फायदा नई Brezza में फैक्ट्री-फिटेड अंडरबॉडी CNG टैंक दिए जाने की भी चर्चा है। इस बदलाव के फायदे: बूट स्पेस बढ़ेगा सामान रखने में आसानी होगी CNG सिलेंडर के कारण लगेज स्पेस कम नहीं होगा बेहतर प्रैक्टिकलिटी मिलेगी यह फीचर भारतीय ग्राहकों के लिए काफी आकर्षक साबित हो सकता है। इंटीरियर होगा पहले से ज्यादा प्रीमियम नई Brezza के केबिन में भी कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संभावित फीचर्स: 10.1 इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम वायरलेस Android Auto वायरलेस Apple CarPlay नया डैशबोर्ड लेआउट प्रीमियम सीट अपहोल्स्ट्री बेहतर इंटीरियर फिनिश इन अपडेट्स के जरिए कंपनी Brezza को अधिक आधुनिक और प्रीमियम बनाने की तैयारी में है। पहली बार मिल सकता है लेवल-2 ADAS नई Brezza का सबसे बड़ा तकनीकी अपडेट लेवल-2 ADAS (Advanced Driver Assistance System) हो सकता है। संभावित ADAS फीचर्स: लेन कीप असिस्ट अडैप्टिव क्रूज़ कंट्रोल ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग लेन डिपार्चर अलर्ट यदि यह फीचर शामिल किया जाता है, तो Brezza अपने सेगमेंट की सबसे एडवांस SUV में शामिल हो सकती है। एक्सटीरियर में क्या होगा नया? फेसलिफ्ट मॉडल के डिजाइन में भी कई कॉस्मेटिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संभावित बदलाव: नई फ्रंट ग्रिल अपडेटेड बंपर नए फॉग लैंप हाउसिंग सिल्वर फिनिश स्किड प्लेट नए डिजाइन के अलॉय व्हील्स रिफ्रेश्ड फ्रंट और रियर लुक हालांकि SUV का प्लेटफॉर्म और ओवरऑल साइज पहले जैसा ही रहने की संभावना है। कब होगी लॉन्च? रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 Maruti Brezza Facelift को जुलाई 2026 के आसपास लॉन्च किया जा सकता है। यह अपडेट कंपनी की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत Brezza, Fronx और Grand Vitara जैसी SUVs को 2027 तक नए फीचर्स और तकनीक के साथ अपडेट किया जाएगा। कितनी हो सकती है कीमत? फिलहाल मौजूदा Brezza की एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹8.26 लाख से ₹14.04 लाख तक है। नई Brezza Facelift में: टर्बो इंजन ADAS बड़ा टचस्क्रीन नए फीचर्स जैसे अपग्रेड मिलने की वजह से कीमत में कुछ बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि कंपनी ने अभी तक लॉन्च डेट, इंजन या कीमत को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। क्या इंतजार करना सही रहेगा? अगर आप अगले कुछ महीनों में Brezza खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो फेसलिफ्ट मॉडल का इंतजार करना फायदे का सौदा हो सकता है। खासकर उन ग्राहकों के लिए जो बेहतर टेक्नोलॉजी, एडवांस सेफ्टी फीचर्स और अधिक आधुनिक इंटीरियर चाहते हैं।
भारतीय बाजार में नई 2026 Citroen eC3 X Electric लॉन्च हो चुकी है और इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 11.99 लाख रुपये रखी गई है। खास बात यह है कि नया मॉडल पिछले वर्जन की तुलना में लगभग 1.74 लाख रुपये सस्ता है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक कार को तीन वेरिएंट्स—Live, Live (O) और Shine—में पेश किया है। ऐसे में सवाल यह है कि किस वेरिएंट पर पैसा लगाना सबसे समझदारी भरा फैसला होगा। Live वेरिएंट: बजट खरीदारों के लिए 11.99 लाख रुपये की कीमत वाला बेस वेरिएंट रोजमर्रा की जरूरतों के हिसाब से जरूरी फीचर्स के साथ आता है। मुख्य फीचर्स: हैलोजन हेडलैंप 15-इंच स्टील व्हील रियर पार्किंग सेंसर रिमोट कीलेस एंट्री फैब्रिक सीट्स मैनुअल एसी डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर Eco और Power ड्राइव मोड 4 एयरबैग ABS और EBD यह वेरिएंट उन ग्राहकों के लिए सही है जो कम बजट में इलेक्ट्रिक कार खरीदना चाहते हैं और अतिरिक्त टेक्नोलॉजी फीचर्स को प्राथमिकता नहीं देते। Live (O): सबसे संतुलित विकल्प 12.39 लाख रुपये की कीमत वाला यह मिड वेरिएंट सिर्फ 40,000 रुपये अतिरिक्त खर्च में कई उपयोगी फीचर्स जोड़ता है। अतिरिक्त सुविधाएं: 9.8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto ब्लूटूथ कनेक्टिविटी 4-स्पीकर ऑडियो सिस्टम रिवर्स पार्किंग कैमरा लेदरेट सीट अपहोल्स्ट्री व्हील कवर आज के समय में टचस्क्रीन, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी और रिवर्स कैमरा जैसे फीचर्स काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसलिए कीमत और सुविधाओं के हिसाब से यह वेरिएंट सबसे बेहतर संतुलन प्रदान करता है। Shine वेरिएंट: प्रीमियम अनुभव चाहने वालों के लिए 13.26 लाख रुपये की कीमत वाला टॉप मॉडल ज्यादा प्रीमियम फीचर्स के साथ आता है। मुख्य फीचर्स: प्रोजेक्टर LED हेडलैंप LED DRLs और फ्रंट फॉग लैंप 15-इंच डायमंड-कट अलॉय व्हील वायरलेस चार्जर 10.2-इंच टचस्क्रीन My Citroen Connect टेक्नोलॉजी 7-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले हाइट एडजस्टेबल ड्राइवर सीट 6 एयरबैग सभी यात्रियों के लिए 3-पॉइंट सीटबेल्ट यदि आपका बजट अधिक है और आप प्रीमियम अनुभव चाहते हैं, तो Shine वेरिएंट अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। बैटरी, रेंज और चार्जिंग नई Citroen eC3 X में 29.2kWh बैटरी पैक दिया गया है। रेंज: 325 किमी (MIDC प्रमाणित) पावर: 57hp टॉर्क: 143Nm 0-60 किमी/घंटा: 6.8 सेकंड टॉप स्पीड: 107 किमी/घंटा चार्जिंग समय AC चार्जर: 10% से 100% तक लगभग 10 घंटे 30 मिनट DC फास्ट चार्जर: 10% से 80% तक केवल 57 मिनट कौन-सा वेरिएंट खरीदना चाहिए? अगर केवल बेसिक जरूरतें हैं तो Live वेरिएंट पर्याप्त है। वहीं ज्यादा फीचर्स और प्रीमियम अनुभव के लिए Shine उपयुक्त रहेगा। लेकिन कुल मिलाकर देखा जाए तो Live (O) वेरिएंट सबसे ज्यादा Value for Money साबित होता है। केवल 40 हजार रुपये अतिरिक्त देकर आपको आधुनिक इंफोटेनमेंट, वायरलेस कनेक्टिविटी, रिवर्स कैमरा और बेहतर इंटीरियर जैसे कई जरूरी फीचर्स मिल जाते हैं।