नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में पारिवारिक कारों को लेकर सोच तेजी से बदल रही है। पहले बड़ी गाड़ियों को केवल लंबे सफर या बड़े संयुक्त परिवारों से जोड़ा जाता था, लेकिन अब शहरी परिवार भी ऐसे वाहन चाहते हैं जो रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ वीकेंड ट्रिप्स को भी आसानी से संभाल सकें। इसी बदलती जरूरत का जवाब बनकर सामने आई है Kia Carens Clavis।
यह कार सिर्फ ज्यादा सीटों वाली गाड़ी नहीं, बल्कि आधुनिक परिवारों की नई प्राथमिकताओं स्पेस, आराम, सुरक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी का संतुलित पैकेज है। करीब 4,550 mm लंबाई और 2,780 mm व्हीलबेस के साथ यह केबिन के अंदर अच्छा-खासा लेगरूम देती है, जिससे दूसरी और तीसरी पंक्ति के यात्रियों को भी आराम मिलता है। खास बात यह है कि इसमें 6-सीटर और 7-सीटर दोनों कॉन्फ़िगरेशन मिलते हैं, जिससे खरीदार अपनी जरूरत के हिसाब से विकल्प चुन सकते हैं।
Carens Clavis की दूसरी पंक्ति में स्लाइड और रिक्लाइन फीचर दिया गया है, जबकि तीसरी पंक्ति की सीटें 50:50 स्प्लिट-फोल्डिंग हैं। इसका मतलब यह है कि जरूरत पड़ने पर परिवार अतिरिक्त यात्रियों के लिए जगह बना सकता है और कभी लगेज स्पेस भी बढ़ा सकता है। यही लचीलापन इसे शहरी परिवारों के लिए खास बनाता है।
हालांकि यह एक तीन-पंक्ति वाला वाहन है, लेकिन Kia ने इसे इस तरह डिजाइन किया है कि यह शहरों में भी आसानी से चलाई जा सके। सीमित पार्किंग स्पेस, ट्रैफिक और तंग गलियों के बीच इसकी ऊंची सीटिंग पोजिशन और बेहतर विजिबिलिटी ड्राइवर को आत्मविश्वास देती है।
Carens Clavis में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, रूफ-माउंटेड AC वेंट्स, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और तीसरी पंक्ति तक एयर वेंट्स जैसे फीचर्स मिलते हैं। साथ ही बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, कनेक्टेड कार फीचर्स और 360-डिग्री कैमरा इसे तकनीक के मामले में भी मजबूत बनाते हैं।
परिवारों के लिए सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता होती है, और Carens Clavis इस मोर्चे पर भी मजबूत नजर आती है। इसमें मल्टीपल एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और ADAS जैसे फीचर्स दिए गए हैं, जो न सिर्फ दुर्घटना के समय सुरक्षा देते हैं बल्कि संभावित खतरे को पहले से पहचानने में भी मदद करते हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) भारतीय पुलिस सेवा (IPS) भारतीय विदेश सेवा (IFS) भारतीय राजस्व सेवा (IRS) भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं 979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें 15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98 EWS: 85.92 OBC: 87.28 SC: 79.03 ST: 74.23 आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज
Suzuki Motorcycle India ने भारतीय बाजार में अपनी प्रीमियम 125cc स्कूटर Suzuki Burgman Street का अपडेटेड वर्जन लॉन्च कर दिया है। नया मॉडल डिजाइन में मामूली बदलावों के साथ आता है, लेकिन फीचर्स और कंवीनियंस के मामले में इसे महत्वपूर्ण रूप से अपग्रेड किया गया है। कीमत और वेरिएंट नई Burgman Street दो वेरिएंट में उपलब्ध है: Ride Connect वेरिएंट: ₹1.02 लाख (एक्स-शोरूम) Ride Connect TFT वेरिएंट: ₹1.13 लाख (एक्स-शोरूम) इंजन और परफॉर्मेंस स्कूटर में पहले की तरह 124cc का एयर-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो: 8.31 hp की पावर 10.2 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। यह इंजन Suzuki के SEP (Suzuki Eco Performance) प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसे बेहतर माइलेज और स्मूद राइडिंग के लिए जाना जाता है। डिजाइन और राइडिंग एक्सपीरियंस डिजाइन में सूक्ष्म बदलाव किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं: LED लाइटिंग सिस्टम स्मोक्ड विंडस्क्रीन प्रीमियम फिनिश इसके अलावा, हल्का फ्रेम, ट्यून सस्पेंशन और लंबा व्हीलबेस शहरी सड़कों पर बेहतर स्थिरता और कंफर्ट प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। फीचर्स और टेक्नोलॉजी इस अपडेट का सबसे बड़ा आकर्षण इसके नए फीचर्स हैं: 4.2-इंच कलर TFT डिस्प्ले की-लेस इग्निशन सिस्टम 24.6 लीटर अंडरसीट स्टोरेज USB चार्जिंग पोर्ट फ्रंट स्टोरेज और डुअल यूटिलिटी हुक सुरक्षा के लिहाज से इसमें: कम्बाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) साइड-स्टैंड इंटरलॉक वॉटरप्रूफ स्विच जैसे फीचर्स दिए गए हैं। सेगमेंट में पोजिशनिंग नए TFT डिस्प्ले और की-लेस टेक्नोलॉजी के साथ Burgman Street अब 125cc सेगमेंट में एक अधिक प्रीमियम विकल्प के रूप में उभरता है। यह मॉडल उन ग्राहकों को लक्षित करता है, जो स्टाइल, कंफर्ट और आधुनिक फीचर्स का संतुलन चाहते हैं। निष्कर्ष Suzuki ने इस अपडेट के जरिए मैकेनिकल बदलावों के बजाय फीचर अपग्रेड पर ध्यान दिया है। नई Burgman Street शहरी उपयोगकर्ताओं के लिए एक प्रैक्टिकल और फीचर-लोडेड विकल्प के रूप में अपनी पकड़ मजबूत कर सकती है।
भारतीय टू-व्हीलर बाजार में TVS Apache RTR 160 4V का 2026 मॉडल लॉन्च हो गया है। TVS Motor Company ने इस अपडेटेड वर्जन में डिजाइन और फीचर्स को बड़ा अपग्रेड दिया है, जिससे यह 160cc सेगमेंट में और भी मजबूत दावेदार बनकर उभरी है। फीचर्स में बड़ा अपग्रेड नई Apache RTR 160 4V के कई वेरिएंट्स में अब प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं, जो पहले केवल टॉप मॉडल तक सीमित थे। क्लास-D प्रोजेक्टर हेडलैंप के साथ LED DRLs फुल LED लाइटिंग सेटअप असिस्ट और स्लिपर क्लच (स्मूद डाउनशिफ्टिंग के लिए) ये अपडेट्स राइडिंग एक्सपीरियंस को ज्यादा आरामदायक और सेफ बनाते हैं। टॉप वेरिएंट में एडवांस टेक्नोलॉजी टॉप वेरिएंट में पहले की तरह हाई-एंड फीचर्स मौजूद हैं: USD फ्रंट फोर्क्स TFT डिजिटल डिस्प्ले ट्रैक्शन कंट्रोल अब इनमें से कुछ फीचर्स को निचले वेरिएंट्स में भी शामिल किया गया है, जिससे यह बाइक ज्यादा वैल्यू-फॉर-मनी बनती है। इंजन और परफॉर्मेंस नई Apache RTR 160 4V में 160cc का इंजन दिया गया है, जो 17.55 bhp की पावर जनरेट करता है। इसमें तीन राइडिंग मोड्स-Sport, Urban और Rain-दिए गए हैं, जिससे अलग-अलग रोड कंडीशन्स में बेहतर कंट्रोल मिलता है। स्मार्ट और प्रैक्टिकल फीचर्स TVS SmartXonnect (नेविगेशन और कॉल अलर्ट) रेडियल टायर्स (बेहतर ग्रिप के लिए) हाइड्रोफॉर्म्ड हैंडलबार (बेहतर हैंडलिंग) कीमत और उपलब्धता 2026 Apache RTR 160 4V की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹1,25,440 रखी गई है। यह बाइक देशभर में डीलरशिप्स पर उपलब्ध है। क्यों है यह अपडेट खास? इस अपडेट के साथ Apache RTR 160 4V अब न केवल ज्यादा फीचर-लोडेड हो गई है, बल्कि अपने सेगमेंट में बेहतर टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस का संतुलन भी पेश करती है। यह युवाओं और डेली राइडर्स दोनों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती है।
ऑटो सेक्टर में एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जहां जापानी ऑटो दिग्गज Toyota ने अपनी प्रतिष्ठित Land Cruiser सीरीज का सबसे कॉम्पैक्ट मॉडल पेश कर दिया है। नई Land Cruiser FJ को थाईलैंड में लॉन्च किया गया है, और यह अपने बोल्ड डिजाइन, मजबूत ऑफ-रोडिंग क्षमता और आधुनिक फीचर्स के साथ SUV सेगमेंट में नई हलचल पैदा कर रही है। हालांकि भारतीय ग्राहकों को इस SUV के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा, क्योंकि कंपनी ने साफ किया है कि भारत में इसका लोकल प्रोडक्शन 2028 से शुरू होगा। डिजाइन: छोटा पैकेज, बड़ा दम Land Cruiser FJ का डिजाइन इसकी पहचान को पूरी तरह बरकरार रखता है। इसमें बॉक्सी और मस्कुलर लुक दिया गया है, जो इसे एक असली ऑफ-रोडर का रूप देता है। LED प्रोजेक्टर हेडलैम्प बॉडी क्लैडिंग और रनिंग बोर्ड टेलगेट पर स्पेयर व्हील 18-इंच के बड़े अलॉय व्हील इसका 245 mm का ग्राउंड क्लीयरेंस इसे खराब रास्तों पर भी बेहतरीन परफॉर्मेंस देने में सक्षम बनाता है। इंजन और परफॉर्मेंस इस SUV में 2.7-लीटर पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 166 PS की पावर और 245 Nm टॉर्क जनरेट करता है। 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स पार्ट-टाइम 4WD सिस्टम रियर डिफरेंशियल लॉक ये सभी फीचर्स इसे ऑफ-रोडिंग के लिए एक मजबूत विकल्प बनाते हैं। फीचर्स: टेक्नोलॉजी से भरपूर Toyota ने इस कॉम्पैक्ट SUV में प्रीमियम फीचर्स देने में कोई कमी नहीं छोड़ी है: 12.3-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट 7-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल क्रूज कंट्रोल PM 2.5 एयर फिल्टर सेफ्टी: एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ सेफ्टी के मामले में भी Land Cruiser FJ काफी मजबूत है: 7 एयरबैग 360-डिग्री कैमरा ट्रैक्शन और स्टेबिलिटी कंट्रोल हिल स्टार्ट असिस्ट ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) कीमत और भारत में लॉन्च थाईलैंड में इस SUV की कीमत लगभग ₹36.5 लाख रखी गई है और यह फिलहाल एक ही फुली-लोडेड वेरिएंट में उपलब्ध है। भारत में इसका प्रोडक्शन 2028 में शुरू होगा, जिसके बाद इसकी कीमत भारतीय बाजार के हिसाब से तय की जाएगी।