एंटरटेनमेंट

Krishnavataram Part 1 Slows Down After Weekend Growth

Krishnavataram Part 1 Box Office: पहले सोमवार फिल्म की रफ्तार धीमी, अब बेहतर पकड़ की जरूरत

surbhi मई 12, 2026 0
Poster of Krishnavataram Part 1 The Heart featuring Siddharth Gupta in a mythological fantasy drama scene
Krishnavataram Part 1 Box Office Collection

Krishnavataram Part 1: The Heart बॉक्स ऑफिस पर शुरुआती दिनों में ठीक-ठाक प्रदर्शन करती नजर आ रही है, लेकिन पहले सोमवार की कमाई ने फिल्म के आगे के सफर को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Siddharth Gupta और Sanskruti Jayana स्टारर इस माइथोलॉजिकल फैंटेसी ड्रामा ने अपने पहले सोमवार को करीब 1 से 1.10 करोड़ रुपये की नेट कमाई की। सामान्य तौर पर यह कलेक्शन ठीक माना जा सकता है, लेकिन जिस तरह की ग्रोथ फिल्म को चाहिए थी, उसके मुकाबले यह थोड़ा कमजोर माना जा रहा है।

सोमवार को नहीं बनी वीकेंड जैसी पकड़

फिल्म ने शनिवार और रविवार को अच्छी बढ़त दिखाई थी। खासकर रविवार को फिल्म ने 3.25 करोड़ रुपये की कमाई कर उम्मीदें बढ़ा दी थीं। हालांकि सोमवार को कलेक्शन फिर से शुक्रवार के स्तर के करीब पहुंच गया, जिससे संकेत मिला कि फिल्म को दर्शकों से स्थिर सपोर्ट अभी नहीं मिल पा रहा।

Krishnavataram Part 1: The Heart का हिंदी बॉक्स ऑफिस पर कुल नेट कलेक्शन अब 7.75 करोड़ रुपये पहुंच गया है। वहीं तेलुगु और तमिल डब वर्जन से फिल्म ने लगभग 65 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई की है।

पहले हफ्ते में 10 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद

ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म पहले हफ्ते के अंत तक हिंदी में करीब 10 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू सकती है।

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि फिल्म में कोई बड़ा स्टार नहीं है और इसे हिंदी बेल्ट में सिर्फ 700 स्क्रीन पर रिलीज किया गया है। ऐसे में इसकी अब तक की कमाई को पूरी तरह कमजोर नहीं माना जा रहा।

Mahavatar Narsimha से हो रही तुलना

पिछले साल रिलीज हुई Mahavatar Narsimha का उदाहरण भी लगातार दिया जा रहा है। भगवान विष्णु के अवतारों पर आधारित इस एनिमेटेड फिल्म ने शुरुआत में धीमी कमाई की थी, लेकिन बाद में जबरदस्त ग्रोथ दिखाते हुए हिंदी में करीब 170 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था।

इसी तरह Laalo: Krishna Sada Sahayate ने भी शुरुआती हफ्तों में खास प्रदर्शन नहीं किया था, लेकिन बाद में अचानक तेजी पकड़ ली थी।

इसी वजह से ट्रेड एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि Krishnavataram Part 1: The Heart के लिए अभी उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं।

दूसरे हफ्ते में असली परीक्षा

अब फिल्म के लिए सबसे जरूरी होगा कि वीकडेज में इसकी कमाई शनिवार के स्तर के करीब बनी रहे और दूसरे हफ्ते में स्क्रीन काउंट और दर्शकों का सपोर्ट बढ़े। माइथोलॉजिकल फिल्मों का ट्रेंड कई बार धीरे-धीरे मजबूत होता है, इसलिए आने वाले दिन फिल्म के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं।

Krishnavataram Part 1 Hindi Box Office Collection

दिन

नेट कलेक्शन

प्रीव्यू

₹0.40 करोड़

शुक्रवार

₹1.00 करोड़

शनिवार

₹2.10 करोड़

रविवार

₹3.25 करोड़

सोमवार

₹1.00 करोड़ (अनुमानित)

कुल

₹7.75 करोड़

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

एंटरटेनमेंट

View more
Sunil Shetty Akshay Kumar
सुनील शेट्टी ने तोड़ी राइवलरी की अफवाह, बोले- अक्षय कुमार से कभी नहीं रही दुश्मनी

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने लंबे समय से चली आ रही अक्षय कुमार के साथ राइवलरी की चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। उन्होंने साफ कहा कि फिल्मों में दोनों के बीच टकराव जरूर दिखाया गया, लेकिन असल जिंदगी में उनके रिश्ते हमेशा दोस्ती और सम्मान से भरे रहे हैं। दोनों कलाकार एक बार फिर आगामी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में साथ नजर आने वाले हैं।   'फिल्मों में टकराव, असल जिंदगी में दोस्ती' एक इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने कहा कि दर्शकों ने अक्सर उन्हें और अक्षय कुमार को फिल्मों में आमने-सामने देखा, लेकिन यह सिर्फ कहानी का हिस्सा था। उन्होंने बताया कि हिंदी फिल्मों में पहले नायकों के बीच टकराव दिखाया जाता है और बाद में दोस्ती के जरिए कहानी को आगे बढ़ाया जाता है। यही वजह है कि उनकी कई फिल्मों में भी ऐसा ही देखने को मिला।   सुनील ने कहा कि ‘मोहरा’, ‘धड़कन’ और ‘वक्त हमारा है’ जैसी फिल्मों में दोनों के किरदारों के बीच शुरुआत में मतभेद होते थे, लेकिन अंत में दोस्ती की जीत होती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविक जीवन में उनके और अक्षय के बीच कभी किसी तरह की प्रतिद्वंद्विता नहीं रही।   'वेलकम टू द जंगल' में फिर दिखेगी मजेदार नोकझोंक सुनील शेट्टी ने बताया कि ‘वेलकम टू द जंगल’ में भी दोनों कलाकारों के बीच हल्की-फुल्की नोकझोंक और मजेदार टकराव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि फिल्म में दोनों एक-दूसरे की टांग खींचते नजर आएंगे, जो दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेगा।   अक्षय की मेहनत और फिटनेस की तारीफ इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने अक्षय कुमार की जमकर तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि वह अक्षय की मेहनत, अनुशासन, फिटनेस और अपने करियर को संभालने के तरीके का बेहद सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने अक्षय की शानदार कॉमिक टाइमिंग को भी उनकी बड़ी ताकत बताया। वहीं, फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ को लेकर अक्षय कुमार ने भी संकेत दिया कि यदि फ्रेंचाइजी का अगला भाग बनता है तो पुराने कलाकारों की वापसी संभव है। उन्होंने कहा कि ‘वेलकम’ एक परिवार की तरह है और भविष्य में सभी पुराने चेहरे फिर से एक साथ दिखाई दे सकते हैं।

abhishek singh जून 27, 2026 0
Bollywood news

रणबीर कपूर संग फिल्म की अफवाहों पर राजकुमार हिरानी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- 'फिलहाल ऐसा कोई प्रोजेक्ट नहीं'

Welcome To The Jungle

'Welcome To The Jungle' की धमाकेदार ओपनिंग, पहले दिन ही ₹29 करोड़ के पार

Avantika Sundar

खुशबू सुंदर की बेटी अवंतिका शादी के बंधन में बंधीं, सितारों से सजा ग्रैंड वेडिंग समारोह

Welcome TO The Jungle
'वेलकम टू द जंगल' ने सिनेमाघरों में दी दस्तक, पहले ही दिन मिला दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' आज शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई। शुरुआती दर्शकों की प्रतिक्रियाओं में फिल्म की कॉमेडी, बड़े स्टारकास्ट और मनोरंजक अंदाज की जमकर तारीफ की जा रही है।   पहले दिन दर्शकों से मिला सकारात्मक रिस्पॉन्स   फिल्म देखने के बाद कई दर्शकों ने सोशल मीडिया पर इसे फुल फैमिली एंटरटेनर बताया। खास तौर पर कॉमिक सीक्वेंस, एक्शन और कलाकारों की टाइमिंग को पसंद किया जा रहा है। हालांकि कुछ दर्शकों का मानना है कि फिल्म की कहानी साधारण है, लेकिन मनोरंजन के मामले में यह उम्मीदों पर खरी उतरती है।   मल्टीस्टारर फिल्म ने बढ़ाई उत्सुकता   इस फिल्म में Akshay Kumar, Suniel Shetty, Arshad Warsi, Paresh Rawal, Johnny Lever, Tusshar Kapoor समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। बड़े स्टारकास्ट की वजह से फिल्म रिलीज होने से पहले ही काफी चर्चा में थी।   एडवांस बुकिंग से मिले थे अच्छे संकेत   रिलीज से पहले फिल्म की एडवांस बुकिंग भी अच्छी रही थी। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि वीकेंड में दर्शकों का यही उत्साह बना रहा तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत दर्ज कर सकती है।   वीकेंड कलेक्शन पर रहेगी नजर   अब फिल्म के पहले वीकेंड के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर सभी की नजर है। ट्रेड विश्लेषकों का कहना है कि सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ मिलने पर फिल्म शुरुआती दिनों में अच्छी कमाई कर सकती है।

abhishek singh जून 26, 2026 0
Shreya Ghoshal Day

हर साल 26 जून को क्यों मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल डे'? जानिए वजह

Bharat Bhagya Vidhata

कंगना  की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ पर बढ़ा विवाद, नर्सों के कथित अपमानजनक चित्रण की होगी समीक्षा

Veteran playback singer Alka Yagnik receiving Padma Bhushan award at presidential ceremony amid health concerns

पद्म भूषण सम्मान के बीच अलका याग्निक की सेहत ने बढ़ाई चिंता, शान का भावुक संदेश बोला- 'आप हमारा गर्व हैं'

Priyanka Chopra Jonas speaking about her Hollywood journey and future career ambitions
प्रियंका चोपड़ा का बड़ा खुलासा: ‘हॉलीवुड में अभी मेरा सर्वश्रेष्ठ काम आना बाकी है’, बताया क्यों शुरू किया अपना प्रोडक्शन हाउस

मुंबई: बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री Priyanka Chopra Jonas ने हाल ही में अपने करियर, हॉलीवुड में संघर्ष और फिल्म निर्माण को लेकर खुलकर बातचीत की। उन्होंने स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के बावजूद उनका मानना है कि हॉलीवुड में उनका काम अभी भी भारतीय सिनेमा में किए गए काम की तुलना में फीका पड़ता है। कान्स लायंस सम्मेलन में बातचीत के दौरान प्रियंका ने कहा कि हिंदी सिनेमा में उन्हें विविध किरदार, बेहतरीन निर्देशक और यादगार कहानियों पर काम करने का अवसर मिला, जबकि हॉलीवुड में वह अभी उस स्तर तक नहीं पहुंची हैं, जहां वह अपने करियर को देखना चाहती हैं। बॉलीवुड में मिला ज्यादा रचनात्मक संतोष प्रियंका चोपड़ा ने कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उन्होंने कई शानदार फिल्मकारों और कलाकारों के साथ काम किया है। उन्होंने अलग-अलग शैलियों की फिल्मों में अभिनय किया और ऐसी कहानियों का हिस्सा बनीं, जिन्होंने उन्हें एक कलाकार के रूप में विकसित किया। उनका मानना है कि अंग्रेजी भाषा के सिनेमा में उनका सबसे बड़ा और प्रभावशाली काम अभी आना बाकी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हॉलीवुड में अब तक उन्हें उतनी विविधता और अवसर नहीं मिले हैं, जितने भारतीय सिनेमा में मिले थे। हॉलीवुड में शुरुआत आसान नहीं थी प्रियंका ने अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए बताया कि वह किसी फिल्मी परिवार से नहीं आती थीं। उनके माता-पिता डॉक्टर थे और परिवार में किसी को भी फिल्म इंडस्ट्री के कामकाज की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने करियर की शुरुआत की थी, तब मनोरंजन उद्योग में प्रवेश करना बेहद कठिन था। उस समय अवसर सीमित थे और इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए सही संपर्कों का होना महत्वपूर्ण माना जाता था। बदल चुका है मनोरंजन उद्योग प्रियंका का मानना है कि आज के दौर में प्रतिभाशाली लोगों के लिए अवसरों के नए दरवाजे खुल गए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया ने नए कलाकारों और फिल्मकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच दिया है। उनके अनुसार, अगर किसी के पास एक अच्छा विचार है तो वह उसे दुनिया के सामने ला सकता है। आज कंटेंट और रचनात्मकता ही सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं। क्यों शुरू किया अपना प्रोडक्शन हाउस? प्रियंका चोपड़ा ने बताया कि उन्होंने अपना प्रोडक्शन हाउस इसलिए शुरू किया ताकि नए और प्रतिभाशाली फिल्मकारों को अवसर मिल सके। उनका उद्देश्य उन लोगों की मदद करना है जिनके पास शानदार कहानियां और रचनात्मक सोच तो है, लेकिन उन्हें इंडस्ट्री तक पहुंचने के लिए जरूरी संसाधन या नेटवर्क उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह ऐसे रचनात्मक लोगों को मंच देना चाहती हैं, जिनकी आवाज़ और कहानियां दुनिया तक पहुंचनी चाहिए। भारतीय सिनेमा को लेकर बदली सोच प्रियंका ने यह भी याद किया कि करियर के शुरुआती दौर में उन्हें अक्सर कहा जाता था कि भारतीय सिनेमा कभी हॉलीवुड जितना वैश्विक प्रभाव नहीं बना पाएगा क्योंकि भारतीय फिल्में अंग्रेजी भाषा में नहीं होतीं। हालांकि, आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल क्रांति ने भारतीय कंटेंट को दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचा दिया है। अब लोग भाषा की सीमाओं से आगे बढ़कर अच्छी कहानियों को स्वीकार कर रहे हैं। मां बनने के बाद बदली प्राथमिकताएं प्रियंका ने अपने निजी जीवन पर भी बात की और बताया कि मां बनने के बाद उनकी प्राथमिकताएं काफी बदल गई हैं। अब वह पहले की तरह लगातार यात्रा या कई प्रोजेक्ट्स एक साथ नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि अब वह अपने समय, काम और परिवार के बीच संतुलन बनाने को ज्यादा महत्व देती हैं। साथ ही, मां बनने के बाद उन्हें अपनी मां के संघर्ष और त्याग की अहमियत पहले से कहीं अधिक समझ में आई है। ग्लोबल स्टार होने के बावजूद सीखने की भूख बरकरार हालांकि प्रियंका आज दुनिया की सबसे चर्चित भारतीय अभिनेत्रियों में से एक हैं, लेकिन उनकी बातों से यह साफ झलकता है कि वह अभी भी अपने करियर के अगले बड़े अध्याय का इंतजार कर रही हैं। उनका मानना है कि एक कलाकार के तौर पर उनकी यात्रा अभी अधूरी है और आने वाले वर्षों में दर्शकों को उनका सर्वश्रेष्ठ काम देखने को मिल सकता है।  

surbhi जून 25, 2026 0
Actress Samantha Ruth Prabhu shares maternity break plans amid pregnancy speculation

शादी के 6 महीने बाद मां बनने वाली हैं सामंथा रुथ प्रभु? प्रेग्नेंसी की खबरों पर अभिनेत्री ने तोड़ी चुप्पी, लेंगी मैटरनिटी ब्रेक

Trisha Krishnan shares a special birthday photo with Thalapathy Vijay, creating a buzz among fans online.

एक रोमांटिक फोटो और इंटरनेट पर मची हलचल, विजय के साथ त्रिशा कृष्णन का स्पेशल मोमेंट हुआ वायरल

Actor Prakash Raj faces legal trouble after a Bengaluru court issues a third non-bailable warrant.

Prakash Raj के खिलाफ तीसरा गैर-जमानती वारंट जारी, कई राज्यों की मतदाता सूची में नाम होने का मामला

0 Comments

Top week

झारखंड

वरिष्ठ संपादक एवं प्रतिष्ठित पत्रकार दीपेश कुमार का हृदयाघात से निधन

anjali kumari जून 24, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?