एंटरटेनमेंट

Kher Hits Back on Dhurandhar 2 Row

‘RIP कहो जो इसे प्रोपेगेंडा बताते हैं’ - Dhurandhar 2 विवाद पर Anupam Kher का करारा जवाब

surbhi मार्च 31, 2026 0
Anupam Kher reacting strongly to Dhurandhar 2 controversy at film festival event in Delhi
Anupam Kher on Dhurandhar 2 Controversy

फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ (Dhurandhar 2) को लेकर चल रहे विवाद के बीच दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने आलोचकों पर तीखा पलटवार किया है। फिल्म को ‘प्रोपेगेंडा’ बताने वालों को लेकर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे लोगों को इग्नोर करना ही बेहतर है।

क्या है पूरा मामला?

रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ एक तरफ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसके कुछ सीन को लेकर इसे ‘पॉलिटिकल प्रोपेगेंडा’ बता रहे हैं।

हाल ही में ‘सैयारा’ एक्ट्रेस अनीत पड्डा की बहन ने भी फिल्म पर निशाना साधते हुए इसे प्रोपेगेंडा बताया था। इसके साथ ही उन्होंने ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर भी टिप्पणी की थी।

‘लोग मूर्ख नहीं हैं’ - अनुपम खेर

दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 में अनुपम खेर ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा-
“हमें उन लोगों को इग्नोर करना चाहिए, जो सिनेमा को प्रोपेगेंडा बताते हैं। हम उनकी बकवास बातों में अपनी एनर्जी वेस्ट करते हैं।”

आगे उन्होंने दर्शकों का जिक्र करते हुए कहा-
“लोग मूर्ख नहीं हैं। अगर रात 12 बजे भी शो हाउसफुल जा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि लोगों को फिल्म पसंद आ रही है।”

यहीं नहीं, उन्होंने तंज कसते हुए कहा-
“जो लोग इसे प्रोपेगेंडा कह रहे हैं, उन्हें ‘रेस्ट इन पीस’ (RIP) कहना चाहिए।”

‘सिनेमा एक बिजनेस भी है’

अनुपम खेर ने सिनेमा के प्रभाव पर बात करते हुए कहा कि:

  • सिनेमा लोगों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह हर दर्शक पर निर्भर करता है
  • फिल्म इंडस्ट्री भी एक बिजनेस है
  • अच्छी फिल्म हमेशा दर्शकों को कुछ न कुछ सीख या अनुभव देकर जाती है

अपनी फिल्म ‘Tanvi The Great’ पर भी बोले

अनुपम खेर ने अपनी फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ का जिक्र करते हुए बताया कि:

  • फिल्म को रिलीज हुए 25 हफ्ते पूरे हो चुके हैं
  • यह फिल्म अब सिल्वर जुबली मना रही है
  • लिमिटेड रिलीज के बावजूद फिल्म का इतना लंबा चलना एक बड़ी उपलब्धि है
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

एंटरटेनमेंट

View more
Salman Khan
सलमान खान ने 'मातृभूमि' से अपना दमदार नया लुक किया जारी, सोशल मीडिया पर फैंस ने की जमकर तारीफ

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अपनी आगामी फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' से अपना नया लुक सोशल मीडिया पर साझा किया है। बारिश के बीच हरे-भरे प्राकृतिक माहौल में खिंचवाई गई तस्वीरों में सलमान ब्लैक बनियान, रिप्ड जींस और काउबॉय हैट में बेहद दमदार अंदाज में नजर आए। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में सिर्फ "MAATRUBHUMI" लिखा, जिसने फिल्म को लेकर प्रशंसकों की उत्सुकता और बढ़ा दी।   रग्ड लुक ने जीता फैंस का दिल   सलमान के नए लुक में उनका फिट फिजीक और रग्ड अवतार चर्चा का विषय बन गया। पोस्ट शेयर होते ही लाखों लाइक्स और हजारों कमेंट्स आए। फैंस ने उन्हें "ब्लॉकबस्टर लुक", "बॉलीवुड का असली टाइगर" और "ईद से पहले बड़ा धमाका" जैसे कमेंट्स के साथ सराहा। कई प्रशंसकों ने फिल्म की रिलीज डेट का भी अपडेट मांगा।   रिलीज डेट का इंतजार   'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं, जबकि फिल्म का निर्माण सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले किया गया है। फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में नजर आएंगी। हालांकि, निर्माताओं ने अभी तक नई रिलीज डेट की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

abhishek singh जुलाई 8, 2026 0
Emraan Hashmi Disha Patani

'आवारापन 2' का पहला गाना 'जुनून' रिलीज, इमरान हाशमी के अंदाज ने जीता फैंस का दिल

Diljit Dosanjh B.N.Tiwari

'सतलुज' विवाद पर FWICE अध्यक्ष का दिलजीत पर निशाना, बोले- विवादित फिल्में क्यों चुनते हैं?

Anshula Kapoor Wedding

अंशुला कपूर-रोहन ठक्कर ने लिए सात फेरे, भावुक पलों के बीच नई जिंदगी की शुरुआत

Taylor Swift and Travis Kelce spark wedding rumors amid viral ceremony schedule reports.
क्या टेलर स्विफ्ट और ट्रैविस केल्से करने जा रहे हैं शादी? वायरल हुई 10 घंटे के वेडिंग शेड्यूल की रिपोर्ट

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है कथित शादी की डिटेल्स Taylor Swift और Travis Kelce की शादी को लेकर सोशल मीडिया पर एक रिपोर्ट तेजी से वायरल हो रही है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों जल्द ही शादी करने वाले हैं और इसके लिए 10 घंटे लंबा समारोह आयोजित किया जाएगा। हालांकि, इस खबर की आधिकारिक पुष्टि टेलर स्विफ्ट, ट्रैविस केल्से या उनकी टीम की ओर से नहीं की गई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल मीडिया रिपोर्ट और अटकलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। रिपोर्ट में क्या दावा किया गया है? रिपोर्ट के मुताबिक, शादी का आयोजन Madison Square Garden में होने का दावा किया गया है। बताया गया है कि शादी से पहले करीब 100 मेहमानों के लिए रिहर्सल डिनर रखा जाएगा। इसके बाद शादी वाले दिन मेहमानों का स्वागत, कॉकटेल सेशन, मुख्य विवाह समारोह और रिसेप्शन का आयोजन होगा। रिपोर्ट के अनुसार, पूरा कार्यक्रम लगभग 10 घंटे तक चल सकता है और इसमें 1,000 से अधिक मेहमान शामिल हो सकते हैं। महल जैसा सेट तैयार करने का भी दावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि समारोह के लिए वेन्यू के अंदर महल जैसा एक बड़ा सेट तैयार किया जा रहा है। साथ ही, आसपास की कुछ सड़कों को अस्थायी रूप से बंद करने और आयोजन स्थल के बाहर एक बड़ा टेंट लगाने की भी बात कही गई है। हालांकि, इन दावों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। कौन-कौन हो सकते हैं मेहमान? रिपोर्ट के अनुसार, शादी में कई हॉलीवुड सितारों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। इनमें Selena Gomez, Ed Sheeran, Gigi Hadid, Zoë Kravitz, Karlie Kloss और Suki Waterhouse जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि Stevie Nicks और Tim McGraw समारोह में प्रस्तुति दे सकते हैं। आधिकारिक घोषणा का इंतजार फिलहाल टेलर स्विफ्ट और ट्रैविस केल्से की शादी को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में वायरल हो रही शादी की तारीख, वेन्यू और कार्यक्रम से जुड़ी सभी जानकारियों को पुष्टि होने तक केवल रिपोर्ट और अटकलों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।  

surbhi जुलाई 7, 2026 0
Poster collage featuring Moana, Evil Dead Burn and top Hollywood movies and OTT releases of the week.

इस हफ्ते रिलीज़ होंगी हॉलीवुड की 8 बड़ी फिल्में और OTT शोज़, 'Moana' से लेकर 'Evil Dead Burn' तक देखें पूरी लिस्ट

Shilpa Shinde and Sunita Ahuja engage in a heated argument during Lock Upp 2 reality show episode.

Lock Upp 2 में छिड़ा बड़ा विवाद: शिल्पा शिंदे के सवाल पर भड़कीं सुनीता आहूजा, बोलीं- ‘जब तुम पर गुजरेगा तब समझोगी’

Vivek Oberoi Revelation

विवेक ओबेरॉय का बड़ा खुलासा, बोले– मुश्किल दौर में अक्षय कुमार ने दिया था सबसे बड़ा साथ

Kriti Sanon Egg Freezing
कृति सेनन का बड़ा खुलासा, 'मिमी' की तैयारी के दौरान एग फ्रीज करवाने का लिया था फैसला

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन ने पहली बार अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा बड़ा खुलासा किया है। कृति ने बताया कि उन्होंने फिल्म 'मिमी' की तैयारी के दौरान अपने एग फ्रीज करवाने का फैसला लिया था। उनका कहना है कि वह शादी या मातृत्व को किसी सामाजिक दबाव या "बायोलॉजिकल क्लॉक" के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी इच्छा और सही समय पर चुनना चाहती हैं।   'मिमी' की तैयारी के दौरान लिया फैसला   कृति ने बताया कि 'मिमी' के लिए उन्हें वजन बढ़ाना था और उसी दौरान उन्होंने एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया पूरी कराई। उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया के दौरान शरीर में सूजन और हार्मोनल बदलाव आते हैं, इसलिए उन्हें लगा कि यह इसके लिए सबसे उपयुक्त समय है।   'यह मेरे लिए सबसे बड़ा तोहफा था'   कृति सेनन ने कहा कि एग फ्रीजिंग का फैसला आसान नहीं था, लेकिन यह उनके जीवन के सबसे अच्छे फैसलों में से एक है। उन्होंने कहा कि वह खुद को भविष्य के लिए एक विकल्प देना चाहती थीं, ताकि शादी और परिवार शुरू करने का निर्णय पूरी तरह उनकी इच्छा पर आधारित हो।   महिलाओं को दिया अपना फैसला खुद लेने का संदेश   अभिनेत्री ने कहा कि हर महिला को अपनी जिंदगी के बड़े फैसले खुद लेने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने माना कि यह प्रक्रिया महंगी है और हर किसी के लिए संभव नहीं होती, लेकिन यदि अवसर मिले तो महिलाओं को अपने भविष्य के बारे में स्वतंत्र रूप से सोचने का अधिकार होना चाहिए।

anjali kumari जुलाई 7, 2026 0
Ranveer Singh birthday

41 के हुए अभिनेता रणवीर सिंह

Karan Johar Alia Bhatt

'Alpha' की सफलता पर करन जौहर ने आलिया भट्ट की तारीफ की, बोले- उनकी स्टार पावर पर कोई सवाल नहीं

Aamir Khan Gauri Sprat

आमिर खान आज गौरी स्प्रैट संग शादी के बंधन में बंधेंगे, मुंबई स्थित घर में होगा निजी समारोह

0 Comments

Top week

Bihar Assistant Professor
जॉब्स

बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के नियम बदले, जानिए कब जरूरी होगा NET ?

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?