भारत की पारंपरिक टेक्सटाइल कला दुनिया भर में अपनी पहचान रखती है। बनारसी और कांजीवरम साड़ियों की तरह ही एक और खूबसूरत लेकिन कम चर्चित कला है-ललितपुर जरी सिल्क साड़ी। बुंदेलखंड क्षेत्र की यह खास साड़ी अपनी बारीक कारीगरी और शाही लुक के लिए जानी जाती है।
विरासत से जुड़ी बुनाई की परंपरा
ललितपुर, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा के पास स्थित है, अपने ऐतिहासिक धरोहर और हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है। यहां के बुनकर परिवार पीढ़ियों से इस कला को संजोकर आगे बढ़ा रहे हैं।
इस बुनाई की तकनीक घर-घर में सिखाई जाती है, जिससे इसकी पारंपरिक पहचान आज भी बरकरार है।
जरी और सिल्क का शानदार मेल
ललितपुर की साड़ियों की सबसे बड़ी खासियत है:
यह कॉम्बिनेशन साड़ी को देता है रॉयल और एलिगेंट लुक, जो खास मौकों के लिए परफेक्ट माना जाता है।
डिजाइन में झलकती है संस्कृति
इन साड़ियों पर बने डिजाइन किसी आम पैटर्न से नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपरा से प्रेरित होते हैं:
रंगों में अक्सर सुनहरा और चांदी जैसा टोन इस्तेमाल किया जाता है, जिससे जरी की चमक और निखरकर सामने आती है।
क्यों है खास?
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
गर्मियों का मौसम आते ही पसीना, धूल, सनस्क्रीन और उमस त्वचा को चिपचिपा और बेजान महसूस कराने लगते हैं। ऐसे में सिर्फ खुशबूदार बॉडी वॉश काफी नहीं होता, बल्कि ऐसा बॉडी क्लींजर जरूरी होता है जो त्वचा को अच्छी तरह साफ करे, लेकिन उसकी नमी भी बरकरार रखे। स्किन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही बॉडी क्लींजर त्वचा को फ्रेश, हाइड्रेटेड और हेल्दी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इस गर्मी के मौसम के लिए ऐसे बॉडी क्लींजर ट्रेंड में हैं जो अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। कुछ स्किन को कूलिंग फील देते हैं, कुछ बॉडी एक्ने और ऑयलीनेस को कंट्रोल करते हैं, जबकि कुछ स्किन बैरियर को मजबूत रखने में मदद करते हैं। गर्मियों के लिए 9 बेहतरीन बॉडी क्लींजर 1. Lush Dirty Springwash Shower Gel अगर सुबह का शॉवर आपको इंस्टेंट फ्रेशनेस देना चाहिए, तो यह बॉडी वॉश आपके लिए है। Spearmint oil, menthol crystals और thyme oil से बना यह क्लींजर स्किन को ठंडक और एनर्जी देने का काम करता है। वर्कआउट के बाद या बेहद गर्म दिनों के लिए यह बेहतरीन विकल्प माना जा रहा है। 2. L'Occitane en Provence Verveine Agrumes Perfumed Shower Gel Citrus फ्रेगरेंस पसंद करने वालों के लिए यह शानदार विकल्प है। इसमें mandarin, bergamot और orange extracts शामिल हैं जो त्वचा को हल्की खुशबू और ताजगी देते हैं। इसकी खुशबू काफी एलिगेंट और रिफ्रेशिंग मानी जाती है। 3. The Body Shop White Tea & Elderflower Bath & Shower Gel यह बॉडी क्लींजर हल्की फ्लोरल खुशबू के साथ स्किन को क्लीन और सॉफ्ट महसूस कराता है। इसमें aloe vera और white tea जैसे इंग्रेडिएंट्स हैं जो त्वचा को ड्राय होने से बचाते हैं। 4. Justhuman Revitalizing Body Wash अगर गर्मियों में स्किन पर पिंपल्स, क्लॉग्ड पोर्स या डलनेस की समस्या बढ़ जाती है, तो यह बॉडी वॉश मददगार हो सकता है। इसमें salicylic acid, lemon balm और holy basil जैसे तत्व मौजूद हैं जो स्किन को एक्सफोलिएट और शांत करने में मदद करते हैं। 5. Shankara Nourishing Body Wash Oudh & Neem Ayurvedic इंग्रेडिएंट्स से बना यह बॉडी वॉश neem, aloe vera और honey के गुणों से भरपूर है। यह त्वचा को बिना ड्राय किए साफ करता है और लंबे दिन के बाद स्किन को रिलैक्स महसूस कराता है। 6. RAS Luxury Skincare Refresh Detoxifying Body Wash यह बॉडी क्लींजर खासतौर पर sweaty skin और body acne को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें willow bark extract, green tea और calendula जैसे तत्व शामिल हैं जो त्वचा को डीप क्लीन करने में मदद करते हैं। 7. The Bare Bar Micro Algae Body Wash यह हल्का एक्सफोलिएटिंग बॉडी वॉश स्किन का pH बैलेंस बनाए रखने और अतिरिक्त ऑयल हटाने में मदद करता है। Micro algae beads और glycerin त्वचा को साफ और हाइड्रेटेड रखने का काम करते हैं। 8. Kimirica The Souq Body & Hand Wash Saffron और sandalwood की गर्म खुशबू वाला यह बॉडी वॉश त्वचा को मुलायम और स्मूद बनाता है। इसमें vitamin E और patchouli जैसे nourishing ingredients शामिल हैं। 9. Hibiscus Monkey Probiotics Body Wash स्किन बैरियर को मजबूत रखने वाले इस बॉडी वॉश में probiotics, prebiotics और postbiotics का इस्तेमाल किया गया है। यह sulfate-free formula त्वचा को धीरे-धीरे साफ करता है और hydration बनाए रखने में मदद करता है। गर्मियों में बॉडी क्लींजर चुनते समय रखें ध्यान विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में ऐसा बॉडी वॉश चुनना चाहिए जो त्वचा से गंदगी और अतिरिक्त तेल हटाए लेकिन उसकी प्राकृतिक नमी न छीने। Sensitive skin वालों को harsh chemicals और ज्यादा foam वाले प्रोडक्ट्स से बचना चाहिए।
रांची। आजकल मेकअप ट्रेंड्स में विंग आइलाइनर का क्रेज सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। चाहे पार्टी लुक हो, ऑफिस मेकअप या कैजुअल आउटिंग, परफेक्ट विंग आइलाइनर आंखों की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देता है। हालांकि, ज्यादातर लड़कियों की शिकायत रहती है कि दोनों आंखों में बराबर और शार्प विंग बनाना आसान नहीं होता। कई बार लाइन टेढ़ी हो जाती है या फिर बार-बार आइलाइनर हटाकर दोबारा लगाना पड़ता है। ब्यूटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सही तकनीक और कुछ आसान ट्रिक्स अपनाकर कोई भी घर पर प्रोफेशनल जैसा कैट-आई लुक पा सकता है। खास बात यह है कि बिगिनर्स भी थोड़ी प्रैक्टिस से पहली बार में बेहतर विंग बना सकती हैं। टेप से बनाएं शार्प विंग अगर आपका आइलाइनर हर बार खराब हो जाता है, तो टेप का इस्तेमाल करें। आंखों के कोने से भौंहों की दिशा में हल्का टेप लगाएं और उसी एंगल में आइलाइनर बनाएं। इससे विंग एकदम साफ और समान बनेगा। पहले बनाएं हल्की आउटलाइन सीधे मोटी लाइन खींचने की बजाय पहले पतली आउटलाइन बनाएं। इससे शेप को सही करना आसान होता है और गलती की संभावना कम रहती है। छोटे स्ट्रोक्स में लगाएं आइलाइनर एक बार में लंबी लाइन खींचने के बजाय छोटे-छोटे स्ट्रोक्स का इस्तेमाल करें। इससे हाथ पर कंट्रोल बना रहता है और लाइन ज्यादा क्लीन दिखाई देती है। सही आइलाइनर चुनना जरूरी बिगिनर्स के लिए पेन या जेल आइलाइनर बेहतर माना जाता है, क्योंकि इन्हें कंट्रोल करना आसान होता है। लिक्विड आइलाइनर से कई बार लाइन फैलने का डर रहता है। कॉटन बड रखें साथ मेकअप करते समय छोटी गलतियां होना सामान्य है। ऐसे में कॉटन बड और मेकअप रिमूवर साथ रखने से खराब लाइन को तुरंत ठीक किया जा सकता है।थोड़ी प्रैक्टिस और सही ट्रिक्स की मदद से आप भी हर बार परफेक्ट विंग आइलाइनर लुक आसानी से पा सकती हैं।
छोटे बालों को अक्सर “low-maintenance” माना जाता है, लेकिन असलियत यह है कि सही स्टाइलिंग के बिना यह कभी-कभी थोड़ा मुश्किल भी हो सकते हैं। इसी वजह से फैशन और ब्यूटी एक्सपर्ट्स ऐसे हेयरस्टाइल्स की सलाह देते हैं जिन्हें सिर्फ 5 मिनट या उससे कम समय में आसानी से बनाया जा सके। इन आसान हेयरस्टाइल्स की मदद से छोटे बालों में भी आप हर दिन नया और फ्रेश लुक पा सकते हैं। 1. Slicked-back Bob यह स्टाइल क्लासिक और एलीगेंट लुक देता है। बालों में हल्का जेल या सीरम लगाकर पीछे की ओर कॉम्ब कर दिया जाता है। यह ऑफिस और इवनिंग दोनों लुक्स के लिए परफेक्ट माना जाता है। 2. Five-minute Flick बॉब या लॉब हेयर के लिए यह सबसे आसान स्टाइल है। बालों के सिर्फ सिरों को बाहर की तरफ हल्का फ्लिक देने से ही पूरा लुक बदल जाता है और हेयर में मूवमेंट आ जाता है। 3. Soft Side Part with Tucked Ends एक साइड पार्टिंग बदलने से ही पूरा लुक नया हो जाता है। एक साइड के बाल कान के पीछे टक कर देने से छोटा हेयरकट भी काफी स्टाइलिश दिखता है। 4. Textured Pixie पिक्सी कट में थोड़ा टेक्सचर जोड़ने से यह और भी ट्रेंडी लगने लगता है। हल्के वैक्स या स्टाइलिंग क्रीम से बालों को नैचुरल और मूवमेंट वाला लुक दिया जाता है। 5. Mini Claw-Clip Twist छोटे बालों के लिए मिनी क्लॉ-क्लिप काफी काम की चीज है। पीछे के कुछ बालों को ट्विस्ट करके क्लिप से सेट करने पर एक आसान और क्यूट अपडू बन जाता है। 6. Wet-look Waves डैम्प बालों में जेल या कर्ल क्रीम लगाकर वेट लुक वेव्स बनाए जाते हैं। यह स्टाइल मॉडर्न और ग्लॉसी फिनिश देता है। 7. Pinned-back Front Pieces अगर समय बिल्कुल नहीं है, तो आगे के बालों को पिन करके पीछे कर देना सबसे आसान विकल्प है। यह सिंपल होने के साथ-साथ बहुत क्लीन और एलिगेंट लुक देता है। स्टाइलिंग टिप्स छोटे बालों पर कम प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें बहुत ज्यादा हेयरस्प्रे से बचें हल्की टेक्सचर और नेचुरल मूवमेंट पर फोकस करें सही हेयरकट स्टाइलिंग को और आसान बना देता है छोटे बालों की खासियत यही है कि थोड़े से बदलाव से ही पूरा लुक बदल जाता है।