फाइनेंस

Relief for India as 30 Ships Cross Hormuz Strait

होर्मुज से भारत के लिए राहत की खबर: LPG, LNG और कच्चे तेल से लदे 30 जहाज निकले, 26 अब भी इंतजार में

surbhi जून 25, 2026 0
Oil, LNG and LPG cargo ships crossing the Strait of Hormuz amid easing regional tensions
Hormuz Strait Energy Shipments to India

नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण प्रभावित हुई जहाजों की आवाजाही अब धीरे-धीरे सामान्य होती दिख रही है। भारत के लिए एलपीजी, एलएनजी और कच्चा तेल लेकर आने वाले कई जहाज इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं।

शिपिंग मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक भारत से जुड़े कुल 30 व्यावसायिक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं। हालांकि अभी भी 26 जहाज इस मार्ग से गुजरने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

30 जहाजों ने पार किया रणनीतिक समुद्री मार्ग

मंत्रालय के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने वाले 30 जहाजों में ऊर्जा और आवश्यक वस्तुओं की बड़ी खेप शामिल है।

इनमें:

  • 15 जहाज एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) लेकर भारत आ रहे हैं।
  • 8 जहाज बल्क कार्गो यानी सामान्य औद्योगिक और व्यापारिक सामान लेकर चल रहे हैं।
  • 7 जहाज कच्चे तेल (Crude Oil) के टैंकर हैं।

इन जहाजों के सुरक्षित रूप से निकलने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

शांति समझौते के बाद बढ़ी आवाजाही

सूत्रों के मुताबिक 1 मार्च से 17 जून के बीच कुल 19 जहाजों ने यह मार्ग पार किया था। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा शांति समझौते के बाद 11 अतिरिक्त जहाज भी सुरक्षित रूप से होर्मुज पार करने में सफल रहे हैं।

यह संकेत है कि क्षेत्र में समुद्री गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रही हैं।

विदेशी झंडे वाले जहाजों की भी बड़ी भूमिका

भारत आने वाले 30 जहाजों में से 17 विदेशी ध्वज वाले जहाज शामिल हैं।

इनमें सबसे अधिक जहाज Marshall Islands के ध्वज के तहत संचालित बताए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग में विदेशी ध्वज वाले जहाजों की भागीदारी सामान्य मानी जाती है, क्योंकि कई वैश्विक कंपनियां इन्हीं रजिस्ट्रियों का उपयोग करती हैं।

अभी भी 26 जहाजों को है इंतजार

हालांकि स्थिति में सुधार के बावजूद फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारत से जुड़े 26 जहाज अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

इन जहाजों में शामिल हैं:

  • 3 जहाज ऊर्जा और ईंधन (LPG, LNG और तेल) लेकर आ रहे हैं।
  • 10 जहाज उर्वरक (Fertilizers) की खेप लेकर चल रहे हैं।
  • 13 जहाज अन्य आवश्यक वस्तुएं और औद्योगिक सामान लेकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं।

इन जहाजों के निकलने के बाद भारत की आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूती मिलने की संभावना है।

क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। यह Iran और Oman के बीच स्थित है और फारस की खाड़ी को अरब सागर तथा ओमान की खाड़ी से जोड़ता है।

इस मार्ग से होकर:

  • सऊदी अरब
  • इराक
  • कुवैत
  • संयुक्त अरब अमीरात
  • ईरान

जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों का निर्यात होता है।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से आयात करता है। इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आयात लागत को प्रभावित कर सकता है।

भारत के लिए क्या हैं मायने?

विशेषज्ञों का मानना है कि जहाजों की आवाजाही सामान्य होने से:

  • एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति बेहतर होगी।
  • कच्चे तेल की उपलब्धता बनी रहेगी।
  • ऊर्जा कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।
  • उर्वरकों की आपूर्ति सुचारू रहने से कृषि क्षेत्र को राहत मिलेगी।
  • वैश्विक व्यापार और शिपिंग लागत में स्थिरता आ सकती है।

होर्मुज मार्ग के खुलने और जहाजों के निकलने से भारत सहित कई आयातक देशों ने राहत की सांस ली है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

फाइनेंस

View more
Share Market
हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार 25 जून 2026 को निवेशकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मजबूत कारोबारी रुझान और प्रमुख सेक्टर्स में व्यापक खरीदारी के दम पर बाजार हरे निशान में बंद हुआ।   सेंसेक्स और निफ्टी के क्लोजिंग आंकड़े बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 109.25 अंक यानी 0.14% की तेजी के साथ 77,100.47 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 34.35 अंक की बढ़त लेकर 24,056 के स्तर पर पहुंच गया।   इन सेक्टर्स ने दिखाया दमदार प्रदर्शन बाजार की इस तेजी में रियल्टी, ऑटो, वित्तीय सेवाओं और सीमेंट शेयरों का दबदबा रहा। बैंकिंग शेयरों ने भी सकारात्मक योगदान दिया। दिग्गज ऑटो कंपनियों महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति के शेयरों में 4-4 प्रतिशत का शानदार उछाल दर्ज किया गया जो कारोबारी सत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।   मेटल और मीडिया में मुनाफावसूली हालांकि बाजार का समग्र माहौल सकारात्मक रहा लेकिन मेटल और मीडिया सेक्टर में निवेशकों ने चुनिंदा मुनाफावसूली की जिससे ये सेक्टर बाजार की रफ्तार में पीछे रह गए।   ग्लोबल मार्केट से मिले सकारात्मक संकेत अंतरराष्ट्रीय बाजारों में S&P 500 फ्यूचर्स में 0.6% और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 2% की मजबूत बढ़त दर्ज हुई। जापान के टोपिक्स में 1.6% की तेजी आई। कुल मिलाकर ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग जैसे कोर सेक्टर्स में निवेशकों का भरोसा बाजार की मजबूती का स्पष्ट संकेत दे रहा है।

abhishek singh जून 25, 2026 0
Andy Jassy Narendra MODI

अमेजन का भारत में बड़ा दांव: PM मोदी से मिलने के बाद CEO ने किया 48 अरब डॉलर के निवेश का एलान

India and Iran energy cooperation discussions during meeting with Iranian oil minister in New Delhi

भारत-ईरान के बीच बढ़ सकता है ऊर्जा सहयोग, दिल्ली पहुंचे ईरानी तेल मंत्री ने दिए बड़ी ट्रेड डील के संकेत

Oil, LNG and LPG cargo ships crossing the Strait of Hormuz amid easing regional tensions

होर्मुज से भारत के लिए राहत की खबर: LPG, LNG और कच्चे तेल से लदे 30 जहाज निकले, 26 अब भी इंतजार में

Investors tracking upcoming July 2026 IPOs including SBI Funds, Zepto and Manipal Health
जुलाई 2026 में IPO की बंपर बारिश! SBI, Zepto और Manipal Health समेत 12 से ज्यादा कंपनियां जुटाएंगी ₹45,000 करोड़

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में जुलाई 2026 निवेशकों के लिए बेहद व्यस्त और रोमांचक रहने वाला है। लंबे समय बाद प्राइमरी मार्केट में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। अगले महीने 12 से अधिक कंपनियां अपना आईपीओ (IPO) लॉन्च करने की तैयारी में हैं और इनका कुल लक्ष्य करीब ₹45,000 करोड़ जुटाने का है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं में कमी और घरेलू निवेशकों के बढ़ते भरोसे ने कंपनियों को अब पूंजी जुटाने के लिए अनुकूल माहौल दिया है। SBI फंड्स मैनेजमेंट का हो सकता है सबसे बड़ा IPO जुलाई में आने वाले संभावित आईपीओ में सबसे ज्यादा चर्चा SBI Funds Management की है। कंपनी का आईपीओ करीब ₹12,000 से ₹13,000 करोड़ का हो सकता है, जो अगले महीने का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बनने की संभावना रखता है। यह इश्यू निवेशकों के लिए खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि SBI समूह की कंपनियों में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत रहा है। Manipal Health और Zepto भी तैयार हेल्थकेयर सेक्टर की प्रमुख कंपनी Manipal Health Enterprises भी बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी का आईपीओ लगभग ₹11,000 करोड़ का हो सकता है। वहीं क्विक-कॉमर्स क्षेत्र की चर्चित कंपनी Zepto करीब ₹8,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इन तीन कंपनियों के आईपीओ से ही लगभग ₹32,000 करोड़ जुटने का अनुमान है। जुलाई की IPO पाइपलाइन में कौन-कौन? जुलाई में जिन अन्य कंपनियों के बाजार में आने की संभावना है, उनमें शामिल हैं— Gaja Capital NAC Packaging Innovative View इसके अलावा भी कई मध्यम और बड़े आकार की कंपनियां बाजार में दस्तक देने की तैयारी कर रही हैं। क्यों लौट रही है IPO बाजार में तेजी? विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियां थीं, जिनमें भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों की सतर्कता शामिल थी। इसी वजह से आईपीओ बाजार की रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि अब परिस्थितियां बेहतर होती दिख रही हैं— सेंसेक्स और निफ्टी में स्थिरता घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी वैश्विक तनाव में कमी कॉर्पोरेट सेक्टर का बढ़ता आत्मविश्वास इन कारणों से कंपनियां फिर से पूंजी बाजार की ओर रुख कर रही हैं। मई में नहीं आया था एक भी IPO दिलचस्प बात यह है कि इस वर्ष अप्रैल तक 18 आईपीओ बाजार में आए थे, लेकिन मई में एक भी नया आईपीओ लॉन्च नहीं हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और बाजार की स्थिति सुधरने के बाद अब कंपनियां अपने लिस्टिंग प्लान को आगे बढ़ा रही हैं। निवेशक क्या देख रहे हैं? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अब निवेशक केवल चर्चित ब्रांड्स पर नहीं बल्कि मजबूत बिजनेस मॉडल, मुनाफे की संभावना और दीर्घकालिक विकास क्षमता वाली कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी भी IPO बाजार को मजबूती दे रही है। SEBI के पास बड़ी पाइपलाइन तैयार 19 जून तक करीब 173 कंपनियों को Securities and Exchange Board of India से आईपीओ के जरिए लगभग ₹2.7 लाख करोड़ जुटाने की मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा 64 अन्य कंपनियां अभी मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। इनमें संभावित रूप से शामिल हैं— National Stock Exchange of India का लगभग ₹30,000 करोड़ का आईपीओ Jio Platforms का बहुप्रतीक्षित आईपीओ यदि ये इश्यू भी बाजार में आते हैं, तो भारतीय IPO बाजार नए रिकॉर्ड बना सकता है।  

surbhi जून 25, 2026 0
Share Market

शेयर बाजार में शानदार वापसी, सेंसेक्स 400 अंक उछला; निफ्टी 24,100 के पार

Piyush Goyal

भारत-यूके व्यापार समझौते को लागू करने की तैयारी तेज, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल आज ब्रिटेन दौरे पर

UPI PIN Reset

UPI PIN भूल गए हैं? बिना ATM कार्ड के नया UPI PIN कैसे बनाएं? जानिए आसान तरीका

Indian stock market screen showing Sensex and Nifty trading higher during early session on 24 June 2026.
बाजार में फिर लौटी रौनक! सेंसेक्स 76,395 और निफ्टी 23,867 पर, निवेशकों की उम्मीदें बढ़ीं

मुंबई: बुधवार, 24 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच सकारात्मक शुरुआत की। अमेरिकी बाजारों में कमजोरी के बावजूद घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला, जिससे शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। सुबह करीब 9:30 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 194 अंकों की बढ़त के साथ 76,395 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 करीब 41 अंकों की मजबूती के साथ 23,867 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में बाजार का हाल इंडेक्स स्तर (सुबह 9:30 बजे) BSE Sensex 76,395 NSE Nifty 50 23,867 बाजार में तेजी का मुख्य कारण आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एलएंडटी जैसे दिग्गज शेयरों में खरीदारी रही। एनएसई के 15 सेक्टोरल इंडेक्स में से 11 बढ़त के साथ खुले। प्राइवेट बैंक, आईटी और हेल्थकेयर सेक्टर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। वैश्विक संकेतों से क्यों बना दबाव? हालांकि घरेलू बाजार में मजबूती दिखी, लेकिन वैश्विक स्तर पर कुछ ऐसे कारक हैं जो निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। अमेरिकी बाजारों में गिरावट पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजारों में बिकवाली देखने को मिली। खासकर टेक शेयरों में कमजोरी के कारण Nasdaq और S&P 500 दबाव में रहे। एशियाई बाजारों का मिश्रित रुख जापान और चीन के बाजारों में सुस्ती रही, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 3 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। ब्याज दरों को लेकर चिंता बाजार में यह आशंका बनी हुई है कि साल के अंत तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसी वजह से निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। आगे क्या रहेगा निफ्टी और सेंसेक्स का रुख? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, फिलहाल बाजार एक अहम मोड़ पर खड़ा है। निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण स्तर 23,900 के ऊपर टिकने पर निफ्टी 24,000 से 24,050 तक पहुंच सकता है। यदि दबाव बढ़ता है तो 23,640 तक गिरावट संभव है। सेंसेक्स के लिए अहम स्तर 76,500 का स्तर बाजार की अगली दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। किन सेक्टरों में दिखा दबाव? आज के कारोबार में ऑटो, मेटल और मीडिया सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली। वहीं बैंकिंग, आईटी और हेल्थकेयर शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। निवेशकों के लिए क्या है सलाह? विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में संतुलित स्थिति बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए और अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार ही निवेश करना चाहिए। कच्चे तेल और सोने की कीमतों में आ रहे बदलाव भी आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi जून 24, 2026 0
CRED founder Kunal Shah after being appointed as the new global CEO of WhatsApp.

CRED से बनाई अरबों की दौलत, अब WhatsApp के CEO बने ₹15,000 करोड़ के मालिक कुणाल शाह

Gold and silver jewellery displayed with updated bullion prices for 24 June 2026.

Gold-Silver Price Today: सोना ₹1.44 लाख और चांदी ₹2.44 लाख पर, जानिए 24 जून 2026 के ताजा भाव

Investors tracking Advit Jewels IPO subscription data and strong grey market premium trends.

Advit Jewels IPO को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, खुलते ही 3 घंटे में 4 गुना से ज्यादा भरा, GMP से मजबूत लिस्टिंग के संकेत

0 Comments

Top week

झारखंड

वरिष्ठ संपादक एवं प्रतिष्ठित पत्रकार दीपेश कुमार का हृदयाघात से निधन

anjali kumari जून 24, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?