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Iran-US tension keeps Indian markets on edge

ईरान-अमेरिका तनाव से डरा बाजार: सतर्क रुख में दिखा भारतीय शेयर बाजार, निवेशक कर रहे इंतजार

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
Indian stock market screen showing Sensex Nifty fluctuations amid Iran US tension and rising crude oil prices
Indian Stock Market Reacts to Iran US Tension

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ नजर आ रहा है। Iran और United States के बीच बढ़ती तनातनी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को बाजार की शुरुआत सुस्त रही। हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद बाजार ने कुछ हद तक संभलने की कोशिश जरूर की।

शुरुआती गिरावट के बाद हल्की रिकवरी

सुबह कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले, लेकिन धीरे-धीरे रिकवरी देखने को मिली। सुबह 9:23 बजे तक सेंसेक्स करीब 124 अंकों की बढ़त के साथ 78,618 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24 अंकों की तेजी के साथ 24,377 पर ट्रेड करता दिखा।

बाजार में अनिश्चितता का माहौल

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में अस्थिरता की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर विरोधाभासी संकेत हैं। जहां पहले निवेशकों को समझौते की उम्मीद थी, वहीं अब आरोप-प्रत्यारोप ने स्थिति को जटिल बना दिया है।

इस अनिश्चितता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है, जिसका असर ‘India VIX’ इंडेक्स में 5.82% की तेजी के रूप में देखा गया।

कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।

तेल की कीमतों में यह उछाल भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है और निवेशकों का भरोसा प्रभावित होता है।

किन सेक्टर्स ने दिया सहारा

बाजार की सुस्ती के बीच कुछ सेक्टर्स ने मजबूती दिखाई। PSU बैंक, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में खरीदारी देखी गई।

इंडिविजुअल शेयरों में Trent, State Bank of India और ICICI Bank ने बाजार को सहारा दिया।

वहीं Jio Financial Services, Hindalco Industries और Tata Motors जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

एक्सपर्ट्स की राय

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक सीजफायर डेडलाइन पर स्पष्टता नहीं आती, बाजार में सतर्कता बनी रहेगी।

निफ्टी के लिए 24,100 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,700 के स्तर को पार करना बाजार के लिए जरूरी होगा। फिलहाल विदेशी निवेशकों (FIIs) की खरीदारी जारी है, लेकिन घरेलू निवेशकों (DIIs) की बिकवाली से बाजार पर दबाव बना हुआ है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Stock Market: लाल निशान पर खुला शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क सूचकांक BSE Sensex 494.12 अंक गिरकर 78,779.21 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी 142.2 अंक टूटकर 24,434.40 पर आ गया। इससे पहले मंगलवार को बाजार में तेज बढ़त दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स 753 अंक चढ़कर 79,273 के करीब बंद हुआ था।   आईटी और बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली बाजार में गिरावट का मुख्य कारण आईटी और बैंकिंग सेक्टर में भारी बिकवाली रही। प्रमुख कंपनियों जैसे इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में दबाव देखने को मिला। एचसीएल टेक के कमजोर तिमाही संकेतों के बाद उसके शेयरों में भी करीब 9% की गिरावट दर्ज की गई।   रुपये पर दबाव, 31 पैसे कमजोर विदेशी बाजारों में अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे गिरकर 93.75 पर पहुंच गया। यह लगातार तीसरा सत्र था जब रुपया दबाव में रहा।   वैश्विक बाजार और कच्चे तेल का असर एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, जबकि अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए। कच्चे तेल के वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 98.20 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही। पश्चिम एशिया में तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं ने तेल बाजार को प्रभावित किया।   निवेशकों में सतर्कता का माहौल विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और कॉरपोरेट नतीजों की अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं। इसके चलते बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

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देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC Bank को लेकर LKP Research ने सकारात्मक रुख अपनाया है। 21 अप्रैल 2026 को जारी अपनी ताज़ा रिपोर्ट में ब्रोकरेज हाउस ने बैंक की रेटिंग को अपग्रेड करते हुए ‘BUY’ कर दिया है और ₹1002 का टारगेट प्राइस तय किया है। मजबूत तिमाही प्रदर्शन ने बढ़ाया भरोसा रिपोर्ट के मुताबिक, HDFC Bank ने हालिया तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक की ग्रोथ रिटेल, SME और कॉरपोरेट सेगमेंट में मजबूत एडवांस (loans) बढ़ने के कारण हुई। मार्जिन स्थिर रहे, लेकिन मुनाफे (bottom line) में सुधार मुख्य रूप से प्राविजन खर्च में 18.3% की सालाना गिरावट के चलते देखने को मिला। इसके साथ ही ऑपरेटिंग एफिशिएंसी भी स्थिर बनी रही। एसेट क्वालिटी में मल्टी-ईयर बेस्ट वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद बैंक ने अपनी एसेट क्वालिटी को कई वर्षों के सर्वोत्तम स्तर पर बनाए रखा है। LKP Research का मानना है कि बैंक विभिन्न सेक्टर्स पर लगातार निगरानी रख रहा है ताकि ग्रोथ लाभदायक और टिकाऊ बनी रहे। डिपॉजिट ग्रोथ से घट रही चिंता बैंक की डिपॉजिट ग्रोथ 14.4% YoY रही, जो क्रेडिट ग्रोथ से तेज है। इससे लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो (LDR) को लेकर चिंताएं कम होती दिख रही हैं, जो पहले निवेशकों के लिए एक अहम मुद्दा था। आगे की ग्रोथ को लेकर उम्मीद ब्रोकरेज के अनुसार, HDFC Bank FY28 तक: RoA (Return on Assets): 2.1% RoE (Return on Equity): 15.6% हासिल कर सकता है। यह बैंक की मजबूत फ्रेंचाइजी, स्थिर ग्रोथ और सामान्य होते क्रेडिट कॉस्ट के कारण संभव माना जा रहा है। वैल्यूएशन और टारगेट LKP Research ने Sum-of-the-Parts (SOTP) वैल्यूएशन मॉडल के आधार पर ₹1002 का टारगेट दिया है और मौजूदा स्तरों पर स्टॉक को आकर्षक बताया है।  

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मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 20 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। BSE Sensex और NSE Nifty 50 दोनों ही हरे निशान पर खुले, जिससे निवेशकों में उत्साह देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 139 अंकों की बढ़त के साथ करीब 78,632 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 50 लगभग 38 अंकों की तेजी के साथ 24,391 के पार पहुंच गया।   शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद संभला बाजार हालांकि बाजार में शुरुआत के कुछ मिनटों में हल्की गिरावट भी देखी गई, लेकिन जल्द ही रिकवरी हो गई। सुबह करीब 9:20 बजे सेंसेक्स 55 अंकों की बढ़त के साथ 78,549 पर कारोबार कर रहा था, वहीं निफ्टी 24,360 के आसपास ट्रेड करता दिखा। इससे साफ है कि बाजार में अस्थिरता के बावजूद निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।   इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल बीएसई के प्रमुख शेयरों में ट्रेंट, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, अडानी पोर्ट्स और एलएंडटी टॉप गेनर्स रहे। वहीं, एचडीएफसी बैंक, कोटक बैंक, रिलायंस और टाटा स्टील जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। सेक्टर के हिसाब से बैंकिंग, ऑटो, एफएमसीजी और मिडकैप शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि आईटी सेक्टर थोड़ा दबाव में रहा।   पिछले सत्र का असर भी दिखा इससे पहले शुक्रवार (17 अप्रैल) को भी बाजार में जोरदार तेजी रही थी। सेंसेक्स 504 अंकों की छलांग लगाकर 78,493 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 156 अंकों की बढ़त के साथ 24,353 के स्तर पर क्लोज हुआ था। इस सकारात्मक ट्रेंड का असर सोमवार के कारोबार में भी देखने को मिला।   निवेशकों की नजर आगे की चाल पर विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों और घरेलू निवेशकों की गतिविधियों के आधार पर बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

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