झारखंड

MGM May Add 38 PG Seats

MGM मेडिकल कॉलेज में बढ़ सकती हैं 38 नई पीजी सीटें, अगले सत्र से कुल संख्या 89 होने की संभावना

surbhi मार्च 10, 2026 0
MGM Medical College Jamshedpur campus where proposal to increase PG medical seats has been prepared
MGM Medical College PG Seats Increase

 

पीजी सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया तेज

झारखंड के जमशेदपुर स्थित कोल्हान क्षेत्र के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) सीटों की संख्या बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। कॉलेज प्रबंधन ने विभिन्न विभागों में 38 नई पीजी सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है।

यह प्रस्ताव नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है और आवश्यक दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो अगले शैक्षणिक सत्र से कॉलेज में पीजी सीटों की कुल संख्या 51 से बढ़कर लगभग 89 हो सकती है।

 

विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या में होगा इजाफा

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार के अनुसार, पीजी सीटों में वृद्धि होने से मेडिकल शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही एमजीएम अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। पीजी छात्रों की संख्या बढ़ने से अस्पताल में विशेषज्ञ सेवाएं बेहतर होंगी और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।

 

रिसर्च और मेडिकल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

पीजी सीटों में बढ़ोतरी से मेडिकल कॉलेज में रिसर्च गतिविधियों और शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार होने की उम्मीद है। ज्यादा पीजी छात्र होने से अस्पताल में इलाज के साथ-साथ शोध कार्यों को भी गति मिलेगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य के मेडिकल छात्रों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों के मेडिकल कॉलेजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और झारखंड में ही बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

 

कोल्हान क्षेत्र के लिए अहम पहल

MGM मेडिकल कॉलेज कोल्हान क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। यहां पीजी सीटों की संख्या बढ़ने से न केवल चिकित्सा शिक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के मरीजों को भी बेहतर और विशेषज्ञ इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

झारखंड

View more
Rath Yatra 2026
रथयात्रा मेले में पार्किंग चार्ज तय करेगा नगर निगम

रांची। रांची में भगवान जगन्नाथ की 335वीं रथयात्रा के आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार मेले में पार्किंग शुल्क को लेकर विशेष व्यवस्था की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं से मनमानी वसूली पर रोक लगाई जा सके। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पार्किंग संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। चयनित एजेंसी केवल रांची नगर निगम द्वारा निर्धारित शुल्क ही वसूल सकेगी। साथ ही पार्किंग दरों का स्पष्ट प्रदर्शन डिस्प्ले बोर्ड पर करना अनिवार्य होगा।   सुरक्षा और सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस बैठक में रथयात्रा मेले को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वॉच टावर बनाए जाएंगे तथा खोया-पाया केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था सुनिश्चित करने और फायर ब्रिगेड की तैनाती करने का निर्देश दिया गया है। मेले के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाएगी।   शराब और प्लास्टिक पर रहेगा प्रतिबंध प्रशासन ने मेला क्षेत्र की परिधि से 500 मीटर के दायरे में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में प्लास्टिक और सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। रथयात्रा मार्ग पर दुकानों को केवल निर्धारित क्षेत्र में ही लगाने की अनुमति दी जाएगी।   पिछली शिकायतों के बाद लिया गया फैसला उल्लेखनीय है कि वर्तमान में दोपहिया वाहनों के लिए 10 रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 30 रुपये पार्किंग शुल्क निर्धारित है। हालांकि पिछले वर्ष कई स्थानों पर वाहन चालकों से 100 रुपये तक वसूले जाने की शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने इस बार सख्त व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। रथयात्रा महोत्सव 16 जुलाई से शुरू होकर 25 जुलाई को घूरती रथयात्रा के साथ संपन्न होगा।

anjali kumari जून 10, 2026 0
Ranchi Protest

राजधानी रांची में सुबह-सुबह मुख्यमंत्री आवास घेरने निकले झारखंड आंदोलनकारी

CM  Hemant Soren Jal Jeevan Mission

सीएम हेमंत की सख्तीः घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

Muharram Festival News

मुहर्रम को लेकर झारखंड में अलर्ट

Parimal Nathwani
नाथवानी के नामांकन में पेंच, JMM व कांग्रेस खुश

रांची। झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इस बीच नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के दौरान एक दिलचस्प मोड़ आ गया है। एक ओर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने तकनीकी परीक्षा आसानी से पास कर ली है, वहीं निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का नामांकन नाम-विवाद के कारण अधर में लटक गया है। नाथवानी के दस्तावेजों में नाम के हेर-फेर को लेकर दर्ज कराई गई आपत्ति के बाद चुनाव अधिकारी ने उनके नामांकन को होल्ड पर रख दिया है, जिस पर अब बुधवार सुबह फैसला होना है। नाम के आगे-पीछे का फेर, थम गई नाथवानी की रेस दस्तावेजों की जांच के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के कागजातों में एक तकनीकी त्रुटि सामने आई। शिकायत के मुताबिक, कुछ दस्तावेजों में उनका नाम परिमल नाथवानी दर्ज है, तो कुछ जगहों पर इसे नाथवानी परिमल लिखा गया है। इस तकनीकी उलटफेर को आधार बनाकर उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई गई। मामला गरमाते ही रिटर्निंग ऑफिसर ने फिलहाल नामांकन को होल्ड पर डाल दिया है। पहुंचे नाथवानी, भाजपा नेता जुटे रास्ता निकालने मे विवाद की भनक लगते ही परिमल नाथवानी तुरंत विधानसभा सचिवालय पहुंचे। उन्होंने विधानसभा के प्रभारी सचिव सह रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार के समक्ष उपस्थित होकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। इस दौरान रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष में कानूनी पहलुओं को लेकर लंबी मैराथन बैठक और विचार-विमर्श का दौर चला। दिलचस्प बात यह रही कि निर्दलीय उम्मीदवार होने के बावजूद भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी इस दौरान सचिवालय पहुंचे और पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर बनाए रखी, जिससे इस चुनाव के सियासी समीकरणों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। बैजनाथ राम और प्रणव झा की राह आसान उधर, जेएमएम उम्मीदवार बैजनाथ राम के नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो चुकी है और उसे वैध पाया गया है। इसके साथ ही, कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा का पर्चा भी पूरी तरह सही मिला, जिससे उनकी उम्मीदवारी को हरी झंडी मिल गई है। अब बुधवार सुबह 11 बजे होगी सुनवाई रिटर्निंग ऑफिसर ने निर्देश दिया है कि दर्ज आपत्ति पर अंतिम सुनवाई बुधवार सुबह 11 बजे होगी। इस दौरान परिमल नाथवानी या उनके अधिकृत एजेंट को खुद उपस्थित रहना होगा। अब सबकी नजरें कल की सुनवाई पर टिकी हैं कि क्या चुनाव आयोग इस नाम-विवाद को महज एक लिपिकीय (तार्किक) भूल मानकर नाथवानी का नामांकन वैध करता है, या फिर यह तकनीकी पेंच उनकी उम्मीदवारी के लिए कोई बड़ा रोड़ा बनेगा।

Unknown जून 9, 2026 0
Ramesh Singh Munda

रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड में बड़ा मोड़, आरोपी राम मोहन सिंह मुंडा को झारखंड हाईकोर्ट से मिली जमानत

Dark clouds over Jharkhand as rain and monsoon activity are expected across several districts.

झारखंड में 17 जून तक मॉनसून की एंट्री की संभावना, आज इन जिलों में बारिश के आसार

Dharti Aaba Birsa Munda

धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया नमन

Hazaribagh Firing Kedarnath Trip
केदारनाथ यात्रा पर निकले युवक की गोली मारकर हत्या, हजारीबाग में सनसनी

हजारीबाग। जिले के बरही थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। केदारनाथ यात्रा पर जाने के लिए घर से निकले एक युवक की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना करसो पुल के पास हुई, जहां युवक अपनी कार का पंचर टायर बदल रहा था। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। मृतक की पहचान हजारीबाग शहर के ओकनी निवासी विक्की सोनी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, विक्की अपने मित्र अभिषेक कुमार उपाध्याय के साथ केदारनाथ तीर्थ यात्रा के लिए कोडरमा रेलवे स्टेशन जा रहे थे। दोनों को वहां से ट्रेन पकड़कर आगे की यात्रा पर निकलना था। टायर पंचर होने के बाद हुई वारदात रास्ते में बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के पास उनकी कार का एक टायर अचानक पंचर हो गया। दोनों मित्र सड़क किनारे वाहन रोककर टायर बदलने लगे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात अपराधी वहां पहुंचे और बिना किसी बातचीत या विवाद के सीधे विक्की सोनी को निशाना बनाते हुए उनकी गर्दन में गोली मार दी। गोली लगते ही विक्की गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत स्थानीय लोगों की मदद से घायल विक्की को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस हत्या के कारणों की जांच करते हुए अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चला रही है।

Unknown जून 9, 2026 0
Hazaribagh Coal Project Firing

बड़कागांव कोयला परियोजना में फायरिंग, राहुल दुबे गैंग ने ली जिम्मेदारी

JIADA regulations

झारखंड में नया जियाडा रेगुलेशन जल्द, उद्योगपतियों ने 99 साल की लीज बहाली की मांग उठाई

Birsa Munda Airport

एशिया कप विजेता हॉकी खिलाड़ियों का रांची में भव्य स्वागत, बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर उमड़ा उत्साह

0 Comments

Top week

Jamshid Ghomi accused of exporting sensitive US technology to Iran in sanctions case
दुनिया

अमेरिका में ईरान कनेक्शन का खुलासा, प्रतिबंधित टेक्नोलॉजी सप्लाई के आरोप में CEO गिरफ्तार

Deepshikha जून 4, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?