1031 – रॉबर्ट द्वितीय के उत्तराधिकारी हेनरी प्रथम ने स्पेन के राजा के रूप में पदभार संभाला।
1654 – एंग्लो-पुर्तगाल संधि के तहत पुर्तगाल इंग्लैंड के अधीन हुआ।
1761 - माधव राव प्रथम पेशवा बने।
1810 – बोगोटा, न्यू ग्रेनेडा (अब कोलंबिया) के नागरिकों ने स्पेन से अलग कर खुद को स्वतंत्र घोषित किया।
1807 - फ्रांस में साओन नदी पर एक नाव अपस्ट्रीम को सफलतापूर्वक शक्ति देने के बाद, निकेफोरेस नीएपा को नेपोलियन बोनापार्ट द्वारा पाइरोलोफोरे के लिए पेटेंट दिया गया, यह दुनिया का पहला आंतरिक दहन इंजन था।
1847 – जर्मनी के खगोलशास्त्री थियोडोर ने धूमकेतु ब्रोरसेन-मेटकॉफ की खोज की।
1878 - हवाई में पहला टेलीफ़ोन को हवाई में बनाया गया।
1885 - फुटबॉल खेलना ब्रिटेन में वैध किया गया।
1903 – फोर्ड मोटर कंपनी ने अपनी पहली कार बाजार में उतारी।
1924 - खेल अख़बार सोवेत्स्की स्पोर्ट की स्थापना की गई।
1933 – लंदन में यहूदी विरोधी भावना के खिलाफ पांच लाख लोगों ने रैली निकाली।
1938 – जापान के नाम वापिस लेने के बाद फिनलैंड को 1940 ओलंपिक खेलों की मेजबानी सौंपी गयी।
1944 – अमेरिका ने जापान के कब्जे वाले गुआम पर हमला किया।
1944 – तानाशाह एडॉल्फ हिटलर जर्मनी सेना के एक अधिकारी क्लॉस वॉन स्टॉफ़ेनबर्ग द्वारा किये गये हमले में बाल-बाल बचा।
1951 – जार्डन के शाह किंग अब्दुल्ला प्रथम पर यरुशलम में किये गये हमले में मारे गये।
1956 – फ्रांस ने ट्यूनिशिया को स्वतंत्र देश घोषित किया।
1962 – फ्रांस और ट्यूनीशिया के बीच राजनयिक संबंध एक बार फिर से अच्छे हुये।
1963 –17 अफ्रीकी देशों और मदगास्कर ने यूरोपियन परिषद् के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।
1969 – अमेरिकी खगोलशास्त्री नील आम्रस्टांग और बज एल्द्रिन चांद पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति बने।
1974 – तुर्की के हजारों सैनिकों ने ग्रीस की राजधानी एथेंस में चल रही बातचीत के विफल रहने पर उत्तरी साइप्रस पर हमला कर दिया था।
1997 - तिस्ता नदी के जल बंटवारे पर भारत-बांग्लादेश में समझौता।
1998 – तालिबानी फरमान के बाद केयर इंटरनेशनल और मेडिसिन्स सेंस फ्रंटियर्स के 250 सहायताकर्मियों ने अफगानिस्तान छोड़ा।
1999 - यू.आर. राव (भारत) 'यूनिस्पेस-3' (अंतरिक्ष सम्मेलन) के अध्यक्ष निर्वाचित।
1999 - स्पेन में प्रथम बौद्ध स्तूप का उद्घाटन।
2000 – जिम्बाब्वे की पार्लियामेंट ने अपना नया सत्र शुरू किया जिसमें एक दशक में पहली बार विपक्ष को बैठने की अनुमति मिली।
2001 - लंदन स्टॉक एक्सचेंज सार्वजनिक किया गया।
2002 - उत्तर व दक्षिण कोरिया ने आपस में वायुयान सेवा की शुरुआत की।
2005 – कनाडा में समलैंगिक विवाह को कानूनी स्वीकृति दी गयी और वह ऐसा करने वाला चौथा देश बना।
2007 - पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने मुशर्रफ़ सरकार द्वारा बर्खास्त किये गए मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी को पद पर पुन: बहाली का निर्णय दिया।
2008 - अमेरिकी विदेशमंत्री कोंडलिजा राइस ने भारतीय अमेरिकी डॉक्टर जयन्त पाटिल के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी।
2012 – मेक्सिको के नयारित में एक बस हादसे में 21 लोग मारे गये जबकि 29 घायल हो गये।
2017- रामनाथ कोविन्द, भारत के 14वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए।
2019 - लालजी टंडन को मध्यप्रदेश का नया राज्यपाल बनाया गया और मध्यप्रदेश की मौजूदा गवर्नर आनंदीबेन पटेल को उत्तरप्रदेश भेजा गया।
2020 - भारतीय नौसेना ने अमेरिकी नौसेना के साथ अंडमान निकोबार के पास समुद्र में किया युद्धाभ्यास किया।
2020 -संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपने पहले मंगल मिशन को सफलतापूर्वक लांच कर इतिहास रचा। लाल ग्रह के लिए अंतरिक्षयान रवाना करने वाला अरब जगत का पहला और दुनिया का सातवां देश बना।
2020 - चीन द्वारा हांगकांग पर नया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाये जाने के बाद ब्रिटेन ने हांगकांग के साथ अपनी प्रत्यर्पण की व्यवस्था को निलंबित कर दिया।
2021 - भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिसप्ले टीम का रूस के जुकोवस्की अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा में पहली बार माक्स अंतर्राष्ट्रीय एयर शो में प्रदर्शन शुरू (20 जुलाई 2021 से 25 जुलाई 2021 तक)।
2021 - अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के सरकारी आवास के पास राकेट हमला हुआ।
2021 - एरियल हेनरी ने हैती के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।
2022 - भारत व नामीबिया ने वन्यजीव संरक्षण और सतत जैव-विविधता उपयोग संबंधी समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।
2022 - रानिल विक्रमसिंघे श्रीलंका के नए राष्ट्रपति बने (225 में से 134 वोट मिले)।
2023 - राज्यसभा के सभापति ने लैंगिक समानता स्थापित करते हुए उप-सभापतियों के पैनल में पचास प्रतिशत महिला सदस्यों को मनोनीत किया।
2023 - पारंपरिक औषधियों पर भारत और आसियान का सम्मेलन आज नई दिल्ली में आयोजित किया।
2023 - इस्पात क्षेत्र और डीकार्बोनाइजेशन से जुड़े मुद्दों पर सहयोग के लिए भारत-जापान के बीच द्विपक्षीय बैठक सम्पन्न हुई।
356 – ईसा पूर्व महान विजेता सिकंदर का जन्म हुआ (कन्फर्म नहीं)।
1811 - लॉर्ड एल्गिन - भारत के गवर्नर जनरल और वायसराय थे।
1828 - गणेश वासुदेव जोशी - महाराष्ट्र के समाजसुधारक तथा सामाजिक कार्यकर्ता थे (मतभेद)।
1919 – माउंट एवरेस्ट को सबसे पहले जीतने वाले सर एडमंड हिलेरी का जन्म हुआ।
1920 - ग़ुलाम मोहम्मद शाह - जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ।
1921 - सामता प्रसाद - प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय संगीतकार तथा तबला वादक थे।
1929 - राजेंद्र कुमार - हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध सदाबहार अभिनेता।
1939 - ब्रिगेडियर बी.डी. मिश्रा भारतीय सेना के पूर्व ब्रिगेडियर व अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल बने।
1950 - नसीरुद्दीन शाह - भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध तथा प्रतिभाशाली अभिनेता।
1969 - कलिखो पुल - अरुणाचल प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री थे।
1980 - ग्रेसी सिंह हिन्दी फिल्मों की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री।
1989 - अरूणिमा सिन्हा भारत से राष्ट्रीय स्तर की पूर्व वालीबाल खिलाड़ी तथा एवरेस्ट शिखर पर चढ़ने वाली पहली भारतीय दिव्यांग।
1866 – जर्मनी के गणितज्ञ बरनार्ड रीमैन का टीबी के रोग में निधन हुआ।
1914 - बालकृष्ण भट्ट - आधुनिक हिन्दी साहित्य के शीर्ष निर्माताओं में से एक।
1920 - सारदा देवी भारत के सुप्रसिद्ध संत स्वामी विवेकानंद के गुरु रामकृष्ण परमहंस की आध्यात्मिक सहधर्मिणी थीं।
1922 - चन्द्रनाथ शर्मा - असम राज्य के प्रथम असहयोगी और असम में कांग्रेस के संस्थापकों में से एक।
1937 - गूल्येलमो मार्कोनी इटली का अन्वेषक था जिसने लम्बी दूरी तक रेडियो संचार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभायी।
1965 - बटुकेश्वर दत्त - भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारियों में से एक थे।
1966 - अन्ना चांडी - भारत की पहली महिला न्यायाधीश थीं।
1972 - गीता दत्त, प्रसिद्ध पार्श्वगायिका।
1978 - दक्षिणायनी वेलायुधन - एक भारतीय सांसद और उत्पीड़ित वर्गों के नेत्री थी।
1982 - मीरा बेन - एक ब्रिटिश सैन्य अधिकारी की पुत्री, जिन्होंने 'भारतीय स्वतंत्रता संग्राम' में महात्मा गाँधी के सिद्धांतों से प्रभावित होकर खादी का प्रचार किया।
2011 - लुसियन माइकल फ्रायड- एक ब्रिटिश चित्रकार और ड्राफ्ट्समैन थे, जो आलंकारिक कला में विशेषज्ञता रखते थे।
2013 - खुर्शीद आलम खान एक भारतीय राजनीतिज्ञ और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस राजनीतिक दल के एक वरिष्ठ नेता थे।
2016 - हाशिम अंसारी - अयोध्या-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद के मुख्य पैरोकार थे।
2019 - कांग्रेस की दिग्गज नेत्री तथा दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का निधन।
2020 - ओडिया एक्टर बिजय मोहंती का निधन । उन्होंने 20 जुलाई की शाम को अंतिम सांस ली।
2020 - 1980 ओलंपिक को मैस्कॉट देने वाले विक्टर चिज़िकोव का निधन।
2021 - सिक्किल आर. भास्करन कर्नाटक संगीत और तमिल इसाई के वायलिन वादक थे।
2021 - जाने माने नाट्य निर्देशक, व्यंग्यकार और लखनऊ रंगकर्म के स्तंभ उर्मिल कुमार थपलियाल (78 वर्ष )का निधन हुआ।
2023 - मेक्सिकी प्रोफ़ेशनल बॉक्सर जुआन मेज़ा (67) का निधन हुआ।
2023 - क्रोएशियाई बास्केटबॉल कोच मिर्को नोवोसेल (85) का निधन हुआ।
मेला श्री ज्वालामुखी प्रा. (काश्मीर)।
ऐलक श्री सिद्धान्त सागर जी ऐलक दीक्षा (जैन)।
साईबाबा उत्सव प्रारंभ (शिरडी )।
संत मामा श्री दांडेकर पुण्यतिथि।
श्री कलिखो पुल जन्म दिवस।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह जन्म दिवस।
अभिनेता श्री राजेंद्र कुमार तुली जयन्ती।
श्री बटुकेश्वर दत्त स्मृति दिवस।
श्रीमती शीला दीक्षित स्मृति दिवस।
श्री गुलाम मोहम्मद शाह जयन्ती।
National Moon Day(1969).
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस (International Chess Day)।
कृपया ध्यान दें
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में परीक्षा प्रणाली को लेकर बढ़ती चिंता और पेपर लीक के मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है। संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पेपर लीक को बताया गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया को प्रधानमंत्री के संदेश की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक को देश के भविष्य और युवाओं के विश्वास से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीति से बचने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और उनकी मेहनत के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह बयान हाल ही में पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शनों और राजनीतिक विवादों के बीच सामने आया है। संसद में दूसरे दिन भी जारी रहा हंगामा मानसून सत्र के दूसरे दिन भी लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण बार-बार बाधित रही। पहले दिन की तरह दूसरे दिन भी विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष ने कई राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा, जबकि सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं को सामने रखा। किसानों के हितों पर भी दिया भरोसा बैठक में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर किसानों की चिंताओं पर भी चर्चा हुई। किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने एनडीए सांसदों को भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापारिक समझौते में किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। सरकार ने संकेत दिए कि युवाओं और किसानों से जुड़े मुद्दों पर वह संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ेगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की है। अब टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निवासी ‘राजमार्गयात्रा’ (Rajmargyatra) मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे डिजिटल मासिक लोकल टोल पास बनवा सकेंगे। इस पास के माध्यम से पात्र वाहन चालक संबंधित टोल प्लाजा से पूरे महीने असीमित यात्रा कर सकेंगे। नई व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय लोगों को टोल प्लाजा के चक्कर लगाने से राहत देना और पूरी प्रक्रिया को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाना है। अब नहीं होगी दस्तावेजों की भाग-दौड़ पहले लोकल टोल पास बनवाने या उसका नवीनीकरण कराने के लिए लोगों को टोल प्लाजा पर जाकर निवास प्रमाण पत्र और वाहन संबंधी दस्तावेजों की भौतिक प्रतियां जमा करनी पड़ती थीं। नई डिजिटल व्यवस्था के तहत यह पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन पूरी हो जाएगी। इससे समय की बचत होगी और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। डिजिलॉकर और वाहन पोर्टल से होगा सत्यापन NHAI ने इस सुविधा को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए इसे डिजिलॉकर और वाहन पोर्टल से जोड़ा है। उपयोगकर्ता की सहमति के बाद सिस्टम उसके पते, वाहन की जानकारी और FASTag से जुड़े विवरण स्वतः सत्यापित कर लेगा। वहीं, जीआईएस आधारित तकनीक से यह भी जांच की जाएगी कि आवेदक का घर टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में है या नहीं। 'मार्ग मित्र' एआई हेल्प सेंटर भी शुरू यात्रियों की सुविधा के लिए NHAI ने ऐप में 'मार्ग मित्र' नाम से एआई आधारित डिजिटल हेल्प सेंटर भी लॉन्च किया है। यह 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा और FASTag रिचार्ज, KYC अपडेट, रिफंड स्टेटस, ब्लैकलिस्टिंग की जानकारी तथा सड़क सुरक्षा या वाहन खराब होने जैसी शिकायतों के समाधान में मदद करेगा। फिलहाल यह सुविधा दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा से शुरू की गई है और आने वाले महीनों में इसे देशभर के सभी टोल प्लाजा पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल मंगलवार को 24वें दिन में पहुंच गई। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेहत पर लगातार नजर रखना जरूरी है। लंबे समय तक भोजन नहीं करने और शरीर में पानी की कमी के कारण मेडिकल टीम उनकी नियमित जांच कर रही है। क्या है सोनम वांगचुक का ताजा हेल्थ अपडेट? डॉक्टरों के मुताबिक सोनम वांगचुक की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। ब्लड शुगर सामान्य से कम बना हुआ है, जिससे कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम बना हुआ है। जांच में पोटैशियम का स्तर 3.2 mEq/L पाया गया है, जो सामान्य सीमा से कम है। खून की जांच में एनीमिया के लक्षण मिले हैं। सफेद रक्त कोशिकाओं (WBC) की संख्या भी कम पाई गई है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे उपवास के कारण शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की स्थिति बनी हुई है, इसलिए उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। इलाज कैसे चल रहा है? डॉक्टरों की सलाह पर सोनम वांगचुक फिलहाल ORS और पोटैशियम सप्लीमेंट ले रहे हैं। मेडिकल टीम ने उन्हें शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी दूर करने के लिए IV फ्लूइड और ग्लूकोज लेने की सलाह दी है, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। सफदरजंग अस्पताल और AIIMS के विशेषज्ञ डॉक्टरों की संयुक्त टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति की लगातार समीक्षा कर रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जरूरत के अनुसार सभी चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 28 जून से जारी है भूख हड़ताल सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उन्होंने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है। 18 जुलाई को बिगड़ी थी तबीयत लगातार तीन सप्ताह तक भूख हड़ताल करने के बाद 18 जुलाई को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी वांगचुक ने आंदोलन जारी रखने की इच्छा जताई थी। उन्होंने CJP के 'संसद चलो मार्च' में शामिल होने के लिए अस्पताल से डिस्चार्ज करने की भी मांग की थी, लेकिन डॉक्टरों ने स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल में ही रहने की सलाह दी। एक नजर में पूरा हेल्थ अपडेट अनशन का आज: 24वां दिन अस्पताल: सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली हालत: फिलहाल स्थिर ब्लड शुगर: सामान्य से कम पोटैशियम: 3.2 mEq/L एनीमिया: जांच में पुष्टि WBC: सामान्य से कम क्या ले रहे हैं: ORS और पोटैशियम की दवा क्या लेने से इनकार किया: IV फ्लूइड और ग्लूकोज इलाज: सफदरजंग और AIIMS के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम की निगरानी में डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल वांगचुक की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लंबे समय तक जारी भूख हड़ताल के कारण किसी भी तरह की चिकित्सीय जटिलता से बचने के लिए 24 घंटे निगरानी और नियमित मेडिकल जांच बेहद जरूरी है।