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लखनऊः जिस बिल्डिंग में आग लगने से 15 बच्चे मरे, वह अवैध

abhishek singh जून 23, 2026 0
Lucknow Aliganj Fire
Lucknow Aliganj Coaching Fire

लखनऊ, एजेंसियां। लखनऊ की कोचिंग में आग लगने की घटना में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष हैं। ज्यादातर 20 से 30 साल के स्टूडेंट्स हैं। जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह अवैध थी। इसे गिराने का आदेश 2016 में हुआ था, लेकिन दो महीने से कम समय में ही आदेश निरस्त कर दिया गया था।


बिल्डिग मालिक को नोटिस


सोमवार देर शाम प्रशासन ने बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि ध्वस्तीकरण का नोटिस फिर से जारी किया गया है। इसके बाद बुलडोजर चलेगा।


अब तक 4 गिरफ्तार, 4 सस्पेंड


बिल्डिंग की जमीन रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की है। पुलिस ने केस दर्ज कर वीरेंद्र समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीएम योगी ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के 4 अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। बिल्डिंग को परमिशन देने वाले 16 अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है।


फायर सेफ्टी की व्यवस्था नहीं, निकलने का रास्ता भी नही


पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग में फायर सेफ्टी की व्यवस्था नहीं थी। इमरजेंसी में बाहर निकलने के लिए कोई अलग रास्ता नहीं था। धुआं बाहर निकलने की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। हादसा सोमवार दोपहर 2:30 बजे में एसी ब्लास्ट के चलते हुआ। फायर ब्रिगेड की 19 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। SDRF-NDRF ने 7 घंटे तक रेस्क्यू चलाया। दीवार तोड़कर शव बाहर निकाले गए।


मरने वालों में यूपी के 11....


मरने वालों में यूपी के 11 लोग हैं। इनमें लखनऊ के 8, कानपुर के 2 और बाराबंकी का 1 व्यक्ति शामिल है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के 2 और मध्य प्रदेश और हरियाणा के 1-1 लोगों की जान गई है। बिल्डिंग अलीगंज इलाके में है। बेसमेंट, ग्राउंड और पहले फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक है। दूसरे फ्लोर पर लर्निंग स्पेस नाम की लाइब्रेरी (कोचिंग) और हेड हॉपर स्टूडियो है, जिसमें 3D आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम होता है।
 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Bengal Budget 2026: किसानों के लिए ‘डबल धमाका’, केंद्र के 6,000 रुपये के साथ राज्य देगा 3,000 रुपये अतिरिक्त सहायता

  कोलकाता: पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने अपने पहले बजट में किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए किसानों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता, सस्ती बिजली, डिजिटल ऋण सुविधा और कृषि बुनियादी ढांचे के विस्तार का ऐलान किया। राज्य सरकार ने कृषि विभाग के लिए 8,565.84 करोड़ रुपये के बजट आवंटन का प्रस्ताव रखा है। सबसे बड़ी घोषणा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के लाभार्थी किसानों के लिए की गई है। केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाले 6,000 रुपये के अलावा अब पश्चिम बंगाल सरकार भी प्रत्येक पात्र किसान परिवार को प्रतिवर्ष 3,000 रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देगी। किसानों को सालाना मिलेंगे कुल 9,000 रुपये वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने बजट भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को केंद्र सरकार की ओर से प्रति वर्ष 6,000 रुपये तीन समान किस्तों में मिलते हैं। अब राज्य सरकार किसानों की अतिरिक्त कृषि जरूरतों को देखते हुए प्रति किसान परिवार 3,000 रुपये अतिरिक्त देगी। इस तरह राज्य के पात्र किसानों को अब सालाना कुल 9,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। कृषि विभाग के लिए 8,565 करोड़ रुपये का प्रावधान सरकार ने कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर बजटीय प्रावधान किए हैं। कृषि विभाग के लिए: 8,565.84 करोड़ रुपये कृषि विपणन विभाग के लिए: 364.99 करोड़ रुपये सरकार का कहना है कि इन संसाधनों का उपयोग किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उपज का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने और कृषि बुनियादी ढांचे के विकास में किया जाएगा। 15 दिनों की जगह 15 मिनट में मिलेगा किसान ऋण बजट में किसानों के लिए डिजिटल किसान क्रेडिट कार्ड प्रणाली (Digital Kisan Credit Card System) शुरू करने की घोषणा भी की गई है। यह व्यवस्था भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सहयोग से यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI) के माध्यम से लागू की जाएगी। इस नई व्यवस्था के तहत: ऋण स्वीकृति का समय 15 दिनों से घटकर 15 मिनट रह जाएगा। एपीआई आधारित भूमि रिकॉर्ड के जरिए पेपरलेस लोन स्वीकृति संभव होगी। किसानों को बैंकों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पीएमकेएसवाई योजना के लिए 100 करोड़ रुपये दो हेक्टेयर तक कृषि भूमि रखने वाले पात्र किसानों को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY-PDMC) का लाभ देने के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव रखा है। इस योजना के तहत किसान परियोजना लागत का केवल 10 प्रतिशत भुगतान करेंगे, जबकि शेष राशि राज्य सरकार वहन करेगी। किसानों को मिलेगी सस्ती बिजली खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने कृषि सिंचाई में उपयोग होने वाले सबमर्सिबल पंपों की बिजली पर प्रति यूनिट 2 रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की सिंचाई लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। आलू और धान किसानों के लिए भी बड़ी राहत मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बजट के बाद कहा कि सरकार कृषि और उद्योग दोनों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने घोषणा की कि: धान खरीद मूल्य पर प्रति क्विंटल 200 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। सरकार धीरे-धीरे धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 3,100 रुपये प्रति क्विंटल तक ले जाने की दिशा में काम करेगी। प्रत्येक आलू किसान को 200 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त सहायता मिलेगी। रेशा (फाइबर) खेती और ग्रामीण कृषि विकास को मिलेगा बढ़ावा सरकार ने रेशा खेती के आधुनिकीकरण, प्रसंस्करण और बाजार विस्तार के लिए राष्ट्रीय रेशा मिशन परियोजना शुरू करने की भी घोषणा की है। इसके अलावा, ग्रामीण कृषि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए: Alipurduar Darjeeling Purulia Jhargram में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (DDKY) लागू की जाएगी। 'कृषि और किसान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता' मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार के डिजिटल कृषि मिशन को राज्य में लागू किया जाएगा, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में किसानों के लिए और भी कई कल्याणकारी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा, "यह सरकार लंबे समय तक किसानों के हित में काम करेगी। हम चरणबद्ध तरीके से किसानों के लिए और फैसले लेते रहेंगे।"  

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  लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। घटना के बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की गहन जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बुलाई हाईलेवल बैठक, SIT के गठन के निर्देश किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में घायलों का हालचाल जानने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास, 5 कालीदास मार्ग पर उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, धर्मार्थ एवं संस्कृति विभाग) अमृत अभिजात और अपर पुलिस महानिदेशक (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार के नेतृत्व में दो सदस्यीय एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए। एसआईटी पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। चार आरोपी गिरफ्तार अग्निकांड मामले में पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं— रामकृष्ण उपाध्याय (निवासी अलीगंज) वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (निवासी बड़ा दुर्गा मंदिर, सीतापुर रोड, लखनऊ) तूशॉक कृष्णा जायसवाल (निवासी बालागंज, लखनऊ) सुरेश कुमार साहू (निवासी मड़ियांव, लखनऊ) पुलिस इन सभी से पूछताछ कर आग लगने के कारणों और संभावित लापरवाही के पहलुओं की जांच कर रही है। चार अधिकारियों पर गिरी गाज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनमें शामिल हैं— गौरव कुमार, एक्सईएन कलेक्शन, बिजली विभाग, जानकीपुरम कमलेन्द्र कुमार सिंह, प्रभारी FSSO, फायर विभाग, इंदिरा नगर अनिल कुमार, सहायक अभियंता (AE), लखनऊ विकास प्राधिकरण प्रमोद पांडे, जूनियर इंजीनियर (JE), लखनऊ विकास प्राधिकरण सरकार का कहना है कि प्रथम दृष्टया लापरवाही के संकेत मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। अलीगढ़ में थे मुख्यमंत्री, तुरंत रद्द किए कार्यक्रम हादसे के समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ दौरे पर थे और एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने मंच से ही अपने शेष कार्यक्रम रद्द करने की घोषणा की और तत्काल लखनऊ रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए थे। घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री लखनऊ पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सबसे पहले अलीगंज स्थित घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से घायलों की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। मृतकों के परिजनों को 5 लाख, घायलों को 50 हजार की सहायता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये की वित्तीय मदद देने का भी ऐलान किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाएगी।  

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23 जून की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1713 - असाडीअ के फ्रांसीसी निवासियों को ब्रिटेन के लिए निष्ठा की घोषणा करने या नोवा स्कोटिया, कनाडा छोड़ने के लिए एक वर्ष दिया गया। 1724 - इस्तंबुल की संधि पर हस्ताक्षर किया गया, ओटोमन साम्राज्य, रूस, और पर्शिया का विभाजन किया गया। 1757 – प्लासी की लड़ाई में सिराजुदौला ने क्लाइव की नेतृत्व वाली ब्रिटिश सेना पर हमला किया जिसमें उसे हार का सामना करना पड़ा। 1810 – बाम्बे के डंकन डॉक का निर्माण कार्य पूरा हुआ।  1868 – क्रिस्‍टोफर एल शोल्‍स को टाइपराइटर के लिए पेटेंट मिला। 1888 – फेडरिक डगलस पहले अफ्रीकी अमेरिकी हुए जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए नामित किया गया। 1894 – बैरन पियरे डी कुबर्टिन की पहल पर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की पेरिस के सोरबोन में स्थापना। 1956 – जमाल अब्दुल नासिर मिस्र के राष्ट्रपति चुने गए। 1960 – जापान और अमेरिका के बीच सुरक्षा समौझाता हुआ। 1985 –  एयर इंडिया का जम्बो यात्री विमान कनिष्का आयरलैंड तट के करीब हवा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार सभी 329 यात्री मारे गए थे। 1991 – अफ्रीकी देश माल्दोवा ने आजादी की घोषणा की।  1992 – न्यूयॉर्क के सबसे बड़े माफिया परिवार के मुखिया जॉन गोत्ती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। 1994 - संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने दक्षिण अफ़्रीका की सदस्यता को मंजूर किया। 1994 - उत्तरी कोरिया द्वारा परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाये जाने की घोषणा। 1995 - संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 50 वर्ष के इतिहास में 100वाँ प्रस्ताव (साइप्रस में शांति सैनिकों की अवधि बढ़ाने के संबंध में) पारित किया। 1996 – शेख हसीना वाजेद ने बंगलादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 2008 - प्रसिद्ध बंगाली अभिनेता सौमित्र चटर्जी को दादा साहब फाल्के पुरस्कार देने के लिए चयन समिति ने सिफ़ारिश की।  2008 - टायर बनाने वाली देश की प्रमुख कम्पनी जेके टायर इण्डिया लिमिटेड ने मैक्सिको की टायर कम्पनी टोर्नल व उसकी सहायक कम्पनियों सहित 270 करोड़ डालर का अधिग्रहण किया। 2008 - नेपाल की मौजूदा सरकार ने संयुक्त राष्ट्र मिशन की अवधि बढ़ाने की मंजूरी दी। 2012 – एस्टन ईटन ने अमेरिकी ओलंपिक परीक्षण में डेक्थलान में विश्व रिकॉर्ड को तोड़ा। 2014- गुजरात का ‘रानी की वाव’ और हिमाचल का 'ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क' विश्व धरोहर सूची में शामिल हुआ। 2017- मोहम्मद बिन नायफ के बाद मोहम्मद बिन सलमान सउदी अरब के नए उत्तराधिकारी नियुक्त। 2019 - सऊदी अरब एफएटीएफ सदस्यता पाने वाला पहला अरब देश बन गया। 2020 - सउदी अरब पर ड्रोन व मिशाइल से हमला हुआ। 2020 - रूस ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता के लिए भारत का समर्थन किया। 2020 - पुलवामा में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को किया ढेर, एक जवान शहीद। 2020 - चीन ने अपने बाइडू नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (बीडीएस) के लिए अंतिम उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। 2021 - हिंद महासागर में भारत और अमेरिका का युद्ध अभ्यास शुरू हुआ। 2021 - श्रीलंका के पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने देश की राजनीति में इतिहास रचते हुए लगातार नौवीं बार सांसद के तौर पर शपथ ली। 2022 - उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में 17 श्रद्धालुओं से भरी पिकअप पेड़ से टकराने से एक ही परिवार के 9 लोगों सहित 10 की मौत हुई व 7 लोग घायल हुए। 2022 - भारत और न्यूजीलैंड के बीच चौथा विदेश मंत्रालय परामर्श आयोजित हुआ। 2022 - प्रधानमंत्री ने 14वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (23-24 जून) में भाग लिया। 2022 - प्रधानमंत्री ने ‘वाणिज्य भवन’ का उद्घाटन किया और निर्यात पोर्टल का शुभारंभ किया।  2022 - दक्षिण कोरिया ने घरेलू स्तर पर निर्मित अंतरिक्ष रॉकेट से वाणिज्यिक उपग्रह लॉन्च किया। 2022 - पहली भारत गौरव ट्रेन भारत से 500 पर्यटकों को लेकर नेपाल के जनकपुर पहुंची। 2022 - ISRO ने फ्रेंच गुयाना के कौरौ से संचार उपग्रह GSAT-24 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। 2023 -   गुजरात के जामनगर में बिल्डिंग गिरने से 3 की मौत व 5 घायल हुए। 2023 - प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति श्री बाइडेन से मुलाकात की। 2023 - दो दिवसीय श्रम 20 शिखर सम्मेलन का पटना में समापन हुआ। 2024 - ISRO ने रीयूजेबल लॉन्च व्हीकल (RLV-LEX-03) की तीसरी सफल लैंडिंग की। 2024 - रूस के दागिस्तान में आतंकी हमला, पादरी और पुलिसकर्मियों सहित 9 की मौत, 25 घायल हुए।   23 जून को जन्मे व्यक्ति   1901 - राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी - भारत के अमर शहीद प्रसिद्ध क्रांतिकारियों में से एक (29 जून का भी वर्णन मिलता है)। 1912 – कंप्‍यूटर साइंस के बादशाह कहे जाने वाले क्रिप्‍टएनालिस्‍ट एलन ट्यूरिंग का जन्‍म हुआ। 1920 - जगन्नाथराव जोशी भारतीय  राजनेता (भाजपा के ) व भारतीय जनसंघ के वरिष्ट नेता थे। 1934 - चण्डी प्रसाद भट्ट - गाँधीवादी विचारक और सामाजिक कार्यकर्ता। 1934 -वीरभद्र सिंह - हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री। 1936 - प्रदीप कुमार बनर्जी - भारत के सर्वश्रेष्ठ फ़ुटबॉल खिलाड़ियों में से एक हैं। 1936 - एन. भास्कर राव - भारतीय राजनीतिज्ञ रहे , जिनका सम्बंध 'तेलुगु देशम पार्टी' से है। 1939 - सैयद शाहिद हाकिम - पूर्व भारतीय फुटबॉलर थे। 1972 - संजीव कुमार बालयान - भाजपा के राजनीतिज्ञ। 1980– वेस्टइंडीज के बल्लेबाज रामनरेश सरवन का गुयाना में जन्म हुआ।   23 जून को हुए निधन   1761 - बालाजी बाजीराव - महान् मराठा पेशवा। 1914 - गंगाप्रसाद वर्मा - राजनेता तथा समाज सुधारक। 1939 - गिजुभाई बधेका - गुजराती भाषा के लेखक और महान् शिक्षाशास्त्री थे। 1953 - श्यामा प्रसाद मुखर्जी - महान् शिक्षाविद, चिन्तक और साथ ही 'भारतीय जनसंघ' के संस्थापक। 1971 - श्रीप्रकाश - भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी और पाकिस्तान में प्रथम उच्चायुक्त। 1980 - भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के पुत्र संजय गाँधी एक विमान दुर्घटना में मारे गए। 1980 -वी.वी. गिरी - भारत के चौथे राष्ट्रपति। 1995 – वैज्ञानिक डाॅ. जोनास साल्‍क का निधन। 2015 - सिस्टर निर्मला, मदर टेरेसा की संस्था मिशनरीज ऑफ़ चैरिटीज की प्रमुख थीं। 2019 - तमिलनाडु के पूर्व डीजीपी वीआर लक्ष्मीनारायणन का निधन। 2021 - स्पेन के जेल में कैद की सजा भुगत रहे एंटीवायरस सॉफ्टवेयर के पायनियर जॉन मैकफी (John McAfee) मृत पाए गए। 2023 - अमेरिकी अभिनेत्री बेट्टा सेंट जॉन (93) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी अभिनेता फ्रेडरिक फेनिमोर फॉरेस्ट जूनियर (86) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी संगीतकार जेसी लेस्टर मैकरेनोल्ड्स (93) का निधन हुआ। 2024 - ऑस्ट्रेलियाई संगीतकार, शिक्षक डेविड टुनले का 94 वर्ष की आयु में निधन।   23 जून के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   संत नामदेव महाराज पुण्यतिथि (आषाढ कृष्ण त्रयोदशी , कन्फर्म नहीं)। श्री वीरभद्र सिंह जन्म दिवस। श्री राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी जन्म दिवस (जन्मतिथि पर मतभेद)। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी स्मृति दिवस। श्री संजय गाँधी स्मृति दिवस। श्री वाराहगिरि वेंकट गिरि स्मृति दिवस। अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक संघ स्थापना दिवस। संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा दिवस (United Nations Public Service Day)। अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस (International Widows Day)।   कृपया ध्यान दें जी     यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

abhishek singh जून 23, 2026 0
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