अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार रात भारतीय क्रिकेट के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय लिखा गया। टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी बार T20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत T20 वर्ल्ड कप का सफलतापूर्वक बचाव करने वाली दुनिया की पहली टीम बन गया।
करीब एक लाख दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में जब अंतिम विकेट गिरा, तो पूरा मैदान जश्न में डूब गया। लॉन्ग-ऑन पर तिलक वर्मा ने जैकब डफी का कैच पकड़ते ही न्यूजीलैंड की आखिरी उम्मीद खत्म कर दी। कैच लेने के बाद खुशी के जोश में उन्होंने गेंद को हवा में उछालने की कोशिश की और फिसल पड़े। तभी उनके साथी खिलाड़ी दौड़ते हुए उनके पास पहुंचे और मैदान में जश्न का माहौल बन गया।
यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि भावनाओं से भरा वह पल था जिसका इंतजार अहमदाबाद के इसी मैदान को 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल की हार के बाद से था। उस मैच में भारत शानदार फॉर्म में होने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया से हार गया था। लगभग दो साल बाद इसी मैदान पर मिली यह जीत उस दर्द को भरने वाली साबित हुई।
खिताब जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ी भावुक नजर आए। कई खिलाड़ियों के लिए यह पल शब्दों से परे था। तिलक वर्मा ने कहा, “अगले कुछ दिन टीम के साथ जश्न मनाने में गुजरेंगे। यह हमारे लिए बेहद खास पल है।”
तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने टीम की तारीफ करते हुए कहा, “हमारी टीम में कई मैच विनर खिलाड़ी हैं। यह जीत हमारी मेहनत का परिणाम है और हमारे प्रदर्शन पर लगी चेरी की तरह है।”
टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए संजू सैमसन ने कहा, “यह सब किसी सपने जैसा लगता है। इतने बड़े मंच पर टीम के लिए योगदान देना गर्व की बात है।”
वहीं फाइनल में शानदार गेंदबाजी करने वाले जसप्रीत बुमराह ने कहा कि यह जीत उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा, “मैंने अपने घरेलू मैदान पर पहले भी एक फाइनल खेला था लेकिन जीत नहीं सका था। आज यहां जीतना मेरे लिए बेहद भावुक क्षण है।”
मैच खत्म होते ही स्टेडियम में जश्न का माहौल बन गया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कोच गौतम गंभीर को गले लगाया और भावुक नजर आए। इसके बाद उन्होंने टीम के हर खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ को गले लगाया।
स्टेडियम में रंग-बिरंगी आतिशबाजी हुई और आसमान से नीले रंग की कंफेटी बरसने लगी। खिलाड़ी अपने परिवार के साथ भी इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाते दिखाई दिए। वरुण चक्रवर्ती का बेटा उनके गले से लिपटा हुआ था, जबकि सूर्यकुमार यादव अक्षर पटेल के छोटे बच्चे के साथ खेलते नजर आए।
न्यूजीलैंड के खिलाड़ी भी हार के बावजूद मुस्कुराते हुए भारतीय टीम को बधाई देते दिखे। हालांकि उनके चेहरों पर यह साफ झलक रहा था कि भारत की टीम उस दिन उनसे कहीं ज्यादा मजबूत साबित हुई।
फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना किसी भी टीम के लिए मुश्किल था और न्यूजीलैंड भी इस दबाव को झेल नहीं सका।
न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई और नियमित अंतराल पर विकेट खोती रही। भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया। अंततः पूरी टीम 159 रन पर सिमट गई और भारत ने 96 रन के बड़े अंतर से मुकाबला जीत लिया।
इस दौरान जसप्रीत बुमराह ने अहम मौके पर दो विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।
भारत की पारी की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। अभिषेक शर्मा ने तेज शुरुआत दी और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। उनके आउट होने के बाद भी भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता कम नहीं हुई।
ईशान किशन ने सिर्फ 24 गेंदों में 54 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच की दिशा लगभग तय कर दी। उन्होंने कई शानदार चौके और छक्के लगाए और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
भारत के शीर्ष तीन बल्लेबाजों ने मिलकर सिर्फ 92 गेंदों में 195 रन जोड़ दिए, जिसने न्यूजीलैंड की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया। पूरी पारी के दौरान भारतीय बल्लेबाजों ने 17 छक्के और 19 चौके लगाए।
यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय T20 क्रिकेट के नए युग की शुरुआत भी मानी जा रही है। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग है, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भरमार है और अब लगातार दो विश्व खिताब भी हैं।
2024 में T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद 2026 में उसे बरकरार रखकर भारत ने साबित कर दिया कि वह इस फॉर्मेट में दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक है।
करीब 17 साल तक T20 विश्व कप का ताज भारत से दूर रहा, लेकिन अब लगातार दो खिताब जीतकर टीम इंडिया ने यह साबित कर दिया है कि वह इस फॉर्मेट में लंबे समय तक अपना दबदबा कायम रख सकती है।
अहमदाबाद की यह रात भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक बन गई। यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि उस लंबी यात्रा का परिणाम थी जो वर्षों की मेहनत, रणनीति और नए खिलाड़ियों पर भरोसे से बनी है।
इस जीत के साथ भारत ने यह संदेश दे दिया है कि वह T20 क्रिकेट में एक नई विरासत बनाने की राह पर है। यह वह रात थी जब टीम इंडिया ने इतिहास के बोझ और करोड़ों प्रशंसकों की उम्मीदों को अपने कंधों पर उठाकर जीत में बदल दिया।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
कोलकाता, एजेंसियां। कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL 2026 में लगातार दूसरी जीत दर्ज की। टीम ने मुंबई इंडियंस को 4 विकेट से हराया। इस जीत के साथ कोलकाता की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें बनी हुई हैं। टीम 13 मैचों में 6 जीत, 6 हार और एक बेनतीजा मैच के साथ 13 पॉइंट्स लेकर छठे स्थान पर पहुंच गई है। बुधवार को ईडन गार्डन्स में कोलकाता ने टॉस जीतकर बॉलिंग चुनी। बारिश के कारण मैच में एक घंटे की देरी हुई। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 147 रन बनाए। कॉर्बिन बॉश ने 18 गेंदों पर नाबाद 32 रन बनाए। कप्तान हार्दिक पंड्या ने 26 रन का योगदान दिया। कोलकाता की ओर से कैमरन ग्रीन, सौरभ दुबे और कार्तिक त्यागी ने 2-2 विकेट लिए। सुनील नरेन को एक सफलता मिली। कोलकाता ने 6 विकेट खो कर जीत दर्ज की 148 रन के जवाब में कोलकाता ने 18.5 ओवर में 6 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। टीम ने 54 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे। यहां से मनीष पांडे और रोवमन पॉवेल ने 47 गेंदों पर 64 रन की साझेदारी कर मैच कोलकाता की ओर मोड़ दिया। मनीष ने 45 रन बनाए और 6 चौके लगाए। पॉवेल ने 40 रन की पारी में 4 चौके और 2 सिक्स लगाए।
Kolkata Knight Riders के लिए आज का मुकाबला सीजन का सबसे अहम मैच साबित हो सकता है। आईपीएल 2026 का 65वां मुकाबला शाम 7:30 बजे कोलकाता के ईडन गार्डन्स में Mumbai Indians और केकेआर के बीच खेला जाएगा। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए कोलकाता को हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। दूसरी तरफ मुंबई इंडियंस भले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हो, लेकिन वह केकेआर की राह मुश्किल करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। अंक तालिका में क्या है स्थिति? केकेआर ने अब तक 12 मुकाबलों में 11 अंक हासिल किए हैं और टीम फिलहाल आठवें स्थान पर है। वहीं मुंबई इंडियंस 8 अंकों के साथ नौवें नंबर पर मौजूद है। हालांकि मुंबई की प्लेऑफ की उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं, लेकिन टीम अपने आखिरी मुकाबलों में जीत के साथ सीजन खत्म करना चाहेगी। प्लेऑफ की रेस इस समय बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है। बेंगलुरु, गुजरात और हैदराबाद की टीमें पहले ही अंतिम चार में जगह बना चुकी हैं। चौथे स्थान के लिए पंजाब, राजस्थान, चेन्नई, दिल्ली और कोलकाता के बीच कड़ी टक्कर जारी है। ऐसे में केकेआर के लिए अब हर मैच फाइनल जैसा बन गया है। हेड टू हेड में मुंबई भारी दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 36 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें मुंबई इंडियंस का दबदबा साफ नजर आता है। मुंबई ने 25 मैच जीते हैं, जबकि कोलकाता को सिर्फ 11 जीत मिली हैं। इस सीजन की पिछली भिड़ंत में भी मुंबई ने केकेआर को हराया था। हार्दिक पांड्या की वापसी से मुंबई को राहत Hardik Pandya चोट की वजह से पिछले तीन मैचों से बाहर थे, लेकिन अब उनकी वापसी की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने मंगलवार को नेट्स में बल्लेबाजी अभ्यास भी किया। हालांकि इस सीजन में हार्दिक का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने 8 पारियों में सिर्फ 146 रन बनाए हैं और गेंदबाजी में भी महंगे साबित हुए हैं। मुंबई को लगा दोहरा झटका मुंबई इंडियंस को मैच से पहले बड़ा नुकसान भी हुआ है। विकेटकीपर बल्लेबाज Quinton de Kock और ऑलराउंडर Raj Angad Bawa चोट के कारण बाकी सीजन से बाहर हो गए हैं। डी कॉक को बाएं हाथ की कलाई में चोट लगी। राज अंगद बावा के दाएं अंगूठे में चोट आई है। डी कॉक ने इस सीजन सिर्फ 3 मैच खेले लेकिन पंजाब के खिलाफ नाबाद 112 रन की शानदार पारी खेली थी। पिच रिपोर्ट Eden Gardens की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है। यहां गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है और छोटी बाउंड्री के कारण बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग मिल सकती है, जबकि बाद में स्पिनर्स भी असर डाल सकते हैं। मौसम अपडेट कोलकाता में आज अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। शाम के समय हल्की बारिश की 25 प्रतिशत संभावना है, लेकिन मैच के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है। संभावित प्लेइंग-11 कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, अंगकृष रघुवंशी, कैमरन ग्रीन, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, सौरभ दुबे, वरुण चक्रवर्ती, मथीश पथिराना। मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), रोहित शर्मा, रायन रिकेल्टन, नमन धीर, तिलक वर्मा, शेरफन रदरफोर्ड, विल जैक्स, रघु शर्मा, कॉर्बिन बॉश, शार्दूल ठाकुर, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह। मैच में किन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें? Rinku Singh Sunil Narine Rohit Sharma Jasprit Bumrah इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन मैच का रुख तय कर सकता है। यह मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि प्लेऑफ की उम्मीदों और सम्मान की लड़ाई भी होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि केकेआर अपने घरेलू मैदान पर दबाव झेल पाती है या मुंबई एक बार फिर उसका खेल बिगाड़ देती है।
Mahendra Singh Dhoni को लेकर एक बार फिर संन्यास की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच Chennai Super Kings ने IPL 2026 में अपने घरेलू मैदान पर आखिरी मुकाबला खेला, जिसके बाद चेपॉक स्टेडियम का माहौल बेहद भावुक नजर आया। सीजन के 63वें मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने चेन्नई सुपर किंग्स को 5 विकेट से हराया। इस हार के बाद CSK की प्लेऑफ की राह बेहद मुश्किल हो गई है, लेकिन मैच के बाद जो दृश्य देखने को मिला, उसने फैंस को भावुक कर दिया। टीम के साथ मैदान का चक्कर लगाते दिखे धोनी मैच खत्म होने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स की पूरी टीम ने चेपॉक स्टेडियम में “लैप ऑफ ऑनर” लिया। खिलाड़ी मैदान के चारों ओर घूमते हुए फैंस का अभिवादन स्वीकार करते नजर आए। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को पहले ही मैच के बाद रुकने की जानकारी दे दी गई थी। ऐसे में कई फैंस को उम्मीद थी कि धोनी अपने भविष्य को लेकर कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, धोनी का टीम के साथ मैदान का चक्कर लगाना और फैंस का जोरदार समर्थन इस पल को बेहद खास बना गया। चेपॉक में दिखा इमोशनल माहौल लैप ऑफ ऑनर के दौरान पूरा M. A. Chidambaram Stadium “धोनी-धोनी” के नारों से गूंज उठा। फैंस लगातार अपने पसंदीदा खिलाड़ी की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए। धोनी इस सीजन चोट की वजह से मैदान पर एक भी मुकाबला नहीं खेल पाए हैं। जुलाई में वह 45 साल के हो जाएंगे, ऐसे में उनके अगले सीजन खेलने को लेकर अब भी संशय बना हुआ है। सुरेश रैना से गले मिले धोनी मैच के बाद एक और खास पल देखने को मिला जब धोनी ने अपने पुराने साथी Suresh Raina को गले लगाया। रैना लंबे समय तक CSK का अहम हिस्सा रहे हैं और इस मुकाबले में कमेंट्री की भूमिका निभा रहे थे। दोनों दिग्गज खिलाड़ियों की यह मुलाकात सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई। पीली जर्सी में दिखे धोनी, गूंज उठा स्टेडियम इससे पहले चेन्नई सुपर किंग्स की पारी खत्म होने के बाद टीम का फोटोशूट हुआ। इस दौरान महेंद्र सिंह धोनी पीली CSK जर्सी पहनकर मैदान पर पहुंचे। धोनी को देखते ही पूरा स्टेडियम अपनी सीटों से खड़ा हो गया और जोरदार तालियों व नारों से उनका स्वागत किया गया। दिलचस्प बात यह रही कि इस सीजन मैच डे पर धोनी पहली बार स्टेडियम में नजर आए। वह अब तक टीम के मुकाबलों के दौरान मैदान में नहीं दिखे थे। क्या यह धोनी का आखिरी IPL सीजन है? फिलहाल महेंद्र सिंह धोनी ने अपने IPL भविष्य को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन चेपॉक में उनके सम्मान में उमड़ा भावनाओं का सैलाब इस बात का संकेत जरूर दे रहा है कि फैंस हर पल को खास बनाकर जीना चाहते हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या धोनी अगले सीजन भी पीली जर्सी में नजर आएंगे या यह चेपॉक में उनका आखिरी भावुक पल था।