स्पोर्ट्स

Shubham Dubey Stars in RR’s Big Win

IPL 2026: ‘बहुत मुश्किल रोल’ में चमके शुभम दुबे, राजस्थान के भरोसे का दिया शानदार जवाब

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Shubham Dubey batting aggressively for Rajasthan Royals in IPL 2026 match under pressure
Shubham Dubey Match Winning Knock IPL 2026

Indian Premier League 2026 में Rajasthan Royals के लिए एक बड़ा मैच विनर उभरकर सामने आया है। Shubham Dubey ने पंजाब किंग्स के खिलाफ बेहद दबाव भरे मुकाबले में शानदार पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई और यह साबित किया कि वह मुश्किल परिस्थितियों के खिलाड़ी हैं।

नंबर 6 पर आकर पलटा मैच

जब राजस्थान को जीत के लिए 36 गेंदों में 72 रन की जरूरत थी, तब शुभम दुबे को नंबर 6 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया–वो भी Ravindra Jadeja और Dasun Shanaka जैसे खिलाड़ियों से पहले।

दुबे ने इस चुनौती को बखूबी निभाते हुए सिर्फ 12 गेंदों में नाबाद 31 रन बनाए और मैच का रुख बदल दिया।

Ferreira के साथ मैच जिताऊ साझेदारी

उन्होंने Donovan Ferreira के साथ मिलकर 32 गेंदों में 77 रन की अहम साझेदारी की। इस साझेदारी ने न सिर्फ दबाव कम किया, बल्कि राजस्थान को जीत की राह पर ला खड़ा किया।

संगकारा ने बताया ‘एक्सेप्शनल’

टीम के हेड कोच Kumar Sangakkara ने दुबे की तारीफ करते हुए कहा कि इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर खेलना सबसे मुश्किल होता है, क्योंकि खिलाड़ी को पहले से पता नहीं होता कि उसे मौका मिलेगा या नहीं। ऐसे में मानसिक रूप से तैयार रहना ही असली चुनौती होती है–और दुबे इसमें सफल रहे।

छोटे टूर्नामेंट से IPL तक का सफर

31 वर्षीय शुभम दुबे का सफर संघर्ष से भरा रहा है। उन्होंने विदर्भ के बापुना कप जैसे छोटे टूर्नामेंट्स से पहचान बनाई और फिर Syed Mushtaq Ali Trophy 2023-24 में 73.66 की औसत और 187+ स्ट्राइक रेट के साथ शानदार प्रदर्शन किया।

RR का भरोसा और दुबे का प्रदर्शन

राजस्थान ने IPL 2024 में उन्हें 5.8 करोड़ रुपये में खरीदा था, हालांकि पहले सीजन में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। बाद में टीम ने उन्हें रिलीज कर दोबारा खरीदा, लेकिन भरोसा कायम रखा।

अब IPL 2026 में दुबे ने लगातार दो मैचों में दमदार प्रदर्शन किया–

  • लखनऊ के खिलाफ 19* (11 गेंद)
  • पंजाब के खिलाफ 31* (12 गेंद)

एक्सपर्ट्स ने भी सराहा

पूर्व क्रिकेटर Abhinav Mukund और Piyush Chawla ने भी माना कि दुबे जैसे खिलाड़ी के लिए यह रोल बेहद कठिन होता है, जहां 10-12 गेंदों में 25-30 रन बनाने का दबाव होता है। लेकिन दुबे ने अपनी काबिलियत से साबित कर दिया कि वह गेम को कंट्रोल करना जानते हैं।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

स्पोर्ट्स

View more
Vaibhav Suryavanshi smashing a massive six during IPL 2026 for Rajasthan Royals
वैभव सूर्यवंशी का तूफान: 15 साल का ‘वंडर बॉय’ बदल सकता है IPL का इतिहास, क्रिस गेल का महारिकॉर्ड खतरे में

आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स का 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi अपने धमाकेदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को हैरान कर रहा है। जिस आक्रामक अंदाज में वह बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वह इस सीजन में आईपीएल इतिहास के कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में वैभव ने महज 16 गेंदों में 43 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 5 छक्के और 3 चौके शामिल थे। उनकी इस पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि दिग्गजों के रिकॉर्ड पर भी खतरे की घंटी बजा दी है। क्रिस गेल का ‘महारिकॉर्ड’ खतरे में आईपीएल इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड Chris Gayle के नाम है, जिन्होंने 2012 में 59 छक्के लगाए थे। लेकिन इस सीजन वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 9 मैचों में ही 37 छक्के जड़ दिए हैं। उनकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह रिकॉर्ड अब ज्यादा दूर नहीं लगता। वहीं Abhishek Sharma का 2024 में 42 छक्कों का आंकड़ा भी खतरे में है, जिसे वैभव जल्द पार कर सकते हैं। दुनिया के टॉप गेंदबाज भी नहीं बच पाए वैभव की बल्लेबाजी की सबसे खास बात उनका निडर रवैया है। उन्होंने Jasprit Bumrah और Josh Hazlewood जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाजों के खिलाफ भी आक्रामक खेल दिखाया है। उनका आत्मविश्वास और बड़े शॉट खेलने की क्षमता उन्हें बाकी बल्लेबाजों से अलग बनाती है। रिकॉर्डतोड़ स्ट्राइक रेट और ऑरेंज कैप की दौड़ वैभव सूर्यवंशी इस सीजन 238.10 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट और 44.44 की औसत से रन बना रहे हैं। वह ऑरेंज कैप की रेस में भी सबसे आगे चल रहे हैं। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास के पहले बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने एक ही सीजन में 230+ के स्ट्राइक रेट से 400 रन का आंकड़ा पार किया है। RR के लिए गेम-चेंजर बनते वैभव Yashasvi Jaiswal के साथ उनकी साझेदारी राजस्थान रॉयल्स के लिए इस सीजन की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। दोनों की आक्रामक शुरुआत ने टीम को कई मैचों में मजबूत स्थिति दिलाई है। IPL में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के (Top Records) 59 – क्रिस गेल (2012) 52 – आंद्रे रसेल (2019) 51 – क्रिस गेल (2013) 44 – क्रिस गेल (2011) 42 – अभिषेक शर्मा (2024)

surbhi अप्रैल 30, 2026 0
Rohit Sharma sits out as Mumbai Indians face Sunrisers Hyderabad in IPL 2026

MI vs SRH: रोहित शर्मा लगातार चौथे मैच से बाहर, हार्दिक पांड्या के बयान ने बढ़ाई चिंता–क्या खत्म होने की कगार पर है ‘हिटमैन’ का IPL करियर?

Salil Arora plays stunning no-look six off Jasprit Bumrah in IPL 2026 match

कौन हैं सलिल अरोड़ा? जसप्रीत बुमराह पर नो-लुक सिक्स लगाकर बने चर्चा का केंद्र, जानिए पूरा क्रिकेट सफर

वेपिंग करते पकड़े गए रियान पराग, एक वीडियो ने बढ़ाई मुश्किलें

Fan injured in stadium after Priyansh Arya six hits during IPL 2026 match
IPL 2026: प्रियांश आर्य के छक्के से स्टैंड में घायल हुआ फैन, मैच के दौरान सामने आई चौंकाने वाली घटना

Indian Premier League 2026 के एक रोमांचक मुकाबले के दौरान एक चिंताजनक घटना सामने आई, जब Priyansh Arya के लगाए गए जोरदार छक्के से स्टैंड में बैठा एक दर्शक घायल हो गया। छक्का बना हादसे की वजह यह घटना Punjab Kings और Rajasthan Royals के बीच 28 अप्रैल को खेले गए मैच के दौरान हुई। पंजाब के ओपनर प्रियांश आर्य ने एक बड़ा शॉट खेला, जो सीधे स्टैंड्स में जाकर एक फैन के चेहरे पर लगा। इससे वह व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके चेहरे से खून बहने लगा। हालांकि, मौके पर मौजूद अन्य दर्शकों ने तुरंत उसकी मदद की और स्थिति को संभाला। मैदान पर रोमांच, बाहर चिंता मैच भले ही हाई स्कोरिंग और रोमांचक रहा, लेकिन इस घटना ने स्टेडियम में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्रिकेट में दर्शकों का उत्साह जितना जरूरी है, उतनी ही उनकी सुरक्षा भी अहम होती है। ऐसा रहा मैच का हाल मैच में Riyan Parag की कप्तानी वाली राजस्थान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। पंजाब ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 222 रन बनाए Marcus Stoinis: 62* रन Prabhsimran Singh: 59 रन जवाब में राजस्थान ने 19.2 ओवर में 4 विकेट पर 223 रन बनाकर मैच जीत लिया Donovan Ferreira: 52* रन Shubham Dubey: 31* रन पंजाब के लिए Yuzvendra Chahal ने 3 विकेट लिए।  

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Shubham Dubey batting aggressively for Rajasthan Royals in IPL 2026 match under pressure

IPL 2026: ‘बहुत मुश्किल रोल’ में चमके शुभम दुबे, राजस्थान के भरोसे का दिया शानदार जवाब

IPL 2026 teams in action during match as playoff race intensifies after Punjab Kings loss

IPL 2026: पंजाब की पहली हार के बाद प्लेऑफ रेस रोमांचक, टॉप-4 की जंग हुई तेज

Jake Weatherald returns to South Australia team, boosting squad strength in domestic cricket season

साउथ ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका नहीं, बल्कि बड़ा ‘बूस्ट’–जेक वेदराल्ड की घर वापसी

Delhi Capitals players disappointed after collapse at 75 runs against RCB in IPL 2026 match
75 रन पर ढही दिल्ली कैपिटल्स, फिर भी घबराने की जरूरत नहीं: पियूष चावला की सलाह–“भूलो और आगे बढ़ो”

आईपीएल 2026 में Delhi Capitals की हालत एक झटके में बदलती नजर आई, जब टीम Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ महज 75 रन पर सिमट गई। इस करारी हार से टीम का नेट रन रेट भी बुरी तरह प्रभावित हुआ, लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर Piyush Chawla ने टीम को घबराने के बजाय संयम बनाए रखने की सलाह दी है। “यह घबराने का समय नहीं है” चावला ने स्पष्ट कहा कि टीम को अभी पैनिक करने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, टूर्नामेंट की शुरुआत में दिल्ली कैपिटल्स ने अच्छा प्रदर्शन किया था और कुछ खराब मैचों से पूरी टीम की क्षमता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने कहा कि टीम को एक साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए और नए सिरे से शुरुआत करनी चाहिए। खराब फॉर्म और गिरता प्रदर्शन दिल्ली कैपिटल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की थी, लेकिन इसके बाद अगले छह मैचों में टीम को सिर्फ एक जीत मिली। फील्डिंग में गलतियां, खासकर अहम मौकों पर कैच छोड़ना, टीम के लिए भारी पड़ा। हाल ही में Punjab Kings के खिलाफ मैच में भी आसान कैच छूटने का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। ड्रेसिंग रूम का माहौल है अहम चावला का मानना है कि जब चीजें टीम के पक्ष में नहीं होतीं, तो खिलाड़ियों के बीच नकारात्मकता बढ़ने लगती है। ऐसे में ड्रेसिंग रूम का माहौल सकारात्मक बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि टीम को एकजुट रहना होगा और एक-दूसरे पर दोषारोपण करने के बजाय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना होगा। प्लेऑफ की उम्मीद अभी बाकी हालांकि लगातार हार से दिल्ली की स्थिति कमजोर हुई है, लेकिन टीम अभी भी टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है। चावला ने याद दिलाया कि पिछले सीजन में भी टीम ने अच्छी शुरुआत के बाद लय खो दी थी और प्लेऑफ से चूक गई थी। इस बार इतिहास बदलने के लिए खिलाड़ियों को सकारात्मक सोच के साथ मैदान में उतरना होगा। कप्तानी और लीडरशिप की भूमिका चावला ने खासतौर पर टीम के लीडरशिप ग्रुप पर जोर देते हुए कहा कि कप्तान और सीनियर खिलाड़ियों को आगे आकर टीम को संभालना होगा। उनके मुताबिक, इस समय स्किल से ज्यादा मानसिक मजबूती और सकारात्मक रवैया जरूरी है।  

surbhi अप्रैल 28, 2026 0
Young cricketer Vaibhav Suryavanshi smashing sixes in IPL 2026 match with aggressive batting style

वैभव सूर्यवंशी की धमाकेदार बल्लेबाजी से मचा हड़कंप, पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने किया ‘AI चिप’ वाला चौंकाने वाला दावा

Kagiso Rabada bowling in IPL 2026 match as purple cap race intensifies

IPL 2026: कागिसो रबाडा ने पर्पल कैप की रेस में लगाई छलांग, बल्लेबाजी में भी जबरदस्त उलटफेर

Rinku Singh hitting winning boundary in super over against LSG IPL 2026 thriller

LSG vs KKR: सुपर ओवर में कोलकाता की रोमांचक जीत, रिंकू सिंह बने मैच के हीरो

0 Comments

Top week

Donald Trump and Iranian leader amid rising tensions over nuclear talks and Strait of Hormuz
दुनिया

युद्ध रोकने को ईरान का नया प्रस्ताव, लेकिन ट्रंप खुश नहीं; परमाणु मुद्दे पर अड़ा अमेरिका

surbhi अप्रैल 28, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?