Vivo ने अपने प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन Vivo X300 Ultra की भारत में बिक्री शुरू कर दी है। यह स्मार्टफोन खासतौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर लॉन्च किया गया है, जो मोबाइल फोटोग्राफी और प्रो-लेवल वीडियो रिकॉर्डिंग का अनुभव चाहते हैं। कंपनी का दावा है कि Vivo X300 Ultra DSLR जैसी फोटो क्वालिटी देने में सक्षम है। फोन में डुअल 200MP कैमरा सेटअप, ZEISS लेंस सिस्टम और 105x तक डिजिटल जूम जैसे फीचर्स दिए गए हैं, जो इसे फोटोग्राफी लवर्स के लिए खास बनाते हैं। कीमत और ऑफर्स Vivo X300 Ultra का 16GB RAM और 512GB स्टोरेज वेरिएंट ₹1,59,999 की कीमत पर लॉन्च किया गया है। यह स्मार्टफोन: Eclipse Black Victory Green कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। ऑफर्स की बात करें तो कंपनी SBI और Axis Bank कार्ड के साथ-साथ UPI पेमेंट पर ₹16,000 तक का इंस्टेंट डिस्काउंट दे रही है। इसके अलावा कंपनी ने फोन को एक खास Photographer Kit के साथ भी पेश किया है। इस किट के साथ डिवाइस की कीमत ₹2,09,999 रखी गई है। Photographer Kit वेरिएंट पर: UPI पेमेंट पर ₹21,000 तक SBI कार्ड पर ₹22,000 तक का इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट दिया जा रहा है। फोन को Vivo India Official Website, Flipkart, Amazon India और ऑफलाइन स्टोर्स से खरीदा जा सकता है। कैमरा फीचर्स बने सबसे बड़ी ताकत Vivo X300 Ultra में ZEISS Master Lenses कैमरा सिस्टम दिया गया है। इसमें: 50MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा 200MP हाई-रिजोल्यूशन प्राइमरी सेंसर 200MP APO टेलीफोटो सेंसर शामिल हैं। फोन 3.7x ऑप्टिकल जूम और 105x डिजिटल जूम सपोर्ट करता है, जिससे दूर मौजूद सब्जेक्ट्स की डिटेल भी काफी स्पष्ट दिखाई देती है। इसके अलावा यह स्मार्टफोन एक्सटर्नल ZEISS टेलीफोटो लेंस को भी सपोर्ट करता है, जो 200mm और 400mm फोकल लेंथ के साथ आता है। कंपनी का Photographer Kit कैमरा ग्रिप, एक्स्ट्रा बैटरी और अन्य एक्सेसरी के साथ आता है, जो यूजर्स को लगभग प्रोफेशनल कैमरा जैसा अनुभव देने का दावा करता है। वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए भी शानदार फीचर्स यह स्मार्टफोन वीडियो क्रिएटर्स और मोबाइल फिल्ममेकर्स के लिए भी कई एडवांस्ड फीचर्स लेकर आया है। फोन में: 4K 120fps वीडियो रिकॉर्डिंग Dolby Vision सपोर्ट 10-bit Log वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके साथ कई प्रो-लेवल वीडियो टूल्स भी मिलते हैं, जो बेहतर कंट्रोल और सिनेमैटिक आउटपुट देने में मदद करते हैं। दमदार डिस्प्ले और परफॉर्मेंस Vivo X300 Ultra में 6.82-इंच का 2K ZEISS Master Color डिस्प्ले दिया गया है, जो HDR और हाई ब्राइटनेस सपोर्ट के साथ आता है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें लेटेस्ट Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट दिया गया है, जो गेमिंग और मल्टीटास्किंग में स्मूद एक्सपीरियंस देने का दावा करता है। यह डिवाइस Android 16 आधारित OriginOS 6 पर चलता है। फोन में 6600mAh बैटरी दी गई है, जो: 100W फास्ट चार्जिंग 40W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसके अलावा बड़ा कूलिंग सिस्टम लंबे समय तक गेमिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान फोन को ओवरहीट होने से बचाने में मदद करता है।
स्मार्टफोन बाजार में एक बार फिर हलचल मचाते हुए Motorola ने अपनी G-सीरीज के तहत दो नए स्मार्टफोन Moto G37 और Moto G37 Power को लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इन डिवाइस को खासतौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर पेश किया है, जो लंबी बैटरी लाइफ और स्थिर परफॉर्मेंस वाले फोन की तलाश में हैं। बैटरी बना सबसे बड़ा हाइलाइट दोनों स्मार्टफोन के बीच सबसे बड़ा अंतर बैटरी का है। Moto G37 में 5200mAh की बैटरी दी गई है, जबकि Moto G37 Power में 7000mAh की बड़ी बैटरी मिलती है। कंपनी का दावा है कि पावर वेरिएंट एक बार चार्ज करने पर करीब 78 घंटे तक चल सकता है। इसके साथ 30W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग का भी सपोर्ट दिया गया है। परफॉर्मेंस और डिस्प्ले दोनों डिवाइस में 6nm आधारित MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर दिया गया है, जो डेली यूज और हल्की गेमिंग के लिए उपयुक्त माना जाता है। स्मार्टफोन में 6.67 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1050 निट्स तक की ब्राइटनेस के साथ आता है। स्क्रीन की सुरक्षा के लिए Corning Gorilla Glass 7i का इस्तेमाल किया गया है। कैमरा और मजबूती फोटोग्राफी के लिए दोनों फोन में 50MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है। वहीं, फोन को धूल और पानी के छींटों से बचाने के लिए IP64 रेटिंग दी गई है। इसके अलावा MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन फोन की मजबूती को और बढ़ाता है। ये स्मार्टफोन लेटेस्ट Android 16 पर चलते हैं। कीमत और उपलब्धता Moto G37 की कीमत 249 यूरो (करीब 27,000 रुपये) रखी गई है, जबकि Moto G37 Power की कीमत 279 यूरो (करीब 31,000 रुपये) है। फिलहाल इन स्मार्टफोन्स को जर्मनी में लॉन्च किया गया है और उम्मीद है कि जल्द ही अन्य बाजारों में भी इन्हें पेश किया जाएगा।
Apple iPhone 18 Pro को लेकर नई लीक सामने आई है, जिसमें इसके कैमरा सिस्टम में दो बड़े बदलावों की चर्चा है। अगर ये रिपोर्ट सही साबित होती है, तो iPhone 18 Pro मोबाइल फोटोग्राफी के अनुभव को एक नए स्तर पर ले जा सकता है। पहली बार मिलेगा Variable Aperture Apple अपने Pro मॉडल में पहली बार Variable Aperture तकनीक दे सकता है। अभी तक iPhone में फिक्स्ड अपर्चर मिलता है, लेकिन इस नए फीचर से कैमरा रोशनी के हिसाब से अपने लेंस को एडजस्ट कर सकेगा। कम रोशनी में ज्यादा लाइट सेंसर तक पहुंचेगी, जिससे तस्वीरें अधिक ब्राइट और डिटेल्ड आएंगी। वहीं, तेज रोशनी में ओवरएक्सपोजर से बचाव होगा। इसके अलावा, यूजर्स को बैकग्राउंड ब्लर पर भी बेहतर कंट्रोल मिलेगा। नया सेंसर देगा बेहतर फोटो क्वालिटी रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple एक नया Three-Layer Stacked Image Sensor इस्तेमाल कर सकता है। माना जा रहा है कि यह सेंसर Samsung Electronics के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। इससे शटर लैग कम होगा, लो-लाइट फोटोग्राफी बेहतर होगी और चलती वस्तुओं की तस्वीरें ज्यादा साफ आएंगी। साथ ही Dynamic Range में भी बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। लो-लाइट और एक्शन फोटोग्राफी में होगा फायदा नया सेंसर कम रोशनी में नॉइज को कम करेगा। यही नहीं, तेज गति से चलती चीजों की फोटो लेने पर भी इमेज ज्यादा शार्प और क्लियर नजर आएगी। Apple और क्या कर रहा है तैयारी? लीक्स के मुताबिक, Apple भविष्य के iPhone मॉडल्स के लिए 200MP पेरिस्कोप कैमरा, बड़ा मेन सेंसर और बेहतर अल्ट्रा-वाइड स्टेबलाइजेशन जैसी तकनीकों पर भी काम कर रहा है। हालांकि, ये फीचर्स आने में अभी कुछ साल लग सकते हैं। फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी यदि ये दोनों अपग्रेड iPhone 18 Pro में मिलते हैं, तो यह उन यूजर्स के लिए शानदार विकल्प होगा जो स्मार्टफोन कैमरे को प्राथमिकता देते हैं। Apple इस बार सिर्फ मेगापिक्सल बढ़ाने के बजाय असली फोटोग्राफी अनुभव को बेहतर बनाने पर फोकस कर रहा है।
स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक अनोखा और इनोवेटिव समाधान सामने आया है। Kuwajia ने एक ऐसा AI-पावर्ड स्मार्ट चार्जर तैयार किया है, जो फोन के 100% चार्ज होते ही खुद-ब-खुद डिवाइस से अलग हो जाता है। यह तकनीक न केवल ओवरचार्जिंग की समस्या को खत्म करने का दावा करती है, बल्कि बैटरी की लाइफ बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकती है। कैसे काम करता है यह स्मार्ट चार्जर? यह चार्जर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस है, जो लगातार फोन की बैटरी की स्थिति पर नजर रखता है। जैसे ही बैटरी 100% चार्ज होती है, चार्जर के अंदर मौजूद इलेक्ट्रोमैग्नेट और स्प्रिंग मैकेनिज्म एक्टिव हो जाता है और प्लग को फोन के पोर्ट से बाहर धकेल देता है। इस प्रक्रिया में एक सेकंड से भी कम समय लगता है, जिससे यूजर को किसी मैनुअल हस्तक्षेप की जरूरत नहीं पड़ती। Android और iPhone–दोनों के लिए उपयोगी Android और iPhone–दोनों प्रकार के स्मार्टफोन्स के साथ यह चार्जर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके अलावा, यह 140W तक की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है, जिससे यूजर्स को तेजी से चार्जिंग का भी फायदा मिलता है। बैटरी हेल्थ के लिए क्यों है अहम? आज के स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां ओवरचार्जिंग से प्रभावित होती हैं। 100% चार्ज होने के बाद भी अगर फोन प्लग में लगा रहता है, तो “ट्रिकल चार्जिंग” जारी रहती है, जिससे बैटरी में गर्मी बढ़ती है और उसकी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। यह स्मार्ट चार्जर फुल चार्ज होते ही कनेक्शन तोड़ देता है, जिससे बैटरी पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और उसकी उम्र लंबी हो सकती है। सॉफ्टवेयर नहीं, हार्डवेयर लेवल पर समाधान जहां कई कंपनियां बैटरी सुरक्षा के लिए सॉफ्टवेयर आधारित फीचर्स देती हैं–जैसे 80% या 85% तक चार्जिंग लिमिट–वहीं Kuwajia का यह चार्जर एक कदम आगे बढ़कर हार्डवेयर स्तर पर समाधान देता है। यह न केवल चार्जिंग रोकता है, बल्कि फिजिकल कनेक्शन भी खत्म कर देता है, जिससे ओवरहीटिंग और बैटरी डैमेज का जोखिम काफी कम हो जाता है। क्या यह गेम-चेंजर साबित होगा? अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर बाजार में आती है, तो यह स्मार्टफोन चार्जिंग के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है। खासकर उन यूजर्स के लिए, जो रातभर फोन चार्ज पर छोड़ देते हैं, यह एक सुरक्षित और स्मार्ट विकल्प बन सकता है।
टेक बाजार में लॉन्च से पहले ही Oppo Pad 5 Pro को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। चीन टेलीकॉम डेटाबेस पर लिस्टिंग के जरिए इस अपकमिंग टैबलेट के डिजाइन और प्रमुख फीचर्स का खुलासा हुआ है। माना जा रहा है कि यह डिवाइस 21 अप्रैल 2026 को चीन में लॉन्च हो सकता है। डिजाइन और डिस्प्ले में प्रीमियम टच लीक के मुताबिक Oppo Pad 5 Pro में स्लिम और प्रीमियम डिजाइन देखने को मिलेगा। मोटाई: सिर्फ 5.94mm वजन: करीब 672 ग्राम कलर ऑप्शन: Dawn Gold, Mocha Brown, Monet Purple टैबलेट में 13.2-इंच का LCD डिस्प्ले दिया जा सकता है, जिसका रेजोल्यूशन 1920×1200 पिक्सल और 16:9 आस्पेक्ट रेशियो होगा। फ्लैगशिप परफॉर्मेंस का दावा इस टैबलेट में Qualcomm का लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर मिलने की उम्मीद है, जो इसे हाई-परफॉर्मेंस डिवाइस बना सकता है। यह टैबलेट Android 16 बेस्ड UI के साथ आ सकता है, जिससे यूजर्स को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस मिलेगा। RAM और स्टोरेज के कई विकल्प Oppo Pad 5 Pro को कई वेरिएंट्स में लॉन्च किया जा सकता है: 8GB + 256GB 12GB + 256GB 12GB + 512GB 16GB + 512GB इससे यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से विकल्प चुन सकेंगे। कैमरा और बैटरी टैबलेट में 13MP का रियर कैमरा मिलने की उम्मीद है, हालांकि फ्रंट कैमरा को लेकर जानकारी अभी सामने नहीं आई है। बैटरी की बात करें तो इसमें 13,380mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो 80W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। दावा है कि यह डिवाइस करीब 120 मिनट में फुल चार्ज हो सकता है। कनेक्टिविटी और अन्य फीचर्स Wi-Fi और Bluetooth सपोर्ट Wi-Fi-only मॉडल (सेलुलर वर्जन नहीं) यह टैबलेट खासतौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जो एंटरटेनमेंट और प्रोडक्टिविटी दोनों के लिए एक पावरफुल डिवाइस चाहते हैं। लॉन्च के साथ और क्या होगा खास? रिपोर्ट्स के मुताबिक, Oppo इस टैबलेट के साथ अपने अन्य डिवाइस जैसे Find X9 Ultra, Find X9s Pro और Watch X3 Mini भी लॉन्च कर सकता है, जिससे यह इवेंट टेक वर्ल्ड में काफी बड़ा होने वाला है।
टेक मार्केट में कॉम्पैक्ट टैबलेट सेगमेंट तेजी से उभर रहा है और अब Oppo भी इस रेस में उतरने की तैयारी कर रहा है। लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी जल्द ही अपना नया टैबलेट Oppo Pad Mini लॉन्च कर सकती है, जो प्रीमियम फीचर्स के साथ एक कॉम्पैक्ट डिवाइस होगा। 144Hz OLED डिस्प्ले: स्मूद और प्रीमियम एक्सपीरियंस Oppo Pad Mini में 8.8-इंच LTPO AMOLED डिस्प्ले मिलने की संभावना है- 144Hz रिफ्रेश रेट 2882×1920 पिक्सल रेजोल्यूशन 1800 निट्स पीक ब्राइटनेस 3:2 आस्पेक्ट रेशियो यह डिस्प्ले गेमिंग और वीडियो एक्सपीरियंस को बेहद स्मूद और शानदार बना सकता है। दमदार परफॉर्मेंस: Snapdragon 8 Gen 5 इस टैबलेट में Qualcomm का लेटेस्ट Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट दिया जा सकता है। हाई-एंड परफॉर्मेंस गेमिंग और मल्टीटास्किंग में बेहतर स्पीड बैटरी और चार्जिंग 8000mAh बैटरी 67W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट यह कॉम्बिनेशन लंबे समय तक उपयोग और तेज चार्जिंग का अनुभव देगा। डिजाइन और बिल्ड अल्ट्रा-स्लिम 5.39mm मोटाई वजन लगभग 279 ग्राम मेटल यूनिबॉडी डिजाइन कलर ऑप्शन: डार्क ग्रे, पर्पल, सायन कॉम्पैक्ट और प्रीमियम डिजाइन इसे पोर्टेबल और स्टाइलिश बनाता है। कैमरा और कनेक्टिविटी 13MP रियर कैमरा eSIM सपोर्ट (संभावित) iPad Mini को मिलेगी टक्कर? Oppo Pad Mini को सीधे Apple iPad mini के मुकाबले में उतारा जा सकता है। अगर लीक सही साबित होते हैं, तो यह Android यूजर्स के लिए एक दमदार कॉम्पैक्ट टैबलेट विकल्प बन सकता है। कब होगा लॉन्च? फिलहाल Oppo ने इस डिवाइस को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन आने वाले महीनों में इसके लॉन्च की उम्मीद जताई जा रही है।
टेक दिग्गज Apple ने अपने 50वें एनिवर्सरी सेलिब्रेशन के मौके पर ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है। इस खास सेल के तहत कंपनी के प्रीमियम प्रोडक्ट्स-iPhone, iPad और Apple Watch-पर आकर्षक ऑफर्स दिए जा रहे हैं। खास बात यह है कि फ्लैगशिप iPhone 17 Pro Max अब भारी डिस्काउंट के साथ काफी कम कीमत में उपलब्ध हो गया है। iPhone 17 Pro Max पर जबरदस्त ऑफर 256GB स्टोरेज वाले iPhone 17 Pro Max की मूल कीमत ₹1,49,900 है, लेकिन ऑफर्स के बाद इसकी प्रभावी कीमत घटकर ₹1,02,900 रह गई है। इस कीमत में इंस्टेंट डिस्काउंट, बैंक कैशबैक और एक्सचेंज बोनस शामिल हैं। इसके अलावा iPhone 17 Pro भी ऑफर में शामिल है, जिसकी कीमत घटकर ₹89,900 तक आ गई है। iPhone 17 और iPhone Air पर भी बड़ी कटौती iPhone 17 के 256GB वेरिएंट की कीमत ऑफर्स के बाद ₹37,900 तक पहुंच गई है, जबकि 512GB मॉडल ₹57,900 में मिल रहा है। वहीं iPhone Air का 256GB वेरिएंट ₹56,900 और 512GB वेरिएंट ₹76,900 में उपलब्ध है। iPad और Apple Watch पर भी छूट Apple iPad (2025) के Wi-Fi वेरिएंट की कीमत ₹31,900 तक कम हो गई है। वहीं Apple Watch Series 11 ₹43,400 में और Apple Watch Ultra 3 ₹84,400 में मिल रही है। EMI और अन्य फायदे ग्राहकों को 24 महीने तक का नो-कॉस्ट EMI विकल्प भी दिया जा रहा है, जिसकी शुरुआत ₹3,413 प्रति माह से होती है। सीमित समय के लिए ऑफर यह सभी ऑफर्स सीमित अवधि के लिए उपलब्ध हैं और अधिकतम लाभ पाने के लिए एक्सचेंज और बैंक ऑफर्स का सही संयोजन जरूरी है।
टेक दुनिया में AI का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और अब स्मार्ट ग्लासेस इसका नया मैदान बनते जा रहे हैं। लंदन की टेक कंपनी Nothing जल्द ही AI स्मार्ट ग्लासेस लॉन्च करने की तैयारी में है, जो सीधे Meta के लोकप्रिय Meta Ray-Ban smart glasses को चुनौती दे सकते हैं। कब लॉन्च हो सकते हैं स्मार्ट ग्लासेस? रिपोर्ट्स के मुताबिक, Nothing अपने AI स्मार्ट ग्लासेस को 2027 की शुरुआत में लॉन्च कर सकती है। यह कंपनी के लिए एक बड़ा कदम होगा, क्योंकि अब तक वह स्मार्टफोन और ऑडियो डिवाइस पर ही फोकस कर रही थी। क्या होंगे संभावित फीचर्स? Nothing के AI स्मार्ट ग्लासेस में ये खासियतें देखने को मिल सकती हैं: इन-बिल्ट कैमरा और माइक्रोफोन स्पीकर्स के जरिए ऑडियो सपोर्ट AI आधारित पर्सनलाइज्ड अनुभव स्मार्टफोन से कनेक्ट होकर क्लाउड प्रोसेसिंग ऑटोमेशन और स्मार्ट टास्क मैनेजमेंट हालांकि, इनमें इन-बिल्ट डिस्प्ले होने की संभावना कम बताई जा रही है। डिजाइन होगा सबसे अलग Carl Pei के नेतृत्व वाली कंपनी अपने ट्रांसपेरेंट और यूनिक डिजाइन के लिए जानी जाती है। Nothing के फोन में Glyph Lights जैसे फीचर्स स्मार्ट ग्लासेस में भी इसी तरह का अलग डिजाइन देखने को मिल सकता है पहले नहीं था इरादा, अब बदली रणनीति दिलचस्प बात यह है कि कंपनी के CEO Carl Pei पहले स्मार्ट ग्लासेस बनाने के पक्ष में नहीं थे। लेकिन अब कंपनी मल्टी-प्रोडक्ट रणनीति पर काम कर रही है और AI पर बड़ा दांव लगा रही है। AI वियरेबल्स की बढ़ती रेस Nothing इस सेगमेंट में अकेली नहीं है। कई बड़ी टेक कंपनियां भी इसमें उतरने की तैयारी कर रही हैं: Apple Google Samsung वहीं Meta पहले ही अपने स्मार्ट ग्लासेस के 70 लाख से ज्यादा यूनिट बेच चुकी है, जिससे इस मार्केट की संभावनाएं साफ दिखती हैं। बड़ी तस्वीर AI स्मार्ट ग्लासेस आने वाले समय में स्मार्टफोन के बाद अगला बड़ा टेक प्लेटफॉर्म बन सकते हैं। Nothing का इस सेगमेंट में उतरना यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में वियरेबल टेक्नोलॉजी में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।
स्मार्टफोन बाजार में हलचल मचाते हुए Google के आगामी फ्लैगशिप Google Pixel 11 के CAD रेंडर्स लीक हो गए हैं। इन लीक से संकेत मिलता है कि इस बार कंपनी बड़े बदलाव के बजाय “रिफाइनमेंट” पर फोकस कर रही है। डिजाइन में छोटे लेकिन अहम बदलाव लीक रेंडर्स के मुताबिक, Pixel 11 में पतले डिस्प्ले बेज़ल देखने को मिल सकते हैं, जो पिछले Google Pixel 10 की तुलना में बड़ा सुधार माना जा रहा है। इसके अलावा, सिग्नेचर कैमरा बार को भी थोड़ा नया लुक दिया गया है-हालांकि इसका ओवरऑल डिजाइन पहले जैसा ही रखा गया है। इससे साफ है कि Google इस बार डिजाइन में बड़ा प्रयोग करने के बजाय मौजूदा पहचान को बरकरार रखना चाहता है। परफॉर्मेंस में मिलेगा अपग्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, Pixel 11 में नया Tensor G6 प्रोसेसर मिल सकता है, जो बेहतर AI और परफॉर्मेंस देने का दावा करता है। फोन में 12GB RAM और 128GB से शुरू होने वाला स्टोरेज मिलने की संभावना है। यह डिवाइस Android के लेटेस्ट वर्जन के साथ आएगा, जिसमें Google की AI फीचर्स पर खास फोकस रहेगा। डिस्प्ले और बैटरी Pixel 11 में 6.3 इंच का LTPO AMOLED डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है, जो हाई रिफ्रेश रेट और बेहतर बैटरी ऑप्टिमाइजेशन के साथ आएगा। बैटरी की बात करें तो इसमें 5000mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो पूरे दिन का बैकअप देने में सक्षम होगी। कीमत और लॉन्च टाइमलाइन लीक के मुताबिक, Google Pixel 11 की शुरुआती कीमत करीब 799 डॉलर (लगभग ₹75,000) हो सकती है। कंपनी इसे अगस्त 2026 में लॉन्च कर सकती है, जो कि Google के पारंपरिक लॉन्च शेड्यूल के अनुरूप है। क्या यह बड़ा अपग्रेड होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि Pixel 11 एक “इवोल्यूशनरी अपग्रेड” होगा, न कि “रिवोल्यूशनरी”। यानी इसमें डिजाइन वही रहेगा, लेकिन परफॉर्मेंस और यूजर एक्सपीरियंस बेहतर होगा। संभावना है कि बड़ा डिजाइन बदलाव Google Pixel 12 सीरीज में देखने को मिले।
टेक दुनिया में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। Apple अपने पहले फोल्डेबल iPhone पर काम कर रही है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा डिजाइन ओवरहाल माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह सिर्फ एक नया फोन नहीं, बल्कि iPhone के अनुभव को पूरी तरह बदल देने वाला डिवाइस हो सकता है। iPhone के इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव? Bloomberg के टेक एक्सपर्ट Mark Gurman के अनुसार, यह फोल्डेबल iPhone अब तक के iPhone मॉडल्स से कहीं ज्यादा बड़ा बदलाव लेकर आएगा। iPhone 4, iPhone 6 और iPhone X जैसे मॉडल्स ने जहां डिजाइन में बदलाव किए थे, वहीं यह नया डिवाइस एक “फंडामेंटल ट्रांसफॉर्मेशन” साबित हो सकता है। iPad जैसा एक्सपीरियंस रिपोर्ट के अनुसार, फोल्डेबल iPhone में iPad जैसा इंटरफेस मिलेगा, जिसमें: Split-screen apps App sidebars मल्टीटास्किंग के बेहतर फीचर्स इसका मतलब है कि यूजर्स को एक ही डिवाइस में फोन और टैबलेट दोनों का अनुभव मिल सकता है। संभावित फीचर्स 7.8-इंच का फोल्डेबल मेन डिस्प्ले 5.5-इंच कवर स्क्रीन 2nm A20 Pro चिप Touch ID पावर बटन में डुअल कैमरा सेटअप (फ्रंट और रियर) Self-healing glass और नया hinge डिजाइन कंपनी डिस्प्ले की मजबूती के लिए ड्यूल-लेयर ग्लास का इस्तेमाल कर सकती है, जिससे फोल्डिंग के दौरान स्क्रीन पर crease कम दिखे। कीमत और लॉन्च संभावित कीमत: लगभग ₹1.8 लाख से ₹2.1 लाख लॉन्च टाइमलाइन: सितंबर में घोषणा, बिक्री अक्टूबर या बाद में यह डिवाइस Samsung जैसे ब्रांड्स के फोल्डेबल फोन को सीधी टक्कर दे सकता है। क्या iPad की जगह ले सकता है? रिपोर्ट के मुताबिक, यह फोल्डेबल iPhone कुछ मामलों में iPad की जरूरत को भी खत्म कर सकता है-खासकर वीडियो, गेमिंग और प्रोडक्टिविटी के लिए।
स्मार्टफोन बाजार में अपनी आक्रामक रणनीति के लिए जानी जाने वाली Realme अब एक और इनोवेटिव डिवाइस के साथ तैयार है। कंपनी जल्द ही भारत में Realme 16 5G लॉन्च करने जा रही है, जिसे देश का पहला ‘सेल्फी मिरर फोन’ कहा जा रहा है। यह डिवाइस खासतौर पर उन यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है, जो सोशल मीडिया के लिए बेहतर सेल्फी और स्टाइलिश लुक को प्राथमिकता देते हैं। क्या है ‘सेल्फी मिरर’ कॉन्सेप्ट? Realme 16 5G की सबसे बड़ी खासियत इसका यूनिक सेल्फी मिरर फीचर है। फोन के बैक पैनल पर एक छोटा गोल मिरर दिया गया है, जो रियर कैमरे से सेल्फी लेते समय व्यूफाइंडर का काम करेगा। इस फीचर के जरिए यूजर्स हाई-क्वालिटी रियर कैमरे से भी परफेक्ट सेल्फी क्लिक कर सकेंगे। डिजाइन: Pixel और iPhone से मिलता-जुलता लुक फोन का डिजाइन प्रीमियम और मॉडर्न रखा गया है। इसमें स्क्वायर कैमरा मॉड्यूल की जगह हॉरिजॉन्टल कैमरा बार मिलता है, जो Google Pixel और iPhone Air जैसी स्टाइलिंग से प्रेरित है। कंपनी इसे “Elegant Air Design” बता रही है, जो हल्का और आरामदायक ग्रिप देने वाला होगा। डिस्प्ले और परफॉर्मेंस 6.57-इंच FHD+ AMOLED डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट 4200 निट्स पीक ब्राइटनेस DTStar D+ ग्लास प्रोटेक्शन परफॉर्मेंस के लिए इसमें MediaTek Dimensity 6400 Turbo चिपसेट दिया गया है। हालांकि यह पिछले मॉडल Realme 15 के चिपसेट से थोड़ा कम पावरफुल माना जा रहा है, लेकिन रियल-लाइफ परफॉर्मेंस लॉन्च के बाद ही साफ होगी। कैमरा और बैटरी 50MP Sony IMX852 मेन कैमरा 2MP मोनोक्रोम सेंसर 50MP फ्रंट सेल्फी कैमरा बैटरी के मामले में यह फोन काफी दमदार है: 7,000mAh बैटरी (दो दिन तक बैकअप का दावा) 60W फास्ट चार्जिंग रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट ड्यूरेबिलिटी और एक्स्ट्रा फीचर्स Realme 16 5G को मजबूती के लिहाज से भी मजबूत बनाया गया है। इसमें IP66, IP68, IP69 और IP69K रेटिंग्स दी गई हैं, जो इसे पानी और धूल से सुरक्षित बनाती हैं। इसके अलावा, बेहतर कूलिंग के लिए 6050mm² वॉपर चेंबर मिलने की भी संभावना है। किसके लिए है यह फोन? यह स्मार्टफोन खासकर युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। अगर आप स्टाइलिश डिजाइन, लंबी बैटरी लाइफ और बेहतरीन सेल्फी अनुभव चाहते हैं, तो यह फोन आपके लिए एक आकर्षक विकल्प बन सकता है।
टेक्नोलॉजी की दुनिया में Apple ने एक बार फिर अपनी ताकत साबित करने की कोशिश की है। कंपनी के नए इन-हाउस नेटवर्क चिप C1X को लेकर आई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है कि यह अब दिग्गज चिपमेकर Qualcomm के फ्लैगशिप मॉडेम X80 के बराबर प्रदर्शन करने लगा है। C1X चिप ने दिखाई दमदार परफॉर्मेंस नेटवर्क एनालिटिक्स फर्म Ookla की रिपोर्ट के अनुसार, Apple का C1X नेटवर्क चिप “रियल-वर्ल्ड” टेस्टिंग में Qualcomm X80 मॉडेम के बराबर प्रदर्शन करता है। यह चिप फिलहाल iPhone Air और iPhone 17e में इस्तेमाल हो रहा है। रिपोर्ट बताती है कि यह चिप अलग-अलग नेटवर्क कंडीशंस-चाहे आदर्श हों या चुनौतीपूर्ण-दोनों में संतुलित प्रदर्शन देने में सक्षम है। Latency में iPhone Air ने मारी बाजी रिपोर्ट का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि iPhone Air ने कई मामलों में iPhone 17 Pro Max को भी पीछे छोड़ दिया, जो Qualcomm X80 मॉडेम पर चलता है। डेटा के मुताबिक, 22 में से 19 मार्केट्स में iPhone Air ने latency के मामले में बेहतर प्रदर्शन किया। इसका मुख्य कारण Apple का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच बेहतर इंटीग्रेशन माना जा रहा है। Upload Speed में अभी पीछे Apple हालांकि, हर मामले में Apple आगे नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार: Qualcomm X80 मॉडेम upload speed में अब भी आगे है कुछ मामलों में यह 32% तक बेहतर प्रदर्शन करता है इसका कारण Qualcomm की UL-CA (Uplink Carrier Aggregation) टेक्नोलॉजी को माना गया है, जो फिलहाल इंडस्ट्री बेंचमार्क बनी हुई है। Apple के लिए बड़ा गेम चेंजर रिपोर्ट में कहा गया है कि C1X चिप अब कोई “समझौता” नहीं रहा, बल्कि यह परफॉर्मेंस के मामले में बराबरी का खिलाड़ी बन चुका है। यह Apple के लिए एक बड़ा कदम है, क्योंकि कंपनी अब धीरे-धीरे अपने डिवाइस में थर्ड-पार्टी चिप्स पर निर्भरता कम कर रही है। मार्केट में iPhone Air की बढ़ती लोकप्रियता रिपोर्ट के अनुसार, iPhone Air की डिमांड Plus मॉडल्स से ज्यादा देखी जा रही है। खासतौर पर दक्षिण कोरिया, जापान और यूरोप के कुछ बाजारों में इस फोन को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि Qualcomm जल्द ही अपने नए X85 मॉडेम के साथ बाजार में आने वाला है, जो परफॉर्मेंस को और बेहतर बना सकता है। ऐसे में Apple और Qualcomm के बीच यह तकनीकी प्रतिस्पर्धा और तेज होने वाली है।
Vivo ने भारतीय बाजार में अपना नया स्मार्टफोन Vivo T5x 5G लॉन्च कर दिया है। यह फोन बड़ी बैटरी, मजबूत परफॉर्मेंस और प्रीमियम फीचर्स के साथ मिड-रेंज सेगमेंट में हलचल मचाने के लिए तैयार है। कीमत और उपलब्धता Vivo T5x 5G को तीन वेरिएंट में पेश किया गया है: 6GB + 128GB: ₹18,999 8GB + 128GB: ₹20,999 8GB + 256GB: ₹22,999 यह स्मार्टफोन 24 मार्च से Flipkart, Vivo के आधिकारिक स्टोर और रिटेल आउटलेट्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। कलर ऑप्शन: Cyber Green और Star Silver दमदार फीचर्स और स्पेसिफिकेशन डिस्प्ले: 6.67 इंच, 120Hz रिफ्रेश रेट प्रोसेसर: MediaTek Dimensity 7400 Turbo रैम और स्टोरेज: 8GB RAM तक, 256GB स्टोरेज तक बैटरी: 7200mAh (44W फास्ट चार्जिंग) बिल्ड: IP68 और IP69 रेटिंग (डस्ट और वॉटर रेसिस्टेंट) क्यों है खास? Vivo T5x 5G की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7200mAh की बड़ी बैटरी है, जो इस सेगमेंट में काफी कम देखने को मिलती है। साथ ही 120Hz डिस्प्ले और नया Dimensity 7400 Turbo प्रोसेसर इसे गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए मजबूत विकल्प बनाते हैं। मिड-रेंज बजट में Vivo का यह नया स्मार्टफोन लंबी बैटरी लाइफ और पावरफुल परफॉर्मेंस चाहने वाले यूजर्स को ध्यान में रखकर लॉन्च किया गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह डिवाइस बाजार में कितना असर डालता है।
आधिकारिक तस्वीरों में दिखा नया लुक स्मार्टफोन निर्माता OnePlus ने अपने आने वाले फ्लैगशिप स्मार्टफोन OnePlus 15T की पहली आधिकारिक झलक जारी कर दी है। यह फोन कंपनी के पिछले मॉडल OnePlus 13T का उत्तराधिकारी माना जा रहा है, जिसे अप्रैल 2025 में लॉन्च किया गया था। लॉन्च से पहले जारी की गई तस्वीरों में फोन का डिजाइन, कैमरा लेआउट और कलर ऑप्शन साफ दिखाई दे रहे हैं। कंपनी इसे कॉम्पैक्ट साइज वाले फ्लैगशिप स्मार्टफोन के रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है। नया कैमरा डिजाइन और दो कलर ऑप्शन जारी तस्वीरों के मुताबिक OnePlus 15T के पीछे स्क्विरकल (स्क्वायर और सर्कल का मिश्रण) शेप वाला कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। इस कैमरा आइलैंड में ड्यूल रियर कैमरा सेटअप मौजूद है, जबकि एलईडी फ्लैश सेंसर के ऊपर लगाया गया है। यह डिजाइन हाल ही में आए OnePlus 13s, OnePlus 15 और OnePlus 15R के कैमरा लेआउट से मिलता-जुलता दिखाई देता है। कंपनी ने फोन को फिलहाल दो रंगों - ब्राउन और ग्रीन - में दिखाया है। ग्रीन वेरिएंट में मैट फिनिश और मैचिंग कैमरा मॉड्यूल दिया गया है, जबकि ब्राउन मॉडल का लुक थोड़ा गहरा और प्रीमियम दिखाई देता है। कॉम्पैक्ट डिजाइन और फ्लैट फ्रेम डिजाइन की बात करें तो फोन में फ्लैट बैक पैनल, गोल कोने और फ्लैट फ्रेम दिया गया है, जिससे इसे पकड़ना आसान होगा। फोन का कैमरा बंप भी ज्यादा बड़ा नहीं है और हल्का सा उभरा हुआ दिखाई देता है। कंपनी के अनुसार यह फोन कॉम्पैक्ट साइज के बावजूद प्रीमियम फ्लैगशिप अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है। 6.32-इंच डिस्प्ले और बेहद पतले बेज़ल OnePlus पहले ही पुष्टि कर चुका है कि OnePlus 15T में 6.32-इंच का फ्लैट डिस्प्ले मिलेगा। इसे “स्मॉल-स्क्रीन फ्लैगशिप” के रूप में पेश किया जा रहा है। फोन में चारों तरफ बेहद पतले बेज़ल दिए गए हैं, जिससे स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो बेहतर होगा और फ्रंट डिजाइन ज्यादा आकर्षक दिखाई देगा। पेरिस्कोप कैमरा और दमदार सुरक्षा फोटोग्राफी के लिए फोन में अपग्रेडेड LUMO पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा मिलने की पुष्टि की गई है। इसके अलावा फोन की बिल्ड क्वालिटी भी काफी मजबूत बताई जा रही है। डिवाइस को IP66, IP68, IP69 और IP69K रेटिंग मिली है, जो इसे धूल और पानी से बेहतर सुरक्षा प्रदान करती है। 7500mAh बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग OnePlus 15T की सबसे बड़ी खासियत इसकी बैटरी हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार फोन में 7,500mAh की “ग्लेशियर बैटरी” दी जाएगी। Li Jie के अनुसार यह बैटरी कई बड़े फ्लैगशिप स्मार्टफोनों से भी ज्यादा क्षमता वाली हो सकती है। फोन में 100W सुपर फ्लैश चार्जिंग और बायपास चार्जिंग सपोर्ट भी मिलेगा, जिससे तेज चार्जिंग और बेहतर बैटरी मैनेजमेंट संभव होगा। जल्द हो सकता है चीन में लॉन्च फिलहाल कंपनी ने इसकी आधिकारिक लॉन्च तारीख का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है कि OnePlus 15T को जल्द ही चीन में पेश किया जा सकता है। लॉन्च के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि यह कॉम्पैक्ट फ्लैगशिप स्मार्टफोन बाजार में कितना प्रभाव छोड़ पाता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।