दुनिया

India Slams Pakistan at UN

UN में भारत का पाकिस्तान पर तीखा प्रहार, अफगानिस्तान पर हमलों और आतंकवाद को लेकर घेरा

surbhi मार्च 10, 2026 0
India criticizes Pakistan at United Nations Security Council over Afghanistan airstrikes and terrorism
India Slams Pakistan at UN

 

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान की स्थिति पर हुई अहम बैठक के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला और अफगानिस्तान पर किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की। भारत ने कहा कि रमजान जैसे पवित्र महीने में ऐसे हमले करना और साथ ही इस्लामी एकजुटता की बातें करना गंभीर पाखंड है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि P. Harish ने बैठक में कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकजुटता की बात करने वाले देश अगर रमजान के दौरान नागरिकों पर हवाई हमले करते हैं, तो यह दोहरे मानदंड को दर्शाता है। उन्होंने बिना सीधे नाम लिए स्पष्ट संकेत दिया कि भारत की टिप्पणी Pakistan की कार्रवाई की ओर है।

 

नागरिकों की मौत पर जताई कड़ी चिंता

भारत ने कहा कि अफगानिस्तान में हालिया हमलों में बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिकों की जान गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 6 मार्च 2026 तक करीब 185 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें लगभग 55 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

भारत ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून, United Nations चार्टर और किसी भी देश की संप्रभुता के सिद्धांत का स्पष्ट उल्लंघन बताया।

 

आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर गंभीर आरोप

अपने संबोधन में P. Harish ने कहा कि आतंकवाद आज भी वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ देश आतंकवादी संगठनों का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ रणनीतिक हथियार के रूप में करते हैं।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि आतंकवादी संगठनों जैसे ISIS, Al-Qaeda, Lashkar-e-Taiba और Jaish-e-Mohammed के साथ-साथ इनके सहयोगी और प्रॉक्सी संगठनों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की जरूरत है।

भारत ने हाल ही में हुए एक आतंकी हमले का भी जिक्र किया, जिसमें The Resistance Front ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में धार्मिक आधार पर हमला किया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।

 

अफगानिस्तान की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र की चिंता

इस बैठक में अफगानिस्तान की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों ने भी चिंता जताई। अफगानिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उप विशेष प्रतिनिधि Georgette Gagnon ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव का असर अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन पर गंभीर रूप से पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि सीमा बंद होने के कारण अफगानिस्तान के व्यापार पर भारी असर पड़ा है। फिलहाल ईरान के रास्ते व्यापार जारी है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ते युद्ध और अस्थिरता के कारण वह भी प्रभावित हो रहा है। इससे आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने लगी हैं और पहले से कमजोर अफगान अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों के अनुसार, अफगानिस्तान की दो प्रमुख सीमाओं पर बढ़ती अस्थिरता पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

दुनिया

View more
Strait of Hormuz oil tankers amid geopolitical tension affecting global crude oil prices surge
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज संकट: क्या टलेगा टकराव या और महंगा होगा तेल?

वैश्विक ऊर्जा बाजार इस समय भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया की सबसे अहम समुद्री तेल आपूर्ति लाइन Strait of Hormuz के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल तेज हो गई है। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ तेल की कीमतों को उछाल दिया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर खतरे के संकेत दे दिए हैं। तेल की कीमतों में तेज उछाल रविवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 1.4% बढ़कर 110.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी क्रूड 1.8% की बढ़त के साथ 113.60 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संकट लंबा खिंचता है, तो कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं। ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर समुद्री रास्ता जल्द नहीं खोला गया, तो अमेरिका सख्त सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के पावर प्लांट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा सकता है। इसके जवाब में Iran ने भी सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि जब तक उसे युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक वह इस मार्ग को नहीं खोलेगा। इस बयानबाजी ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है। क्या ओमान बनेगा शांति का सेतु? तनाव के इस माहौल में Oman एक बार फिर मध्यस्थ की भूमिका में नजर आ रहा है। ओमान के विदेश मंत्रालय ने ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत शुरू की है। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य वैश्विक व्यापारिक जहाजों के लिए इस महत्वपूर्ण मार्ग को दोबारा खोलना है। दुनिया की निगाहें अब इस कूटनीतिक प्रयास पर टिकी हैं, क्योंकि यदि समाधान नहीं निकला, तो इसका असर वैश्विक सप्लाई चेन और महंगाई पर सीधा पड़ेगा। OPEC की आपात रणनीति तेल आपूर्ति में संभावित कमी को देखते हुए OPEC ने त्वरित कदम उठाए हैं। Saudi Arabia, Russia समेत 8 देशों ने उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। मई 2026 से प्रतिदिन 2,06,000 बैरल उत्पादन बढ़ाया जाएगा, ताकि बाजार में सप्लाई संतुलन बनाए रखा जा सके। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहा, तो यह कदम भी पर्याप्त साबित नहीं होगा। आगे क्या? इस पूरे संकट का भविष्य अब दो बातों पर टिका है-पहला, Iran और अमेरिका के बीच तनाव कितना बढ़ता है, और दूसरा, Oman की मध्यस्थता कितनी सफल होती है। यदि हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ेगा।  

surbhi अप्रैल 6, 2026 0
US President Donald Trump proposes $1.5 trillion defense budget with focus on Golden Dome missile system and new battleships

ट्रंप का बड़ा दांव: 1.5 ट्रिलियन डॉलर रक्षा बजट की मांग, क्या है प्लान?

Iran claims downing two US fighter jets, rescue helicopters targeted amid escalating US-Iran conflict

अमेरिका को बड़ा झटका? ईरान ने दो फाइटर जेट गिराने का किया दावा, रेस्क्यू हेलीकॉप्टर भी निशाने पर

Rising US-Israel-Iran conflict on day 37 with reports of pilot bounty and military escalations

US–Israel–Iran War Live: इनाम के बाद ‘देखते ही गोली मारो’ का फरमान? जंग के 37वें दिन हालात और तनावपूर्ण

C-130 Hercules aircraft flying low over Iran during US pilot rescue mission amid rising tensions
ईरान में अमेरिकी पायलट की तलाश, हरक्यूलिस विमान से चला रेस्क्यू मिशन

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। खबर है कि अमेरिका अपने गिराए गए फाइटर जेट के पायलटों की तलाश के लिए C-130 हरक्यूलिस विमान का इस्तेमाल कर रहा है। लो-फ्लाइट में दिखा हरक्यूलिस विमान सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में: C-130 हरक्यूलिस विमान ईरान के ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ता नजर आ रहा है विमान फ्लेयर छोड़ते हुए दिखाई दे रहा है फ्लेयर का इस्तेमाल आमतौर पर मिसाइल से बचाव के लिए किया जाता है। ये गर्म चिंगारियां मिसाइल को भ्रमित कर देती हैं, जिससे वह असली विमान के बजाय फ्लेयर की ओर मुड़ जाती है। एक पायलट को बचाने का दावा इजराइल के एक अधिकारी ने दावा किया है कि एक अमेरिकी पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है वहीं, दूसरे पायलट की तलाश अभी भी जारी है हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है किस जेट को मार गिराने का दावा? ईरान ने दावा किया था कि उसने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को गिराया है कुछ रिपोर्ट्स में इसे F-15E भी बताया जा रहा है इस पर भी अभी तक स्पष्टता नहीं है पायलट को पकड़ने पर इनाम ईरान ने अमेरिकी पायलट को पकड़ने पर 10 बिलियन ईरानी तोमान (करीब 55 लाख रुपये) का इनाम घोषित किया है सरकारी मीडिया के जरिए नागरिकों से पायलट को पकड़कर अधिकारियों को सौंपने की अपील की गई है बढ़ता तनाव यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते टकराव को और गंभीर बना सकता है। रेस्क्यू ऑपरेशन पायलट की तलाश इनाम की घोषणा इन सबने हालात को और संवेदनशील बना दिया है।  

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Iran rejects US talks amid rising tensions, diplomatic efforts for ceasefire face major setback

ईरान ने ठुकराई अमेरिका की शर्तें, बातचीत से किया इंकार; सीजफायर पर संकट गहराया

Former US soldier linked to covert assassination missions in Yemen under UAE contract revealed

पूर्व अमेरिकी सैनिक बना ‘भाड़े का हत्यारा’, UAE के लिए किए किल जॉब्स – करोड़ों की कमाई का खुलासा

Transgender activist Hina Baloch speaking in interview about sexuality and society in Pakistan

पाकिस्तान का ‘ओपन सीक्रेट’ वाला दावा वायरल, जानिए कौन हैं हिना बलोच

Rescue teams and damaged buildings in Kabul after strong earthquake causes deaths and widespread panic
अफगानिस्तान में भूकंप से तबाही, काबुल में 8 की मौत; उत्तर भारत तक महसूस हुए झटके

अफगानिस्तान में शुक्रवार देर रात आए तेज भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में राजधानी काबुल में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। भूकंप के झटके न सिर्फ अफगानिस्तान और पाकिस्तान में, बल्कि उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए। 5.8 से 6.3 के बीच रही तीव्रता रिपोर्ट्स के मुताबिक भूकंप की तीव्रता अलग-अलग एजेंसियों ने अलग बताई है। कुछ संस्थानों ने इसे 5.8 से 5.9 के बीच बताया वहीं पाकिस्तान के अधिकारियों के अनुसार तीव्रता 6.3 दर्ज की गई हिंदूकुश पर्वतमाला में था केंद्र ‘यूरो-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर’ और ‘यूएस जियोलॉजिकल सर्वे’ के अनुसार, भूकंप का केंद्र हिंदूकुश पर्वतमाला में था। यह अफगानिस्तान के कुंदुज शहर से लगभग 150 किमी पूर्व स्थित था भूकंप की गहराई 150 से 180 किलोमीटर के बीच बताई गई पाकिस्तान के कई शहरों में झटके भूकंप के झटके पाकिस्तान के कई इलाकों में महसूस किए गए, जिनमें शामिल हैं: इस्लामाबाद पेशावर स्वात चित्राल शांगला हालांकि, पाकिस्तान में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। उत्तर भारत में भी हिली धरती भारत में भी इस भूकंप का असर देखने को मिला। दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में झटके महसूस किए गए झटके शुक्रवार रात करीब 9:45 बजे आए हालांकि, भारत में किसी नुकसान की सूचना नहीं है क्यों दूर-दूर तक महसूस हुए झटके? भूकंप की गहराई ज्यादा (150+ किमी) होने के कारण इसके झटके बड़े क्षेत्र में फैल गए, जिससे कई देशों में लोग इसे महसूस कर सके।  

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Petrol pump display showing reduced fuel prices in Pakistan after government rollback decision

पाकिस्तान में पेट्रोल सस्ता, सरकार ने किया बड़ा यू-टर्न

Elon Musk portrait with SpaceX rocket launch representing innovation, success, and upcoming historic IPO

बॉयलर क्लीनर से दुनिया के सबसे अमीर बनने तक: Elon Musk की प्रेरणादायक कहानी, SpaceX ला सकती है इतिहास का सबसे बड़ा IPO

Artemis II astronauts using laptop in spacecraft as NASA fixes Outlook issue during lunar mission

आर्टेमिस II मिशन में तकनीकी झटका: अंतरिक्ष में ‘Outlook’ ने छोड़ा साथ, NASA को पृथ्वी से देनी पड़ी मदद

0 Comments

Top week

Crowd chaos at Nalanda Sheetla Temple during religious event causing stampede-like situation and casualties
बिहार

नालंदा मंदिर हादसा: भीड़ ने ली 8 महिलाओं की जान, धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ जैसी स्थिति

surbhi मार्च 31, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?