मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपनी लंबे समय की साथी गौरी स्प्रैट के साथ 5 जुलाई को शादी करने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। आमिर ने बताया कि शादी उनके मुंबई स्थित बांद्रा स्थित घर पर बेहद सादे और निजी समारोह में होगी। इस समारोह में केवल परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त ही शामिल होंगे।
आमिर खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शादी का आयोजन बेहद सादा रखा गया है। उन्होंने कहा, "घर पर ही कर रहे हैं, आप सबकी दुआएं चाहिए।" उन्होंने स्पष्ट किया कि समारोह में किसी तरह का भव्य आयोजन नहीं होगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आमिर और गौरी ने शादी के बाद किसी बड़े रिसेप्शन का आयोजन नहीं करने का फैसला किया है। दोनों ने केवल परिवार और कुछ करीबी दोस्तों की मौजूदगी में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड मैरिज करने का निर्णय लिया है।
गौरी स्प्रैट बेंगलुरु की रहने वाली हैं और वेलनेस व ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़ी हैं। आमिर ने मार्च 2025 में अपने 60वें जन्मदिन के अवसर पर पहली बार गौरी को सार्वजनिक रूप से मीडिया से मिलवाया था। दोनों पिछले कुछ वर्षों से रिश्ते में हैं।
शादी की पुष्टि के बाद सोशल मीडिया पर फैंस लगातार आमिर और गौरी को बधाई दे रहे हैं। अभिनेता विक्की कौशल सहित कई फिल्मी हस्तियों ने भी इस नए सफर के लिए दोनों को शुभकामनाएं दी हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड के पसंदीदा कपल विक्की कौशल और कैटरीना कैफ एक बार फिर अपनी रोमांटिक केमिस्ट्री को लेकर चर्चा में हैं। विक्की ने सोशल मीडिया पर पत्नी कैटरीना के साथ एक बेहद खूबसूरत ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर साझा की है, जिसने फैंस का दिल जीत लिया है। बारिश के मौसम में शेयर की गई इस तस्वीर के साथ अभिनेता ने सिर्फ तीन शब्दों का कैप्शन लिखा — "बारिश और तुम", जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। तस्वीर में विक्की और कैटरीना अपने घर की बालकनी में बारिश का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। फोटो में कैटरीना पीछे से विक्की को गले लगाए हुए बाहर का नजारा देख रही हैं। बिना किसी दिखावे के दोनों का यह सादगी भरा रोमांटिक पल प्रशंसकों को काफी पसंद आ रहा है। एक यूजर ने लिखा पोस्ट सामने आते ही फैंस ने कमेंट सेक्शन में प्यार भरे संदेशों की बौछार कर दी। एक यूजर ने लिखा, "सच्चा प्यार बिल्कुल ऐसा ही होता है।" वहीं दूसरे ने कहा, "इस तस्वीर ने भावुक कर दिया।" कई लोगों ने इस जोड़ी को बॉलीवुड का सबसे खूबसूरत और प्रेरणादायक कपल बताया। कुछ प्रशंसकों ने उनकी सादगी और एक-दूसरे के प्रति प्यार की भी जमकर तारीफ की। विक्की और कैटरीना अक्सर अपने निजी जीवन की छोटी-छोटी झलकियां सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं, जिन्हें उनके फैंस खूब पसंद करते हैं। यही वजह है कि उनकी हर पोस्ट कुछ ही समय में वायरल हो जाती है। वर्कफ्रंट की बात करें तो विक्की कौशल वर्कफ्रंट की बात करें तो विक्की कौशल आने वाले समय में दो बड़ी फिल्मों में नजर आएंगे। वह 'महावतार' में भगवान परशुराम की भूमिका निभाते दिखाई देंगे। इसके अलावा वह संजय लीला भंसाली की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'लव एंड वॉर' में रणबीर कपूर और आलिया भट्ट के साथ अहम भूमिका में नजर आएंगे। यह फिल्म वर्ष 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होने की उम्मीद है। फिलहाल, उनकी रोमांटिक पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
नई दिल्ली: अभिनेता और कॉमेडियन सुनील ग्रोवर अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग के साथ-साथ निजी जिंदगी को लाइमलाइट से दूर रखने के लिए भी जाने जाते हैं। ऐसे में जब वह लंबे समय बाद अपनी पत्नी आरती ग्रोवर के साथ मुंबई में स्पॉट हुए, तो सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो गईं। कपल की सादगी, सहजता और एक-दूसरे के प्रति अपनापन देखकर फैंस ने जमकर तारीफ की। सिंपल अंदाज में नजर आया कपल मुंबई में आउटिंग के दौरान सुनील ग्रोवर अपनी पत्नी आरती का हाथ थामे नजर आए। पैपराजी को देखकर दोनों मुस्कुराए और आराम से कैमरों के सामने पोज दिए। इस दौरान सुनील ने सफेद टी-शर्ट के ऊपर ब्लैक ब्लेजर और ब्लू कार्गो ट्राउजर पहन रखी थी, जबकि आरती ने हल्के रंग का स्ट्राइप्ड फुल-स्लीव टॉप, ब्लैक वाइड-लेग ट्राउजर, सैंडल और एनिमल-प्रिंट शोल्डर बैग के साथ बेहद सिंपल लेकिन एलिगेंट लुक अपनाया था। दोनों का बिना किसी दिखावे वाला अंदाज लोगों को काफी पसंद आया। सोशल मीडिया पर मिली जमकर तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने कपल की सादगी और कैमिस्ट्री की खूब सराहना की। कई लोगों ने लिखा कि दोनों की जोड़ी बेहद प्यारी लग रही है। वहीं, कुछ यूजर्स आरती ग्रोवर की फिटनेस और यंग लुक देखकर हैरान नजर आए। एक यूजर ने टिप्पणी की कि "ये आज भी उतनी ही यंग दिखती हैं जितनी सालों पहले दिखती थीं।" वहीं अन्य लोगों ने दोनों के रिश्ते की सादगी और निजी जीवन की तारीफ की। कौन हैं आरती ग्रोवर? आरती ग्रोवर पेशे से इंटीरियर डिजाइनर हैं। उन्होंने ही मुंबई में स्थित अपने दो-मंजिला घर का इंटीरियर डिजाइन किया है। घर को प्राकृतिक माहौल, हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुओं और शांत वातावरण के साथ तैयार किया गया है। एक इंटरव्यू में सुनील ग्रोवर ने भी अपनी पत्नी की रचनात्मक सोच की खुलकर तारीफ की थी। आरती का मानना है कि घर ऐसा होना चाहिए जो केवल दिखने में खूबसूरत न हो, बल्कि उसमें रहने वालों को मानसिक सुकून भी दे। परिवार को रखते हैं लाइमलाइट से दूर सुनील ग्रोवर और आरती ग्रोवर अपनी निजी जिंदगी को हमेशा मीडिया की चकाचौंध से दूर रखते हैं। दोनों का एक बेटा मोहन भी है, जो सार्वजनिक कार्यक्रमों और सोशल मीडिया से लगभग दूर ही रहता है। सुनील पहले कभी-कभार बेटे की तस्वीरें साझा करते थे, लेकिन अब उन्होंने परिवार की निजता बनाए रखने का फैसला किया है। काम के मोर्चे पर सक्रिय हैं सुनील वर्क फ्रंट की बात करें तो सुनील ग्रोवर हाल ही में 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' में नजर आए थे। अमिताभ बच्चन, आमिर खान और सलमान खान जैसे सितारों की उनकी मिमिक्री को दर्शकों ने हमेशा पसंद किया है। उनकी कॉमिक शैली और दमदार अभिनय आज भी उन्हें टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में शामिल रखते हैं।
मुंबई, एजेंसियां। कॉमेडी फिल्म 'धमाल 4' की रिलीज से पहले इसकी स्टारकास्ट फिल्म के प्रमोशन में पूरी तरह जुटी हुई है। इस बीच फिल्म के कलाकारों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अजय देवगन, रितेश देशमुख और रवि किशन बच्चों के साथ एम्यूजमेंट पार्क में जमकर मस्ती करते नजर आ रहे हैं। स्टार्स का यह अनोखा और दिलचस्प प्रमोशनल अंदाज फैंस को खूब पसंद आ रहा है। अजय देवगन बच्चों के साथ वीडियो गेम खेलते दिखाई दे रहे है वायरल वीडियो में अजय देवगन बच्चों के साथ वीडियो गेम खेलते दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ रितेश देशमुख और रवि किशन भी अलग-अलग गेम्स का आनंद लेते नजर आते हैं। इसके बाद पूरी टीम ने बच्चों के साथ बंपर कार राइड का भी भरपूर लुत्फ उठाया। आमतौर पर गंभीर स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले अजय देवगन इस दौरान खुलकर हंसते और मुस्कुराते नजर आए, जबकि रवि किशन का उत्साह भी देखने लायक था। एम्यूजमेंट पार्क में फिल्म की पूरी टीम बच्चों के साथ पूरी तरह घुल-मिल गई। सभी कलाकारों ने न सिर्फ खेलों का आनंद लिया, बल्कि अपने नन्हे प्रशंसकों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। इस अनोखे प्रमोशन ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर फैंस भी जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं और कलाकारों के इस सहज अंदाज की तारीफ कर रहे हैं। 'धमाल 4' का निर्देशन इंद्र कुमार ने किया है फिल्म में अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी एक बार फिर अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने के लिए तैयार हैं। इनके अलावा रवि किशन, ईशा गुप्ता और अंजलि आनंद भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। कॉमेडी और मनोरंजन से भरपूर यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 10 जुलाई, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। मेकर्स को उम्मीद है कि 'धमाल' फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्मों की तरह यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेगी।