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Sensex Falls 400 Points, Nifty Below 24,600

शेयर बाजार में फिर गिरावट: सेंसेक्स 400 अंक टूटा, निफ्टी 24,600 के नीचे; रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव

surbhi मार्च 6, 2026 0
Indian stock market screen showing Sensex and Nifty falling with red indicators during trading session.
Sensex Nifty Fall Stock Market India

बाजार में लाल निशान, सेंसेक्स-निफ्टी में तेज गिरावट

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में फिर से गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 400 से ज्यादा अंक गिरकर 80,000 के स्तर से और दूर चला गया, जबकि निफ्टी करीब 100 अंक टूटकर 24,650 के आसपास पहुंच गया।

बाजार की इस कमजोरी की बड़ी वजह वैश्विक संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 86 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जबकि यूएस क्रूड 81 डॉलर प्रति बैरल के पार बंद हुआ।

 

निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर अहम

विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है। अगर यह स्तर टूटता है तो बाजार में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

वहीं बैंकिंग इंडेक्स निफ्टी बैंक अभी 60,000 के लक्ष्य से दूर दिखाई दे रहा है। फिलहाल इसे 59,000 और फिर 58,500 के स्तर को बचाने की चुनौती है।

 

रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट

शुक्रवार को निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में लगभग 2% की गिरावट दर्ज की गई।

इस सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव Godrej Properties के शेयरों पर दिखा, जो करीब 3% तक गिरकर निफ्टी-50 के टॉप लूजर बन गए।

 

इन तीन शेयरों में दिख रहा निवेश का मौका

ब्रोकरेज फर्म JM Financial के विश्लेषक राहुल शर्मा के अनुसार बाजार की मौजूदा कमजोरी के बीच कुछ मजबूत कंपनियों के शेयर अच्छे स्तरों पर आ गए हैं।

उन्होंने तीन कंपनियों को वैल्यू पिक बताया है:

  • Larsen & Toubro
  • State Bank of India
  • Titan Company

उनका मानना है कि हाल की गिरावट के कारण इन कंपनियों के शेयर महत्वपूर्ण टेक्निकल सपोर्ट के करीब पहुंच गए हैं।

 

इन शेयरों में तेज हलचल

आज बाजार में कुछ शेयरों में खास हलचल देखने को मिली:

  • DCX Systems के शेयर 10% से ज्यादा उछले, क्योंकि कंपनी को Hindustan Aeronautics Limited से ₹68.05 करोड़ का ऑर्डर मिला है।
  • Cochin Shipyard और अन्य शिपिंग कंपनियों के शेयरों में भी तेजी देखी गई।
  • Solar Industries India के शेयर इस हफ्ते लगभग 17% तक चढ़ गए।
  • रक्षा क्षेत्र की मजबूती के कारण Garden Reach Shipbuilders & Engineers और Bharat Dynamics Limited के शेयरों में भी तेजी बनी रही।

 

ED की कार्रवाई से रिलायंस पावर चर्चा में

इस बीच Reliance Power से जुड़ी कंपनियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि Anil Ambani से जुड़ी कंपनियों पर 10–12 स्थानों पर कार्रवाई की गई, जिसके कारण यह शेयर भी फोकस में रहा।

 

रुपये में मामूली मजबूती

डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में हल्की मजबूती दर्ज की गई। रुपया 2 पैसे मजबूत होकर 91.62 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।

यह मजबूती उस खबर के बाद आई जब अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट दी, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में दबाव कुछ कम हुआ।

 

आईटी सेक्टर में जल्द आ सकता है उछाल

विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में आईटी शेयरों में आई भारी गिरावट के बाद अब रिकवरी की संभावना बन सकती है।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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Gratuity Rules में बड़ा बदलाव: अब 1 साल की नौकरी में भी मिलेगा लाभ, 2 दिन में होगा फुल एंड फाइनल सेटलमेंट

नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही देश में श्रम कानूनों में बड़ा बदलाव लागू हो गया है। New Labour Codes के तहत कर्मचारियों को मिलने वाले कई महत्वपूर्ण अधिकारों को आसान और तेज बनाया गया है। इन बदलावों का सबसे बड़ा असर ग्रेच्युटी (Gratuity) और फुल एंड फाइनल सेटलमेंट (F&F) पर पड़ा है। 1 साल में ही मिलेगा ग्रेच्युटी का लाभ अब तक किसी कर्मचारी को ग्रेच्युटी पाने के लिए कम से कम 5 साल तक लगातार नौकरी करना जरूरी होता था। लेकिन नए नियमों के तहत कुछ परिस्थितियों में यह अवधि घटाकर 1 साल कर दी गई है। इस बदलाव से खासतौर पर उन कर्मचारियों को फायदा होगा जो कम अवधि के लिए नौकरी करते हैं या बार-बार जॉब बदलते हैं। 2 दिन में करना होगा F&F सेटलमेंट Code on Wages, 2019 के तहत अब कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी कर्मचारी के नौकरी छोड़ने के बाद सिर्फ 2 कार्यदिवस के भीतर उसका फुल एंड फाइनल सेटलमेंट करना होगा। इसमें शामिल होंगे: बकाया वेतन लीव इनकैशमेंट अन्य सभी भुगतान पहले कंपनियों को यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए 45 से 90 दिन तक का समय मिल जाता था। सभी परिस्थितियों में लागू होगा नियम यह नया नियम हर स्थिति में लागू होगा: कर्मचारी का इस्तीफा रिटायरमेंट छंटनी (Layoff) अगर कोई कंपनी इस नियम का पालन नहीं करती, तो यह कानूनी उल्लंघन माना जाएगा। कर्मचारी इसके खिलाफ श्रम विभाग में शिकायत कर सकता है और देरी से भुगतान पर ब्याज का दावा भी कर सकता है। 30 दिनों में मिलेगा ग्रेच्युटी भुगतान ग्रेच्युटी के लिए पात्र बनने के बाद कंपनी को 30 दिनों के भीतर इसका भुगतान करना अनिवार्य होगा। इससे कर्मचारियों को रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने के बाद आर्थिक राहत जल्दी मिलेगी। कर्मचारियों के लिए क्या मायने हैं ये बदलाव? इन नए नियमों का उद्देश्य कर्मचारियों को अधिक सुरक्षा, पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है। ग्रेच्युटी अब ज्यादा लोगों के लिए सुलभ होगी नौकरी छोड़ने के बाद पैसे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा कंपनियों की जवाबदेही बढ़ेगी

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Stock Market: शानदार उछाल के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 1187 अंक चढ़ा

मुंबई,एजेंसियां। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद शानदार रही। बुधवार को घरेलू बाजार जोरदार बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 1,186.77 अंक यानी 1.65 प्रतिशत उछलकर 73,134.32 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 348.00 अंक की मजबूती के साथ 22,679.40 के स्तर पर बंद हुआ। दिनभर कारोबार के दौरान बाजार में मजबूत खरीदारी का माहौल बना रहा।   विशेषज्ञों के अनुसार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजारों में आई तेजी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। इससे भारतीय बाजारों में भी राहत की लहर देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 73,964.58 तक पहुंच गया था, जो दिन की बड़ी तेजी को दर्शाता है।   सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से ट्रेंट सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, अदानी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और इटरनल जैसे शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। वहीं एनटीपीसी, सन फार्मा, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट और भारती एयरटेल के शेयरों में कुछ कमजोरी देखी गई। वैश्विक बाजारों का भी भारतीय बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई कंपोजिट और हैंग सेंग मजबूती के साथ बंद हुए। वहीं, यूरोपीय बाजारों और अमेरिकी वॉल स्ट्रीट में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों की रिस्क लेने की क्षमता बढ़ी है और अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव में और कमी आती है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की बिकवाली अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।

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शेयर बाजार की तेजी दर्शाता बुल स्टैच्यू
शेयर बजार में तेजी: सेंसेक्स 1900 अंक उछला, निफ्टी 22,900 के पार

मुंबई, एजेंसियां। हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने दमदार वापसी की। महावीर जयंती के कारण मंगलवार को बाजार बंद रहने के बाद आज निवेशकों ने मजबूती के साथ कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,899.53 अंक चढ़कर 73,847.08 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 572.55 अंक की उछाल के साथ 22,903.95 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मजबूत होकर 94.70 पर पहुंच गया।   बाजार में तेजी की बड़ी वजह बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान तनाव के जल्द खत्म होने की उम्मीद रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की ओर से संकट खत्म करने के संकेतों ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों में साफ दिखाई दिया।   सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियों में तेजी आज की तेजी की खास बात यह रही कि सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियों के शेयर हरे निशान में रहे। इनमें ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अदानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन और लार्सन एंड टुब्रो प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे। इससे निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला।   एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिला सपोर्ट वैश्विक बाजारों में भी तेजी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 7%, जापान का निक्केई 225 चार फीसदी से अधिक, जबकि हैंग सेंग और शंघाई सूचकांक भी मजबूती में रहे। अमेरिकी बाजार में भी मंगलवार को नैस्डैक 3.83%, एसएंडपी 500 2.91% और डाउ जोन्स 2.49% चढ़ा था।   तेल की कीमतें और निवेशकों की सतर्कता हालांकि बाजार में तेजी के बीच ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जो चिंता का विषय बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव से सप्लाई बाधित होने का खतरा है। उधर, सोमवार को एफआईआई ने 11,163 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि डीआईआई ने 14,894 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी।

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