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Is ₹1 Lakh a Month Still Enough?

क्या अब 1 लाख रुपये महीना कमाना भी काफी नहीं? बदलती जिंदगी ने बढ़ाई भारत के मिडिल क्लास की चिंता

surbhi जून 16, 2026 0
Urban Indian middle-class family managing rising expenses despite earning a six-figure monthly salary
Is ₹1 Lakh Salary Enough in Modern India

कभी सफलता की पहचान थी छह अंकों वाली सैलरी, अब उठ रहे हैं सवाल

एक समय था जब हर महीने 1 लाख रुपये या उससे अधिक कमाना आर्थिक सफलता की पहचान माना जाता था। यह अच्छी नौकरी, स्थिर भविष्य और आरामदायक जीवन का प्रतीक समझा जाता था। लेकिन अब तेजी से बदलती आर्थिक परिस्थितियों के बीच यह धारणा कमजोर पड़ती नजर आ रही है।

हाल ही में बेंगलुरु के एक आईटी प्रोफेशनल के अतिरिक्त आय के लिए टैक्सी चलाने की खबर ने देशभर के लाखों नौकरीपेशा लोगों का ध्यान खींचा। यह घटना केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि शहरी भारत के उस वर्ग की चिंता को दर्शाती है जो अच्छी कमाई के बावजूद आर्थिक सुरक्षा को लेकर असमंजस में है।

बढ़ती आय के साथ और तेजी से बढ़ रहे खर्च

देश के बड़े शहरों जैसे बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद और पुणे में रहने की लागत पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है।

सबसे ज्यादा असर इन क्षेत्रों में देखने को मिला है:

  • घरों का किराया और प्रॉपर्टी की कीमतें
  • बच्चों की शिक्षा
  • स्वास्थ्य सेवाएं और मेडिकल खर्च
  • बीमा प्रीमियम
  • वाहन और होम लोन की ईएमआई
  • दैनिक जीवन की बढ़ती लागत

नतीजतन, वेतन बढ़ने के बावजूद अधिकांश परिवारों के पास बचत के लिए अपेक्षाकृत कम पैसा बच रहा है।

ज्यादा कमाई, लेकिन कम आर्थिक संतोष

विशेषज्ञों का मानना है कि आज की पीढ़ी अपने माता-पिता की तुलना में कहीं अधिक कमाई कर रही है, लेकिन आर्थिक रूप से खुद को उतना सुरक्षित महसूस नहीं करती।

ईएमआई, स्कूल फीस, बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल, स्वास्थ्य बीमा और अन्य जिम्मेदारियों के बाद आय का बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है। यही वजह है कि अच्छी सैलरी पाने वाले लोग भी भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं।

साइड इनकम का बढ़ता ट्रेंड

बेंगलुरु के आईटी प्रोफेशनल की तरह अब कई नौकरीपेशा लोग अतिरिक्त कमाई के रास्ते तलाश रहे हैं।

आज बड़ी संख्या में लोग:

  • फ्रीलांसिंग कर रहे हैं
  • ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं
  • कंसल्टिंग सेवाएं दे रहे हैं
  • निवेश और ट्रेडिंग कर रहे हैं
  • छोटे व्यवसाय शुरू कर रहे हैं

इनमें से अधिकांश लोग आर्थिक संकट में नहीं हैं, बल्कि बढ़ती आकांक्षाओं और खर्चों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या समस्या सैलरी की है या बढ़ती उम्मीदों की?

विशेषज्ञों का एक वर्ग मानता है कि केवल महंगाई ही समस्या नहीं है, बल्कि जीवनशैली की अपेक्षाएं भी काफी बदल गई हैं।

आज का शहरी मध्यम वर्ग एक साथ कई लक्ष्य हासिल करना चाहता है:

  • अपना घर खरीदना
  • बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ाना
  • बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं लेना
  • नियमित छुट्टियां मनाना
  • नई तकनीक और गैजेट्स खरीदना
  • निवेश और रिटायरमेंट प्लानिंग करना

इन सभी जरूरतों को एक ही आय के जरिए पूरा करना पहले की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।

सोशल मीडिया ने भी बढ़ाया दबाव

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने लोगों की जीवनशैली और सफलता की परिभाषा बदल दी है।

लक्जरी घर, विदेश यात्राएं, महंगी कारें और हाई-एंड लाइफस्टाइल अब लगातार लोगों की स्क्रीन पर दिखाई देती हैं। इससे कई बार लोग अपनी तुलना समाज के सबसे संपन्न वर्ग से करने लगते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक असंतोष का एक कारण यह भी है कि सफलता का पैमाना लगातार बदल रहा है।

आर्थिक असुरक्षा केवल मानसिक नहीं, वास्तविक भी है

आज के शहरी परिवारों के सामने कई वित्तीय जिम्मेदारियां एक साथ मौजूद हैं।

उन्हें:

  • घर की लागत संभालनी है
  • बच्चों की उच्च शिक्षा की योजना बनानी है
  • बुजुर्ग माता-पिता का सहारा बनना है
  • रिटायरमेंट फंड तैयार करना है
  • मेडिकल आपात स्थितियों के लिए बचत करनी है

इसी वजह से अच्छी आय होने के बावजूद आर्थिक असुरक्षा की भावना बनी रहती है।

बदल गया है मिडिल क्लास का सपना

मध्यम वर्ग के सपने आज भी वही हैं—स्थिर नौकरी, अपना घर, बच्चों की अच्छी शिक्षा और सुरक्षित रिटायरमेंट। लेकिन इन लक्ष्यों को हासिल करने की लागत पहले की तुलना में काफी बढ़ चुकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आज आर्थिक सुरक्षा केवल अधिक कमाने से नहीं, बल्कि बेहतर वित्तीय योजना, अनुशासित बचत और समझदारी से निवेश करने से मिलेगी।

1 लाख रुपये महीना आज भी भारत के अधिकांश लोगों के लिए एक बड़ी आय मानी जाती है। लेकिन बड़े शहरों में बढ़ती महंगाई, जीवनशैली के खर्च और वित्तीय जिम्मेदारियों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या केवल अच्छी सैलरी ही आर्थिक सुरक्षा की गारंटी दे सकती है?

आज के भारत में जवाब शायद "नहीं" है। अब आर्थिक सफलता केवल कमाई पर नहीं, बल्कि उस कमाई को संभालने और बढ़ाने की क्षमता पर भी निर्भर करती है।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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AIIMS CRE Recruitment 2026: ग्रुप 'बी' और 'सी' के 1484 पदों पर भर्ती, 3 जुलाई तक करें आवेदन

नई दिल्ली,एजेंसियां। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन (CRE-5) 2026 के तहत ग्रुप 'बी' और ग्रुप 'सी' के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती अभियान के माध्यम से देशभर के विभिन्न AIIMS संस्थानों और अन्य केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 1484 रिक्त पद भरे जाएंगे।   3 जुलाई तक भरें आवेदन ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 जून 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 3 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी 3 जुलाई है, जबकि एनओसी जमा करने वाले उम्मीदवार 8 जुलाई तक दस्तावेज जमा कर सकेंगे। आवेदन की स्थिति 11 जुलाई को उपलब्ध होगी। कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) का आयोजन 25 से 27 जुलाई 2026 के बीच किया जाएगा।   कई पदों पर होगी नियुक्ति   भर्ती के तहत सीनियर और जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट, ऑफिस सुपरिटेंडेंट, एलडीसी, यूडीसी, जूनियर एवं असिस्टेंट इंजीनियर, डाइटीशियन, वार्डन, स्टोर कीपर, कैशियर और जूनियर अकाउंट्स ऑफिसर सहित कई पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।   योग्यता, आयु सीमा और शुल्क पदों के अनुसार 10वीं, 12वीं, डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर योग्यता निर्धारित की गई है। कुछ पदों के लिए संबंधित क्षेत्र का अनुभव भी आवश्यक है। न्यूनतम आयु 18 वर्ष है, जबकि अधिकतम आयु पद के अनुसार 21 से 50 वर्ष तक तय की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 3,000 रुपये, जबकि एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 2,400 रुपये निर्धारित किया गया है। दिव्यांग अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।   चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) और संबंधित पदों के लिए आयोजित स्किल टेस्ट के आधार पर किया जाएगा। अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना ध्यानपूर्वक पढ़कर सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी गई है।

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RRB ALP Recruitment 2026: 14 जून तक करें आवेदन, 10वीं-ITI पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) के हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 14 जून 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे में जो उम्मीदवार अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, उन्हें अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।   इस भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता के तौर पर उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास होना अनिवार्य है। इसके साथ ही अभ्यर्थी के पास संबंधित ट्रेड में आईटीआई प्रमाणपत्र होना चाहिए। जिन उम्मीदवारों ने इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या डिग्री हासिल की है, वे भी आवेदन करने के पात्र हैं।   आयु सीमा और आरक्षण का लाभ भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।   ऑनलाइन माध्यम से करें आवेदन इच्छुक उम्मीदवार रेलवे भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए सबसे पहले पोर्टल पर जाकर नया अकाउंट बनाना होगा। इसके बाद लॉगिन कर आवेदन पत्र भरना, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना और निर्धारित शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट करना होगा। आवेदन पूरा होने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखना जरूरी है।   आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 500 रुपये आवेदन शुल्क जमा करना होगा। वहीं एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए शुल्क 250 रुपये निर्धारित किया गया है। रेलवे की ओर से सीबीटी-1 परीक्षा में शामिल होने के बाद सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को 400 रुपये तथा एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों को पूरी फीस वापस कर दी जाएगी।   रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह एक शानदार अवसर है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

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FSSAI Recruitment
FSSAI में निकली ग्रुप A, B और C पदों पर भर्ती, 26 जून तक करें आवेदन

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ग्रुप A, B और C के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 26 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती प्रतिनियुक्ति (Deputation) और अल्पकालिक अनुबंध (Short-Term Contract) के आधार पर की जाएगी। अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए FSSAI के आधिकारिक करियर पोर्टल का उपयोग करना होगा।   इस भर्ती अभियान के तहत कुल 15 रिक्त पदों को भरा जाएगा। इनमें जॉइंट डायरेक्टर के 3 पद, मैनेजर (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) के 2 पद और जूनियर असिस्टेंट ग्रेड-II के 10 पद शामिल हैं। चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार आकर्षक वेतन और अन्य सरकारी सुविधाएं मिलेंगी। कुछ वरिष्ठ पदों पर मासिक वेतन 2.08 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।   महत्वपूर्ण तिथियां ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 6 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 जून 2026 निर्धारित की गई है। पात्रता की गणना भी इसी तिथि के आधार पर की जाएगी।   शैक्षणिक योग्यता जॉइंट डायरेक्टर पद के लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक डिग्री आवश्यक है। इसके साथ एमबीए, विधि, फूड टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, पब्लिक हेल्थ, कृषि या अन्य संबंधित विषयों की योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। मैनेजर (आईटी) पद के लिए बीटेक, एमटेक, एमसीए या संबंधित क्षेत्र में डिग्री अनिवार्य है। वहीं जूनियर असिस्टेंट ग्रेड-II पद के लिए उम्मीदवार का 12वीं पास होना जरूरी है। कंप्यूटर संचालन, टाइपिंग और कार्यालयी कार्य का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिल सकती है।   आयु सीमा और चयन प्रक्रिया प्रतिनियुक्ति के आधार पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 56 वर्ष निर्धारित की गई है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति एक से तीन वर्ष की अवधि के लिए की जा सकती है, जिसे आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया भी जा सकता है।

Unknown जून 8, 2026 0
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