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NBT Recruitment 2026: आर्ट्स ग्रेजुएट्स के लिए ₹70,000 तक की नौकरी, नेशनल बुक ट्रस्ट में निकली भर्ती

surbhi जुलाई 22, 2026 0
National Book Trust recruitment notice for Young Professional post offering up to ₹70,000 salary for Arts graduates.
NBT Recruitment 2026 for Arts Graduates

सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे आर्ट्स ग्रेजुएट्स के लिए शानदार अवसर है। नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) ने यंग प्रोफेशनल (Exhibition) के पद पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह नियुक्ति कॉन्ट्रैक्ट आधार पर की जाएगी और चयनित उम्मीदवारों को ₹60,000 से ₹70,000 प्रति माह तक वेतन मिलेगा।

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 1 अगस्त 2026 तक ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

वैकेंसी की मुख्य जानकारी

विवरण

जानकारी

संगठन

नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT)

पद

यंग प्रोफेशनल (Exhibition)

कुल पद

01

नौकरी का प्रकार

कॉन्ट्रैक्ट

आवेदन का माध्यम

ऑफलाइन

अंतिम तिथि

1 अगस्त 2026

मासिक वेतन

₹60,000 – ₹70,000

चयन प्रक्रिया

इंटरव्यू / लिखित परीक्षा / स्किल टेस्ट

कौन कर सकता है आवेदन?

शैक्षणिक योग्यता

उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से निम्न में से किसी विषय में ग्रेजुएशन होना चाहिए—

  • मास कम्युनिकेशन
  • ह्यूमैनिटीज
  • आर्ट्स या संबंधित विषय

अनुभव

उम्मीदवार के पास कम से कम 5 वर्ष का अनुभव होना चाहिए—

  • सरकारी संस्थान
  • सांस्कृतिक संगठन
  • प्रदर्शनी (Exhibition)
  • पुस्तक मेले
  • सम्मेलन
  • साहित्यिक कार्यक्रम
  • इवेंट मैनेजमेंट

साथ ही एजेंसियों, वेंडर्स, प्रदर्शकों के साथ काम करने, रिपोर्ट तैयार करने और इवेंट प्लानिंग का अनुभव भी आवश्यक है।

आयु सीमा

  • अधिकतम आयु: 32 वर्ष

क्या होगा काम?

चयनित उम्मीदवार को—

  • बुक फेयर और साहित्यिक महोत्सव की योजना बनाना
  • प्रदर्शनी का संचालन
  • पब्लिशर्स और पार्टनर्स के साथ समन्वय
  • स्पीकर सेशन आयोजित करना
  • इवेंट डॉक्यूमेंटेशन और रिपोर्टिंग
  • डेटाबेस मैनेजमेंट

जैसे महत्वपूर्ण कार्य करने होंगे।

कितनी मिलेगी सैलरी?

चयनित उम्मीदवारों को ₹60,000 से ₹70,000 प्रति माह तक वेतन दिया जाएगा।

शुरुआत में नियुक्ति 3 महीने के लिए होगी, जिसे आवश्यकता के अनुसार आगे बढ़ाया जा सकता है।

कैसे करें आवेदन?

इस भर्ती के लिए आवेदन ऑफलाइन करना होगा।

आवेदन की प्रक्रिया—

  • भर्ती का आवेदन फॉर्म नोटिफिकेशन से डाउनलोड करें।
  • फॉर्म का प्रिंट निकालें।
  • सभी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और अनुभव संबंधी जानकारी भरें।
  • आवश्यक दस्तावेजों की स्वयं सत्यापित प्रतियां संलग्न करें।
  • आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करें।
  • निर्धारित पते पर अंतिम तिथि से पहले भेज दें।

आवेदन भेजने का पता

Deputy Director (A&E)
National Book Trust, India
5, Institutional Area, Vasant Kunj, New Delhi – 110070

इंटरव्यू के समय उम्मीदवारों को सभी मूल (Original) दस्तावेज साथ लेकर जाने होंगे।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Delhi Police PE&MT Admit Card
दिल्ली पुलिस PE&MT एडमिट कार्ड जारी, 25 जुलाई से शुरू होगी शारीरिक परीक्षा

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली पुलिस ने भर्ती प्रक्रिया 2025 के तहत आयोजित होने वाली फिजिकल एंड्योरेंस एंड मेजरमेंट टेस्ट (PE&MT) के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। जिन उम्मीदवारों ने भर्ती के लिए आवेदन किया है, वे अब आधिकारिक पोर्टल से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। शारीरिक परीक्षा 25 जुलाई 2026 से शुरू होकर 10 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएगी।   इन पदों के लिए होगी शारीरिक परीक्षा   भर्ती प्रक्रिया के तहत कांस्टेबल (पुरुष/महिला), कांस्टेबल (ड्राइवर), हेड कांस्टेबल (मिनिस्ट्रियल) और हेड कांस्टेबल (AWO/TPO) सहित विभिन्न पदों के लिए PE&MT आयोजित किया जाएगा। उम्मीदवारों को परीक्षा की तिथि, रिपोर्टिंग समय और परीक्षा केंद्र की जानकारी एडमिट कार्ड में दी गई है।   निर्धारित तिथि पर ही देना होगा टेस्ट   दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को केवल आवंटित तिथि और परीक्षा केंद्र पर ही शारीरिक परीक्षा में शामिल होना होगा। परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव के किसी भी अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा। निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होने वाले उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे।   परीक्षा केंद्र पर साथ रखें ये जरूरी दस्तावेज   शारीरिक परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड की प्रिंट कॉपी, मूल फोटो पहचान पत्र, 10 हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और आवश्यक श्रेणी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) साथ लेकर जाना होगा। साथ ही सभी दस्तावेजों की स्व-सत्यापित फोटोकॉपी भी जमा करनी होगी।   समय से पहले पहुंचे उम्मीदवार   अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित रिपोर्टिंग समय से पहले पहुंचें और एडमिट कार्ड में दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि शारीरिक परीक्षा के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।

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2028 तक पर्यटन क्षेत्र में आएंगी 30 लाख नई नौकरियां! होटल, रेस्टोरेंट और कैफे में सबसे ज्यादा अवसर

भारत में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। आने वाले चार वर्षों में देश का पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी (आतिथ्य) क्षेत्र रोजगार का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2028 तक इस सेक्टर में करीब 30 लाख नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। इनमें सबसे अधिक भर्ती होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, रिसॉर्ट और फूड सर्विस से जुड़े संस्थानों में होगी। 2028 तक 1.48 करोड़ लोगों को मिलेगा रोजगार टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्किल काउंसिल (THSC) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या 2024 के 1.18 करोड़ से बढ़कर 2028 तक 1.48 करोड़ होने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू पर्यटन में लगातार बढ़ोतरी, होटल उद्योग का विस्तार और खाने-पीने से जुड़ी सेवाओं की बढ़ती मांग इस रोजगार वृद्धि की प्रमुख वजहें होंगी। होटल और फूड सर्विस सेक्टर में सबसे ज्यादा भर्ती रिपोर्ट बताती है कि पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में बनने वाली कुल नौकरियों में लगभग 93 प्रतिशत हिस्सेदारी होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, रिसॉर्ट और फूड सर्विस व्यवसायों की होगी। अनुमान है कि 2024 में इस उप-क्षेत्र में करीब 1.10 करोड़ लोग कार्यरत थे, जो 2028 तक बढ़कर 1.38 करोड़ हो जाएंगे। यानी आने वाली नई नौकरियों का बड़ा हिस्सा इसी सेक्टर से आएगा। हर स्तर के उम्मीदवारों के लिए होंगे अवसर इस रिपोर्ट की सबसे खास बात यह है कि रोजगार केवल अनुभवी पेशेवरों तक सीमित नहीं रहेगा। नए उम्मीदवारों से लेकर अनुभवी कर्मचारियों तक, सभी के लिए अवसर उपलब्ध होंगे। रिपोर्ट के अनुसार, बनने वाली लगभग 30 लाख नई नौकरियों में– करीब 11 लाख पद कुशल (Skilled) कर्मचारियों के लिए होंगे। लगभग 11 लाख पद अर्धकुशल (Semi-skilled) उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध होंगे। वहीं करीब 8 लाख नौकरियां अकुशल (Unskilled) श्रमिकों के लिए होंगी। इससे साफ है कि 10वीं, 12वीं पास युवाओं के साथ-साथ स्किल ट्रेनिंग प्राप्त उम्मीदवारों के लिए भी रोजगार के बेहतर अवसर बनेंगे। इन पदों की रहेगी सबसे ज्यादा मांग हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में कई नई भूमिकाओं की मांग तेजी से बढ़ने की संभावना जताई गई है। होटल सेक्टर में बैंक्वेट मैनेजर और असिस्टेंट शेफ जैसे पदों पर भर्ती बढ़ सकती है। वहीं फूड सर्विस सेक्टर में असिस्टेंट शेफ और बरिस्ता एग्जीक्यूटिव की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने का अनुमान है। इसके अलावा डिजिटल तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण डिजिटल मार्केटिंग और रेवेन्यू मैनेजमेंट से जुड़े पेशेवरों की जरूरत भी तेजी से बढ़ेगी। इन राज्यों में बनेंगे सबसे ज्यादा रोजगार रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में सबसे अधिक रोजगार पैदा करने वाले राज्य होंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी इस सेक्टर में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ने की संभावना जताई गई है। लगातार बढ़ेगा पर्यटन उद्योग रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2022 से 2028 के बीच पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र का औसत वार्षिक सकल मूल्य वर्धन (GVA) लगभग 5.9 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा। यही वृद्धि आने वाले वर्षों में रोजगार सृजन को भी गति देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू पर्यटन, बेहतर होटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के चलते यह सेक्टर भारत के सबसे बड़े रोजगार प्रदाताओं में शामिल बना रहेगा।  

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12वीं के बाद फॉरेंसिक साइंस में बनाएं सुनहरा करियर, जानिए कैसे करें शुरुआत

नई दिल्ली, एजेंसियां। विज्ञान, तकनीक और अपराध जांच में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए फॉरेंसिक साइंस तेजी से उभरता हुआ करियर विकल्प बन रहा है। साइबर अपराध, डिजिटल फ्रॉड और जटिल आपराधिक मामलों में लगातार बढ़ोतरी के कारण प्रशिक्षित फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में 12वीं के बाद इस क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, जैसे Coursera, कई उपयोगी कोर्स उपलब्ध करा रहे हैं।   फॉरेंसिक साइंस क्या है ? फॉरेंसिक साइंस वह विज्ञान है, जिसमें अपराधों की जांच के लिए वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। इसका उपयोग क्राइम सीन की जांच, डीएनए प्रोफाइलिंग, फिंगरप्रिंट विश्लेषण, साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्यों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सटीक प्रमाण उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। इसके अलावा बैंकिंग, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में भी फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है।   इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए छात्रों को 12वीं विज्ञान संकाय (फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी या मैथ्स) से उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके बाद बीएससी इन फॉरेंसिक साइंस या संबंधित विषयों में स्नातक किया जा सकता है। आगे एमएससी, विशेष डिप्लोमा या विशेषज्ञता वाले कोर्स करके बेहतर करियर बनाया जा सकता है। इस क्षेत्र में सफलता के लिए वैज्ञानिक सोच, तार्किक विश्लेषण, धैर्य, सूक्ष्म निरीक्षण क्षमता और आधुनिक तकनीकों की समझ जरूरी मानी जाती है।    केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला कैसे होता है ? अधिकांश केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर प्रवेश कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) के माध्यम से होता है। राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) भी अपने कई स्नातक कार्यक्रमों में CUET-UG स्कोर के आधार पर प्रवेश देता है, जबकि कुछ कोर्स के लिए अलग पात्रता और चयन प्रक्रिया लागू हो सकती है।   विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में साइबर अपराध और वैज्ञानिक जांच की बढ़ती जरूरत को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस आने वाले वर्षों में रोजगार के सबसे संभावनाशील क्षेत्रों में शामिल होगा। ऐसे में सही कोर्स और प्रशिक्षण के साथ छात्र इस क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं।

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