जॉब्स

यूपी में 708 पदों पर निकली वैकेंसी, फीस मात्र 25 रुपए

Anjali Kumari अप्रैल 25, 2026 0
Up government vacancy 2026
Up government vacancy 2026

लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में फॉरेस्ट गार्ड और वन्य जीव रक्षक (वाइल्ड लाइफ गार्ड) के 708 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इस भर्ती के लिए एग्जाम फीस 30 जून से 20 जुलाई 2026 तक जमा की जा सकेगी। फॉर्म में करेक्शन के लिए 27 जुलाई तक का समय दिया जाएगा।

पदों का विवरण :


फॉरेस्ट गार्ड :
पद का नाम        पदों की संख्या
सामान्य    128
अन्य पिछड़ा वर्ग    279
अनुसूचित जाति    199
अनुसूचित जनजाति    10
ईडब्ल्यूएस    31


वाइल्ड लाइफ गार्ड :

 

पद का नाम        पदों की संख्या
सामान्य    4
अन्य पिछड़ा वर्ग    36
अनुसूचित जाति    19
अनुसूचित जनजाति    1
ईडब्ल्यूएस    1


शैक्षणिक योग्यता :


12वीं पास।
पीईटी 2025 का स्कोर कार्ड होना चाहिए।


शारीरिक योग्यता :


जेंडर    कैटेगरी    न्यूनतम हाइट    चेस्ट (फुलाए बिना / फुलाने के बाद )    वजन
पुरुष    जनरल,ओबीसी, एससी    168 सेमी    84 cm / 89 cm (min. 5 cm expansion)    –
पुरुष    ST    160 सेमी    82 cm / 87 cm (min. 5 cm expansion)    –
महिला    General / OBC / SC    152 सेमी    –    45 to 58 kg
महिला    एसटी    147 सेमी    –    45 to 58 kg


उम्र सीमाः 


न्यूनतम : 18 साल
अधिकतम : 40 साल
रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी।
फीस :
सभी वर्ग के लिए 25 रुपए
सैलरी :
19,900 - 63,200 रुपए प्रतिमाह
परीक्षा प्रणाली :
परीक्षा की अवधि : ढाई घंटे
टोटल मार्क्स : 200
टोटल क्वेश्चन : 200
पार्ट    सब्जेक्ट    क्वेश्चन नंबर    टोटल मार्क्स
पार्ट - 1    सब्जेक्ट रिलेटेड नॉलेज (फॉरेस्ट एंड एनवायरमेंट)
50    50
पार्ट - 2    
एलिमेंट्री मैथमेटिक्स एंड बायोलॉजी
15    15
पार्ट - 3    नॉलेज ऑफ कंप्यूटर एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड कंटेम्परेरी टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट एंड इन्नोवेशन
15    15
पार्ट - 4    जनरल इंफॉर्मेशन रिलेटेड टू द स्टेट ऑफ उत्तरप्रदेश
20    20
टोटल        100    100

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

जॉब्स

View more
Up government vacancy 2026
यूपी में 708 पदों पर निकली वैकेंसी, फीस मात्र 25 रुपए

लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में फॉरेस्ट गार्ड और वन्य जीव रक्षक (वाइल्ड लाइफ गार्ड) के 708 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इस भर्ती के लिए एग्जाम फीस 30 जून से 20 जुलाई 2026 तक जमा की जा सकेगी। फॉर्म में करेक्शन के लिए 27 जुलाई तक का समय दिया जाएगा। पदों का विवरण : फॉरेस्ट गार्ड : पद का नाम        पदों की संख्या सामान्य    128 अन्य पिछड़ा वर्ग    279 अनुसूचित जाति    199 अनुसूचित जनजाति    10 ईडब्ल्यूएस    31 वाइल्ड लाइफ गार्ड :   पद का नाम        पदों की संख्या सामान्य    4 अन्य पिछड़ा वर्ग    36 अनुसूचित जाति    19 अनुसूचित जनजाति    1 ईडब्ल्यूएस    1 शैक्षणिक योग्यता : 12वीं पास। पीईटी 2025 का स्कोर कार्ड होना चाहिए। शारीरिक योग्यता : जेंडर    कैटेगरी    न्यूनतम हाइट    चेस्ट (फुलाए बिना / फुलाने के बाद )    वजन पुरुष    जनरल,ओबीसी, एससी    168 सेमी    84 cm / 89 cm (min. 5 cm expansion)    – पुरुष    ST    160 सेमी    82 cm / 87 cm (min. 5 cm expansion)    – महिला    General / OBC / SC    152 सेमी    –    45 to 58 kg महिला    एसटी    147 सेमी    –    45 to 58 kg उम्र सीमाः  न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 40 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। फीस : सभी वर्ग के लिए 25 रुपए सैलरी : 19,900 - 63,200 रुपए प्रतिमाह परीक्षा प्रणाली : परीक्षा की अवधि : ढाई घंटे टोटल मार्क्स : 200 टोटल क्वेश्चन : 200 पार्ट    सब्जेक्ट    क्वेश्चन नंबर    टोटल मार्क्स पार्ट - 1    सब्जेक्ट रिलेटेड नॉलेज (फॉरेस्ट एंड एनवायरमेंट) 50    50 पार्ट - 2     एलिमेंट्री मैथमेटिक्स एंड बायोलॉजी 15    15 पार्ट - 3    नॉलेज ऑफ कंप्यूटर एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड कंटेम्परेरी टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट एंड इन्नोवेशन 15    15 पार्ट - 4    जनरल इंफॉर्मेशन रिलेटेड टू द स्टेट ऑफ उत्तरप्रदेश 20    20 टोटल        100    100

Anjali Kumari अप्रैल 25, 2026 0
SSC Stenographer 2026 recruitment notification for 731 Grade C and D vacancies

12वीं पास युवाओं के लिए बड़ा मौका: SSC स्टेनोग्राफर के 731 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू

Patna High Court building with candidates applying online for computer operator typist recruitment 2026

Patna High Court Recruitment 2026: टाइपिंग स्किल है तो मौका न गंवाएं, ₹81,100 तक सैलरी वाली सरकारी नौकरी का सुनहरा अवसर

UP vacancy 2026

यूपी में 2085 पदों पर वैकेंसी, 25 अप्रैल से आवेदन

Andhra Pradesh High Court building with recruitment announcement for 300 government job vacancies
AP High Court Recruitment 2026: 7वीं पास से ग्रेजुएट तक के लिए सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, 300 पदों पर भर्ती

  अमरावती: सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए Andhra Pradesh High Court में भर्ती का सुनहरा अवसर सामने आया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 300 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिसमें 7वीं पास से लेकर ग्रेजुएट तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अहम तारीखें इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 30 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 19 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल आधिकारिक वेबसाइट aphc.gov.in के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती में अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है: लॉ ग्रेजुएट पोस्ट: मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से लॉ में डिग्री (3 या 5 वर्ष) टेक्निकल पोस्ट: BTech (CSC/ECE/EEE/IT) या MSc (Computer Science) अन्य ग्रेजुएट पोस्ट: आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स या लॉ में डिग्री अन्य पद: 7वीं या 10वीं पास उम्मीदवार भी पात्र पदों का विवरण और सैलरी इस भर्ती में सेक्शन ऑफिसर, कंप्यूटर ऑपरेटर, असिस्टेंट, टाइपिस्ट, डेटा एंट्री ऑपरेटर, स्टेनोग्राफर और ऑफिस सबऑर्डिनेट जैसे कई पद शामिल हैं। सेक्शन ऑफिसर: ₹57,100 – ₹1,47,760 कंप्यूटर ऑपरेटर/असिस्टेंट: ₹25,220 – ₹1,24,380 डेटा एंट्री ऑपरेटर: ₹25,220 – ₹80,910 ऑफिस सबऑर्डिनेट: ₹20,000 – ₹61,960 आवेदन कैसे करें? आधिकारिक वेबसाइट aphc.gov.in पर जाएं Recruitment सेक्शन में “Apply Online for 300 Vacancies 2026” लिंक पर क्लिक करें नया रजिस्ट्रेशन करें आवेदन फॉर्म भरें और जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें ऑनलाइन फीस जमा करें फॉर्म सबमिट कर प्रिंट आउट निकाल लें

surbhi अप्रैल 16, 2026 0
Students working on disaster management research during NIDM internship program at a government institute

सरकारी संस्थान में इंटर्नशिप का मौका: NIDM देगा ₹15,000 तक स्टाइपेंड, जानें पूरी डिटेल

Official NIC Scientist-B recruitment notification showing 243 vacancies, eligibility and application details

NIC में साइंटिस्ट बनने का सुनहरा मौका: 1 लाख+ सैलरी, 243 पदों पर भर्ती शुरू

CRPF personnel standing in uniform representing recruitment for constable technical and tradesman posts 2026

10वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका: Central Reserve Police Force में 9,000 से ज्यादा पदों पर बंपर भर्ती

UPSSSC recruitment 2026
UPSSSC recruitment 2026: UPSSSC में 722 पदों पर भर्ती के लिए  4 जून से आवेदन

लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने करेंसी नोट प्रेस की 3 यूनिट में 534 वैकेंसी निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती का विज्ञापन 6 अप्रैल को जारी किया गया है। फीस जमा करने और फॉर्म में करेक्शन की आखिरी तारीख 1 जुलाई तय की गई है।   कोटिवार पदों का ब्योरा: सामान्य        292 ओबीसी     215 एससी     142 ईडब्ल्यूएस     61 एसटी     12 टोटल     722 शैक्षणिक योग्यता : माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश की 12वीं या सरकार द्वारा उसके समकक्ष अन्य परीक्षा पास की हो। वे ही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने पीईटी - 2025 एग्जाम पास की हो। उम्मीदवारों को नॉर्मलाइज्ड स्कोर के बेसिस पर मेन एग्जाम में भाग लेने के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। उम्र सीमा : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 40 साल आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में नियमानुसार छूट दी जाएगी। शारीरिक योग्यता : पुरुषों की न्यूनतम ऊंचाई : 167.6 सेमी सामान्य वर्ग की महिलाओं की न्यूनतम ऊंचाई : 152 सेमी पुरुषों का सीना : न्यूनतम 80 सेमी (बिना फुलाए) और 85 सेंटीमीटर फुलाने पर हो। महिलाओं का वजन 45 किलो तक होना चाहिए। चयन प्रक्रिया : मेन्स रिटन एग्जाम फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन परीक्षा प्रणाली : अवधि : 2 घंटा प्रश्नों का प्रकार : एमसीक्यू निगेटिव मार्किंग : एक चौथाई अंक पार्ट्स    सब्जेक्ट    क्वेश्चन नंबर पार्ट - 1     हिस्ट्री ऑफ इंडिया एंड इंडियन नेशनल मूवमेंट जियोग्राफी ऑफ इंडिया एंड द वर्ल्ड इकोनॉमिक एंड सोशल डेवलपमेंट ऑफ इंडिया इंडियन पॉलिटी एंड इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन जनरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी एनवायरोमेंटल इकोलॉजी एंड डिजास्टर मैनेजमेंट करेंट इवेंट्स ऑफ नेशनल एंड इंटरनेशनल इम्पॉर्टेंस डाटा इंटरप्रिटेशन इम्पोर्टेंट लीगल प्रोविजन्स एंड पॉलिसिज रिलेटेड टू एक्ससाइज इन यूपी टोटल मार्क्स 65 पार्ट - 2    कंप्यूटर एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी - कॉन्सेप्ट्स, डेवलपमेंट एंड इन्नोवेशन्स    15 पार्ट - 3    जनरल इंफॉर्मेशन रिलेटेड टू द स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश    20 टोटल        100 फीस : सभी कैटेगरी के लिए : 25 रुपए   ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाएं। होमपेज पर “Live Advertisement” सेक्शन में संबंधित विज्ञापन पर क्लिक करें। PET-2025 रजिस्ट्रेशन नंबर से लॉगिन करें। आवेदन फॉर्म में जरूरी जानकारी भरें। फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें। फीस का भुगतान करें। फॉर्म सब्मिट करके इसका प्रिंटआउट निकाल लें।

Anjali Kumari अप्रैल 8, 2026 0
Students training in hotel management kitchen and front office in hospitality industry.

सिर्फ कुकिंग ही नहीं, होटल मैनेजमेंट में छुपे हैं शानदार करियर और कमाई के बड़े मौके

MP Police Recruitment 2020

MP पुलिस में वैकेंसी, 679 पर भर्ती के लिए 10वीं, 12वीं पास करें अप्लाई

Railway jobs 2026

Railway jobs 2026: रेलवे में नौकरी का सुनहरा मौका, 10वीं और ITI पास के लिए 2801 पदों पर निकली भर्ती

0 Comments

Top week

Strait of Hormuz with commercial ships navigating amid geopolitical tension and Iranian naval monitoring
दुनिया

हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला, लेकिन ईरानी गार्ड ने लगाए नए नियम – अमेरिका और तेल बाजार पर असर

surbhi अप्रैल 18, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?