राष्ट्रीय

Deadly Storms Batter Uttar Pradesh

यूपी में आंधी-तूफान का कहर: 96 लोगों की मौत, कई जिलों में भारी तबाही

surbhi मई 14, 2026 0
– Storm damage in Uttar Pradesh after deadly winds and heavy rain caused widespread destruction
UP Storm Havoc And Rain Disaster

तेज आंधी और बारिश ने मचाई तबाही

Uttar Pradesh में बुधवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। अलग-अलग जिलों में पेड़ गिरने, दीवार ढहने और बिजली गिरने की घटनाओं में 96 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल और प्रयागराज मंडल के जिलों में देखने को मिला, जहां तेज हवाओं और बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

भदोही और प्रयागराज में सबसे ज्यादा मौतें

मृतकों में सबसे अधिक 18 लोगों की जान Bhadohi में गई, जबकि Prayagraj में 17 लोगों की मौत हुई।

इसके अलावा मिर्जापुर में 15, फतेहपुर में 10, उन्नाव और बदायूं में 6-6, प्रतापगढ़ और बरेली में 4-4 लोगों की जान गई। कई अन्य जिलों में भी मौतों की खबर सामने आई है।

गांवों में ज्यादा नुकसान

ग्रामीण इलाकों में तेज तूफान के कारण कच्चे मकान और टीन शेड उड़ गए। कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही।

सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ और कई मार्गों पर लंबा जाम लग गया। किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

मुख्यमंत्री ने दिए राहत के निर्देश

Yogi Adityanath ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और राहत एजेंसियों को मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने को कहा है।

गर्मी और तूफान दोनों से परेशान लोग

एक तरफ जहां बारिश और आंधी से कुछ इलाकों में गर्मी से राहत मिली, वहीं बुंदेलखंड और दक्षिणी यूपी के कई जिले भीषण गर्मी से बेहाल रहे।

Banda प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा झांसी, हमीरपुर और प्रयागराज में भी तापमान 43 डिग्री से ऊपर पहुंच गया।

रेलवे सेवाएं भी प्रभावित

आंधी का असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा। फतेहपुर में पेड़ गिरने से ओएचई लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे दिल्ली-हावड़ा रूट करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रहा।

कानपुर होकर गुजरने वाली करीब 22 ट्रेनें प्रभावित हुईं। वहीं प्रयागराज-जौनपुर रेलखंड पर भी पेड़ गिरने से ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा।

मौसम विभाग ने दी चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान फिर धीरे-धीरे बढ़ सकता है। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना अभी बनी हुई है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

राष्ट्रीय

View more
Prime Minister Narendra Modi addresses the Parliament of Seychelles during his official visit, highlighting India-Seychelles partnership and maritime cooperation
PM Modi in Seychelles: संसद में बोले पीएम मोदी- ग्लोबल साउथ के लिए साथ मिलकर करेंगे काम, ब्लू इकोनॉमी और समुद्री सुरक्षा पर दिया जोर

  नई दिल्ली/विक्टोरिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सेशेल्स की संसद को संबोधित करते हुए भारत और सेशेल्स के ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल साउथ के हितों, जलवायु न्याय, समुद्री सुरक्षा और सतत विकास के साझा विजन पर आधारित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक प्रभाव उन देशों पर पड़ रहा है, जिनका वैश्विक उत्सर्जन में सबसे कम योगदान रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जलवायु कार्रवाई न्याय, जिम्मेदारी और समानता के सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए। छोटे द्वीपीय देशों की आवाज बनेगा भारत पीएम मोदी ने कहा कि भारत विकासशील और छोटे द्वीपीय देशों (SIDS) की चिंताओं को वैश्विक मंचों पर मजबूती से उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स समावेशी विकास तथा ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी केवल वर्तमान तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की साझा चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। 'हिंद महासागर हमें जोड़ता है' प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंद महासागर भारत और सेशेल्स के बीच दूरी नहीं, बल्कि मजबूत संबंधों का माध्यम है। उन्होंने सेशेल्स को केवल एक छोटा द्वीपीय राष्ट्र नहीं, बल्कि विशाल समुद्री क्षेत्र वाला महत्वपूर्ण समुद्री देश बताया। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों का सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। ब्लू इकोनॉमी और समुद्री सहयोग पर जोर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ब्लू इकोनॉमी को भविष्य की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स समुद्री सुरक्षा, हाइड्रोग्राफी, क्षमता निर्माण, समुद्री निगरानी और समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का 'महासागर विजन' हिंद महासागर क्षेत्र को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डिजिटल परिवर्तन में भारत करेगा सहयोग प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के डिजिटल मॉडल ने सुशासन, वित्तीय समावेशन और सरकारी सेवाओं की पहुंच को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि यदि सेशेल्स अपने डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ाना चाहता है तो भारत अपने अनुभव, तकनीकी विशेषज्ञता और डिजिटल समाधान साझा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 50 वर्षों की दोस्ती का किया उल्लेख प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सेशेल्स की स्वतंत्रता के समय भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि वहां मौजूद था और आज स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस तरकश और आईएनएस इक्षक भी सेशेल्स पहुंचे हैं। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे विश्वास और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक बताया। 'भारत हमेशा रहेगा भरोसेमंद साझेदार' अपने संबोधन के समापन पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हर परिस्थिति में सेशेल्स का विश्वसनीय मित्र और विकास साझेदार बना रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, सतत विकास और ग्लोबल साउथ के हितों की रक्षा के लिए भविष्य में भी साथ मिलकर काम करते रहेंगे।  

Deepshikha जून 29, 2026 0
Indian Army personnel detain a Pakistani national after foiling an infiltration attempt along the Line of Control in Poonch district

पुंछ में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, LoC पार कर भारतीय सीमा में घुसा पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार

Pune Police investigate the Ketan Agrawal murder case after forensic analysis revealed a 34-minute call between the accused before the incident

Pune Murder Case: हत्या से 34 मिनट पहले किससे हुई थी सिया की सीक्रेट कॉल? फॉरेंसिक जांच में बड़ा खुलासा

Railway removes illegal encroachments at Kolkata Park Circus Railway Station during overnight demolition drive

रेलवे की बड़ी कार्रवाई: बंगाल में आधी रात चला बुलडोजर, पार्क सर्कस स्टेशन से हटाया अतिक्रमण

Ketan Murder Case
केतन हत्याकांड: धक्का देने से पहले सिया का इशारा, सीक्रेट कॉल और डिलीट चैट बने जांच की बड़ी कड़ी

पुणे, एजेंसियां। पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच आगे बढ़ने के साथ नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर पहले से हत्या की पूरी साजिश रची थी। जांच में सामने आया है कि 18 जून को लोहागढ़ किले पर वारदात से ठीक पहले सिया ने पानी पीने के बहाने जमीन पर बैठकर चेतन को पूर्व-निर्धारित इशारा किया। इसके बाद चेतन ने कथित तौर पर केतन को खाई में धक्का दे दिया। पुलिस का मानना है कि यह इशारा इसलिए किया गया ताकि गिरते समय केतन सिया का सहारा न पकड़ सके।   रिहर्सल, स्कूटर और डिजिटल सबूतों पर जांच   पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना से एक दिन पहले दोनों आरोपियों ने पुणे के एक कैफे में मुलाकात कर हत्या की योजना बनाई थी। सीसीटीवी फुटेज से इस मुलाकात की पुष्टि हुई है। पुलिस का दावा है कि वारदात से पहले दोनों ने इसकी रिहर्सल भी की थी, हालांकि उस स्थान की तलाश जारी है। वहीं चेतन ने पुणे से करीब 100 किलोमीटर दूर लोहागढ़ किले तक पहुंचने के लिए कार के बजाय स्कूटर का इस्तेमाल किया, ताकि टोल प्लाजा से बचा जा सके और आवाजाही पर कम संदेह हो।   सीक्रेट कॉल और डिलीट चैट से खुल सकते हैं राज   फॉरेंसिक जांच में पुलिस को पता चला है कि घटना से करीब 34 मिनट पहले सिया ने चेतन को फोन किया था। जांच एजेंसियों को शक है कि इस कॉल में उसने अपनी सटीक लोकेशन और आसपास पर्यटकों की स्थिति की जानकारी दी थी। इसके अलावा दोनों आरोपियों ने व्हाट्सएप चैट, इंस्टाग्राम संदेश और वॉयस नोट्स समेत कई डिजिटल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे। अब साइबर विशेषज्ञ इन डिलीट डेटा को रिकवर करने में जुटे हैं, जिन्हें पुलिस इस मामले के सबसे अहम सबूतों में से एक मान रही है। पुलिस का यह भी दावा है कि 14 जून को केतन की हत्या की पहली कोशिश नाकाम रही थी, जबकि 18 जून को आरोपियों ने दूसरी बार योजना को अंजाम दिया।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Noida Sector 119 Fire

नोएडा के सेक्टर-119 की अरण्या सोसाइटी में AC फटने से भीषण आग, आसमान में छाया काला धुआं

Today Horoscope

Today Horoscope: आज का राशिफल 29 जून 2026, सोमवार

Important Events

Important Events: 29 जून की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

Vedic Almanac
Vedic Almanac: l वैदिक पंचांग l 29 जून 2026, सोमवार l

दिनांक - 29 जून 2026 दिन - सोमवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - दक्षिणायन ऋतु - वर्षा ॠतु मास - ज्येष्ठ पक्ष - शुक्ल तिथि - पूर्णिमा 30 जून प्रात:05:26  तक तत्पश्चात प्रतिपदा नक्षत्र - मूल 30 जून प्रात: 04:03 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा योग - शुक्ल दोपहर 02:26 तक तत्पश्चात ब्रह्म राहुकाल - सुबह 07:40 से सुबह 09:21 तक सूर्योदय - 05:11 सूर्यास्त -  06:23 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- व्रत पूर्णिमा,ज्येष्ठ पूर्णिमा,वट पूर्णिमा,देवस्नान पूर्णिमा,वट सावित्री व्रत विशेष- पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

anjali kumari जून 29, 2026 0
India-Seychelles

भारत-सेशेल्स के बीच रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर होंगे अहम समझौते, हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत

Afghanistan Earthquake

अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में महसूस हुए झटके

Monsoon Session

संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक, सरकार ने तेज की तैयारियां

0 Comments

Top week

झारखंड

वरिष्ठ संपादक एवं प्रतिष्ठित पत्रकार दीपेश कुमार का हृदयाघात से निधन

anjali kumari जून 24, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?