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Today Horoscope: आज का राशिफल 04 अप्रैल 2026, शनिवार

Anjali Kumari अप्रैल 4, 2026 0
Today Horoscope
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मेष राशि - आपका उदार स्वभाव आज आपके लिए कई ख़ुशनुमा पल लेकर आएगा। नए क़रार फ़ायदेमंद दिख सकते हैं, लेकिन वे उम्मीद के मुताबिक़ लाभ नहीं पहुँचाएंगे। निवेश करते समय जल्दबाज़ी में निर्णय न लें। अपने जीवन-साथी के साथ बेहतर समझ ज़िन्दगी में ख़ुशी, सुकून और समृद्धि लाएगी। आपका होना इस दुनिया को आपके प्रिय के लिए रहने के क़ाबिल बनाता है। अंजान लोगों से बात करना ठीक है लेकिन उनकी विश्वसनियता जाने बिना उनको अपने जीवन की बातें बताकर आप अपना वक्त ही जाया करेंगे और कुछ नहीं। आपको महसूस होगा कि शादी के वक़्त किए गए सारे वादे सच्चे हैं। आपका जीवनसाथी ही आपका हमदम है। आज विदेश में रहने वाले किसी शख्स से आपको कोई बुरी खबर मिल सकती है।


उपाय :- आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए मांस, मदिरा का सेवन न करें।

 

वृषभ राशि - आशावादी बनें और उजले पक्ष को देखें। आपका विश्वास और उम्मीद आपकी इच्छाओं व आशाओं के लिए नए दरवाज़े खोलेंगी। बिना किसी की सलाह लिये बिना आज आपको पैसा कहीं भी इनवेस्ट नहीं करना चाहिए। घरेलू मामलों पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। आज प्रेम-संबंधों में अपने स्वतन्त्र विवेक का इस्तेमाल कीजिए। आज लोग आपकी वह प्रशंसा करेंगे, जिसे आप हमेशा से सुनना चाहते थे। आप एक बेहतरीन जीवनसाथी होने की ख़ुशक़िस्मती को शिद्दत से महसूस कर पाएंगे। आपके मन में आज अपने किसी खास को लेकर निराशा रेहेगी।


उपाय :- चाँदी के टुकड़े पर शुक्र का यंत्र खुदवाकर पूजा करने से पारिवारिक जीवन खुशहाल बना रहेगा।

 

मिथुन राशि - आज के रोज़ जो भावुक मिज़ाज आप पर छाया हुआ है, उससे निकलने के लिए बीती बातों को दिल से निकाल दीजिए। हालाँकि आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा, लेकिन पैसे का लगातार पानी की तरह बहते जाना आपकी योजनाओं में रुकावट पैदा कर सकता है। पारंपरिक रस्में या कोई पावन आयोजन घर पर किया जाना चाहिए। आपका प्रिय आज कुछ खीझा हुआ महसूस कर सकता है, जो आपके दिमाग़ पर दबाव और बढ़ा देगा। आपका कम्यूनिकेशन और काम करने की क्षमता असरदार सिद्ध होंगे। जन्मदिन भूलने जैसी किसी छोटी-सी बात को लेकर जीवनसाथी से तक़रार मुमकिन है। लेकिन अन्ततः सब ठीक हो जाएगा। आज परिवार या मित्रों के साथ समय व्यतीत होगा। मुमकिन है कि आप झुंझलाहट या ख़ुद को फँसा हुआ महसूस करें, क्योंकि दूसरे ख़रीदारी में पूरी तरह मशगूल रह सकते हैं।


उपाय :- अच्छी सेहत के लिए सूर्योदय के समय सूर्य नमस्कार करें।

 

कर्क राशि - जब आप कोई फ़ैसला लें, तो दूसरों की भावनाओं का ख़ास ख़याल रखें। आपका कोई भी ग़लत निर्णय न केवल उनपर ख़राब असर डालेगा, बल्कि आपको भी मानसिक तनाव देगा। आज आप अपना धन धार्मिक कार्यों में लगा सकते हैं जिससे आपको मानसिक शांति मिलने की पूरी संभावना है। घरेलू मामलों पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। आपकी ओर से की गयी लापरावाही महंगी साबित हो सकती है। आपके ज़हन में काम का दबाव होने के बावजूद आपका प्रिय आपके लिए ख़ुशी के पलों को लाएगा। खाली समय में आज आप अपने मोबाइल पर कोई वेब सीरीज देख सकते हैं। अपने साथी पर किया गया संदेह एक बड़ी लड़ाई का रूप ले सकता है। ऑफिस के दोस्तों के साथ ज्यादा समय बिताना आपके लिए अच्छा नहीं है ऐसा करके आप अपने घर वालों के गुस्से का शिकार हो सकते हैं।


उपाय :- 'मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं।'

 

सिंह राशि - व्यस्त दिनचर्या के बावजूद सेहत अच्छी रहेगी। लेकिन इसे हमेशा के लिए सच मानने की ग़लती न करें। अपनी ज़िंदगी और सेहत का सम्मान करें। आज आप अच्छा पैसा कमाएंगे- लेकिन ख़र्च में इज़ाफ़ा आपके लिए बचत को और ज़्यादा मुश्किल बना देगा। जिन लोगों के साथ आप रहते हैं वे आपसे बहुत ख़ुश नहीं होंगे, चाहे आपने इसके लिए कुछ भी क्यों न किया हो। सोशल मीडिआ पर अपने प्रिय के पिछले 2-3 संदेश देखिए, आपको एक ख़ूबसूरत ताज्जुब का एहसास होगा। वक्त से बढ़कर कुछ नहीं होता। इसलिए आप वक्त का सदुपयोग करते हैं लेकिन कई बार आपको जीवन को लचीला बनाने की जरुरत भी होती है और अपने घर परिवार के साथ समय बिताने की जरुरत होती है। आज आपका जीवनसाथी आपको प्यार और सुख के लोक की सैर करा सकता है। बहुत ज्यादा बातें करके आज आपको सिर में दर्द हो सकता है। इसलिए जितनी आवश्यकता हो उतनी ही बातें करें।


उपाय :- सदा साफ़-सुथरे, प्रेस किये हुए कपड़े पहनना यह दर्शाता है कि आप अपनी जीवनशैली के प्रति जागरुक हैं।

 

कन्या राशि - आपकी ऊँची बौद्धिक क्षमताएँ आपको कमियों से लड़ने में सहायता करेंगी। सिर्फ़ सकारात्मक विचारों के ज़रिए इन समस्याओं से निजात पायी जा सकती है। लम्बे अरसे को मद्देनज़र रखते हुए निवेश करें। बच्चे आपको घरेलू काम-काज निबटाने में मदद करेंगे। प्रेम के दृष्टिकोण से उत्तम दिन है। आज के दिन घटनाएँ अच्छी तो होंगी, लेकिन तनाव भी देंगी – जिसके चलते आप थकान और दुविधा महसूस करेंगे। आपका जीवनसाथी आपको पाकर ख़ुद को ख़ुशनसीब समझता है; इन पलों का भरपूर उपयोग करें। अगर कोई छोटा व्यक्ति भी आपको सलाह दे तो उसे सुनें क्योंकि कई बार छोटे लोगों से आपको जीवन को जीने की बड़ी सीख मिल जाती है।


उपाय :- छुट्टी के दिन अगर बोर हो रहे हैं तो बहते पानी की मछलियों को चारा खिलाएं।

 

तुला राशि - ख़ुद को ज़्यादा आशावादी बनने के लिए प्रेरित करें। इससे न सिर्फ़ आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और व्यवहार लचीला होगा, बल्कि डर, ईर्ष्या और नफ़रत जैसे नकारात्मक मनोभावों में भी कमी आएगी। इस राशि के विवाहित जातकों को आज ससुराल पक्ष से धन लाभ होने की संभावना है। एक नज़दीकी रिश्तेदार ख़ुद के लिए आपका ज़्यादा ध्यान चाहेगा, हालाँकि वह काफ़ी मददगार और ख़याल रखने वाला होगा। बेवजह का शक रिश्तों को खराब करने का काम करता है। आपको भी अपने प्रेमी पर शक नहीं करना चाहिए। यदि किसी बात को लेकर आपके मन में उनके प्रति संशय है तो उनके साथ बैठकर हल निकालने की कोशिश करें। आज आप सारे रिश्तों और रिश्तेदारों से दूर होकर अपना दिन किसी ऐसी जगह पर बिताना पसंद करेंगे जहां जाकर आपको शांति प्राप्त होती है। जीवनसाथी के साथ एक आरामदायक दिन बीतेगा। आज आप सब चिंताओं को भुलाकर अपनी रचनात्मकता को बाहर निकाल सकते हैं।


उपाय :- गणेश जी पर हरी दूर्वा (घास) चढ़ाने से प्रेम सम्बन्ध अच्छे रहेंगे।

 

वृश्चिक राशि - शारीरिक तौर पर तंदुरुस्त रहने के लिए धूम्रपान की आदत छोड़ दें। आपके पिता की कोई सलाह आज कार्यक्षेत्र में आपको धन लाभ करा सकती है. आज के दिन बिना कुछ ख़ास किए आप आसानी से लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में क़ामयाब रहेंगे। आपके जीवन में प्रेम की बहार आ सकती है; आपको ज़रूरत है तो बस अपने आँख-कान खुले रखने की। ऑफिस से जल्दी घर जाने का प्लान आज आप ऑफिस पहुंचकर ही कर सकते हैं। घर पहुंचकर आप मूवी देखने या किसी पार्क में परिवार के लोगों के साथ जाने का प्लान बना सकते हैं। कई लोग साथ तो रहते हैं, लेकिन उनके जीवन में रोमांस नहीं होता। लेकिन यह दिन आपके लिए बेहद रोमानी होने वाला है। माता के साथ आज आप अच्छा समय बिता सकते हैं, आज वो आपसे आपकी बचपन की बातें शेयर कर सकती हैं।


उपाय :- केसर लगी पीली मिठाई, केसरी हलवा खुद भी खाएं और गरीबों में भी बाँटने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

 

धनु राशि - आपका आकर्षक बर्ताव दूसरों का ध्यान आपकी तरफ़ खींचेगा। आर्थिक रुप से आज आप काफी मजबूत नजर आएंगे, ग्रह नक्षत्रों की चाल से आज आपके लिए धन कमाने के कई मौके बनेंगे. आपका ज्ञान और हास-परिहास आपके चारों ओर लोगों को प्रभावित करेगा। आप इस दिन को अपनी ज़िन्दगी में कभी नहीं भूलेंगे, अगर आप प्यार में डूबने के मौक़े को आज यूँ ही न गवाएँ तो। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। आपका जीवनसाथी आपको प्यार का एहसास देना चाहता है, उसकी मदद करें। धन को इतनी अहमियत न दें कि आपके रिश्ते ही खराब हो जाएँ। यह बात याद रखें कि धन मिल सकता है लेकिन रिश्ते नहीं।


उपाय :- मानसिक शान्ति बहुत महत्वपूर्ण है, इसके लिए चाँदी का कड़ा या चाँदी की चैन धारण करें।

 

मकर राशि - हर इंसान को ग़ौर से सुनें, हो सकता है आपको अपनी समस्या का समाधान मिल जाए। आपका धन आपके काम तभी आता है जब आप फिजूलखर्ची करने से खुद को रोकते हैं आज ये बात आपको अच्छी तरह से समझ में आ सकती है। अपने घर के वातावरण में कुछ बदलाव करने से पहले आपको सभी की राय जानने की कोशिश करनी चाहिए। अगर आप हुक़्म चलाने की कोशिश करेंगे, तो आपके और आपके प्रिय के बीच काफ़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। घर से बाहर निकलकर आज आप खुली हवाओं में टहलना पसंद करेंगे। आज आपका मन शांत होगा जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। लंबे समय से कामकाज का दबाव आपके वैवाहिक जीवन के लिए कठिनाई खड़ा कर रहा है। लेकिन आज सारी शिकायतें दूर हो जाएंगी। कहीं से उधार वापस मिल सकता है जिससे आपकी कुछ आर्थिक समस्याएं दूर हो जाएंगी।


उपाय :- सर्पाकार चांदी की अंगूठी धारण करने से पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा।

कुम्भ राशि - आपकी ओर से समर्पित दिल और बहादुरी का जज़्बा आपके जीवन-साथी को ख़ुशी दे सकता है। बिना बताये आज कोई देनदार आपके अकाउंट में पैसे डाल सकता है जिसके बारे में जानकर आपको अचंभा भी होगा और खुशी भी। जीवनसाथी से झगड़ा मानसिक तनाव की ओर ले जा सकता है। बेकार का तनाव लेने की ज़रूरत नहीं है। ज़िंदगी का एक बड़ा सबक़ इस बात को मान लेना है कि बहुत-सी चीज़ों को बदलना नामुमकिन है। जिनकी सगाई हो चुकी है, वे अपने मंगेतर से बहुत-सी ख़ुशियाँ पाएंगे। आज टीवी या मोबाइल पर कोई मूवी देखने में आप इतना व्यस्त हो सकते हैं कि आप जरुरी कामों को करना भी भूल जाएंगे। आपको महसूस होगा कि आपका वैवाहिक जीवन बहुत ख़ूबसूरत है। आज आप अपने देश से जुड़ी कुछ जानकारियों को जानकर चकित हो सकते हैं।


उपाय :- श्री लक्ष्मी-नारायण मंदिर में प्रसाद चढ़ा कर ग़रीबों को खाने की सामग्री बांटने से फैमिली लाइफ अच्छी रहेगी।

 

मीन राशि - आपमें से जो दफ़्तर में ओवरटाइम कर रहे थे और ऊर्जा की कमी से जूझ रहे थे, आज उन्हें फिर वैसी ही समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है। आज के दिन भूलकर भी किसी को पैसे उधार न दें और यदि देना जरुरी हो तो देने वाले से लिखित में लें कि वो पैसा वापस कब करेगा। किसी दूर के रिश्तेदार के यहाँ से मिली आकस्मिक अच्छी ख़बर आपके पूरे परिवार के लिए ख़ुशी के लम्हे लाएगी। एक प्यारी-सी मुस्कुराहट से अपने प्रेमी का दिन रोशन करें। आज आप अपना खाली समय अपनी माता की सेवा में बिताना चाहेंगे लेकिन ऐन मौके पर किसी काम के आ जाने की वजह से ऐसा नहीं हो पाएगा। इससे आपको परेशानी होगी। क्या आपको लगता है कि शादी महज़ समझौतों का नाम है? अगर हाँ, तो आप आज हक़ीक़त महसूस करेंगे और जानेंगे कि यह आपके जीवन की सबसे अच्छी घटना थी। आज विदेश में रहने वाले किसी शख्स से आपको कोई बुरी खबर मिल सकती है।


उपाय :- अगर आज आप उमंग व उत्साह की कमी महसूस कर रहे हैं तो गमलों में काले-सफेद मार्बल के दाने रखें।

 

कृपया ध्यान दें


यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इन्द्रधनुष  उत्तरदायी नहीं हैं।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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UP ATS Ghazwa-e-Hind plot foiled
यूपी एटीएस ने 'गजवा ए हिंद' की साजिश की नाकाम , पाकिस्तान से जुड़े 4 संदिग्ध गिरफ्तार

लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, यह गिरोह कथित तौर पर पाकिस्तान-आधारित हैंडलरों के संपर्क में था और देश में आगजनी, तोड़फोड़ तथा दहशत फैलाने की योजना बना रहा था। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों का मकसद संवेदनशील प्रतिष्ठानों, रेलवे संपत्तियों और सार्वजनिक वाहनों को निशाना बनाकर डर और आर्थिक नुकसान का माहौल बनाना था।   सोशल मीडिया और विदेशी नंबरों से जुड़ा था नेटवर्क जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर Telegram, Signal और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तान हैंडलरों और कुछ कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े हुए थे। एटीएस के मुताबिक, मुख्य आरोपी साकिब उर्फ “डेविल” इस नेटवर्क का अहम हिस्सा था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि छोटी-छोटी आगजनी की घटनाओं के वीडियो कथित तौर पर हैंडलरों को भेजे जाते थे और बदले में QR कोड के जरिए भुगतान किया जाता था।   लखनऊ, गाजियाबाद और अलीगढ़ में रेकी के आरोप एटीएस के अनुसार, आरोपियों ने लखनऊ, गाजियाबाद और अलीगढ़ समेत कई शहरों में महत्वपूर्ण संस्थानों, रेलवे सिग्नल बॉक्स, सरकारी वाहनों और अन्य प्रतिष्ठानों की रेकी की थी। अधिकारियों का दावा है कि कुछ लोकेशन और वीडियो भी सीमा पार बैठे हैंडलरों को भेजे गए। 2 अप्रैल को रेलवे सिग्नल सिस्टम के पास आगजनी या विस्फोट जैसी घटना को अंजाम देने की तैयारी की बात भी सामने आई, लेकिन उससे पहले ही एटीएस ने कार्रवाई कर दी।   ज्वलनशील पदार्थ और मोबाइल फोन बरामद तलाशी के दौरान एटीएस ने आरोपियों के पास से ज्वलनशील पदार्थ, सात मोबाइल फोन, पर्चे और अन्य सामग्री बरामद की है। अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (UAPA) समेत विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

Anjali Kumari अप्रैल 4, 2026 0
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Naxal violence in India
नक्सल मुक्त भारत का सच

नई दिल्ली, एजेंसियां।  केंद्र सरकार ने हाल ही में दावा किया कि भारत नक्सल मुक्त हो गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने 30 मार्च को लोकसभा में कहा कि देश अब नक्सलवाद के खतरे से काफी हद तक मुक्त है। लेकिन, क्या यह दावा वाकई सच है या केवल राजनीतिक बयानबाजी है? क्या आंकड़े और घटनाक्रम वाकई नक्सल खतरे को समाप्त करने का संकेत देते हैं, या यह सिर्फ सरकारी आंकड़ों के सहारे बनाई गई एक सकारात्मक छवि है? नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। पिछले छह वर्षों में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने या तो आत्मसमर्पण किया है या उन्हें गिरफ्तार किया गया है। बड़ी संख्या में नक्सली मारे भी गये हैं।  सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 जनवरी 2020 से 31 जनवरी 2026 तक कुल 4340 नक्सलियों ने सरेंडर किया, जबकि 3644 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, इस दौरान सुरक्षा बलों ने 666 नक्सलियों को मार गिराया। सरेंडर करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास पर भी सरकार खास ध्यान दे रही है। अब तक 2937 माओवादियों का पुनर्वास किया जा चुका है। इनमें 1496 इनामी नक्सली और 1441 बिना इनाम वाले नक्सली शामिल हैं। इनामी नक्सलियों के पुनर्वास पर सरकार ने कुल 5 करोड़ 64 लाख रुपये खर्च किए हैं। सरकार द्वारा चलाए गए अभियान और फोर्स की मुस्तैदी के कारण पिछले एक साल में प्रदेश में कई बड़े नक्सल लीडर्स ने अपने हथियार डाले हैं। वहीं दूसरी ओर जिन लीडर्स ने विचारधारा को जिंदा रखने के लिए फोर्स के सामने चुनौती बनने की कोशिश की, वो मिट्टी में मिल चुके हैं। लेकिन, क्या यह पुनर्वास नीति वास्तव में प्रभावी है? क्या यह सुनिश्चित कर पा रही है कि नक्सल विचारधारा फिर से नहीं उभरेंगा? क्या आदिवासी इलाकों में विकास और रोजगार की कमी को देखते हुए नक्सली  फिर से नहीं सक्रिय  हो पाएंगे? खासकर झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों  की बात करे तो क्या यहां की वास्तविक स्थिति सरकार के दावे से मेल खाती है? छत्तीसगढ़ का बस्तर अब नक्सल मुक्त होकर लाल आतंक के घोर अंधियारे से निकल चुका है। जिस बस्तर में कभी गोलियों की आवाज सन्नाटे को चीरती थी,वहां अब विकास की  बयार बह रही है। बस्तर के जिन जिलों में नक्सली गतिविधियां थी, वहां पर सुरक्षा कैम्प खुल चुके हैं और बचे हुए कुछ माओवादी अपनी जान बचाकर भाग चुके हैं।  केंद्र सरकार ने संसद में इस बात का ऐलान किया कि अब देश नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो चुका है।    वहीं झारखंड के सारंडा जिला  में सुरक्षा एजेंसियों का अभियान अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। राज्य का लगभग 95 प्रतिशत इलाका नक्सल मुक्त हो चुका है, जबकि बचे हुए इलाकों, खासकर सारंडा वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। भले ही केंद्र सरकार ने नक्सलवाद के पूरे सफाए का दावा किया है, लेकिन हकीकत यह है कि झारखंड में नक्सलियों का अस्तित्व अभी भी बरकरार है। राज्य का सारंडा क्षेत्र आज भी इनाम घोषित नक्सलियों का पनाहगाह बना हुआ है। झारखंड पुलिस मुख्यालय के अनुसार सारंडा में एक करोड़ के इनामी नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश और मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर के साथ लगभग 48 नक्सली मौजूद हैं। पिछले छह महीनों से उनकी कोई बड़ी गतिविधि सामने नहीं आई है।  खुफिया विभाग को सूचना मिली है कि एक करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा कभी भी सरेंडर कर सकता है और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उनके परिवार के संपर्क में हैं।  झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट और 30 मार्च 2026 की अपडेटेड लिस्ट के अनुसार राज्य में इनामी नक्सलियों की संख्या अभी भी 48 है।  आंकड़ों के अनुसार झारखंड में अभी भी 1 करोड़ के दो नक्सली, 25 लाख के दो नक्सली,15 लाख के आठ नक्सली,10 लाख के आठ नक्सली,5 लाख के 16 नक्सली, 2 लाख के पांच नक्सली और 1 लाख  के सात  नक्सली सक्रिय है।  यह लिस्ट दर्शाती है कि नक्सल संगठन अभी भी झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा के बॉर्डर क्षेत्रों में सक्रिय हैं।  ऐसी स्थिति में क्या यह दावा करना सही होगा कि भारत नक्सल मुक्त हो गया है? या सिर्फ आंकड़ों और दावों का खेल है? झारखंड और छत्तीसगढ़ इन संवेदनशील क्षेत्रों का हाल देखते हुए नक्सल मुक्त कहना कितना उचित है।

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Vedic Alamanc: l वैदिक पंचांग l 04 अप्रैल 2026, शनिवार l

दिनांक - 04 अप्रैल 2026 दिन - शनिवार विक्रम संवत 2083 शक संवत -1948 अयन - उत्तरायण ऋतु - वसंत ॠतु मास - वैशाख पक्ष - कृष्ण  तिथि - द्वितीया सुबह 10:08 तक तत्पश्चात तृतीया नक्षत्र - स्वाती रात्रि 09:35 तक तत्पश्चात विशाखा योग - हर्षण दोपहर 02:17 तक तत्पश्चात वज्र राहुकाल - सुबह 09:36 से सुबह 11:09 तक सूर्योदय - 05:43 सूर्यास्त -  06:15 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण-   विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

Anjali Kumari अप्रैल 4, 2026 0
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