मेष राशि - ध्यान और योग न केवल आध्यात्मिक तौर पर, बल्कि शारीरिक तौर पर भी आपके लिए फ़ायदेमन्द साबित होंगे। अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर आज आप भविष्य के लिए कोई आर्थिक योजना बना सकते हैं और उम्मीद है कि यह योजना सफल भी होगी। पढ़ाई की क़ीमत पर घर से ज़्यादा देर तक बाहर रहना आपको माता-पिता के ग़ुस्से का शिकार बना सकता है। करिअर के लिए योजना बनाना उतना ही आवश्यक है, जितना कि खेलना-कूदना। इसलिए माता-पिता को ख़ुश करने के लिए दोनों में संतुलन बनाना ज़रूरी है। आपके प्रिय के साथ कुछ मतभेद उभर सकते हैं- साथ ही अपने साथी को अपना नज़रिया समझाने में भी तकलीफ़ महसूस होगी। आज आपके पास अपनी धनार्जन की क्षमता को बढ़ाने के लिए ताक़त और समझ दोनों ही होंगे। परोपकार और सामाजिक कार्य आज आपको आकर्षित करेंगे। अगर आप ऐसे अच्छे कामों में थोड़ा समय लगाएँ, तो काफ़ी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। लंबे समय से कामकाज का दबाव आपके वैवाहिक जीवन के लिए कठिनाई खड़ा कर रहा है। लेकिन आज सारी शिकायतें दूर हो जाएंगी।
उपाय :- गौशाला में सवा किलो जौ दान में देने से पारिवारिक जीवन अच्छा होगा।
वृषभ राशि - स्वतः ही अपनी चिकित्सा करना घातक सिद्धा होगा। कोई भी औषधि लेने से पहले चिकित्सक की सलाह लें, नहीं तो लेने के देने पड़ सकते हैं। व्यापार को मजबूती देने के लिए आज आप कोई अहम कदम उठा सकते हैं जिसके लिए आपका कोई करीबी आपकी आर्थिक मदद कर सकता है। दिन को रोमांचक बनाने के लिए क़रीबी दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएँ। आज आप अपने जीवन की परेशानियों को अपने संगी से साझा करना चाहेंगे लेकिन वो अपनी परेशानियों के बारें में बता के आपको और ज्यादा परेशान कर देंगे। आज आपकी कड़ी मेहनत कार्यक्षेत्र में ज़रूर रंग दिखाएगी। अपने शरीर को दुरुस्त करने के लिए आज भी आप कई बार सोचेंगे लेकिन बाकी दिनों की तरह भी आज यह प्लान धरा का धरा रह जाएगा। अपने जीवनसाथी के साथ प्यार-मुहब्बत के लिए काफ़ी वक़्त मिलेगा, लेकिन सेहत गड़बड़ हो सकती है।
उपाय :- विधवाओं की मदद करने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
मिथुन राशि - दोस्तों का रुख़ सहयोगी रहेगा और वे आपको ख़ुश रखेंगे। अगर आपका धन से जुड़ा कोई मामला कोर्ट-कचहरी में अटका था तो आज उसमें आपको विजय मिल सकती है और आपको धन लाभ हो सकता है। अपने परिवार के सदस्यों की ज़रूरतों पर ध्यान देना आज आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। जो लोग अब तक सिंगल हैं उनकी मुलाकात आज किसी खास से होने की संभावना है लेकिन बात को आगे बढ़ाने से पहले यह जरुर जान लें कि कहीं वो शख्स किसी के साथ रिश्ते में न हो। अगर आप अपने काम पर ध्यान दें तो क़ामयाबी और प्रतिष्ठा आपकी होगी। आपमें से कुछ लोगों को लंबा सफ़र करना पड़ सकता है – जो काफ़ी दौड़-भाग भरा होगा – लेकिन साथ ही बहुत फ़ायदेमंद भी साबित होगा। वैवाहिक जीवन में सब कुछ अच्छा महसूस होगा।
उपाय :- घर में लोबान की धूप जलाना पारिवारिक सुख के लिए अच्छा रहेगा।
कर्क राशि - लाभ लेने के लिए बड़ों को अपनी अतिरिक्त ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए। आज आप अपने घर केे सदस्यों को कहीं घुमाने ले जा सकते हैं और आपका काफी धन खर्च हो सकता है। पारिवारिक ज़िम्मेदारियों को न भूलें। आपका साहस आपको प्यार दिलाने में सफल रहेगा। आप जीतोड़ मेहनत और धीरज के बल पर अपने उद्देश्य हासिल कर सकते हैं। आपका व्यक्तित्व ऐसा है कि ज्यादा लोगों से मिलकर आप परेशान हो जाते हैं और फिर अपने लिए वक्त निकालने की कोशिश करने लग जाते हैं। इस लिहाज से आज का दिन आपके लिए बहुत उम्दा रहने वाला है। आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा। आपका जीवनसाथी वाक़ई आपके लिए फ़रिश्तों की तरह है और आपको आज यह एहसास होगा।
उपाय :- लाल वस्त्र में दो मुट्ठी मसूर की दाल बांधकर किसी भिखारी को देने से पारिवारिक जीवन में खुशहाली आएगी।
सिंह राशि - आज आप ऊर्जा से लबरेज़ होंगे- आप जो भी करेंगे उसे आप उससे आधे वक़्त में ही कर देंगे, जितना वक़्त आप अक्सर लेते हैं। माली सुधार की वजह से ज़रूरी ख़रीदारी करना आसान रहेगा। माता-पिता की तबियत में सुधार होगा और वे अपना प्यार आपके ऊपर बरसाएंगे। रोमांस के लिए अच्छा दिन है। कामकाज के सिलसिले में आपके ऊपर ज़िम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है। आज के दिन घटनाएँ अच्छी तो होंगी, लेकिन तनाव भी देंगी – जिसके चलते आप थकान और दुविधा महसूस करेंगे। अपने जीवनसाथी की ख़ूबियों के चलते आप एक बार फिर उनके प्यार में गिरफ़्तार हो सकते हैं।
उपाय :- कोयले के आठ टुकड़े बहते पानी में प्रवाहित करने से नौकरी व बिज़नेस में उन्नति होगी।
कन्या राशि - आपके परिवार को आपसे बहुत ज़्यादा उम्मीदें हैं, जिसके चलते आप खीज महसूस कर सकते हैं। वैसे तो अपना पैसा दूसरे को देना किसी को पसंद नहीं आता लेकिन आज आप किसी जरुरतमंद को पैसा देकर सुकून का अनुभव करेंगे। नवयुवकों को स्कूल प्रोजेक्ट की बाबत कुछ राय लेने की ज़रूरत हो सकती है। आपको उदार और स्नेह से भरे प्यार का तोहफ़ा मिल सकता है। आज आराम के लिए बहुत कम समय है- क्योंकि पहले के टाले हुए काम आपको व्यस्त रखेंगे। देर शाम तक आपको कहीं दूर से कोई अच्छी ख़बर सुनने को मिल सकती है। यह दिन आपके सामान्य वैवाहिक जीवन से कुछ हटकर होने वाला है। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से कुछ ख़ास देखने को मिल सकता है।
उपाय :- सेहत दुरुस्त रखनी हो तो सूर्य स्नान (नहाने के पानी में गेहूँ, साबुत मसूर, लाल सिंदूर डालकर) करें।
तुला राशि - हृदय-रोगियों के लिए कॉफ़ी छोड़ने का सही समय है। अब इसका ज़रा भी इस्तेमाल दिल पर अतिरिक्त दबाव डालेगा। आपको मेरी सलाह है कि शराब सिगरेट जैसी चीजों पर पैसा खर्च न करें, ऐसा करना आपके स्वास्थ्य को तो खराब करता ही है आपकी आर्थिक स्थिति भी इससे बिगड़ती है। दिन चढ़ने पर किसी पुराने दोस्त से सुखद मुलाक़ात होगी। अगर आप हुक़्म चलाने की कोशिश करेंगे, तो आपके और आपके प्रिय के बीच काफ़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। जब तक आपको तसल्ली न हो जाए कि सारा काम पूरा हो चुका है, दस्तावेज़ अपने वरिष्ठ को न दें। खाली समय में आज आप अपने मोबाइल पर कोई वेब सीरीज देख सकते हैं। शादी सिर्फ़ एक छत के नीचे रहने का नाम नहीं है; एक-दूसरे के साथ कुछ समय बिताना भी ज़रूरी है।
उपाय :- बहन, बेटी व मौसी का सम्मान करने से आर्थिक स्थिति अच्छी होती है।
वृश्चिक राशि - परेशानियों के बारे में सोचते रहने और तिल का ताड़ करने की आपकी आदत आपके नैतिक ताने-बाने को कमज़ोर कर सकती है। यदि शादीशुदा हैं तो आज अपने बच्चों का विशेष ख्याल रखें क्योंकि यदि आप ऐसा नहीं करते तो उनकी तबीयत बिगड़ सकती है और आपको उनके स्वास्थ्य पर काफी पैसा खर्च करना पड़ सकता है। जिनसे आप प्यार करते हैं, उनसे आज सारी ग़लतफ़हमी दूर हो सकती है। आपका प्रिय दिन भर आपको याद करने में समय बिताएगा। रचनात्मक काम में लगे लोगों के लिए सफलता से भरा दिन है, उन्हें वह शौहरत और पहचान मिलेगी जिसकी उन्हें एक अरसे से तलाश थी। छात्रों को सलाह दी जाती है कि यारी-दोस्ती के चक्कर में इन कीमती पलों को खराब न करें। यार दोस्त आने वाले वक्त में भी मिल सकते हैं लेकिन पढ़ाई के लिए यही समय सबसे सही है। प्यार, नज़दीकी, मस्ती-मज़ा - जीवनसाथी के साथ यह एक रोमानी दिन रहेगा।
उपाय :- भगवान में आस्था रखें, सत्संगति करें और मानसिक हिंसा करने से बचना आर्थिक स्थिति के लिए अच्छा है।
धनु राशि - अगर आप पर्याप्त आराम नहीं कर रहें है तो आप बहुत ज़्यादा थकान महसूस करेंगे और आपको अतिरिक्त आराम की ज़रूरत होगी। कार्यक्षेत्र में या करोबार में आपकी कोई लापरवाही आज आपको आर्थिक नुक्सान करा सकती है। दूसरों के मामलों में दख़ल देने से आज बचें। आप अनुभव करेंगे कि आपके प्रिय का आपके प्रति प्यार वाक़ई बहुत गहरा है। जो कला और रंगमंच आदि से जुड़े हैं, उन्हें आज अपना कौशल दिखाने के लिए कई नए मौक़े मिलेंगे। आज मौसम का मिजाज कुछ ऐसा रहेगा कि आप बिस्तर से उठने को राजी नहीं होंगे। बिस्तर से उठने के बाद आपको अहसास होगा कि आप अपना कीमती समय बर्बाद कर चुके हैं। वैवाहिक जीवन के दृष्टिकोण से देखें तो चीज़ें आपके पक्ष में जाती हुई नज़र आ रही हैं।
उपाय :- एक लाल मिर्च, 27 मसूर की दाल के दाने तथा 5 लाल फूल लेकर किसी हनुमान मंदिर में चढ़ाएं, इससे पारिवारिक जीवन की खुशियाँ बढ़ेंगी।
मकर राशि - आपका दानशीलता का व्यवहार आपके लिए छुपे हुए आशीर्वाद की तरह सिद्ध होगा, क्योंकि यह आपको शक, अनास्था, लालच और आसक्ति जैसी ख़राबियों से बचाएगा। दिन चढ़ने पर वित्तीय तौर पर सुधार आएगा। ऐसे काम करें जिनसे आपको ख़ुशी मिले, लेकिन दूसरों के मामलों में दख़लअंदाज़ी से बचें। एक प्यारी-सी मुस्कुराहट से अपने प्रेमी का दिन रोशन करें। ऐसे लोगों से साथ जुड़ें जो स्थापित हैं और भविष्य के रुझानों को समझने में आपकी मदद कर सकते हैं। इस राशि के जातक खाली वक्त में आज किसी समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर सकते हैं। यह समय जीवन में आपको वैवाहिक जीवन का भरपूर आनन्द देगा।
उपाय :- लगातार 108 दिन किसी भी बुजुर्ग महिला के चरण स्पर्श करना पारिवारिक सुख के लिए लाभकारी है।
कुम्भ राशि - आपकी उम्मीद एक महक से भरे हुए ख़ूबसूरत फूल की तरह खिलेगी। जिन लोगों ने किसी रिश्तेदार से पैसा उधार लिया था उनको आज वो उधार किसी भी हालत में वापस करना पड़ सकता है। आपका जीवनसाथी आपकी सहायता करेगा और मददगार साबित होगा। प्यार के सकारात्मक संकेत आपको मिलेंगे। बेहतर कामकाज के चलते आपको तारीफ़ मिल सकती है। दिन को कैसे अच्छा बनाया जाए इसके लिए आपको अपने लिए भी समय निकालना सीखना होगा। थोड़ी-सी कोशिश करें तो यह दिन आपके वैवाहिक जीवन के सबसे विशेष दिनों में से एक हो सकता है।
उपाय :- अपने बड़े भाई के विचारों का सम्मान करने व उनकी बात मानने से आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
मीन राशि - आज आप ख़ुद को सुकून में और ज़िंदगी का लुत्फ़ उठाने के लिए सही मनोदशा में पाएंगे। इस राशि के विवाहित जातकों को आज ससुराल पक्ष से धन लाभ होने की संभावना है। ऐसा कोई जिसे आप जानते हैं, आर्थिक मामलों को ज़रूरत से ज़्यादा गंभीरता से लेगा और घर में थोड़ा-बहुत तनाव भी पैदा होगा। प्यार का जज़्बा अनुभव के परे है, लेकिन आज आप प्यार की इस मदहोशी की कुछ झलक पा सकेंगे। अगर आप व्यवसाय में किसी नये भागीदार को जोड़ने पर विचार कर रहे हैं, तो यह ज़रूरी होगा कि उससे कोई भी वादा करने से पहले आप सभी तथ्य अच्छी तरह जाँच लें। घर के कामों को पूरा करने के बाद इस राशि की गृहणियां आज के दिन फुर्सत में टीवी या मोबाइल पर कोई मूवी देख सकती हैं। ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत नज़र आएगी, क्योंकि आपके जीवनसाथी ने आपके लिए कुछ ख़ास योजना बनाई है।
उपाय :- पिता अथवा गुरु के सुबह उठते ही पाँव छुए व सेवा करें। पारिवारिक जीवन सुख-शांतिमय रहेगा।
कृपया ध्यान दें
यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इन्द्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
भारत की पूर्वी सीमा के पास बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य संपर्क ने नई रणनीतिक चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Aurangzeb Ahmed के नेतृत्व में पाकिस्तान वायुसेना का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा है। खास बात यह है कि औरंगजेब अहमद वही अधिकारी हैं जिन्हें पिछले साल “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान पाकिस्तान एयरफोर्स का पोस्टर बॉय माना गया था। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान एयरफोर्स के अधिकारियों की पांच सदस्यीय टीम 10 मई से बांग्लादेश में मौजूद है और दोनों देशों के बीच पहली “एयर स्टाफ टॉक” शुरू हुई है। हालांकि इस दौरे को लेकर न तो Bangladesh और न ही Pakistan की सरकार ने औपचारिक जानकारी साझा की है। कौन हैं औरंगजेब अहमद? एयर वाइस मार्शल औरंगजेब अहमद पाकिस्तान वायुसेना में जनसंपर्क महानिदेशक, वायुसेना उप-प्रमुख (ऑपरेशंस) और रणनीतिक कमान के कमांडर जैसे अहम पदों पर हैं। इस्लामाबाद में हाल ही में आयोजित एक सैन्य समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया गया था। उनके साथ एयर कमोडोर शाह खालिद, अब्दुल गफूर बुजदार, ग्रुप कैप्टन मोहम्मद अली खान और विंग कमांडर हसन तारिक अजीज जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी ढाका पहुंचे हैं। बांग्लादेश एयरफोर्स में TTP मॉडल का खुलासा यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब कुछ दिन पहले बांग्लादेश की सुरक्षा एजेंसियों ने Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) से प्रेरित गतिविधियों का खुलासा किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश वायुसेना के कुछ अधिकारियों और गैर-कमीशंड अधिकारियों को कथित तौर पर चरमपंथी संपर्कों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि बांग्लादेश वायुसेना की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। भारत की सीमा के पास बढ़ रही गतिविधियां रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तान वायुसेना का प्रतिनिधिमंडल भारत-बांग्लादेश सीमा के करीब स्थित लालमोनिरहाट और बोगुरा एयरबेस का दौरा कर सकता है। इन इलाकों में हाल के महीनों में एयर डिफेंस रडार, रनवे विस्तार और नए सैन्य ढांचे का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। Lalmonirhat Airport भारत की सीमा से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित है, जहां हाल ही में नया हैंगर तैयार किया गया है। वहीं Bogura Airbase पर रनवे को 3.2 किलोमीटर तक बढ़ाने का काम जारी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पूरा सैन्य ढांचा भविष्य में लड़ाकू विमानों और ड्रोन ऑपरेशंस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। JF-17 फाइटर जेट डील पर भी नजर रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच JF-17 Thunder लड़ाकू विमान खरीदने को लेकर भी बातचीत चल रही है। यह विमान चीन की Chengdu Aircraft Corporation और Pakistan Aeronautical Complex द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस यात्रा के दौरान कई रक्षा समझौतों और MoU पर चर्चा हो सकती है, जिनमें बांग्लादेशी पायलटों और तकनीशियनों को पाकिस्तान में एडवांस प्रशिक्षण देना भी शामिल है। भारत की रणनीतिक चिंता क्यों बढ़ी? रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ता सैन्य सहयोग भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण विषय बन सकता है। खासतौर पर तब, जब भारत की सीमा के पास एयरबेस और सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से मजबूत किया जा रहा हो। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष ने भारत विरोधी गतिविधि की पुष्टि नहीं की है, लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
दक्षिण भारत की राजनीति में इस समय सबसे बड़ी चर्चा Indian National Congress के अंदर चल रही मुख्यमंत्री पद की दौड़ को लेकर है। Kerala में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत मिलने के बावजूद अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। चुनाव परिणाम आए एक सप्ताह से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन दिल्ली से लेकर तिरुवनंतपुरम तक लगातार बैठकों और मंथन का दौर जारी है। दिल्ली में होगी अहम बैठक कांग्रेस हाईकमान ने मंगलवार (12 मई) को केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों को दिल्ली बुलाया है। पूर्व KPCC अध्यक्ष K. Muraleedharan और V. M. Sudheeran को भी आलाकमान की ओर से बुलावा भेजा गया है। सुधीरन ने कहा कि उन्हें AICC से अचानक कॉल आना थोड़ा हैरान करने वाला था, लेकिन उन्होंने तुरंत दिल्ली जाने की तैयारी कर ली। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व उनसे राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात, संभावित नेतृत्व और संगठनात्मक संतुलन को लेकर राय ले सकता है। 140 में से 102 सीटें जीतकर सत्ता में लौटा UDF 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की अगुवाई वाले UDF ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 में से 102 सीटों पर जीत दर्ज की। यह जीत केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। हालांकि भारी बहुमत के बावजूद मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर सहमति नहीं बन पाई है। खरगे आवास पर हुई थी बड़ी बैठक शनिवार (9 मई) को दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के आवास पर एक अहम बैठक हुई थी। इसमें Rahul Gandhi, केरल प्रभारी Deepa Dasmunsi, KPCC अध्यक्ष Sunny Joseph, संगठन महासचिव K. C. Venugopal, वरिष्ठ नेता Ramesh Chennithala और V. D. Satheesan शामिल हुए थे। बैठक में सरकार गठन, कैबिनेट संतुलन और संगठनात्मक समीकरणों पर चर्चा हुई, लेकिन मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। सीएम पद की दौड़ में कौन-कौन? चुनाव नतीजों के बाद से कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर लॉबिंग तेज हो गई है। फिलहाल तीन बड़े नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं— V. D. Satheesan Ramesh Chennithala K. C. Venugopal सूत्रों के मुताबिक, तीनों खेमे दिल्ली में अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। पार्टी नेतृत्व जातीय और क्षेत्रीय संतुलन, संगठन पर पकड़ और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना चाहता है। क्या है कांग्रेस की सबसे बड़ी चुनौती? कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मुख्यमंत्री ऐसा चुना जाए जो सरकार और संगठन दोनों को साथ लेकर चल सके। पार्टी हाईकमान नहीं चाहता कि नेतृत्व चयन को लेकर किसी तरह की अंदरूनी नाराजगी सामने आए, क्योंकि इससे नई सरकार की शुरुआत प्रभावित हो सकती है। अब सबकी नजर दिल्ली में होने वाली बैठकों पर टिकी है, जहां से केरल के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर तस्वीर साफ हो सकती है।
कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव के बाद टॉलीवुड अभिनेत्री श्राबंती चटर्जी ने बड़ा खुलासा किया है। कभी भारतीय जनता पार्टी छोड़कर All India Trinamool Congress (TMC) के मंचों पर नजर आने वाली श्राबंती ने अब कहा है कि कलाकारों पर सत्ता पक्ष का दबाव रहता था, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में टीएमसी के कार्यक्रमों में शामिल होना पड़ता था। कलाकारों पर दबाव होने का दावा श्राबंती चटर्जी ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले कलाकारों को कई बार राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार समझौता करना पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय सत्ता पक्ष का दबाव इतना अधिक था कि उन्हें कई आयोजनों में जाना पड़ा। अभिनेत्री ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत और Suvendu Adhikari के मुख्यमंत्री बनने पर खुशी जाहिर की। ‘अभया’ को न्याय मिलने की उम्मीद अभिनेत्री ने आरजी कर केस की पीड़िता ‘अभया’ का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन की खबर सुनते ही उन्हें सबसे पहले उसकी मां का चेहरा याद आया। एक मां होने के नाते वह चाहती हैं कि राज्य में ऐसी सरकार हो जो महिलाओं को सुरक्षा और पीड़ितों को न्याय दिला सके। उन्होंने कहा कि अगर यह बदलाव बंगाल के हित में है तो वह इसका समर्थन करती हैं। पार्थ चटर्जी पर साधा निशाना श्राबंती ने 2021 विधानसभा चुनाव की अपनी हार को याद करते हुए कहा कि उन्होंने बेहाला पश्चिम सीट से चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें Partha Chatterjee से हार का सामना करना पड़ा। बाद में जब पार्थ चटर्जी के घर से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए, तब उन्हें काफी अफसोस हुआ। उन्होंने कहा कि काश जनता पहले सच्चाई समझ पाती। भाजपा में वापसी की अटकलें तेज श्राबंती के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या वह एक बार फिर भाजपा में सक्रिय राजनीति कर सकती हैं। हालांकि उन्होंने इस पर सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया।