फाइनेंस

Stock Market: बढ़त के साथ बंद हुआ हुआ शेयर बाजार

Anjali Kumari अप्रैल 15, 2026 0
Stock Market
Stock Market

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली और कारोबार के अंत में बाजार हरे निशान पर बंद हुआ। BSE Sensex 1,263.67 अंकों की बड़ी बढ़त के साथ 78,111.24 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 388.65 अंक चढ़कर 24,231.30 के स्तर को पार कर गया। बाजार की इस तेजी से निवेशकों में उत्साह का माहौल बना रहा।

 

बाजार में आई मजबूत रिकवरी


पूरा कारोबारी सत्र सकारात्मक रहा और लगभग सभी सेक्टरों में खरीदारी देखी गई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई। इस उछाल के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़कर करीब 458 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

 

किन शेयरों ने किया कमाल


बाजार की तेजी में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों का अहम योगदान रहा। Tata Consultancy Services, Tech Mahindra, Larsen & Toubro, Asian Paints और Adani Ports जैसे शेयरों में 3-4% तक की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा इंडिगो और जोमैटो की मूल कंपनी एटर्नल के शेयर भी टॉप गेनर्स में शामिल रहे।

 

कुछ शेयरों में गिरावट भी


जहां अधिकांश शेयरों में तेजी रही, वहीं Bharti Airtel, Axis Bank और ICICI Bank के शेयरों में हल्की गिरावट देखने को मिली।

 

अस्थिरता में कमी, निवेशकों को राहत


बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया वीआईएक्स भी 8% से ज्यादा गिरकर 18.76 पर आ गया, जो निवेशकों के लिए राहत का संकेत है। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद घरेलू बाजार की मजबूती आगे भी निवेशकों का भरोसा बनाए रख सकती है।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

फाइनेंस

View more
Stock market charts showing volatility with mutual fund performance outperforming benchmark indices in India
शेयर बाजार की उठापटक में भी चमका यह वैल्यू फंड, 1 साल में 16% से ज्यादा रिटर्न देकर किया कमाल

  मुंबई: बीते एक साल में भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों को जबरदस्त उतार-चढ़ाव का सामना कराया। कभी तेज़ी तो कभी गिरावट–बाजार का रुख पूरी तरह रोलर कोस्टर जैसा रहा। इस दौरान जहां BSE Sensex ने महज लगभग 0.80% रिटर्न दिया, वहीं BSE 100 और BSE 500 ने क्रमशः 3.29% और 5.01% का सीमित रिटर्न ही निवेशकों को मिला। लेकिन इस अस्थिर माहौल में भी एक म्यूचुअल फंड स्कीम ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा है। Mahindra Manulife Value Fund ने पिछले एक साल में करीब 16.39% का रिटर्न देकर निवेशकों को चौंका दिया है। लॉन्च के पहले साल में ही शानदार प्रदर्शन यह इक्विटी म्यूचुअल फंड 3 मार्च 2025 को लॉन्च हुआ था और अपने पहले ही साल में इसने मजबूत प्रदर्शन दिखाया। खास बात यह रही कि यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल हुई जब वैश्विक और घरेलू बाजार भू-राजनीतिक तनाव और अस्थिरता से जूझ रहे थे। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस दौरान निवेशकों ने उन कंपनियों में ज्यादा भरोसा दिखाया जिनका कैश फ्लो मजबूत, वैल्यूएशन संतुलित और कमाई की स्पष्टता थी–यही इस फंड की रणनीति का आधार रहा। अन्य वैल्यू फंड्स से भी बेहतर ICRA Analytics के आंकड़ों के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 तक: Mahindra Manulife Value Fund: 16.39% DSP Value Fund: 15.66% LIC Value Fund: 15.29% Quant Value Fund: 14.53% वैल्यू फंड कैटेगरी का औसत रिटर्न लगभग 9.35% रहा, यानी इस फंड ने औसत से काफी बेहतर प्रदर्शन किया। क्यों सफल रही वैल्यू स्ट्रेटेजी? बीते वर्ष वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मुद्रा बाजार की अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क बना दिया। ऐसे में निवेशकों ने महंगे स्टॉक्स से दूरी बनाकर मजबूत फंडामेंटल वाले सस्ते शेयरों की ओर रुख किया। यही कारण रहा कि वैल्यू आधारित निवेश रणनीति ने इस कठिन दौर में बेहतर प्रदर्शन किया और जोखिम को संतुलित रखते हुए रिटर्न दिया। कहां किया गया निवेश? इस फंड का पोर्टफोलियो मुख्य रूप से इक्विटी आधारित है: इक्विटी निवेश: 95.97% अन्य निवेश: 4.03% सेक्टर के हिसाब से सबसे ज्यादा निवेश: फाइनेंशियल सेक्टर: 17.11% एनर्जी: 13.14% हेल्थकेयर: 9.93% कैपिटल गुड्स: 9.62% ऑटोमोबाइल: 9.49% फंड मैनेजमेंट इस फंड को कृष्ण सांघवी और विशाल जाजू मैनेज कर रहे हैं, जिन्हें फरवरी 2025 में इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अनिश्चितता के दौर में वैल्यू फंड निवेशकों को स्थिरता और संतुलित रिटर्न देने में मदद करते हैं। ये रणनीति न सिर्फ जोखिम को कम करती है बल्कि लंबे समय में बेहतर अवसर भी प्रदान करती है।

surbhi अप्रैल 18, 2026 0
Government employees discussing salary revision charts highlighting proposed 8th Pay Commission changes in India

8th Pay Commission: ₹69,000 बेसिक सैलरी और डबल इंक्रीमेंट की मांग, केंद्रीय कर्मचारियों ने सरकार के सामने रखा बड़ा प्रस्ताव

Oil and cargo ships crossing Strait of Hormuz after reopening amid global energy supply recovery

होर्मुज स्ट्रेट खुला: 45 दिन बाद भारत के लिए बड़ी राहत, 41 जहाज लेकर आ रहे तेल, LPG और खाद

Gold and silver bars with banking documents representing new DGFT import rules in India

Gold-Silver Import Rules 2026: विदेशी बैंकों से लेकर SBI तक–अब किनके पास है सोना-चांदी मंगाने का अधिकार

Wipro office building with stock market chart showing decline and analyst report overlay
Wipro पर ICICI Securities की ‘HOLD’ रेटिंग बरकरार, ₹200 का टारगेट तय

मुंबई: आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Wipro के शेयर को लेकर ICICI Securities ने सतर्क रुख अपनाया है। ब्रोकरेज ने 17 अप्रैल 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में Wipro पर ‘HOLD’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹200 का टारगेट प्राइस तय किया है। कमजोर गाइडेंस से चिंता बरकरार रिपोर्ट के अनुसार, Wipro की टॉप-लाइन पर दबाव जारी है। Q1FY27 के लिए कंपनी ने -1.8% QoQ (कॉन्स्टेंट करेंसी) का कमजोर ऑर्गेनिक गाइडेंस दिया है। यह संकेत देता है कि निकट भविष्य में राजस्व वृद्धि में सुधार की संभावना सीमित है। विश्लेषकों का मानना है कि डील बुकिंग में वृद्धि और वास्तविक राजस्व के बीच अंतर AI-आधारित लागत में गिरावट (deflation) और संभावित मार्केट शेयर लॉस के कारण हो सकता है। क्लाइंट ग्रोथ में मिला-जुला प्रदर्शन हालांकि, कंपनी के टॉप 10 क्लाइंट्स से राजस्व में 1.8% सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जबकि FY26 में कुल रेवेन्यू में 0.3% की गिरावट देखी गई। यह दर्शाता है कि बड़े क्लाइंट्स से स्थिरता बनी हुई है, लेकिन समग्र प्रदर्शन अभी भी दबाव में है। मार्जिन पर बढ़ेगा दबाव Q4FY26 में मार्जिन मजबूत रहे, लेकिन FY27 में कुछ प्रमुख कारणों से दबाव बढ़ सकता है: बड़े डील्स में निवेश AI प्लेटफॉर्म बिजनेस का विस्तार दो महीने की अतिरिक्त वेतन वृद्धि इन फैक्टर्स के चलते कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर असर पड़ने की आशंका है। वैल्यूएशन और अनुमान ICICI Securities ने FY27 और FY28 के EPS अनुमान में 2% की हल्की बढ़ोतरी की है, जिसमें बायबैक और करेंसी डिप्रिसिएशन का सकारात्मक असर शामिल है। ब्रोकरेज ने FY28 के अनुमानित EPS ₹14 पर 14x का वैल्यूएशन मल्टीपल लागू करते हुए ₹200 का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि Q2FY27 तक रेवेन्यू ग्रोथ में सुधार नहीं होता है, तो वैल्यूएशन मल्टीपल में गिरावट का जोखिम बना रहेगा।  

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
Stock market chart showing HDFC AMC shares with financial analysis report and growth trend

HDFC AMC पर Prabhudas Lilladher का भरोसा बरकरार, ₹3000 का टारगेट दिया

Gold and silver jewelry displayed with price chart showing slight rise in rates on April 17, 2026

Gold Silver Price Today 17 April 2026: सोने-चांदी में हल्की तेजी, जानिए आपके शहर में आज का ताजा भाव

Stock Market

Stock Market: लाल निशान पर बंद हुआ बाजार शेयर बाजार

Stock market
Stock market: हरे निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 550 अंक और निफ्टी 23350 के पार पहुंचा

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन मजबूत शुरुआत देखने को मिली। BSE Sensex 550 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ खुला, जबकि Nifty 50 23,350 के पार पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा और निवेशकों का भरोसा मजबूत दिखा।   शुरुआती कारोबार में तेजी कायम सुबह कारोबार के दौरान सेंसेक्स 78,600 के करीब पहुंच गया, जबकि निफ्टी ने भी तेजी दिखाते हुए 24,300 के ऊपर कारोबार किया। कुछ समय के लिए सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा चढ़कर 78,700 के पार भी पहुंच गया। बाजार की इस तेजी से निवेशकों को अच्छा फायदा मिला।   किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल बाजार में तेजी के बीच Infosys, Tech Mahindra, Bajaj Finance और Tata Steel जैसे दिग्गज शेयर टॉप गेनर्स रहे। वहीं Sun Pharma और Titan Company के शेयरों में हल्की गिरावट देखी गई।   बाजार में तेजी की बड़ी वजह विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी और अमेरिका-ईरान वार्ता की उम्मीदों ने बाजार को सहारा दिया है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी ने भी बाजार की धारणा को मजबूत किया है।   वैश्विक बाजारों से मिला सपोर्ट एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।   आगे का आउटलुक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और विदेशी निवेशकों का भरोसा बना रहता है, तो बाजार में यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। फिलहाल निवेशकों के लिए बाजार का रुख सकारात्मक नजर आ रहा है।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Gold and silver jewelry displayed in a sarrafa market during Akshaya Tritiya festive shopping

अक्षय तृतीया से पहले सर्राफा बाजार में उछाल, सोना-चांदी की कीमतों में तेजी बरकरार

Godawari Power and Ispat Limited logo with stock market chart indicating share price rise after investment announcement

Smallcap मेटल स्टॉक में उछाल: Godawari Power ने क्लीन एनर्जी यूनिट में ₹50 करोड़ का निवेश किया

Stock Market

Stock Market: बढ़त के साथ बंद हुआ हुआ शेयर बाजार

0 Comments

Top week

Ranchi University protest
शिक्षा

लेट सेशन के खिलाफ रांची यूनिवर्सिटी में छात्रों का प्रदर्शन

Anjali Kumari अप्रैल 13, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?