झारखंड

सीएम हेमंत बंगाल में ममता के समर्थन में करेंगे प्रचार

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Hemant Soren
Hemant Soren

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी यानी तृणमुल कांग्रेस के समर्थन में प्रचार करेंगे। वह 18 से 20 अप्रैल तक बंगाल दौरे पर रहेंगे, जहां वे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के समर्थन में ताबड़तोड़ चुनावी सभाएं करेंगे। उनकी सभी सभाएं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में होंगी। 
झामुमो के महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य के मुताबिक, यह दौरा तीन दिनों का होगा और इसमें कई महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया जाएगा। 


पार्टी के अन्य नेता भी रहेंगे साथ


हेमंत सोरेन खास तौर पर आदिवासी बहुल सीटों पर प्रचार करेंगे, जहां झामुमो का प्रभाव और पकड़ मजबूत है। इस दौरान उनके साथ पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे। कल्पना सोरेन के भी चुनाव प्रचार में शामिल होने की संभावना जताई गई है, हालांकि उनका कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है।


झामुमो नहीं लड़ रहा चुनाव


झामुमो पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह बंगाल विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा, बल्कि टीएमसी को समर्थन देगा। पार्टी का मानना है कि भाजपा को रोकने के लिए विपक्षी दलों के बीच एकजुटता जरूरी है।


परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर केंद्र पर हमला


झामुमो महासिचव सुप्रियो भट्टाचार्य ने संसद के विशेष सत्र और परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना कराए बिना परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ अन्याय होगा।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

झारखंड

View more
Jharkhand naxal encounter
नक्सल मुक्त दावे के बीच झारखंड के  सारंडा  में मुठभेड़, 4 जवान घायल

रांची। झारखंड के घने जंगलों वाले सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच भीषण मुठभेड़ ने एक बार फिर सुरक्षा हालात पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मुठभेड़ उस समय हुई है जब हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश को नक्सल मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही थी। जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 10 बजे सारंडा के बड़ानागरा इलाके में नक्सलियों की गतिविधियों की सूचना सुरक्षा बलों को मिली। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी शुरू की। इसी दौरान पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों और जवानों का आमना-सामना हो गया, जिसके बाद दोनों तरफ से भारी गोलीबारी शुरू हो गई।   कोबरा के चार जवान घायल इस मुठभेड़ में CRPF CoBRA Battalion के चार जवान घायल हो गए। घायल जवानों की पहचान सत्य प्रकाश, प्रेम चंद, जितेंद्र कुमार और शैलेश कुमार दुबे के रूप में हुई है। सभी को हेलीकॉप्टर के जरिए Ranchi लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सभी घायल जवान खतरे से बाहर हैं।   नक्सलियों को भी भारी नुकसान सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस मुठभेड़ में नक्सलियों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि आधा दर्जन से अधिक नक्सलियों को गोली लगी है। हालांकि घने जंगल और अंधेरा होने के कारण सर्च ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे सटीक आंकड़ों की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।   40-50 नक्सलियों की मौजूदगी सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान जंगल में करीब 40 से 50 नक्सली मौजूद थे, जिन्होंने सुरक्षाबलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला और इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। अभी भी रुक-रुक कर फायरिंग जारी रहने की खबर है।   तीन महीने बाद फिर बढ़ी हलचल गौरतलब है कि पिछले तीन महीनों से सारंडा क्षेत्र में अपेक्षाकृत शांति बनी हुई थी, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर नक्सली गतिविधियों के सक्रिय होने के संकेत दिए हैं।   सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी झारखंड पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर रखा है और सर्च ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों के ठिकानों को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान जारी रहेगा। इस घटना ने साफ कर दिया है कि राज्य में नक्सल समस्या अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और सुरक्षा एजेंसियों को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Jtet controversy

Jharkhand: भोजपुरी-मगही भाषा विवाद में फंसा JTET

Jharkhand DA hike

झारखंड में राज्यकर्मियों का DA 5% बढ़ा

People shielding from intense heat under bright sun in Ranchi during Jharkhand heatwave

Jharkhand Weather News: रांची में तपिश तेज, पारा 37°C पार; 17-18 अप्रैल को लू का अलर्ट

jharkhand illegal houses
झारखंड में अवैध मकान होंगे नियमित

रांची। झारखंड कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत राज्य में अवैध रूप से बने मकानों को नियमित करने निर्णय लिया गया है। नगर विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए सरकार ने यह तय किया है कि रांची सहित पूरे राज्य में 10 मीटर ऊंचाई तक के आवासीय भवन, यानी जी प्लस टू तक के मकानों को नियमित किया जाएगा। यानी जिन मकानों का नक्शा नहीं है अब वे भी नियमित होंगे। इस योजना के तहत अधिकतम 300 वर्गमीटर क्षेत्रफल तक के भवन शामिल होंग नियमितीकरण के लिए शुल्क भी तय किया गया है। आवासीय भवनों के लिए न्यूनतम 10,000 रुपये और गैर-आवासीय भवनों के लिए 20,000 रुपये शुल्क रखा गया है। इस फैसले से हजारों मकान मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अब तक कानूनी अड़चनों का सामना कर रहे थे।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Hemant Soren

सीएम हेमंत बंगाल में ममता के समर्थन में करेंगे प्रचार

Babulal Marandi Statement

“जहां हाथ डालो, वहीं घोटाला” – मरांडी के निशाने पर हेमंत सरकार

Jharkhand Weather

झारखंड में लू का अलर्ट, 3 से 5 डिग्री चढ़ेगा पारा

Birthday party rape case
बर्थडे पार्टी में रेप मामले में पीड़िता की सहेली ओली, दानिश और फहद गिरफ्तार

रांची। राजधानी रांची में बर्थडे पार्टी के नाम पर बुलाकर एक युवती के साथ रेप के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी दानिश को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ के बाद पुलिस टीम ने 25 वर्षीय पीड़िता की सहेली ओली विश्वकर्मा और फहाद को भी गिरफ्तार किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार अभी और भी गिरफ्तारी हो सकती है। पीड़िता जमशेदपुर की रहने वाली है और रांची में रहकर एमडीएस की तैयारी कर रही है। उसने पुलिस को दिए फर्द बयान में आरोप लगाया है कि पार्टी के दौरान उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया गया।   गोकुल वाटिका स्थित फ्लैट में घटी घटना पीड़िता के मुताबिक, 9 अप्रैल को वह अपनी सहेली ओली विश्वकर्मा के बुलावे पर गोकुल वाटिका स्थित फ्लैट में जन्मदिन पार्टी में शामिल होने गई थी। उसे बताया गया था कि पार्टी में कई लड़कियां भी आएंगी, लेकिन वहां पहुंचने पर उसने देखा कि कुछ युवक पहले से मौजूद थे। उसने असहजता जताई, लेकिन भरोसा दिलाने पर वहीं रुक गई। रात करीब 8 बजे केक काटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। आरोप है, कि इसी दौरान दानिश नामक युवक ने उसे पिज्जा दिया, जिसे खाने के बाद उसे नशा जैसा महसूस हुआ और आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा। वह किसी तरह कमरे में आराम करने गई, जहां दानिश ने दरवाजा अंदर से बंद कर उसकी हालत का फायदा उठाते हुए दुष्कर्म किया। सुबह होश आने पर युवती ने खुद को खून से लथपथ पाया और वह गंभीर हालत में थी। अस्पताल में कराना पड़ा भर्ती उसने घटना की जानकारी अपने दोस्त को दी, जिसने उसे हॉस्टल पहुंचाया। हालत बिगड़ने पर 11 अप्रैल को उसे ऑर्किड अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सहेली के कहने पर पुलिस को सूचना दी गई। लालपुर थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता का फर्द बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की।

Anjali Kumari अप्रैल 15, 2026 0
WhatsApp cheating scam

अब WhatsApp के जरिए ठगी, कोडरमा में 2 धराये

Jharkhand Bhawan Vashi

नवी मुंबई के वाशी में झारखंड भवन बनने का रास्ता साफ, 7 मंजिला बनेगा भवन

Tender scam

Tender scam: आरोपी इंजीनियर को सरेंडर के बाद मिली बेल

0 Comments

Top week

Donald Trump delivering a strong statement on Iran amid rising US military tensions in the Middle East.
दुनिया

ईरान पर सख्त रुख: ‘समझौता पूरा नहीं हुआ तो सेना तैनात रहेगी’ - डोनाल्ड ट्रंप की दो टूक चेतावनी

surbhi अप्रैल 9, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?