संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में तीखी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष को लेकर विपक्ष ने सदन में तत्काल चर्चा की मांग की, जिससे सदन का माहौल गरमा गया। इसी बीच लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भी सियासी टकराव तेज हो गया।
सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने मिडिल ईस्ट संकट पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग रखी। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर भारत की सुरक्षा, कूटनीति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, इसलिए इस मुद्दे पर संसद में गंभीर चर्चा जरूरी है।
लोकसभा की कार्यसूची के अनुसार बिहार के किशनगंज से सांसद Mohammad Jawed ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव को सदन में रखने के लिए आवश्यक 50 सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे स्वीकार कर लिया गया और उस पर चर्चा कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
इस प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि लोकसभा अध्यक्ष ने सदन के संचालन में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है और विपक्ष को पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि सदन की कार्यवाही निष्पक्ष तरीके से चलनी चाहिए और सभी दलों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए।
बहस के दौरान कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना किसी भी विपक्षी दल के लिए आसान निर्णय नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह कदम “दुख के साथ” उठाया गया है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में विपक्ष खुद को मजबूर महसूस कर रहा है।
गोगोई ने आरोप लगाया कि सदन के संचालन में संतुलन बनाए रखना अध्यक्ष की जिम्मेदारी होती है, लेकिन हाल के दिनों में विपक्ष को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहा है।
इससे पहले सोमवार को भी लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया था। लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
जब दोपहर तीन बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो पीठासीन सभापति Jagadambika Pal ने कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद को स्पीकर के खिलाफ अपना प्रस्ताव रखने के लिए कहा। हालांकि उस दौरान भी विपक्षी सदस्य पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी करते रहे और कई सांसद आसन के समीप पहुंच गए।
इस पूरे घटनाक्रम के चलते लोकसभा का माहौल काफी गरमाया हुआ नजर आया। एक ओर विपक्ष अंतरराष्ट्रीय संकट जैसे गंभीर मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ने राजनीतिक टकराव को और तीखा कर दिया है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सदन में इस प्रस्ताव पर बहस और मतदान की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है और सरकार तथा विपक्ष के बीच जारी टकराव का क्या परिणाम निकलता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
मेष राशि - घर पर काम करते समय ख़ास सावधानी बरतें। घरेलू चीज़ों को लापरवाही से इस्तेमाल करना आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। आकस्मिक मुनाफ़े या सट्टेबाज़ी के ज़रिए आर्थिक हालात सुदृढ़ होंगे। शाम का वक़्त दोस्तों के साथ मौज-मस्ती के लिए अच्छा है, साथ ही छुट्टियों के लिए योजना भी बन सकती है। कोई आपको दिल से सराहेगा। कार्यालय में कोई आपको कुछ बढ़िया चीज़ या ख़बर दे सकता है। ऐसे बदलाव लाएँ जो आपके रूप-रंग में निखार ला सके और संभावित साथियों को आपकी ओर आकर्षित करे। शादी के ठीक पहले के ख़ूबसूरत दिनों की याद ताज़ा हो सकती है - वही छेड़छाड़, आगे-पीछे घूमना और इज़हार गर्माहट पैदा करेंगे। उपाय :- काले व सफेद तिल बराबर मात्रा में लेकर चितकबरे कपड़े में बांधकर अपने पास रखने से हेल्थ अच्छी रहेगी। वृषभ राशि - आज शान्त और तनाव-रहित रहें। ख़र्चों में हुई अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी आपके मन की शांति को भंग करेगी। आपका ज्ञान और हास-परिहास आपके चारों ओर लोगों को प्रभावित करेगा। आज प्यार की कमी महसूस हो सकती है। बेहतर कामकाज के चलते आपको तारीफ़ मिल सकती है। अगर आप किसी परिस्थिति से घबराकर भागेंगे- तो वह आपका पीछा हर निकृष्ट तरीक़े से करेगी। कोई रिश्तेदार अचानक आपके घर आ सकता है, जिसके चलते आपकी योजनाएँ गड़बड़ा सकती हैं। उपाय :- आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए बड़ या पीपल के पेड़ को दूध से सींचें और वहां की मिटटी का टीका शरीर पर कहीं भी लगाएं। मिथुन राशि - आपकी उम्मीद एक महक से भरे हुए ख़ूबसूरत फूल की तरह खिलेगी। मनोरंजन और सौन्दर्य में इज़ाफ़े पर ज़रुरत से ज़्यादा वक़्त न ख़र्च करें। कुल मिलाकर फ़ायदेमंद दिन है। लेकिन आप समझते थे जिसपर आप आँखें बंद करके यक़ीन कर सकते हैं, वह आपके भरोसे को तोड़ सकता है। अपने प्रिय के साथ सैर-सपाटे पर जाते समय ज़िंदगी को पूरी शिद्दत से जिएँ। ऐसा लगता है कि कुछ समय के लिए आप नितांत एकाकी है। सहकर्मी/सहयोगी मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, लेकिन वे ज़्यादा सहायता नहीं कर पाएंगे। इस राशि वालों को आज के दिन अपने लिए समय निकालने की शख्त जरुरत है अगर आप ऐसा नहीं करते तो आपको मानसिक परेशानियां हो सकती हैं। आपको और आपके जीवनसाथी को कोई बहुत सुखद ख़बर सुनने को मिल सकती है। उपाय :- जेब में हरे रंग का रुमाल रखना आर्थिक स्थिति के लिए शुभ है। कर्क राशि - आज आपकी सेहत अच्छी रहेगी, जिसके चलते आप सफलता की ओर तेज़ी-से बढ़ेंगे। ऐसी हर चीज़ से परहेज़ करें, जिससे आपकी शक्ति नष्ट न हो। आज आप आसानी से पैसे इकट्ठा कर सकते हैं- लोगों को दिए पुराने कर्ज़ वापिस मिल सकते हैं- या फिर किसी नयी परियोजना पर लगाने के लिए धन अर्जित कर सकते हैं। आपका अड़ियल रवैया घर पर लोगों के दिलों को चोट पहुँचा सकता है, यहाँ तक कि नज़दीकी दोस्त भी आहत हो सकते हैं। गर्लफ़्रेंड/बॉयफ़्रेंड के साथ अभद्र व्यवहार न करें। अपनी पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाकर आप करिअर में नए दरवाज़े खोल सकते हैं। अपने क्षेत्रे में आपको अपार सफलता मिलने की संभावना भी है। अपनी सभी क्षमताओं को निखारकर औरों से बेहतर बनने की कोशिश करें। ज़रूरतमंदों की मदद करने की आपकी ख़ासियत आपको सम्मान दिलाएगी। आपकी भागदौड़ भरी दिनचर्या के कारण आपका जीवनसाथी ख़ुद को दरकिनार महसूस कर सकता है, जिसका इज़हार शाम को होना मुमकिन है। उपाय :- पारिवारिक सुख बढ़ाने के लिए शराब न पिए क्योंकि सूर्य सात्विक ग्रह है और तामसिक वस्तुओं से चिढ़ता है। सिंह राशि - जो समस्याएँ आपको परेशान कर रही हैं, उन्हें हल करने के लिए होशियारी, चतुरता और कूटनीति के दाव-पेंचों की ज़रूरत है। आपके पिता की कोई सलाह आज कार्यक्षेत्र में आपको धन लाभ करा सकती है. किसी धार्मिक स्थल या संबंधी के यहाँ जाने की संभावना है। आपका प्रिय आपको ख़ुश रखने के लिए कुछ ख़ास करेगा। नई परियोजनाओं और कामों को अमली जामा पहनाने के लिए बेहतरीन दिन है। रात के समय आज आप घर के लोगों से दूर होकर अपने घर की छत या किसी पार्क में टहलना पसंद करेंगे। जब आपका जीवनसाथी जब सारे मनमुटाव भुलाकर प्यार के साथ आपके पास फिर आएगा, तो जीवन और भी सुन्दर लगेगा। उपाय :- अच्छे स्वास्थ्य का आनंद लेने के लिए अपने घर का मध्य स्थान (ब्रह्म स्थान) साफ रखें। कन्या राशि - आपके पास अपनी सेहत और रूप-रंग को सुधारने के लिए पर्याप्त समय होगा। अगर आप लम्बे वक़्त के लिए निवेश करें, तो अच्छा-ख़ासा फ़ायदा हासिल कर सकते हैं। अपने जीवन-साथी की उपलब्धियों की सराहना करें और उसकी सफलता और ख़ुशक़िस्मती का जश्न मनाएँ। उदार बनें और ईमानदारी से तारीफ़ करें। आपकी मुस्कुराहट आपके प्रिय की नाराज़गी दूर करने के लिए सबसे उम्दा दवा है। आज कार्यक्षेत्र में आपके किसी पुराने काम की तारीफ हो सकती है। आपके काम को देखते हुए आज आपकी तरक्की भी संभव है। कारोबारी आज अनुभवी लोगों से करोबार को आगे बढ़ाने की सलाह ले सकते हैं। आज लोग आपकी वह प्रशंसा करेंगे, जिसे आप हमेशा से सुनना चाहते थे। यह दिन शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक रहेगा। उपाय :- पारिवारिक जीवन को अच्छा रखने के लिए बिस्तर पर क्रीम रंग की चादर का प्रयोग करें। तुला राशि - बेकार का तनाव और चिंताएँ ज़िंदगी का रस निचोड़कर आपको पूरी तरह चूस सकती हैं। भलाई इसी में है कि इन आदतों को छोड़ दें, नहीं तो इनसे केवल आपकी परेशानियों में बढ़ोतरी ही होगी। अगर आपको लगता है कि आपके पास पर्याप्त धन नहीं है तो आज घर के किसी बड़े से धन संचित करने की सलाह लें। कुछ लोगों के लिए- परिवार में किसी नए का आना जश्न और उल्लास के पल लेकर आएगा। आप अनुभव करेंगे कि आपके प्रिय का आपके प्रति प्यार वाक़ई बहुत गहरा है। सहकर्मियों और वरिष्ठों से मिला सहयोग आपके उत्साह में इज़ाफ़ा करेगा। वह काम जो आज आप दूसरों के लिए स्वेच्छा से करेंगे, न सिर्फ़ औरों के लिए मददगार साबित होगा बल्कि आपके दिल में ख़ुद की छवि भी सकारात्मक होगी। विवाह एक दैवीय आशीर्वाद है और आज आप इसका अनुभव कर सकते हैं। उपाय :- उबले हुए मूँग किसी गरीब व्यक्ति को खिलाने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। वृश्चिक राशि - अपनी शारीरिक सेहत सुधारने के लिए संतुलित आहर लें अगर आप लोन लेने वाले थे और काफी दिनों से इस काम में लगे थे तो आज के दिन आपको लोन मिल सकता है। बच्चों की उनसे जुड़े मामलों में मदद करना आवश्यक है। आज अचानक किसी से रोमांटिक मुलाक़ात हो सकती है। अगर आप कामकाज के लिए ज़रूरत से ज़्यादा दबाव बनाएंगे तो लोग भड़क सकते हैं – कोई भी फ़ैसला लेने से पहले दूसरों की ज़रूरतों को समझने की कोशिश करें। लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं आज आपको इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बल्कि आज आप खाली समय में किसी से मिलना जुलना भी पसंद नहीं करेंगे और एकांत में आनंदित रहेंगे। वैवाहिक जीवन में सूखे-सर्दीले दौर के बाद आपको धूप नसीब हो सकती है। उपाय :- हरे रंग की कांच की बोतल में पानी भरकर धूप में रखें व उस जल से स्नान करना स्वास्थ्य लाभ देगा। धनु राशि - अच्छी चीज़ों को ग्रहण करने के लिए आपका दिमाग़ खुला रहेगा। आप घूमने-फिरने और पैसे ख़र्च करने के मूड में होंगे- लेकिन अगर आपने ऐसा किया तो बाद में आपको पछताना पड़ सकता है। प्यार, मेलजोल और आपसी जुड़ाव में इज़ाफा होगा। प्यार का भरपूर लुत्फ़ मिल सकता है। प्रतिस्पर्धा के चलते काम-काज की अधिकता थकावट भरी हो सकती है। अगर आप किसी विवाद में उलझ जाएँ तो तल्ख़ टिप्पणी करने से बचिए। आप अपने जीवनसाथी के प्यार की मदद से ज़िन्दगी की मुश्किलों का आसानी से सामना कर सकते हैं। उपाय :- घर में सरकंडे या तीलियों की चिक खिड़की-दरवाजे पर लगाना आर्थिक स्थिति के लिए शुभ है। मकर राशि - शारीरिक बीमारी के सही होनी की काफ़ी संभावनाएँ हैं और इसके चलते आप शीघ्र ही खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं। व्यापारियों को आज व्यापार में घाटा हो सकता है और अपने व्यापार को बेहतर बनाने के लिए आपको पैसा खर्च करना पड़ सकता है। अगर बातचीत और चर्चा आपके मुताबिक़ न हो, तो आप नाराज़गी में कड़वी बातें कह सकते हैं जिन्हें लेकर बाद में आपको पछताना पड़ सकता है – इसलिए भली-भांति सोचकर ही बोलें। रोमांटिक मुलाक़ात आपकी ख़ुशी में तड़के का काम करेगी। व्यावसायिक साझीदार सहयोग करेंगे और आप साथ मिलकर टलते आ रहे कामों को पूरा कर सकते हैं। दिन की शुरुआत भले ही थोड़ी थकाऊ रहे लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा आपको अच्छे फल मिलने लगेंगे। दिन के अंत में आपको अपने लिए समय मिल पाएगा और आप किसी करीबी से मुलाकात करके इस समय का सदुपयोग कर सकते हैं। क्या आपको लगता है कि शादी महज़ समझौतों का नाम है? अगर हाँ, तो आप आज हक़ीक़त महसूस करेंगे और जानेंगे कि यह आपके जीवन की सबसे अच्छी घटना थी। उपाय :- पार्वती मंगल स्तोत्र का पाठ करने से फैमिली लाइफ अच्छी चलेगी। कुम्भ राशि - आप खाली समय का आनंद ले सकेंगे। आर्थिक तौर पर सुधार तय है। व्यक्तिगत मामलों को सुलझाते समय उदारता दिखाएँ, लेकिन अपनी ज़ुबान पर क़ाबू रखें ताकि उन्हें चोट न पहुँचे जो आपसे प्यार करते हैं और आपकी परवाह करते हैं। आपके जीवन में प्रेम की बहार आ सकती है; आपको ज़रूरत है तो बस अपने आँख-कान खुले रखने की। अहम लोगों से बातचीत करते वक़्त अपने आँख-कान खुले रखिए, हो सकता है आपके हाथ कोई क़ीमती बात या विचार लग जाए। परोपकार और सामाजिक कार्य आज आपको आकर्षित करेंगे। अगर आप ऐसे अच्छे कामों में थोड़ा समय लगाएँ, तो काफ़ी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। आज के दिन आपका वैवाहिक जीवन एक विशिष्ट दौर से गुज़रेगा। उपाय :- भैरव मंदिर में दूध चढाने से फैमिली लाइफ अच्छी चलेगी। मीन राशि - बाहर घूमना-फिरना, पार्टी और मौज-मस्ती आपको अच्छे मूड में रखेंगे। अगर आप छात्र हैं और विदेशों में जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं तो घर की आर्थिक तंगी आज आपके माथे पर शिकन ला सकती है। विदेश में रह रहे किसी संबंधी से मिला उपहार आपको ख़ुशी दे सकता है। आपके प्रिय/जीवनसाथी का फ़ोन आपका दिन बना देगा। अगर आप सीधा जवाब नहीं देंगे तो आपके सहयोगी आपसे नाराज़ हो सकते हैं। इस राशि के लोगों को आज अपने आप को समझने की जरुरत है। यदि आपको लगता है कि आप दुनिया की भीड़ में कहीं खो गये हैं तो अपने लिए वक्त निकालें और अपने व्यक्तित्व का आकलन करें। आपका जीवनसाथी आज आपके लिए कुछ बहुत ख़ास करने वाला है। उपाय :- नौकरी व बिज़नेस में तरक्की के लिए अपने इष्टदेव की चाँदी से निर्मित मूर्ति की पूजा करें। कृपया ध्यान दें यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए IDTV इन्द्रधनुष उत्तरदायी नहीं हैं
कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल में ओबीसी आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने नई अधिसूचना जारी कर 66 जातियों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण को 17 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। इस बदलाव के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस फैसले को राज्य की भाजपा सरकार और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari की ओर से बड़ा प्रशासनिक सुधार बताया जा रहा है। सरकार का कहना है कि नई नीति का उद्देश्य वास्तव में पिछड़े समुदायों को आरक्षण का लाभ पहुंचाना है। मुस्लिम समुदायों को ओबीसी सूची से बाहर किया गया नई नीति का सबसे अहम पहलू यह है कि फिलहाल मुस्लिम समुदायों को ओबीसी सूची से बाहर कर दिया गया है। पहले ओबीसी-ए और ओबीसी-बी श्रेणियों में कई मुस्लिम समुदाय शामिल थे और उन्हें आरक्षण का लाभ मिलता था। सरकार का कहना है कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। अधिकारियों के अनुसार यह फैसला अदालत की टिप्पणियों और कानूनी बाध्यताओं को ध्यान में रखकर लिया गया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद बढ़ी कार्रवाई इस मुद्दे पर पहले कोलकाता हाई कोर्ट ने कई मुस्लिम समुदायों को ओबीसी सूची में शामिल किए जाने को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया था। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। राज्य सरकार का कहना है कि पिछली सरकारों के दौरान आरक्षण व्यवस्था में कानूनी और सर्वेक्षण संबंधी गंभीर विसंगतियां थीं। भाजपा सरकार के अनुसार संशोधित नीति से उन हिंदू समुदायों को अधिक लाभ मिलेगा जो वास्तव में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हैं। सरकारी नौकरियों और शिक्षा में तुरंत लागू होगी व्यवस्था नई आरक्षण व्यवस्था को सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया में तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले का पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि राज्य में ओबीसी और अल्पसंख्यक वोट बैंक हमेशा से अहम भूमिका निभाते रहे हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर आज यानी 20 मई 2026 को देशभर में दवा दुकानों का शटर डाउन रहा। संगठन ने ऑनलाइन दवा बिक्री और कथित नियामक उल्लंघनों के विरोध में 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। AIOCD का दावा है कि देशभर के लगभग 12.5 लाख दवा विक्रेता इस बंद में शामिल हुए हैं। हालांकि मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। ऑनलाइन दवा बिक्री पर उठाए सवाल दवा विक्रेताओं का आरोप है कि ऑनलाइन दवा बिक्री मौजूदा कानूनों और नियमों का उल्लंघन कर रही है। संगठन का कहना है कि इससे पारंपरिक मेडिकल स्टोरों का कारोबार प्रभावित हो रहा है और नकली या खराब गुणवत्ता वाली दवाओं के बाजार में आने का खतरा बढ़ सकता है। AIOCD के अध्यक्ष जगन्नाथ शिंदे ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री से संबंधित जीएसआर 817 अधिसूचना कई कानूनी और व्यावहारिक समस्याएं पैदा करती है। उन्होंने सरकार से तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने और इस क्षेत्र के लिए स्पष्ट कानून बनाने की मांग की है। कोरोना काल के बाद बढ़ी ऑनलाइन कंपनियों की सक्रियता संगठन के अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने दवाओं की होम डिलीवरी के लिए विशेष अनुमति दी थी। महामारी खत्म होने के बाद भी यह व्यवस्था जारी रही, जिससे बड़ी ऑनलाइन कंपनियों की बाजार में सक्रियता बढ़ गई। दवा विक्रेताओं का कहना है कि भारी छूट और निवेश के दम पर कॉरपोरेट कंपनियां छोटे कारोबारियों के लिए चुनौती बन रही हैं। सरकार से ये हैं प्रमुख मांगें AIOCD ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर स्पष्ट नीति लागू करने, अवैध बिक्री पर रोक लगाने और खुदरा दवा विक्रेताओं को प्रतिस्पर्धा में राहत देने की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवा के समान दूसरे ब्रांड की दवा देने का अधिकार मेडिकल स्टोर संचालकों को मिलना चाहिए। कई बार ज्ञापन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर संगठन ने देशव्यापी बंद का फैसला लिया।