1814 – नेपोलियन बोनापोर्ट को हराने के बाद ब्रिटेन की सेना ने पेरिस की ओर कूच किया।
1822 – फ्लोरिडा अमेरिकी गणराज्य में शामिल हुआ।
1842 – बेहोशी की दवा के रूप में ईथर का पहली बार इस्तेमाल हुआ।
1856 – रूस ने पेरिस शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर क्रीमिया युद्ध के समाप्ति की घोषणा की।
1858 – हैमेन एल. लिपमेन ने इरेजर के साथ जुड़ी पेंसिल का पहला पेटेंट रजिस्टर किया।
1867 – अमेरिका ने 72 लाख डॉलर में अलास्का को रूस से खरीदा।
1919 – बेल्जियम की सेना ने जर्मनी के डुसेलडॉफ शहर पर कब्जा किया।
1919 – महात्मा गाँधी ने रॉलेक्ट एक्ट के विरोध की घोषणा की।
1945 – सोवियत संघ ने आस्ट्रिया पर आक्रमण किया।
1949 – राजस्थान राज्य का गठन हुआ और जयपुर को उसकी राजधानी बनाया गया।
1950 – मर्रे हिल ने फोटो ट्रांजिस्टर का अविष्कार किया।
1963 – फ्रांस ने अल्जीरिया के इकर क्षेत्र में भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।
1981 – अमेरिका के राष्ट्रपति रीगन वॉशिंगटन के एक होटल के पास से गुजर रहे थे, उसी दौरान ताबड़तोड़ छह गोलियां चल गईं। जिसकी आखिरी गोली रीगन की छाती में लगी।
1982 – नासा के अंतरिक्ष यान कोलंबिया ने एसटीएस-3 मिशन पूरा कर पृथ्वी पर वापसी की।
1992 – प्रसिद्ध फिल्मकार सत्यजीत रे को मानद ऑस्कर अवार्ड से सम्मानित किया गया।
1998 – चीन के उत्तरी हिस्से शिनदोंग में भेंड़ की हड्डी पर उत्कीर्ण 3000 साल पुरानी कुछ शब्दावलियां प्राप्त हुईं।
2003 - पाकिस्तान के कहुटा परमाणु संयंत्र पर 2 वर्षों के लिए प्रतिबंध लगा।
2004 - ताइवान के राष्ट्रपति शेन शुवी बियान राष्ट्रपति पद के लिए भारत के साथ शांति प्रक्रिया से हटने की धमकी दी।
2006 - ईरान पर बर्लिन में बैठक का आयोजन।
2006 – ब्रिटेन में आतंकवाद निरोधक कानून प्रभाव में आया।
2008 - रिलायंस एनर्जी लिमिटेड को 400 किलोवाट उच्च वोल्टेज विद्युत ट्रांसमिशन के लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये के ठेके मिले।
2008 - इस्रायल में चेतावनी के साथ अरब लीग सम्मेलन सम्पन्न।
2010 - 15 साल पहले पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को मानव बम से उड़ाने के मामले में सह आरोपी आतंकी परमजीत सिंह भ्योरा को बुड़ैल जेल में विशेष कोर्ट में स्पेशल जज रवि कुमार सोंधी ने आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई।
2012 – मंदी में फंसे स्पेन के बजट में 27 अरब यूरो की कटौती की गई।
2019 - बारामूला में आतंकियों ने एक नागरिक को गोली मारी , सीआरपीएफ चौकी पर हमला किया तथा नियंत्रण रेखा से सटे कृष्णा घाटी और मनकोट सेक्टर में गोलाबारी की।
2019 - अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का समर शेड्यूल जारी हुआ , 8 नई फ्लाइट्स हुई शामिल।
2020 - भारतीय रिज़र्व बैंक 10 सरकारी बैंकों का समेकन 4 बड़े बैंकों में करेगा की घोषणा हुई , यह 1 अप्रैल, 2020 से लागू होगा।
2020 - अमेरिका ने ईरान पर लगाए गए चार परमाणु प्रतिबंधों को रीन्यू किया। ईरान पर परमाणु कार्यक्रम के निर्माण को रोकने के लिए यह प्रतिबंध लगाए गए थे।
2021 - डॉक्टर एस जयशंकर ताजिकिस्तान के दुशाम्बे में नौवें हार्ट ऑफ एशिया- इस्तांबुल प्रोसेस मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में हिस्सा लिया।
2021 - अफ़ग़ान शांति वार्ता: भारत, पाकिस्तान, ईरान की मौजूदगी में बातचीत शुरू हुई।
2021 - फ्रांसीसी नौसैनिक जहाज टोनरे (उभयचर युद्धपोत) और सरकोफ (फ्रिगेट क्लास शिप) दो दिन की सद्भावना यात्रा पर कोचीन पोर्ट ट्रस्ट पहुंचे।
2022 - भारतीय और फ्रांसीसी नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय नौसेना अभ्यास का 20वां संस्करण- 'वरुण' अरब सागर में शुरु हुआ।
2022 - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीलंका की मेजबानी में पांचवें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
2022 - भारत ने ओडिशा के बालासोर तट से मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइल सिस्टम के दो सफल परीक्षण किए।
2023 - इंदौर में मंदिर की छत धंसने से लगभग 30 की मौत हुई।
2023 - दूसरी जी-20 शेरपा बैठक केरल के कुमारकोम में शुरू हुई।
2023 - पहली G20 आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य समूह (DRR WG) की बैठक गांधीनगर में शुरू हुई।
2023 - प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 'प्रथम मर्चेंट नेवी ध्वज' धारण करने के साथ ही सप्ताह भर के राष्ट्रीय समुद्री समारोह का शुभारंभ हुआ।
1812 - हरिचाँद ठाकुर मतुआ महासंघ के संस्थापक थे (मतभेद)।
1853 - विन्सेंट वैन गो - नीदरलैण्ड के प्रसिद्ध चित्रकारों में से एक थे।
1899 - सीरिल रैडक्लिफ़ - एक ब्रिटिश वकील थे जिन्होंने भारत-पाकिस्तान विभाजन की रेखा तैयार की थी।
1908 – फिल्म अभिनेत्री देविका रानी का विशाखापत्तनम में जन्म।
1997 - यशस्विनी सिंह देसवाल - ओलंपिक एथलीट (एक भारतीय शूटर)।
1664 - गुरु हर किशन सिंह - सिक्खों के आठवें गुरु।
1930 - श्यामजी कृष्ण वर्मा क्रान्तिकारी , अध्यवसायी एवं कई क्रान्तिकारियों के प्रेरणास्रोत थे।
2002 - आनंद बख्शी, भारतीय गीतकार।
2005 – मशहूर कार्टूनिस्ट और लेखक ओ वी विजयन का निधन।
2006 – हिन्दी गद्यकार, उपन्यासकार, व्यंग्यकार व पत्रकार मनोहर श्याम जोशी का निधन।
2018 - राज कुमार डोरेन्द्र सिंह - मणिपुर के भूतपूर्व पाँचवें मुख्यमंत्री थे।
2020 - अमेरिकी फुटबॉल कोच फ्रैंक मैलोनी (79) का मस्तिष्क कैंसर से निधन हुआ।
मेला नवचण्डी प्रारम्भ (मेरठ )।
मेला गुरु रामराय (देहरादून )।
श्री जयन्ती (श्री पंचमी)।
श्री चन्द्रप्रभु जी गर्भकल्याणक (जैन , चैत्र बदी पंचमी )।
कनीफनाथ यात्रा - मढ़ी (ए.नगर)।
सैलानीबाबा पालखी-पिंपलगांव सराय (बुलढाणा)।
गुरू श्री हर किशन सिंह पुण्य दिवस (तारीखानुसार)।
श्री राज कुमार डोरेन्द्र सिंह स्मृति दिवस।
श्री श्यामजी कृष्ण वर्मा स्मृति दिवस।
राजस्थान स्थापना दिवस।
पवित्र शनिवार (easter saturday , क्रिश्चियन)।
अंतर्राष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 6.9% से घटाकर 6.8% कर दिया है। यह कटौती ऐसे समय में की गई है, जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और खासकर होर्मुज स्ट्रेट में आई बाधा से आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी है। क्या कहा RBI गवर्नर ने? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार: भारत मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल्स के साथ नए वित्त वर्ष में प्रवेश कर रहा है लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष से ग्रोथ पर असर पड़ सकता है होर्मुज स्ट्रेट में बाधा से तेल सप्लाई और कीमतों पर दबाव बढ़ा है उन्होंने माना कि इन परिस्थितियों का असर भारत की आर्थिक रफ्तार पर पड़ना तय है। FY27 के लिए नया GDP अनुमान RBI ने अलग-अलग तिमाहियों के लिए ग्रोथ अनुमान में बदलाव किया है: Q1: 6.9% ➝ 6.8% Q2: 7.0% ➝ 6.7% Q3: 7.0% (स्थिर) Q4: 7.2% पूरे FY27 के लिए ग्रोथ अनुमान करीब 6.9% रखा गया है। क्यों बढ़ा जोखिम? 1. तेल-गैस की कीमतों में उछाल होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल सप्लाई का अहम रास्ता है। यहां बाधा आने से: क्रूड ऑयल महंगा हो सकता है भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव बढ़ता है 2. महंगाई का खतरा फिलहाल कोर महंगाई कंट्रोल में है लेकिन खाद्य कीमतों और मौसम का असर बढ़ सकता है 3. ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता ईरान-अमेरिका तनाव से वित्तीय बाजार प्रभावित निवेशक सुरक्षित विकल्प (Safe Haven) की ओर बढ़े डॉलर मजबूत, अन्य मुद्राओं पर दबाव फिर भी भारत की स्थिति क्यों बेहतर? RBI के मुताबिक: भारत की अर्थव्यवस्था पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक गतिविधियों में अच्छा मोमेंटम वैश्विक झटकों को झेलने की क्षमता बेहतर
देश में हवाई यात्रा को आम नागरिक तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। UDAN Scheme के संशोधित संस्करण ‘Modified UDAN’ को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों के लोगों के लिए सस्ती हवाई यात्रा का सपना और करीब आ गया है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि देश का कोई भी क्षेत्र हवाई कनेक्टिविटी से वंचित न रहे। इसी दिशा में योजना के तहत देशभर में 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे, जबकि पहाड़ी राज्यों, उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों और द्वीपीय इलाकों में 200 हेलीपोर्ट्स बनाने की तैयारी है। इससे दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। मिडिल क्लास को मिलेगा सीधा फायदा इस योजना का सबसे बड़ा लाभ टियर-2 और टियर-3 शहरों के मध्यम वर्गीय लोगों को मिलने वाला है। सरकार बड़े विमानों में अधिक सीटों के साथ कम किराए की व्यवस्था करेगी, जिससे कम बजट में भी लोग हवाई यात्रा कर सकेंगे। लंबे समय से ‘हवाई चप्पल वाले’ तक हवाई सफर पहुंचाने की जो बात कही जा रही थी, अब वह जमीन पर उतरती दिख रही है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा Modified UDAN योजना के तहत ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग’ (VGF) की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है, ताकि नई हवाई सेवाएं आर्थिक रूप से टिकाऊ बन सकें। साथ ही एयरपोर्ट के संचालन और रखरखाव के लिए 3 साल तक वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। नई एयरपोर्ट परियोजनाओं, वॉटर एयरोड्रोम और हेलीपोर्ट्स के निर्माण से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय व्यापार को भी मजबूती मिलेगी। यह योजना भारत के एविएशन सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अहम कदम मानी जा रही है। राज्यों की भागीदारी से होगा तेज विकास योजना को ‘चैलेंज मोड’ में लागू किया जाएगा, जिसमें राज्य अपनी तैयारियों के आधार पर इसमें भाग लेंगे। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा। करीब ₹28,840 करोड़ के बजट वाली यह योजना अगले 10 वर्षों तक लागू रहेगी और देश के क्षेत्रीय हवाई नेटवर्क को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है।
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर एक गंभीर सुरक्षा चूक सामने आई, जब पार्किंग क्षेत्र में खड़े इंडिगो के विमान से एक कार टकरा गई। यह घटना उस समय हुई जब विमान गुवाहाटी के लिए उड़ान संख्या 6E 6663 के तहत तैयार किया जा रहा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पार्किंग बे में खड़ी एक कार अचानक अनियंत्रित होकर आगे बढ़ी और सीधे विमान के इंजन से जा टकराई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन इसे एक बड़ी सुरक्षा चूक माना जा रहा है। घटना के तुरंत बाद संबंधित विमान को एहतियातन ग्राउंडेड कर दिया गया और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई। एयरलाइन ने यात्रियों की असुविधा को देखते हुए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की, ताकि उड़ान संचालन प्रभावित न हो। इंडिगो ने अपने बयान में कहा है कि विमान को दोबारा सेवा में शामिल करने से पहले उसकी गहन तकनीकी जांच और आवश्यक रखरखाव किया जाएगा, साथ ही इस पूरे मामले में एयरपोर्ट अधिकारियों के साथ मिलकर जांच की जा रही है। इस घटना ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और वाहन नियंत्रण प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके चलते आने वाले दिनों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त किए जाने की संभावना जताई जा रही ।