दिनांक - 07 अप्रैल 2026
दिन - मंगलवार
विक्रम संवत 2083
शक संवत -1948
अयन - उत्तरायण
ऋतु - वसंत ॠतु
मास - वैशाख
पक्ष - कृष्ण
तिथि - पंचमी शाम 04:34 तक तत्पश्चात षष्ठी
नक्षत्र - ज्येष्ठा 08 अप्रैल प्रातः 05:54 तक तत्पश्चात मूल
योग - व्यतीपात शाम 04:17 तक तत्पश्चात वरीयान
राहुकाल - शाम 03:48 से शाम 05:22 तक*
सूर्योदय - 05:42
सूर्यास्त - 06:14
दिशाशूल - उत्तर दिशा मे
व्रत पर्व विवरण-
विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। उग्रवादियों ने एक घर पर बम फेंक दिया, जिसमें 5 साल के बच्चे और 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई। क्या हुआ था? घटना के समय मां और दोनों बच्चे बेडरूम में सो रहे थे अचानक घर में बम फेंका गया विस्फोट में दोनों मासूमों की मौके पर ही मौत मां घायल, अस्पताल में भर्ती घटना के बाद भड़का गुस्सा हमले के विरोध में स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया- पेट्रोल पंप के पास 2 ऑयल टैंकर और एक ट्रक में आग लगाई मोइरांग पुलिस स्टेशन के बाहर टायर जलाए एक पुलिस चौकी को तोड़ दिया हालात को काबू में करने के लिए इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री का बयान मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह (वाई खेमचंद सिंह) ने अस्पताल जाकर घायल महिला से मुलाकात की और कहा- यह बर्बर और अमानवीय हमला है दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी यह घटना राज्य में बनी शांति को बिगाड़ने की साजिश है संवेदनशील इलाका मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाका चुराचांदपुर के पहाड़ी क्षेत्रों के पास स्थित है 2023–24 में यहां मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच हिंसा हो चुकी है
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से दो भारतीय LPG जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं और जल्द ही भारत पहुंचने वाले हैं। कब पहुंचेंगे जहाज? केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार- Green Sangvi: 7 अप्रैल को भारत पहुंचेगा Green Asha: 9 अप्रैल को भारत पहुंचेगा हालांकि, मौजूदा हालातों को देखते हुए समय में हल्का बदलाव संभव है। कितनी गैस ला रहे हैं जहाज? Green Sangvi: लगभग 46,000 मीट्रिक टन LPG Green Asha: करीब 15,000 मीट्रिक टन LPG ये दोनों जहाज 60,000 मीट्रिक टन से ज्यादा रसोई गैस लेकर भारत लौट रहे हैं। इन जहाजों पर क्रमशः 25 और 26 भारतीय नाविक सवार हैं। खाड़ी में कितने भारतीय जहाज और नाविक? मंत्रालय के मुताबिक- खाड़ी क्षेत्र में 16 भारतीय जहाज मौजूद हैं इन पर कुल 433 भारतीय नाविक तैनात हैं इनमें LNG, LPG, क्रूड ऑयल टैंकर, कंटेनर शिप, केमिकल टैंकर और बल्क कार्गो जहाज शामिल हैं। 1600 नाविकों का सुरक्षित रेस्क्यू सरकार की निगरानी में अब तक- 1,599 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है पिछले 24 घंटों में 180 नाविकों की वापसी हुई भारत के बंदरगाहों पर स्थिति सामान्य मंत्रालय ने बताया कि देश के सभी प्रमुख बंदरगाह- गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी-में कामकाज सामान्य रूप से जारी है और कहीं भी भीड़ या बाधा की स्थिति नहीं है। क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य? होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का वैश्विक व्यापार होता है। ऐसे में इस रास्ते से भारतीय जहाजों का सुरक्षित निकलना देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
1509 – फ्रांस ने वेनिस के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 1712 - न्यूयॉर्क में दास विद्रोह में छह गोरे लोग मारे गए और 21 अफ्रीकी अमेरिकी घायल हुए। 1721 – रुस के नरेश पीटर वरिष्ठ ने स्वेडन पर आक्रमण आरंभ किया। 1795 – फ्रांस ने मीटर को लंबाई मापने के लिए मुख्य पैमाने के रूप में स्वीकार किया। 1818 - ब्रूक्स ब्रदर्स, संयुक्त राज्य अमेरिका में सबसे पुराने कपड़ो के व्यापारियों ने न्यूयॉर्क शहर में कैथरीन और चेरी स्ट्रीट्स के पूर्वोत्तर कोने पर अपना पहला स्टोर खोला। 1819 - लिवोनिया राज्यपाल ने अपने किसानों को रूसी साम्राज्य के गुलामों से बचाया। 1827 – ब्रिटिश रसायनशास्त्री जॉन वाकर ने माचिस की बिक्री शुरु की। 1843 - ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारतीय गुलामता अधिनियम 1843 से दासता के लिए कानूनी समर्थन को हटाया गया। 1856 - नेल्सन कॉलेज की स्थापना न्यूज़ीलैंड में की गयी। 1919 – बाबेरियन सोवियत गणराज्य की स्थापना हुई। 1921 – क्रांतिकारी नेता सन यात सेन चीनी गणतंत्र के प्रथम राष्ट्रपति बने। 1937 – अल्बानिया पर नियंत्रण के उद्देश्य से इटली ने आक्रमण आरंभ किया। 1939 – इटली ने दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान अल्बानिया पर कब्जा किया। 1940 – बुकर टी वाशिंगटन अमेरिकी डाकटिकट पर छपने वाले पहले अश्वेत अमेरिकी बने। 1946 – सीरिया को फ्रांस से आजादी मिली। 1948 – संयुक्त राष्ट्र ने विश्व स्वास्थ्य संगठन का गठन किया। इसीलिए हर वर्ष 7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। 1969 – अमेरिकी सेना की एक परियोजना के रूप में इंटरनेट का जन्म हुआ। 1978 – अमेरिका के राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने विवादास्पद न्यूट्रॉन बम के विकास और उत्पादन का काम पर रोक लगा दी। 1994 - रवांडा के राष्ट्रपति जुवेनल हेव्यारिमाना एवं बुरुंडी के राष्ट्रपति सिप्रियन न्तायमिटा का किगाली हवाई अड्डे पर राकेट हमले में निधन। 1998 - विश्व स्वास्थ्य दिवस को महिला चिकित्सा दिवस के रूप में मनाने का विश्व स्वास्थ्य संगठन की घोषणा। 2000 – भारत में दिल्ली पुलिस ने करोड़ों रुपए के क्रिकेट मैच फिक्सिंग और सट्टेबाज़ी के रैकेट का पर्दाफाश किया। 2000 - ब्राजील से विश्व के सबसे छोटे अख़बार 'योर आनर' का प्रकाशन प्रारम्भ। 2001 - चीन ने संयुक्त राज्य अमेरिका से खेद के बजाय माफी मांगने के लिए, संयुक्त राज्य अमेरिका व भारत के मध्य रक्षा सहयोग समझौता । 2001 - मंगल ग्रह के लिए नासा का ओडिसी यान रवाना। 2003 – अमेरिकी सेना ने इराक की राजधानी बगदाद को अपने नियंत्रण में लिया। 2004 - एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा जारी रिपोर्ट में मौत की सज़ा देने में चीन, ईरान व अमेरिका को सबसे आगे बताया गया है। 2004 - क्वालालंमपुर में म्यांमार दूतावास के शरणार्थियों को आग के हवाले किया। 2006 - बगदाद में बम विस्फोट में 79 लोग मारे गये। 2008 - असम में प्रतिअबंधित उग्रवादी संगठन 'उल्फा' ने अपना 30वाँ स्थापना दिवस मनाया। 2008 - दो दिवसीय भारत-अफ्रीका पहली शिखर बैठक नई दिल्ली में प्ररम्भ। 2008 - पेरिस में रिले दौड़ के दौरान भारी हंगामे व विरोध प्रदर्शन के बीच ओलम्पिक खेलों की मशाल पांच बार बुझानी पड़ी। 2010 - पटना की विशेष अदालत के न्यायाधीश विजय प्रकाश मिश्र ने बिहार में तेरह साल पहले 1 दिसंबर 1997 को प्रतिबंधित संगठन रणवीर सेना द्वारा अरवल ज़िले के लक्ष्मणपुर और बाथे गांवों में 58 दलितों के किये गये नरसंहार के मामले में 16 दोषियों को फाँसी और 10 को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई। आजीवन कारावास की सज़ा पाने वाले सभी दोषियों को 50-50 हज़ार रुपए का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया गया। 2012 – सियाचिन में भूस्खलन से 130 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई। 2012 - जॉयस बांदा मलावी के राष्ट्रपति बने। 2019 - भारत ने लीबिया से शांति सेना से अपने जवानों को वापस बुलाया। 2019 - पाकिस्तान ने 100 भारतीय मछुआरे रिहा किए, कहा- सद्भाव बढ़ाने के लिए उठाया कदम। 2019 - सीरिया में हुई बमबारी में 13 लोगों की मौत। 2020 - विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जापान ने COVID-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए आपातकाल की घोषणा की। 2020 - कोरोना एवं भविष्य की चुनौतियों से लड़ने के लिए मानव ससांधन मंत्रालय ने "समाधान" चैलेंज की शुरुआत की। 2021 - अमरीकी राष्ट्रपति के जलवायु मामलों के दूत जॉन कैरी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात की। 2021 - ब्रिटेन ने वेल्स में मॉडेरना की कोविड वैकसीन लगानी शुरू की। 2021 - पूर्वी इंडोनेशिया में भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 140 हुई , जबकि दर्जनों लोग अब भी लापता हुए। 7 अप्रैल को जन्मे व्यक्ति 1836 - थॉमस हिल ग्रीन, अंग्रेज़ विज्ञानवादी दार्शनिक, ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में ह्वाइट प्रोफेसर थे। 1919 - कश्मीरी लाल ज़ाकिर- पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात उर्दू कवि। 1920 – प्रसिद्ध सितारवादक पंडित रविशंकर का बनारस में जन्म हुआ। 1922 – क्यूबाई संगीतकार (वाटरमेलन मैन) माँगो सैंटामारिया का जन्म हुआ। 1942 - जितेंद्र - भारतीय फ़िल्म अभिनेता। 1954 – हांगकांग एक्टर व मार्शल आर्टिस्ट जैकी चैन का जन्म हुआ। 7 अप्रैल को हुए निधन 1614 – प्रसिद्ध यूनानी चित्रकार अलग्रेको का निधन हुआ। 1935 - डॉ शंकर अबाजी भिसे -भारत के एक वैज्ञानिक एवं अग्रणि आविष्कारक थे जिन्होने 200 के लगभग आविष्कार किये। 1947 – अमरीका के एक विद्वान एवं अविष्कारक हेनरी फ़ोर्ड का 84 वर्ष की आयु में निधन हुआ। 2002 - भवनम वेंकटरामि रेड्डी फरवरी 1982 और सितंबर 1982 के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। 2011 - जानकी वल्लभ शास्त्री - प्रसिद्ध कवि। 2014 - वी. के. मूर्ति, हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध सिनेमेटोग्राफ़र। 2015 – अमेरिकी अभिनेता जियोफरे लेविस का निधन हुआ। 2020 - लोकप्रिय मलयालम नाटक कलाकार कलिंग सासी का निधन। 7 अप्रैल के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव श्री यमुना छठ / जयन्ती ( चैत्र शुक्ल षष्ठी )। श्री रामानुजाचार्य जयन्ती (तमिल कलेन्डर के अनुसार 06 मई को )। भगवान सम्भवनाथ जी मोक्ष कल्याणक ( चैत्र शुक्ल षष्ठी )। श्री भवनम वेंकटरामि रेड्डीस्मृति दिवस । कवि कश्मीरी लाल जाकिर जयन्ती। अभिनेता जितेन्द्र जन्म दिवस । विश्व स्वास्थ्य दिवस। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इन्द्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है ।