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AI, 5G To Redefine Cars

AI और 5G से बदल जाएगी ऑटो इंडस्ट्री, अब कार नहीं ‘स्मार्ट कंप्यूटर’ खरीदेंगे लोग

surbhi मई 21, 2026 0
Futuristic smart car with AI dashboard and 5G connectivity showcasing the future of connected automobile technology.
AI And 5G Future Of Smart Cars

दुनिया की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री एक बड़े तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रही है। अब कारें सिर्फ इंजन, गियरबॉक्स और मेटल बॉडी तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि तेजी से “कंप्यूटर ऑन व्हील्स” में बदलती जा रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 5G, क्लाउड कंप्यूटिंग, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर अब भविष्य की गाड़ियों की पहचान बनने वाले हैं। यही वजह है कि टेक कंपनियां और ऑटो कंपनियां मिलकर ऐसे व्हीकल तैयार कर रही हैं, जो खुद अपडेट होंगे, ड्राइवर की आदतों को समझेंगे और आने वाले समय में बिना ड्राइवर के भी चल सकेंगे।

बदल रही है ऑटो इंडस्ट्री की पूरी परिभाषा

पहले कार कंपनियों की पहचान उनके इंजन, डिजाइन और माइलेज से होती थी, लेकिन अब मुकाबला डिजिटल एक्सपीरियंस, सॉफ्टवेयर और कनेक्टिविटी पर आ गया है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, कनेक्टेड कार, ऑटोनॉमस ड्राइविंग और शेयर मोबिलिटी जैसे ट्रेंड्स पूरी इंडस्ट्री को नई दिशा दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स इसे CASE ट्रांसफॉर्मेशन कहते हैं, यानी Connected, Autonomous, Shared और Electric मॉडल।

आज कई ऑटो कंपनियां बड़ी टेक कंपनियों के साथ साझेदारी कर रही हैं। Google, Microsoft, NVIDIA, Qualcomm और Ericsson जैसी कंपनियां अब कारों के डिजिटल भविष्य को तैयार करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

भारत में भी MG Motor की MG Hector जैसी गाड़ियों में इंटरनेट बेस्ड फीचर्स, AI सपोर्ट और क्लाउड कनेक्टिविटी पहले ही देखने को मिल चुकी है। वहीं Tata Motors अपने कनेक्टेड व्हीकल्स में AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ा रही है।

5G और AI बदल देंगे ड्राइविंग का अनुभव

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में 5G तकनीक ड्राइविंग एक्सपीरियंस को पूरी तरह बदल सकती है। हाई-स्पीड इंटरनेट की मदद से गाड़ियां रियल टाइम डेटा शेयर करेंगी, लाइव ट्रैफिक अपडेट लेंगी और कई फैसले खुद ले पाएंगी।

ऑटोनॉमस यानी सेल्फ-ड्राइविंग कारों में भी 5G की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। Volvo और Ericsson ने 5G सपोर्टेड सिस्टम पर टेस्टिंग भी की है, जहां गाड़ियों को लगातार लाइव मैप डेटा मिलता रहा। इससे भविष्य में सेल्फ-ड्राइविंग कारों की सुरक्षा और सटीकता बेहतर हो सकती है।

अब कार कंपनियों को टेक कंपनी की तरह सोचना होगा

ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में कार की असली वैल्यू सिर्फ उसके हार्डवेयर से तय नहीं होगी, बल्कि उसमें मिलने वाले सॉफ्टवेयर, AI फीचर्स और डिजिटल सर्विसेज ज्यादा अहम होंगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक भविष्य में कारों में हार्डवेयर का हिस्सा घटकर करीब 40 प्रतिशत तक रह सकता है, जबकि सॉफ्टवेयर और कंटेंट की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ेगी। यानी ग्राहक अब सिर्फ इंजन और माइलेज नहीं, बल्कि OTA अपडेट, ऐप कंट्रोल, AI बेस्ड सिस्टम और स्मार्ट फीचर्स भी देखेंगे।

Tesla, Xiaomi और Apple क्यों बदल रहे हैं भविष्य?

Tesla ने दुनिया को दिखाया कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल का कॉम्बिनेशन कितना बड़ा बदलाव ला सकता है। अब Xiaomi, Sony और Apple जैसी कंपनियां भी EV और स्मार्ट मोबिलिटी सेक्टर में तेजी से दिलचस्पी दिखा रही हैं।

भारत में Ather Energy और Ola Electric जैसे स्टार्टअप्स टेक बेस्ड मोबिलिटी मॉडल पर फोकस कर रहे हैं।

हालांकि एक्सपर्ट्स यह भी मानते हैं कि बड़े स्तर पर भरोसेमंद कार मैन्युफैक्चरिंग अब भी आसान काम नहीं है। टेक कंपनियों के पास सॉफ्टवेयर और AI की ताकत जरूर है, लेकिन बड़े पैमाने पर सुरक्षित और भरोसेमंद वाहन बनाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

भविष्य में कार नहीं, मोबिलिटी सर्विस खरीदेंगे लोग

ऑटो इंडस्ट्री तेजी से “Car as a Service” मॉडल की तरफ बढ़ रही है। यानी भविष्य में लोग गाड़ी खरीदने के बजाय जरूरत के हिसाब से उसका इस्तेमाल करना ज्यादा पसंद कर सकते हैं। कारें स्मार्ट डिवाइस की तरह काम करेंगी, जहां एंटरटेनमेंट, सब्सक्रिप्शन सर्विस, ऐप बेस्ड फीचर्स और डेटा सर्विस नई कमाई का जरिया बनेंगी।

हालांकि इसके साथ साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्राइवेसी की चुनौतियां भी बढ़ेंगी। क्योंकि जितनी ज्यादा कारें इंटरनेट से जुड़ेंगी, उतना ही डेटा चोरी और नेटवर्क सिक्योरिटी का खतरा भी बढ़ सकता है।

भारत में क्यों अहम है यह बदलाव?

भारत दुनिया के सबसे बड़े ऑटो मार्केट्स में शामिल है और यहां टेक्नोलॉजी तेजी से अपनाई जा रही है। कनेक्टेड कार, ADAS, ऐप कंट्रोल और EV फीचर्स अब धीरे-धीरे आम ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं।

आने वाले दशक में भारतीय सड़कों पर ऐसी गाड़ियां दिखाई दे सकती हैं, जो लगातार इंटरनेट से जुड़ी रहेंगी, खुद अपडेट होंगी और ड्राइविंग एक्सपीरियंस को पूरी तरह बदल देंगी।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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Honda Cars India आज भारतीय बाजार में अपनी नई प्रीमियम SUV Honda ZR-V e:HEV को लॉन्च करने जा रही है। कंपनी इस SUV को CBU (Completely Built-Up Unit) मॉडल के रूप में भारत में उतारेगी, जिससे यह सीधे प्रीमियम और लग्जरी SUV सेगमेंट को टक्कर देगी। Honda लंबे समय बाद भारत के प्रीमियम SUV मार्केट में मजबूत वापसी की तैयारी कर रही है। नई ZR-V e:HEV को कंपनी अपनी मौजूदा Honda Elevate से ऊपर पोजिशन करेगी। डिजाइन, फीचर्स और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के दम पर यह SUV प्रीमियम ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश करेगी। स्पोर्टी डिजाइन और दमदार रोड प्रेजेंस Honda ZR-V e:HEV का डिजाइन काफी स्पोर्टी और मॉडर्न रखा गया है। SUV के फ्रंट में स्लिम LED हेडलाइट्स और L-शेप DRLs दिए गए हैं, जो इसे प्रीमियम लुक देते हैं। टीजर इमेज में दिखाई देने वाला इल्यूमिनेटेड Honda लोगो और क्रोम टच वाली फ्रंट ग्रिल इसकी रोड प्रेजेंस को और आकर्षक बनाते हैं। इसके अलावा SUV में मस्कुलर बंपर, हनीकॉम्ब पैटर्न एयर इनटेक, स्लोपिंग रूफलाइन और फ्लश रूफ रेल्स दिए गए हैं। कंपनी इसमें बड़ा पैनोरमिक सनरूफ भी दे सकती है, जो इसे और ज्यादा प्रीमियम फील देता है। फीचर्स से भरपूर प्रीमियम केबिन ZR-V e:HEV का इंटीरियर भी काफी प्रीमियम और टेक-लोडेड होने की उम्मीद है। इसमें ड्यूल-टोन थीम और लेयर्ड डैशबोर्ड डिजाइन दिया जा सकता है। संभावित फीचर्स में शामिल हैं: बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम 10.2-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर वायरलेस चार्जिंग ड्यूल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल पावर्ड फ्रंट सीट्स मेमोरी फंक्शन एम्बिएंट लाइटिंग पावर्ड टेलगेट 12-स्पीकर Bose साउंड सिस्टम Honda ने SUV में कई जरूरी फिजिकल बटन और कंट्रोल्स भी बनाए रखे हैं, जिससे ड्राइविंग के दौरान फीचर्स इस्तेमाल करना आसान रहेगा। सेफ्टी और ADAS टेक्नोलॉजी सेफ्टी के मामले में भी Honda ZR-V e:HEV काफी एडवांस मानी जा रही है। संभावित सेफ्टी फीचर्स: 6 एयरबैग्स Level-2 ADAS ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट्स रियर-व्यू कैमरा मल्टीपल ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम्स यह SUV फैमिली यूज और लॉन्ग ड्राइव दोनों के लिए सुरक्षित विकल्प बन सकती है। मिलेगा दमदार स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड इंजन Honda ZR-V में 2.0-लीटर फोर-सिलेंडर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पेट्रोल इंजन दिया जाएगा। इसे e-CVT ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जोड़ा जाएगा। Honda ZR-V e:HEV लगभग 184hp की पावर और 315Nm का टॉर्क जेनरेट कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्लोबल मॉडल 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार लगभग 8 सेकंड में पकड़ लेती है, जिससे इसका परफॉर्मेंस काफी दमदार माना जा रहा है। किन SUV से होगा मुकाबला? भारतीय बाजार में यह SUV कई प्रीमियम मॉडल्स को टक्कर दे सकती है, जिनमें: Hyundai Tucson Jeep Compass Volkswagen Tiguan Toyota Hyryder शामिल माने जा रहे हैं।  

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भारत में डेली कम्यूट के लिए बेस्ट EVs, कम खर्च और आसान पार्किंग के साथ मिलेंगे बड़े फायदे

भारत के बड़े शहरों में बढ़ता ट्रैफिक, महंगे पेट्रोल-डीजल और पार्किंग की परेशानी अब लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ तेजी से आकर्षित कर रही है। रोजाना ऑफिस, कॉलेज या लोकल ट्रैवल के लिए अब इलेक्ट्रिक कार, स्कूटर और ई-साइकिल किफायती और सुविधाजनक विकल्प बनते जा रहे हैं। अगर आप भी डेली कम्यूट के लिए नया EV खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो ये मॉडल्स आपके लिए अच्छे विकल्प साबित हो सकते हैं। शहरों के ट्रैफिक के लिए बेस्ट इलेक्ट्रिक कारें MG Comet EV कॉम्पैक्ट डिजाइन, आसान पार्किंग और कम रनिंग कॉस्ट की वजह से यह शहरों के लिए बेहद लोकप्रिय बन रही है। छोटे परिवार और सिटी ड्राइव के लिए इसे अच्छा विकल्प माना जाता है। Tata Tiago EV बेहतर सर्विस नेटवर्क और फैमिली यूज के लिए यह कार तेजी से पसंद की जा रही है। इसकी ड्राइविंग रेंज और प्रैक्टिकल डिजाइन इसे मजबूत विकल्प बनाते हैं। Vayve Eva यह माइक्रो EV अपने कॉम्पैक्ट साइज और संभावित सोलर चार्जिंग सपोर्ट की वजह से चर्चा में है। छोटी दूरी के लिए यह काफी किफायती साबित हो सकती है। डेली ट्रैवल के लिए लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर्स Ola S1 Air बड़े बूट स्पेस, स्मार्ट फीचर्स और टेक्नोलॉजी आधारित इंटरफेस की वजह से युवा ग्राहकों के बीच इसकी मांग बढ़ रही है। Ather 450S प्रीमियम बिल्ड क्वालिटी और स्मूद राइड एक्सपीरियंस के लिए जाना जाता है। इसमें स्मार्ट कनेक्टिविटी फीचर्स भी मिलते हैं। TVS iQube आरामदायक राइड और भरोसेमंद सर्विस नेटवर्क इसे डेली कम्यूटर्स के बीच बेहद लोकप्रिय बनाता है। कम बजट वालों के लिए बाइक और ई-साइकिल विकल्प Revolt RV1 अगर आप बाइक जैसा एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो यह इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल अच्छा विकल्प हो सकती है। शहरों में इसकी हैंडलिंग आसान मानी जाती है। Hero Electric Optima कम बजट में इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वालों के लिए यह काफी लोकप्रिय विकल्प है। EMotorad Doodle Pro यह फोल्डेबल ई-साइकिल छोटे सफर और मेट्रो कनेक्टिविटी के लिए डिजाइन की गई है। इसकी चार्जिंग कॉस्ट बेहद कम है और इसे आसानी से स्टोर किया जा सकता है। नए कॉन्सेप्ट EV भी बढ़ा रहे विकल्प Strom R3 यह कॉम्पैक्ट थ्री-व्हील EV छोटे शहरों और सिंगल यूजर ट्रैवल के लिए अलग पहचान बना रहा है। इसकी रनिंग कॉस्ट काफी कम बताई जाती है। क्यों तेजी से बढ़ रही EV की डिमांड? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में EV अपनाने की रफ्तार और तेज होगी। सरकार की नई EV पॉलिसी, बढ़ता चार्जिंग नेटवर्क और महंगे ईंधन लोगों को इलेक्ट्रिक विकल्पों की तरफ आकर्षित कर रहे हैं। कम चार्जिंग खर्च, आसान पार्किंग और कम मेंटेनेंस कॉस्ट की वजह से छोटे और किफायती EV अब डेली कम्यूट का बड़ा हिस्सा बन सकते हैं।  

surbhi मई 16, 2026 0
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Honda CB1000 Hornet SP superbike recalled in India over fuel hose and engine oil issues
Honda ने भारत में वापस बुलाई CB1000 Hornet SP, फ्यूल होज और इंजन ऑयल से जुड़ी खामी आई सामने

Honda की प्रीमियम बाइक में तकनीकी गड़बड़ी Honda Motorcycle & Scooter India ने अपनी प्रीमियम स्पोर्ट्स बाइक Honda CB1000 Hornet SP के लिए भारत में वॉलंटरी रिकॉल जारी किया है। कंपनी ने बाइक में सामने आई दो तकनीकी समस्याओं को देखते हुए यह फैसला लिया है। प्रभावित मोटरसाइकिलों का निर्माण 30 सितंबर 2024 से 22 अगस्त 2025 के बीच किया गया था। कंपनी के अनुसार रिकॉल अभियान के तहत फ्यूल फीड होज की रूटिंग और इंजन ऑयल कंजम्प्शन से जुड़ी दिक्कतों की जांच की जाएगी। किन समस्याओं के कारण लिया गया फैसला? Honda ने बताया कि कुछ बाइकों में फ्यूल फीड होज सही तरीके से फिक्स नहीं हो पा रही है, जिससे विशेष परिस्थितियों में परेशानी आ सकती है। इसके अलावा कुछ यूनिट्स में इंजन ऑयल की खपत सामान्य से ज्यादा देखी गई है, जो इंजन पर असर डाल सकती है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने एहतियात के तौर पर निरीक्षण और जरूरी सुधार करने का निर्णय लिया है। ग्राहकों को फ्री में मिलेगी सर्विस रिकॉल अभियान के तहत सभी जरूरी मरम्मत और पार्ट्स रिप्लेसमेंट बिना किसी शुल्क के किए जाएंगे। यह सुविधा वारंटी खत्म होने के बाद भी ग्राहकों को मिलेगी। कंपनी ने कहा है कि देशभर के अधिकृत BigWing Topline डीलरशिप्स पर यह जांच और मरम्मत की जाएगी। ग्राहकों को कॉल, SMS और ईमेल के जरिए सूचना दी जाएगी ताकि वे सर्विस सेंटर पर समय लेकर पहुंच सकें। ऐसे करें चेक आपकी बाइक रिकॉल में शामिल है या नहीं ग्राहक Honda की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी बाइक का VIN यानी Vehicle Identification Number डालकर यह जांच सकते हैं कि उनकी बाइक इस रिकॉल अभियान में शामिल है या नहीं। दमदार इंजन और फीचर्स से लैस है CB1000 Hornet SP Honda CB1000 Hornet SP में 999cc का इनलाइन फोर-सिलेंडर इंजन मिलता है, जो 155 bhp की पावर और 107 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इस सुपरबाइक में कई एडवांस फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं– स्लिपर क्लच बाय-डायरेक्शनल क्विक शिफ्टर Honda Selectable Torque Control पांच राइडिंग मोड बाइक में 310mm Brembo फ्रंट डिस्क ब्रेक और ड्यूल चैनल ABS जैसी सेफ्टी सुविधाएं भी दी गई हैं। कितनी है कीमत? भारतीय बाजार में Honda CB1000 Hornet SP की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 13.29 लाख रुपये है।  

surbhi मई 11, 2026 0
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