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India Eyes Clean Sweep Against Afghanistan

चेपॉक में आज इतिहास रचने उतरेगा भारत! सीरीज जीत ली… अब अफगानिस्तान का सूपड़ा साफ करने की उलटी गिनती शुरू

surbhi जून 20, 2026 0
Indian cricket team players celebrate during the third ODI against Afghanistan at Chennai's Chepauk Stadium.
India vs Afghanistan 3rd ODI Chepauk Match

चेन्नई: भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला आज चेन्नई के प्रतिष्ठित एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेला जाएगा। भारतीय टीम पहले ही शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज पर कब्जा जमा चुकी है और अब उसकी नजर 3-0 से क्लीन स्वीप करने पर है। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा।

भारतीय टीम इस सीरीज में अब तक हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करती नजर आई है। बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक, टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को लगातार दबाव में रखा है। ऐसे में चेपॉक में होने वाला यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए सीरीज का शानदार समापन करने का मौका लेकर आया है।

अफगानिस्तान के सामने मुश्किल चुनौती

वनडे क्रिकेट में भारत के खिलाफ अफगानिस्तान का रिकॉर्ड बेहद कमजोर रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक छह वनडे मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से पांच मैच भारत ने जीते हैं, जबकि एक मुकाबला 2018 एशिया कप में टाई रहा था। अफगानिस्तान अब तक भारत के खिलाफ अपनी पहली वनडे जीत की तलाश में है।

यह सीरीज इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों देशों के बीच यह पहली द्विपक्षीय वनडे सीरीज है।

चेपॉक की पिच और मौसम का हाल

चेन्नई की चेपॉक पिच पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है, लेकिन इस बार लाल मिट्टी वाली पिच पर तेज गेंदबाजों को भी अतिरिक्त उछाल और सहायता मिलने की उम्मीद है।

मौसम की बात करें तो पिछले कुछ दिनों की बारिश के बाद अब आसमान साफ है। मैच से पहले मौसम सामान्य रहा, जिससे पूरे मुकाबले के बिना किसी रुकावट के संपन्न होने की संभावना बढ़ गई है।

टॉस निभा सकता है अहम भूमिका

एमए चिदंबरम स्टेडियम में अब तक 28 वनडे मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से 15 मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को 12 बार सफलता मिली है। एक मुकाबला बेनतीजा रहा।

इन आंकड़ों को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी कर बड़ा स्कोर खड़ा करने की रणनीति अपना सकती है।

नीतीश रेड्डी की वापसी तय, हर्षित राणा को इंतजार

जांघ की चोट से उबर चुके ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी ने नेट्स में पूरी फिटनेस के साथ गेंदबाजी की है और उनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है।

वहीं, घुटने की सर्जरी के बाद टीम में लौटे तेज गेंदबाज हर्षित राणा फिलहाल बैकअप विकल्प के रूप में मौजूद हैं। लंबे समय बाद वापसी करने के कारण वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाने की संभावना कम मानी जा रही है।

संभावित प्लेइंग इलेवन

भारत

  • रोहित शर्मा
  • यशस्वी जायसवाल
  • शुभमन गिल (कप्तान)
  • ईशान किशन (विकेटकीपर)
  • श्रेयस अय्यर
  • वॉशिंगटन सुंदर
  • नीतीश रेड्डी
  • हर्ष दुबे
  • गुरनूर बरार
  • प्रिंस यादव
  • हर्षित राणा

अफगानिस्तान

  • रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर)
  • इब्राहिम जादरान
  • सेदिकुल्लाह अटल
  • रहमत शाह
  • हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान)
  • दरविश रसूली
  • राशिद खान
  • नांगेलिया खरोटे
  • मोहम्मद सलीम
  • अल्लाह गजनफर
  • बिलाल सामी

भारत की नजर अब सिर्फ जीत पर नहीं, बल्कि अफगानिस्तान का पूरी तरह सफाया कर सीरीज को यादगार बनाने पर होगी। वहीं, अफगानिस्तान सम्मान बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने की कोशिश करेगा।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Shreyanka Patil Replacement Prema Rawat
टी20 वर्ल्ड कप: श्रेयंका पाटिल की जगह टीम इंडिया में आईं प्रेमा रावत, जानिए कौन हैं नई स्पिन स्टार

मुंबई, एजेंसियां। प्रेमा रावत को पहली बार भारतीय सीनियर महिला टीम में जगह मिली है। ICC Women's T20 World Cup के बीच ऑफ स्पिन ऑलराउंडर श्रेयंका पटिल के चोटिल होकर बाहर होने के बाद चयनकर्ताओं ने 24 वर्षीय लेग स्पिनर प्रेमा रावत को टीम में शामिल किया है। घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए के लिए उनके लगातार शानदार प्रदर्शन ने उन्हें विश्व कप जैसे बड़े मंच तक पहुंचाया है।   शानदार फॉर्म के दम पर मिली जगह प्रेमा रावत हाल के महीनों में इंडिया-ए टीम का अहम हिस्सा रही हैं। इंग्लैंड दौरे के लिए चुनी गई इंडिया-ए टीम में भी उनका चयन हुआ था। चयनकर्ताओं ने उनकी बेहतरीन फॉर्म, विकेट लेने की क्षमता और किफायती गेंदबाजी को देखते हुए उन्हें सीधे विश्व कप टीम में शामिल करने का फैसला लिया।   एशिया कप में किया था प्रभावित हाल ही में खेले गए राइजिंग स्टार्स महिला एशिया कप में प्रेमा ने भारत-ए के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में आठ विकेट हासिल किए और मात्र 4.27 की इकॉनमी रेट से गेंदबाजी की। उनके दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत-ए ने खिताब अपने नाम किया। इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें भविष्य की राष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में देखा जाने लगा।   WPL का भी मिला अनुभव प्रेमा रावत पिछले दो सीजन से Royal Challengers Bengaluru का हिस्सा रही हैं। हालांकि उन्हें सीमित मौके मिले, लेकिन टीम प्रबंधन उनकी लेग स्पिन और विविधताओं से प्रभावित रहा। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने से उन्हें बड़े टूर्नामेंटों का अनुभव भी मिला।   चोट के कारण बाहर हुईं श्रेयंका श्रेयंका पाटिल नीदरलैंड के खिलाफ मैच के दौरान फील्डिंग करते समय टखने में गंभीर चोट का शिकार हो गई थीं। स्कैन में लिगामेंट चोट की पुष्टि होने के बाद उन्हें पूरे टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। इसके बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने प्रेमा रावत को टीम में शामिल किया। अब सभी की नजरें प्रेमा रावत पर होंगी, जिनके पास विश्व कप जैसे बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा साबित करने और भारतीय महिला टीम की स्पिन आक्रमण को मजबूती देने का सुनहरा अवसर है।

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