स्पोर्ट्स

Hardik-MI Rift Buzz After RCB Loss

हार्दिक पांड्या और MI के रिश्तों में दरार? RCB से हार के बाद इंस्टाग्राम एक्टिविटी ने बढ़ाई हलचल

surbhi मई 11, 2026 0
Hardik Pandya during IPL 2026 amid speculation over tensions with Mumbai Indians after RCB defeat
Hardik-Pandya-MI-Instagram-Controversy

मुंबई इंडियंस और हार्दिक के बीच सबकुछ ठीक नहीं?

आईपीएल 2026 में खराब प्रदर्शन के बीच Hardik Pandya और Mumbai Indians के रिश्तों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर हुई गतिविधियों ने फैंस के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक हार्दिक ने इंस्टाग्राम पर मुंबई इंडियंस को पहले अनफॉलो किया और फिर कुछ घंटे बाद दोबारा फॉलो कर लिया। इसके अलावा उन्होंने टीम से जुड़ी कई पोस्ट भी हटाई हैं।

इस घटनाक्रम के बाद माना जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट और कप्तान के बीच सबकुछ सामान्य नहीं चल रहा।

कप्तानी बदलने के बाद से बढ़ी थी नाराजगी

गौरतलब है कि 2024 सीजन में मुंबई इंडियंस ने Rohit Sharma की जगह हार्दिक पांड्या को कप्तान बनाया था। इस फैसले के बाद टीम के भीतर मतभेद की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। रोहित शर्मा लंबे समय तक टीम के सबसे सफल कप्तान रहे और उनकी कप्तानी में मुंबई ने पांच आईपीएल खिताब जीते थे।

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि कुछ वरिष्ठ खिलाड़ी हार्दिक के बजाय रोहित के करीब माने जाते हैं। इनमें Suryakumar Yadav, Tilak Varma और Jasprit Bumrah के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई मुंबई

आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। हार्दिक पिछले दो मुकाबलों में चोट के कारण नहीं खेले, जिसके बाद कप्तानी की जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव ने संभाली।

सूत्रों के अनुसार हार्दिक ने सोशल मीडिया पर रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव को भी अनफॉलो किया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

RCB मैच में भी नहीं दिखे हार्दिक

Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ मुकाबले में भी हार्दिक मैदान पर नजर नहीं आए। बताया गया कि पीठ में दर्द के कारण वह मैच के लिए फिट नहीं थे। हालांकि टीम के साथ रायपुर पहुंचे थे, लेकिन स्टेडियम में उनकी मौजूदगी नहीं दिखी।

यह इस सीजन का तीसरा मैच था जिसमें हार्दिक हिस्सा नहीं ले सके। ऐसे में टीम और खिलाड़ी के बीच बढ़ती दूरी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

अब तक नहीं आया आधिकारिक बयान

फिलहाल मुंबई इंडियंस या हार्दिक पांड्या की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन सोशल मीडिया पर फॉलो-अनफॉलो की गतिविधियों ने फैंस के बीच नई बहस छेड़ दी है कि क्या अगले सीजन में हार्दिक और मुंबई अलग-अलग रास्ते चुन सकते हैं।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

स्पोर्ट्स

View more
T20 Match
भारत-आयरलैंड पहला T20 आज: नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अग्निपरीक्षा, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर रहेंगी निगाहें

नई दिल्ली, एजेंसियां। टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद इंडियन क्रिकेट टीम आज (26 जून) से आयरलैंड दौरे की शुरुआत करेगी। दोनों टीमों के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बेलफास्ट के स्टॉर्मॉन्ट (Civil Service Cricket Club) में आज खेला जाएगा। इस मैच के साथ भारतीय टी20 टीम अपने नए कप्तान Shreyas Iyer के नेतृत्व में नए सफर की शुरुआत करेगी।   वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर सबकी नजर   इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज बेबी बॉस Vaibhav Suryavanshi हैं। माना जा रहा है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका आज मिल सकता है। यदि ऐसा होता है, तो वह भारतीय क्रिकेट इतिहास का एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।   श्रेयस अय्यर के सामने नई चुनौती   टी20 टीम की कप्तानी संभालने के बाद यह श्रेयस अय्यर का पहला मुकाबला होगा। चयनकर्ताओं ने इस दौरे पर कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया है, जिससे टीम भविष्य की तैयारियों को मजबूत करना चाहती है। विश्व चैंपियन बनने के बाद भारत इस सीरीज में भी जीत के साथ शुरुआत करने के इरादे से उतरेगा।   आयरलैंड को हल्के में नहीं लेगी टीम इंडिया   हालांकि कागजों पर भारत मजबूत दिखाई देता है, लेकिन घरेलू परिस्थितियों में आयरलैंड चुनौती पेश कर सकता है। कप्तान Lorcan Tucker की अगुवाई में मेजबान टीम उलटफेर की कोशिश करेगी।   बारिश डाल सकती है खलल    बेलफास्ट के मौसम को देखते हुए मैच पर बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार मुकाबले के दौरान हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे खेल प्रभावित हो सकता है।   मैच का समय और प्रसारण   भारत और आयरलैंड के बीच पहला टी20 मुकाबला आज शाम 6:00 बजे (भारतीय समयानुसार) शुरू होगा। क्रिकेट प्रेमी इसका सीधा प्रसारण टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे।

anjali kumari जून 26, 2026 0
Ram Charan APL Trophy

राम चरण ने किया ACA इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन

Women T20 World Cup

सेमीफाइनल की राह में भारत-बांग्लादेश आमने-सामने, जीत दोनों टीमों के लिए बेहद अहम

Young batter Vaibhav Suryavanshi during practice ahead of India’s T20 series against Ireland

जगह सिर्फ 2, दावेदार 4! वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका या करना होगा इंतजार? आयरलैंड सीरीज से पहले बढ़ी चयनकर्ताओं की चुनौती

Pakistan women’s cricket team players during a tense match amid reports of dressing room disagreements
खेल खत्म, कलेश शुरू! लगातार हार के बीच पाकिस्तान महिला टीम में बढ़ा तनाव, ड्रेसिंग रूम विवाद ने खड़े किए बड़े सवाल

लंदन: मैदान पर खराब प्रदर्शन और लगातार हार किसी भी टीम का मनोबल तोड़ सकती है, लेकिन जब हार के साथ-साथ ड्रेसिंग रूम की अंदरूनी कलह भी सुर्खियां बनने लगे, तो हालात और गंभीर हो जाते हैं। इन दिनों इंग्लैंड में खेले जा रहे महिला टी20 विश्व कप में Pakistan women's national cricket team का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। टीम लगातार हार झेल रही है और अब खिलाड़ियों, कप्तान तथा टीम प्रबंधन के बीच मतभेदों की खबरें भी सामने आने लगी हैं। हालांकि Pakistan Cricket Board ने इन रिपोर्ट्स पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन पाकिस्तानी मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाएं टीम के भीतर बढ़ते असंतोष और अनुशासन संबंधी समस्याओं की ओर इशारा कर रही हैं। जीत का इंतजार कर रही है पाकिस्तान टीम पाकिस्तान महिला टीम का अभियान इस टूर्नामेंट में बेहद खराब रहा है। लीड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार टीम की लगातार चौथी शिकस्त थी। लगातार हार के कारण टीम अंक तालिका में संघर्ष करती नजर आ रही है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि विश्व कप से पहले आयरलैंड और वेस्टइंडीज के साथ खेली गई त्रिकोणीय सीरीज में भी टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी थी। पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान महिला क्रिकेट का प्रदर्शन लगातार गिरा है और बड़े टूर्नामेंटों में टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई है। विश्लेषकों का मानना है कि मैदान पर खराब प्रदर्शन के पीछे केवल तकनीकी कमियां नहीं, बल्कि टीम के भीतर बढ़ता असंतोष भी एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। कप्तान फातिमा सना और वहाब रियाज़ के बीच बढ़ा विवाद रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले से पहले टीम होटल में हुई एक घटना ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। बताया जा रहा है कि कप्तान Fatima Sana ने सीनियर खिलाड़ी Aliya Riaz के पति के टीम होटल में ठहरने पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें होटल छोड़ने के लिए कहा गया। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब आलिया रियाज़ ने एक महत्वपूर्ण अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया। कप्तान फातिमा सना इस व्यवहार को अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना चाहती थीं। लेकिन टीम में मेंटर की भूमिका निभा रहे Wahab Riaz के हस्तक्षेप के बाद आलिया को अंतिम एकादश में जगह दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश से हार और खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन के बाद कप्तान और टीम प्रबंधन के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया। रणनीति बन रही, लेकिन मैदान पर नहीं दिख रहा असर सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि टीम के भीतर कई समूह बन चुके हैं। कोचिंग स्टाफ और कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों के बीच तालमेल की कमी साफ दिखाई दे रही है। कोचिंग स्टाफ का मानना है कि मैचों के लिए तैयार की गई रणनीतियां खिलाड़ियों द्वारा मैदान पर सही तरीके से लागू नहीं की जा रहीं। इससे टीम का प्रदर्शन लगातार प्रभावित हो रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम की सफलता के लिए ड्रेसिंग रूम का माहौल सकारात्मक होना बेहद जरूरी है। यदि खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ एक ही दिशा में काम नहीं करते, तो उसका असर सीधे प्रदर्शन पर दिखाई देता है। पुरानी बीमारी फिर बनी परेशानी पाकिस्तानी क्रिकेट में ड्रेसिंग रूम विवाद कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई बड़े टूर्नामेंटों के दौरान टीम के भीतर मतभेद और गुटबाजी की खबरें सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब टीम लगातार हारती है, तो आंतरिक मतभेद और अधिक उभरकर सामने आते हैं। यही वजह है कि मौजूदा विश्व कप में खराब प्रदर्शन के साथ-साथ ड्रेसिंग रूम विवाद भी चर्चा का विषय बन गया है। PCB की नीतियों पर भी उठ रहे सवाल टीम की मौजूदा स्थिति के लिए कई क्रिकेट जानकार Pakistan Cricket Board की नीतियों को भी जिम्मेदार मान रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में महिला टीम के कोचिंग सेटअप में लगातार बदलाव किए गए हैं। कभी विदेशी कोचों को जिम्मेदारी दी गई, तो कभी स्थानीय दिग्गजों को मौका मिला। लेकिन लगातार बदलती रणनीतियों और नेतृत्व के कारण टीम में स्थिरता नहीं बन पाई। विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी टीम को सफलता दिलाने के लिए लंबी अवधि की योजना और स्थिर नेतृत्व जरूरी होता है। बार-बार बदलाव करने से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और टीम संस्कृति दोनों प्रभावित होते हैं। क्या वापसी कर पाएगी पाकिस्तान? विश्व कप में पाकिस्तान महिला टीम के सामने अब केवल मैच जीतने की चुनौती नहीं है, बल्कि टीम के भीतर भरोसा और एकजुटता बनाए रखने की भी बड़ी जिम्मेदारी है। यदि ड्रेसिंग रूम विवादों को समय रहते नहीं सुलझाया गया, तो इसका असर भविष्य के टूर्नामेंटों पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में PCB और टीम प्रबंधन इस स्थिति से कैसे निपटते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।  

surbhi जून 25, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi

15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर दुनिया की नजर, इंग्लैंड दौरे को लेकर बढ़ी चर्चा

Deepti Sharma

महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत की नजर सेमीफाइनल पर, बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में दीप्ति शर्मा रच सकती हैं इतिहास

Rohit Sharma Padma Shri Award

रोहित शर्मा को मिला पद्मश्री सम्मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित; भारतीय क्रिकेट के लिए गौरव का पल

Lionel Messi celebrates his 39th birthday while continuing his remarkable form at the FIFA World Cup 2026.
Lionel Messi Birthday: 39 साल के हुए फुटबॉल के 'अल्टीमेट किंग' मेसी, उम्र बढ़ी लेकिन जादू अब भी कायम

अर्लिंगटन: फुटबॉल की दुनिया के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार अर्जेंटीना के सुपरस्टार लियोनेल मेसी आज 24 जून को अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी मेसी का प्रदर्शन दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों को हैरान कर रहा है। फीफा विश्व कप 2026 में उनका शानदार फॉर्म जारी है और शुरुआती दो मुकाबलों में ही वह पांच गोल दाग चुके हैं। हाल ही में ऑस्ट्रिया के खिलाफ मुकाबले में मेसी ने दो गोल करके एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। इसके साथ ही वह फीफा विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उनके नाम अब कुल 18 विश्व कप गोल दर्ज हो चुके हैं। इससे पहले उन्होंने अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक लगाकर जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज के 16 गोल के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। 39 की उम्र में भी कायम है मेसी का जादू ऑस्ट्रिया के खिलाफ मुकाबले में मेसी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र उनके खेल पर कोई असर नहीं डाल पाई है। टूर्नामेंट के शुरुआती दो मैचों में ही पांच गोल कर चुके मेसी की तारीफ करते हुए ऑस्ट्रिया के कोच राल्फ रंगनिक ने कहा कि 39 साल की उम्र में इस तरह का प्रदर्शन असाधारण है और यही उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ बनाता है। जन्मदिन पर भावुक भी हैं मेसी इस खास दिन पर मेसी भावनात्मक दौर से भी गुजर रहे हैं। उनके पिता अर्जेंटीना में अस्वस्थ हैं और वह अपने परिवार से लगभग 10 हजार किलोमीटर दूर विश्व कप में टीम की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। बावजूद इसके उन्होंने निजी चिंताओं को अपने खेल पर हावी नहीं होने दिया और अर्जेंटीना के अब तक हुए सभी पांच गोल खुद किए हैं। मेसी ने कहा, "विश्व कप का हर मैच कठिन है। कोई टीम आसानी से मौके नहीं देती, लेकिन मैं हर पल का आनंद ले रहा हूं।" पेनल्टी मिस करने के बाद शानदार वापसी ऑस्ट्रिया के खिलाफ मैच के शुरुआती मिनटों में मेसी पेनल्टी पर गोल करने से चूक गए थे। उनके शॉट के पोस्ट के बाहर जाने से स्टेडियम में सन्नाटा छा गया था। हालांकि, आठ बार के बैलन डी'ओर विजेता मेसी ने बाद में शानदार वापसी करते हुए दो गोल दागे और अपनी गलती की भरपाई कर दी। मेसी ने मैच के बाद कहा, "पेनल्टी मिस करने से मैं काफी नाराज था, लेकिन बाद में इसकी भरपाई करने में सफल रहा।" यही मेसी की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। वह हर असफलता के बाद और अधिक मजबूती के साथ वापसी करते हैं। स्टॉपेज टाइम में भी दिखी वही पुरानी फुर्ती मैच के स्टॉपेज टाइम में मेसी ने अपना 18वां विश्व कप गोल दागा। पहले प्रयास को गोलकीपर ने रोक दिया, लेकिन मेसी ने शानदार नियंत्रण और ड्रिब्लिंग का प्रदर्शन करते हुए कई डिफेंडरों को छकाकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया। 70 हजार दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में मौजूद अधिकांश अर्जेंटीनी समर्थकों ने इस पल का जोरदार जश्न मनाया। लियोनेल मेसी के बड़े रिकॉर्ड 6 विश्व कप (2006-2026) खेलने वाले पहले खिलाड़ी। लगातार 6 विश्व कप मैचों में गोल करने वाले इकलौते फुटबॉलर। 18 विश्व कप गोल के साथ ऑलटाइम टॉप स्कोरर। 26 गोल योगदान (18 गोल + 8 असिस्ट), जिससे उन्होंने पेले के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। 28 विश्व कप मैच खेलकर सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी बने। विश्व कप में कुल 2489 मिनट मैदान पर बिताने का रिकॉर्ड। 12 मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी। दो बार गोल्डन बॉल (2014 और 2022) जीतने वाले दुनिया के अकेले फुटबॉलर। 128 सफल ड्रिब्लिंग के साथ डिएगो माराडोना के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। 39 साल की उम्र में भी लियोनेल मेसी जिस स्तर का प्रदर्शन कर रहे हैं, वह उन्हें सिर्फ एक महान खिलाड़ी नहीं बल्कि फुटबॉल इतिहास का 'अल्टीमेट किंग' साबित करता है।  

surbhi जून 24, 2026 0
Australian women's team celebrates a big win as India's semifinal hopes face pressure in the T20 World Cup 2026.

Women T20 World Cup 2026: ऑस्ट्रेलिया की बड़ी जीत से बढ़ी भारत की मुश्किलें, सेमीफाइनल के लिए अब हर मैच बना करो या मरो

Vaibhav Suryavanshi

वैभव सूर्यवंशी को मिली पहली टीम इंडिया जर्सी, भावुक हुए 15 वर्षीय स्टार बोले- 'इस एहसास को शब्दों में बयां नहीं कर सकता'

Rishabh Pant Kuldeep Yadav

IPL 2026 Trade News: ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी, कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जायंट्स पहुंचे

0 Comments

Top week

झारखंड

वरिष्ठ संपादक एवं प्रतिष्ठित पत्रकार दीपेश कुमार का हृदयाघात से निधन

anjali kumari जून 24, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?