रांची। झारखंड शिक्षा परियोजना ने स्कूली शिक्षकों के लिए नया फरमान जारी किया है। इसके मुताबिक अब सभी शिक्षकों को अनिवार्य रूप से विषयवार पाठ्य योजना तैयार करनी होगी। ऐसा नहीं करने वाले शिक्षकों और पारा शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। उनका मई माह तक का वेतन या मानदेय रोक दिया जाएगा। इस संबंध में झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक शशि रंजन ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला शिक्षा अधीक्षकों (DSE) को स्पष्ट निर्देश दिया हैं। शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है उद्देश्य विभाग का उद्देश्य नए सत्र की शुरुआत से ही शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और शिक्षण प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है। पाठ्य योजना बनाना अनिवार्य निर्देश के अनुसार सभी शिक्षक अपने-अपने विषयों की विस्तृत पाठ्य योजना तैयार करेंगे और उसे प्रधानाध्यापक या संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी से अनुमोदित कराएंगे। इसके बाद ही उस योजना को विद्यालयों में लागू किया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि सुनियोजित पाठ्य योजना से छात्रों के सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी। पहले दो महीने ‘आधारभूत कक्षाओं’ पर जोर शिक्षा परियोजना ने यह भी निर्देश दिया है कि अप्रैल और मई महीने में विद्यालयों में ‘आधारभूत आरंभिक कक्षाओं’ का आयोजन किया जाए। इन कक्षाओं का उद्देश्य छात्रों के पूर्व ज्ञान का आकलन करना और उनकी कमजोरियों को दूर करना है। इसके तहत सभी छात्रों का बेसलाइन असेसमेंट किया जाएगा। इस आकलन के आधार पर छात्रों को ए, बी, सी और डी ग्रेड में वर्गीकृत किया जाएगा। खासतौर पर भाषा विषयों—हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और उर्दू—में छात्रों के अक्षर ज्ञान, पढ़ने-लिखने की क्षमता और व्याकरण की समझ का मूल्यांकन किया जाएगा। ब्रिज कोर्स से शिक्षा की मजबूत नींव तैयार होगी नए नामांकित छात्रों और कमजोर विद्यार्थियों के लिए ब्रिज कोर्स भी संचालित किया जाएगा। इसके तहत छात्रों को उनकी समझ के स्तर के अनुसार समूहों में बांटकर पढ़ाया जाएगा। हर विषय की एक घंटी प्रतिदिन अनिवार्य रूप से संचालित की जाएगी, ताकि सभी विषयों में संतुलित सुधार हो सके। नई समय-सारिणी का होगा पालन बेसलाइन असेसमेंट और प्रारंभिक कक्षाओं के बाद विद्यालयों में सीबीएसई या जैक के अनुरूप समय-सारिणी तैयार की जाएगी। कक्षावार टाइम-टेबल बनाकर उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने कक्षावार और विषयवार सिलेबस भी जारी किया है। शिक्षा विभाग के इस फैसले को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, यह गिरोह कथित तौर पर पाकिस्तान-आधारित हैंडलरों के संपर्क में था और देश में आगजनी, तोड़फोड़ तथा दहशत फैलाने की योजना बना रहा था। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों का मकसद संवेदनशील प्रतिष्ठानों, रेलवे संपत्तियों और सार्वजनिक वाहनों को निशाना बनाकर डर और आर्थिक नुकसान का माहौल बनाना था। सोशल मीडिया और विदेशी नंबरों से जुड़ा था नेटवर्क जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर Telegram, Signal और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तान हैंडलरों और कुछ कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े हुए थे। एटीएस के मुताबिक, मुख्य आरोपी साकिब उर्फ “डेविल” इस नेटवर्क का अहम हिस्सा था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि छोटी-छोटी आगजनी की घटनाओं के वीडियो कथित तौर पर हैंडलरों को भेजे जाते थे और बदले में QR कोड के जरिए भुगतान किया जाता था। लखनऊ, गाजियाबाद और अलीगढ़ में रेकी के आरोप एटीएस के अनुसार, आरोपियों ने लखनऊ, गाजियाबाद और अलीगढ़ समेत कई शहरों में महत्वपूर्ण संस्थानों, रेलवे सिग्नल बॉक्स, सरकारी वाहनों और अन्य प्रतिष्ठानों की रेकी की थी। अधिकारियों का दावा है कि कुछ लोकेशन और वीडियो भी सीमा पार बैठे हैंडलरों को भेजे गए। 2 अप्रैल को रेलवे सिग्नल सिस्टम के पास आगजनी या विस्फोट जैसी घटना को अंजाम देने की तैयारी की बात भी सामने आई, लेकिन उससे पहले ही एटीएस ने कार्रवाई कर दी। ज्वलनशील पदार्थ और मोबाइल फोन बरामद तलाशी के दौरान एटीएस ने आरोपियों के पास से ज्वलनशील पदार्थ, सात मोबाइल फोन, पर्चे और अन्य सामग्री बरामद की है। अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (UAPA) समेत विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
राजपाल यादव इन दिनों अपने 9 करोड़ के चेक बाउंस केस को लेकर चर्चा में हैं। इसी बीच उनकी अपकमिंग फिल्म ‘भूत बंगला’ की रिलीज डेट में बदलाव कर दिया गया है। पहले यह फिल्म 10 अप्रैल को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसे एक हफ्ते आगे बढ़ाकर 16 अप्रैल कर दिया गया है। ‘धुरंधर 2’ की वजह से टली रिलीज दरअसल, हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर-2’ बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने वर्ल्डवाइड 1400 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है और अब भी इसकी रफ्तार बनी हुई है। इसी वजह से मेकर्स ने ‘भूत बंगला’ की रिलीज डेट आगे बढ़ाने का फैसला लिया, ताकि दोनों फिल्मों को बराबर का मौका मिल सके। पेड प्रीव्यू के साथ होगी रिलीज ‘धुरंधर 2’ की तरह ही अब ‘भूत बंगला’ को भी पेड प्रीव्यू मॉडल के साथ रिलीज किया जाएगा। पहला शो: 16 अप्रैल, रात 9 बजे से शुरू होगा एकता कपूर ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि यह फैसला डिस्ट्रीब्यूटर्स और एग्जीबिटर्स के साथ चर्चा के बाद लिया गया है। बड़ी स्टारकास्ट से सजी फिल्म इस फिल्म में: राजपाल यादव अक्षय कुमार परेश रावल जैसे बड़े कलाकार नजर आने वाले हैं। क्यों खास है ये फिल्म? राजपाल यादव की जेल से रिहाई के बाद पहली फिल्म कॉमेडी और हॉरर का मजेदार कॉम्बिनेशन बड़े स्टार्स के साथ दमदार वापसी
हिंदू धर्म में हनुमान जयंती का विशेष महत्व है। यह दिन हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर सभी संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। हनुमान जयंती 2026: तिथि और मुहूर्त साल 2026 में हनुमान जयंती चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि आरंभ: 1 अप्रैल 2026, सुबह 07:06 बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त: 2 अप्रैल 2026, सुबह 07:41 बजे उदया तिथि के अनुसार पर्व: 2 अप्रैल 2026 शुभ मुहूर्त: 2 अप्रैल को सूर्योदय से लेकर सुबह 07:41 बजे तक पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है। पूजा सामग्री हनुमान जी की कृपा पाने के लिए पूजा में इन चीजों का विशेष महत्व है: लाल कपड़ा और चौकी चमेली का तेल, सिंदूर, जनेऊ लाल फूल, चंदन, अक्षत बेसन के लड्डू, बूंदी, गुड़-चना, केला घी का दीपक, धूप, कपूर, गंगाजल तुलसी दल (भोग में अनिवार्य) पूजा विधि हनुमान जयंती के दिन विधि-विधान से पूजा करना बेहद फलदायी माना जाता है: सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ या लाल वस्त्र पहनें। चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें। गंगाजल से स्नान कराकर चमेली तेल और सिंदूर से चोला चढ़ाएं। धूप-दीप जलाकर फूल, फल, चंदन और अक्षत अर्पित करें। बेसन के लड्डू या बूंदी का भोग लगाएं, साथ में तुलसी दल जरूर रखें। हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें। अंत में आरती कर सुख-समृद्धि और रक्षा की प्रार्थना करें। प्रमुख मंत्र ॐ ऐं ह्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमितविक्रमाय रामदूताय स्वाहा ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहरणाय सर्वरोगहराय रामदूताय स्वाहा इन मंत्रों के जप से मानसिक शांति, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। क्या है मान्यता? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जयंती पर पूजा करने से भय, रोग, शत्रु बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। भक्त इस दिन व्रत रखकर और भक्ति भाव से पूजा कर बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
पटना,एजेंसियां। प्रशांत किशोर की कंपनी I-PAC (Indian Political Action Committee) के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड के बाद एक बार फिर पश्चिम बंगाल के चर्चित कोयला घोटाले की चर्चा तेज हो गई है। यह मामला दरअसल ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के लीज एरिया से कथित अवैध कोयला खनन, चोरी, तस्करी और उससे कमाए गए पैसे की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। ED ने यह जांच 2020 में CBI द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। एजेंसियों के अनुसार, इस सिंडिकेट का कथित मास्टरमाइंड अनूप माझी उर्फ ‘लाला’ था, जिस पर ECL, CISF, रेलवे और अन्य विभागों के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से कोयला चोरी कराने के आरोप हैं। जांच में क्या आया सामने ? जांच में यह आरोप सामने आया कि ECL के कुनुस्तोरिया और कजोरा क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर कोयला अवैध रूप से निकाला गया और उसे विभिन्न फैक्ट्रियों व कंपनियों तक पहुंचाया गया। CBI और ED की कार्रवाई में कई जगह छापे पड़े, दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले, और कई आरोपियों के नाम सामने आए। ED के मुताबिक अब तक इस केस में 2,742.32 करोड़ रुपये तक की “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” (अपराध से अर्जित रकम) चिन्हित की गई है। एजेंसी ने पहले भी कई संपत्तियां अटैच की हैं और इस मामले में गिरफ्तारी व चार्जशीट की कार्रवाई हो चुकी है। I-PAC का नाम कैसे जुड़ा? ताजा मोड़ तब आया जब ED ने दावा किया कि कोयला तस्करी से जुड़ी काली कमाई का एक हिस्सा हवाला नेटवर्क के जरिए I-PAC तक पहुंचाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच में करीब 20 करोड़ रुपये के कथित ट्रांसफर की बात सामने आई, जिसे गोवा में 2021-22 के दौरान I-PAC के ऑपरेशंस से जोड़ा गया। इसी कड़ी में ED ने I-PAC से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली। हालांकि, जांच एजेंसियों के आरोप और कोर्ट में साबित अपराध—दोनों अलग बातें हैं, इसलिए अंतिम सच न्यायिक प्रक्रिया से ही तय होगा। फिलहाल, यह मामला सिर्फ कोयला चोरी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीति, हवाला और चुनावी मैनेजमेंट नेटवर्क तक फैलता दिख रहा है।
पटना, एजेंसियां। बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेतों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। खबर है कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी उनकी सुरक्षा में कोई कमी नहीं होगी, बल्कि उनका सुरक्षा घेरा और मजबूत किया जाएगा। मौजूदा समय में उन्हें मुख्यमंत्री होने के नाते SSG सुरक्षा प्राप्त है, लेकिन इस्तीफे के बाद उन्हें Z+ श्रेणी की अतिरिक्त सुरक्षा भी दी जाएगी। इस संबंध में राज्य के गृह विभाग की विशेष शाखा की ओर से आदेश जारी किए जाने की खबर है। सूत्रों के अनुसार सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार जल्द ही राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वे 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ले सकते हैं। इसके लिए उनके 8 या 9 अप्रैल को दिल्ली जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की आधिकारिक तारीख अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन बिहार की सियासत में इसे बड़े नेतृत्व परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। MLC पद छोड़ चुके, अब नजर CM कुर्सी पर नीतीश कुमार पहले ही 30 मार्च को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। यह कदम उनके राज्यसभा जाने की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री आवास छोड़ने के बाद वे किसी दूसरे सरकारी आवास में शिफ्ट हो सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार में सत्ता परिवर्तन की अटकलों को और तेज कर दिया है। चारों सदनों के सदस्य बनने की ओर बड़ा कदम अगर नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ लेते हैं, तो वे उन चुनिंदा नेताओं में शामिल होंगे जो विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा—चारों सदनों का हिस्सा रह चुके हैं। फिलहाल, उनकी सुरक्षा और राजनीतिक भूमिका—दोनों को लेकर बिहार में हलचल तेज है।
बिहार में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने दोहरा रुख दिखाना शुरू कर दिया है। एक ओर तेज धूप लोगों को झुलसा रही है, तो दूसरी तरफ आसमान में बादलों की आवाजाही से अनिश्चितता बनी हुई है। India Meteorological Department (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस लोगों को परेशान करती रहेगी, लेकिन 5 अप्रैल से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 40 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान, बढ़ी उमस अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही बिहार के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। राजधानी पटना समेत कई शहरों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जबकि कुछ इलाकों में यह 40 डिग्री के करीब जाने का अनुमान है। हवा में नमी की मात्रा बढ़ने से उमस ने स्थिति और कठिन बना दी है। दोपहर के समय गर्म हवाओं और चिपचिपी गर्मी के कारण सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है। मौसम की यह अस्थिरता पूर्वी बिहार के ऊपर सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के कारण बनी हुई है। 72 घंटे बाद बदलेगा मौसम, बारिश और आंधी का अलर्ट IMD के अनुसार अगले 72 घंटों के भीतर मौसम करवट लेने वाला है। 5 अप्रैल से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों का घना जमाव होगा और तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। यह बदलाव जहां आम लोगों को गर्मी से राहत देगा, वहीं तेज हवाएं और बारिश कुछ इलाकों में परेशानी भी बढ़ा सकती हैं। किसानों के लिए चेतावनी मौसम में इस संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों के लिए विशेष सतर्कता जरूरी है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें और कृषि कार्यों की योजना मौसम के अनुसार बनाएं, ताकि नुकसान से बचा जा सके। मार्च में रिकॉर्ड तोड़ बारिश इस साल मार्च में बिहार में सामान्य से 214% अधिक वर्षा दर्ज की गई, जो एक असामान्य स्थिति है। समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में 75.4 mm बारिश रिकॉर्ड की गई पूर्णिया में सबसे अधिक वर्षा दर्ज हुई वहीं अरवल, गोपालगंज, रोहतास और सारण में सामान्य से कम बारिश हुई अप्रैल में मौसम का अनोखा मिश्रण मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल अप्रैल में गर्मी और बारिश का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। एक ओर तापमान 40 डिग्री के पार जाएगा, तो दूसरी ओर आंधी-तूफान और बारिश की घटनाएं भी सामान्य से ज्यादा हो सकती हैं।
पटना/मोकामा, एजेंसियां। बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह का बयान राजनीतिक बहस का नया कारण बन गया है। उन्होंने कहा कि “भगवान भी मुख्यमंत्री बन जाएं तो मर्डर नहीं रुकेगा।” इस बयान के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अपराध पर क्या बोले अनंत सिंह अनंत सिंह ने कहा कि बिहार में हत्या की घटनाएं पूरी तरह खत्म होना संभव नहीं है, क्योंकि अधिकतर अपराध आपसी रंजिश, निजी विवाद और दुश्मनी के कारण होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हर घर में पुलिस तैनात नहीं कर सकती, इसलिए हर घटना को रोकना संभव नहीं है। पुराने बिहार से की तुलना अपने बयान में उन्होंने मौजूदा बिहार की तुलना पुराने दौर से भी की। उनका कहना था कि पहले राज्य में अपहरण और अपराध का डर ज्यादा था, जबकि अब हालात पहले से बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि अगर अब कहीं किडनैपिंग की घटना होती भी है, तो पीड़ित को जल्दी छोड़ दिया जाता है, जो बदलाव का संकेत है। CM चेहरे पर भी खुलकर बोले अनंत सिंह ने राजनीति पर भी बेबाकी से राय रखी। उन्होंने कहा कि जेडीयू से निशांत कुमार और बीजेपी से सम्राट चौधरी अच्छे मुख्यमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, उन्होंने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि उनके जैसा नेता दूसरा नहीं है और उनके काम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दंगल और परिवार की राजनीति उन्होंने अपने गांव नदमा में आयोजित होने वाले महा दंगल का भी जिक्र किया, जिसमें 100 से अधिक पहलवानों के भाग लेने और लाखों लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई। साथ ही संकेत दिए कि अब वे खुद चुनाव नहीं लड़ना चाहते और अपने बड़े बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाना चाहते हैं। बयान से बढ़ी सियासी हलचल अनंत सिंह के बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि विपक्ष और सत्ता पक्ष इस मुद्दे को किस तरह उठाते हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारतीय रेलवे में अप्रेंटिसशिप के तहत 2801 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह मौका खासतौर पर उन उम्मीदवारों के लिए है जिन्होंने 10वीं पास करने के साथ ITI भी किया है। इस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आमतौर पर लिखित परीक्षा नहीं होती, बल्कि उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाता है। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों के 10वीं और ITI में अच्छे अंक हैं, उनके लिए यह शानदार अवसर साबित हो सकता है। इच्छुक उम्मीदवार 11 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। क्या है आयु सीमा? इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 15 वर्ष और अधिकतम आयु 24 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 11 अप्रैल 2026 के आधार पर की जाएगी। वहीं, SC, ST, OBC और अन्य आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी। शैक्षणिक योग्यता क्या होनी चाहिए? आवेदन के लिए उम्मीदवार का कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं पास होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से ITI प्रमाणपत्र होना चाहिए। खास बात यह है कि ITI उसी ट्रेड में होना चाहिए, जिस ट्रेड के लिए उम्मीदवार आवेदन करना चाहता है। आवेदन शुल्क कितना है? इस भर्ती के लिए सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 100 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं SC, ST और सभी महिला उम्मीदवारों के लिए आवेदन पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। कैसे होगा चयन? चयन प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है। इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। सबसे पहले उम्मीदवारों के 10वीं और ITI के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। मेरिट में शामिल अभ्यर्थियों को आगे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद उनका मेडिकल टेस्ट होगा। सभी चरण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले उम्मीदवारों का अंतिम चयन किया जाएगा। कैसे करें आवेदन? उम्मीदवार आवेदन के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट rrc.scr.indianrailways.gov.in पर जाएं। वहां “Apprentice Recruitment 2026” या “Notification” लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद New Registration करके लॉगिन करें। मांगी गई जानकारी भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट कर दें।
अप्रैल 2026 सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहद अहम महीना साबित हो रहा है। देशभर में कई बड़ी भर्तियां जारी हैं, जिनमें भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, रेलवे भर्ती बोर्ड और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसी संस्थाओं में नौकरी पाने का सुनहरा मौका मिल रहा है। अगर आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो यह आखिरी मौका हो सकता है क्योंकि अधिकांश भर्तियों की अंतिम तिथि इसी महीने समाप्त हो रही है। सही समय पर आवेदन करना उतना ही जरूरी है जितनी आपकी तैयारी। अप्रैल 2026 की टॉप 10 सरकारी नौकरियां 1. MPLRS डाटा एंट्री ऑपरेटर भर्ती मध्य प्रदेश भू-अभिलेख प्रबंधन समिति ने 770 पदों पर वैकेंसी निकाली है। 12वीं पास और CPCT सर्टिफिकेट धारक आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि: 03 अप्रैल 2026 2. भारतीय सेना अग्निवीर भर्ती अग्निवीर के विभिन्न पदों- GD, टेक्निकल, क्लर्क, ट्रेड्समैन आदि पर भर्ती जारी है। अंतिम तिथि: 10 अप्रैल 2026 3. BPSC 33वीं न्यायिक सेवा भर्ती बिहार में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के 173 पदों पर भर्ती। LLB और अनुभव जरूरी। अंतिम तिथि: 30 अप्रैल 2026 4. भारतीय नौसेना अग्निवीर SSR/MR भर्ती 10वीं-12वीं पास उम्मीदवारों के लिए बेहतरीन अवसर। अंतिम तिथि: 06 अप्रैल 2026 5. SSB कॉन्स्टेबल ट्रेड्समैन भर्ती सशस्त्र सीमा बल में 800+ पदों पर भर्ती। अंतिम तिथि: 20 अप्रैल 2026 6. बैंक ऑफ बड़ौदा भर्ती वेल्थ मैनेजमेंट विभाग में ग्रुप हेड और डिप्टी मैनेजर पद। अंतिम तिथि: 16 अप्रैल 2026 7. भारतीय नौसेना MR (म्यूजिशियन) भर्ती 10वीं पास और संगीत में दक्ष उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि: 26 अप्रैल 2026 8. UP को-ऑपरेटिव बैंक भर्ती मैनेजर, जूनियर मैनेजर और कैशियर समेत 116 पद। अंतिम तिथि: 15 अप्रैल 2026 9. APSSB भर्ती 2026 अरुणाचल प्रदेश में 984 पदों पर कॉन्स्टेबल, फायरमैन आदि की भर्ती। अंतिम तिथि: 10 अप्रैल 2026 10. साउथ सेंट्रल रेलवे अप्रेंटिस भर्ती 2801 अप्रेंटिस पद, 10वीं + ITI पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि: 11 अप्रैल 2026 क्यों जरूरी है समय पर आवेदन? सरकारी नौकरी में सफलता केवल तैयारी पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सही समय पर आवेदन करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हर भर्ती आपके लिए एक नया मौका होती है, इसलिए किसी भी अवसर को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि उम्मीदवार अपनी योग्यता के अनुसार अधिक से अधिक भर्तियों में आवेदन करें, ताकि चयन की संभावनाएं बढ़ सकें।
लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) की ओर से निकाली गई भर्ती के लिए आवेदन करने का आज अंतिम दिन है। सहायक पर्यावरण अभियंता (AEE) और सहायक वैज्ञानिक अधिकारी (ASO) के कुल 40 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आज शाम 6 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद आवेदन प्रक्रिया बंद कर दी जाएगी। यह भर्ती पर्यावरण और इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए सुनहरा अवसर मानी जा रही है। आवेदन प्रक्रिया 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई थी, जो अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। किन पदों पर होगी भर्ती इस भर्ती अभियान के तहत कुल 40 पद भरे जाएंगे। इनमें सहायक पर्यावरण अभियंता के 26 पद और सहायक वैज्ञानिक अधिकारी के 14 पद शामिल हैं। चयनित उम्मीदवारों को वेतन मैट्रिक्स लेवल-10 के तहत आकर्षक सैलरी प्रदान की जाएगी।श्रेणीवार पदों में सामान्य, ओबीसी, एससी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आरक्षण भी लागू किया गया है। योग्यता और आयु सीमा सहायक पर्यावरण अभियंता पद के लिए उम्मीदवार के पास केमिकल, सिविल या एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग में बी.ई./बी.टेक डिग्री होना जरूरी है। वहीं सहायक वैज्ञानिक अधिकारी पद के लिए संबंधित विषयों में पीएचडी या एमएससी के साथ निर्धारित अनुभव आवश्यक है।आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष तय की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। कैसे होगा चयन भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। पहले चरण में 400 अंकों की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित की जाएगी। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को 70 अंकों के साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।अंतिम चयन CBT और इंटरव्यू में प्राप्त कुल अंकों के आधार पर किया जाएगा। आवेदन शुल्क और प्रक्रिया अनारक्षित और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 2000 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि एससी/एसटी वर्ग के लिए 1000 रुपये शुल्क देना होगा। दिव्यांग उम्मीदवारों को शुल्क में छूट दी गई है। आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को UPPCB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “Recruitment” सेक्शन में आवेदन फॉर्म भरना होगा, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे और शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। अंतिम मौका, न करें देरी आज आवेदन की आखिरी तारीख होने के कारण उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे बिना देरी किए तुरंत आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। यह भर्ती पर्यावरण क्षेत्र में सरकारी नौकरी पाने का बेहतरीन अवसर है, जिसे हाथ से जाने न दें।
नई दिल्ली, एजेंसियां। किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी आजकल एक आम लेकिन बेहद तकलीफदेह समस्या बन चुकी है। कई बार इस परेशानी से जूझ रहे मरीजों को यूरिन करते समय खून भी दिखाई देता है, जिससे डर और चिंता बढ़ जाती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या किडनी स्टोन में यूरिन से खून आना सामान्य है या यह किसी गंभीर खतरे का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार विशेषज्ञों के अनुसार, पेशाब में खून आने की स्थिति को मेडिकल भाषा में हीमेट्यूरिया (Hematuria) कहा जाता है। यह किडनी स्टोन के मरीजों में देखा जाने वाला एक सामान्य लक्षण हो सकता है। जब किडनी में मौजूद स्टोन दवाओं या प्राकृतिक तरीके से शरीर से बाहर निकलने लगते हैं, तो वे यूरिनरी ट्रैक्ट यानी मूत्र मार्ग से होकर गुजरते हैं। इस दौरान स्टोन की सतह मूत्र नली या आसपास की अंदरूनी परत को हल्का नुकसान पहुंचा सकती है। इसी वजह से वहां से थोड़ी मात्रा में ब्लड निकलता है, जो यूरिन के साथ बाहर आ जाता है। कब तक सामान्य और कब हो सकता है खतरे का संकेत डॉक्टरों का कहना है कि एक-दो बार हल्का खून आना कई मामलों में बहुत गंभीर नहीं होता, खासकर तब जब स्टोन छोटा हो और बाहर निकल रहा हो। लेकिन यदि बार-बार यूरिन में खून आ रहा है, पेशाब करते समय तेज जलन, बुखार, तेज दर्द, उल्टी या पेशाब रुकने जैसी समस्या भी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति केवल स्टोन ही नहीं, बल्कि किडनी इंफेक्शन, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) या किसी अन्य गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकती है। क्या सभी किडनी स्टोन अपने आप निकल जाते हैं? यह पूरी तरह स्टोन के आकार और उसकी लोकेशन पर निर्भर करता है। आमतौर पर 5 मिमी (MM) से छोटे स्टोन दवाओं, पर्याप्त पानी और कुछ मेडिकल मैनेजमेंट की मदद से यूरिन के रास्ते बाहर निकल सकते हैं। लेकिन यदि स्टोन बड़ा हो, अटका हुआ हो या दर्द और ब्लीडिंग बढ़ रही हो, तो सर्जरी या अन्य मेडिकल प्रोसीजर की जरूरत पड़ सकती है। जांच और इलाज में देरी न करें यदि यूरिन में खून दिखाई दे, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। यूरिन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और अन्य जांचों से सही कारण का पता लगाया जा सकता है। समय पर इलाज से जटिलताओं से बचा जा सकता है और किडनी को सुरक्षित रखा जा सकता है।
आजकल आयरन की कमी (Iron Deficiency) एक आम समस्या बन गई है, खासकर महिलाओं में। लेकिन सही डाइट अपनाकर इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। आइए जानते हैं 6 ऐसी हरी चीजों के बारे में जो आपके शरीर में आयरन की कमी नहीं होने देंगी 1. करी पत्ता (Curry Leaves) — आयरन का पावरहाउस करी पत्ता सिर्फ तड़के के लिए नहीं, बल्कि आयरन और फोलिक एसिड का बेहतरीन स्रोत है। फोलिक एसिड आयरन को शरीर में अच्छे से अवशोषित करने में मदद करता है। इसे चटनी बनाकर या सीधे खाएं, फेंकें नहीं। 2. पालक (Spinach) — सबसे मशहूर आयरन सोर्स पालक आयरन से भरपूर होता है और रेड ब्लड सेल्स बनाने में मदद करता है। हल्का उबालकर या पकाकर खाएं नींबू या टमाटर के साथ लेने से आयरन जल्दी अवशोषित होता है 3. मेथी के पत्ते (Fenugreek Leaves) — खून बढ़ाने वाली सब्जी मेथी में आयरन के साथ-साथ फाइबर और विटामिन K भी होता है। खासकर महिलाओं के लिए फायदेमंद पराठा, सब्जी या दाल में शामिल करें 4. सहजन के पत्ते (Moringa) — ‘मिरेकल फूड’ मोरिंगा के पत्तों में पालक से भी ज्यादा आयरन होता है। इसमें विटामिन C भी होता है, जो आयरन को आसानी से शरीर में पहुंचाता है पाउडर, सूप या सांभर में इस्तेमाल करें 5. चौलाई (Amaranth Leaves) — आयरन + कैल्शियम का खजाना चौलाई के पत्ते आयरन और कैल्शियम से भरपूर होते हैं। ये खून को मजबूत बनाते हैं स्टर-फ्राई या सब्जी के रूप में खाएं 6. सरसों का साग (Mustard Greens) — सर्दियों की ताकत सरसों का साग आयरन के साथ विटामिन A, C और K से भरपूर होता है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है और खून साफ करता है सर्दियों में इसे जरूर डाइट में शामिल करें जरूरी टिप्स आयरन के साथ विटामिन C लेना जरूरी है (नींबू, आंवला) चाय/कॉफी खाने के तुरंत बाद न लें (आयरन अवशोषण कम होता है) संतुलित मात्रा में सेवन करें
नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों में तेज धूप, बढ़ता पसीना और ऑयल प्रोडक्शन स्किन के लिए बड़ी चुनौती बन जाते हैं। यही कारण है कि इस मौसम में चेहरे पर बार-बार मुहांसे (Acne) उभरते हैं। पसीना और धूल-मिट्टी की वजह से त्वचा पर गंदगी जमती है, जिससे पिंपल्स बढ़ते हैं। हाथों से बार-बार चेहरे को छूना भी बैक्टीरिया फैलाता है और समस्या को और गंभीर बना देता है। सही स्किन केयर और जीवनशैली अपनाकर इस समस्या से राहत पाई जा सकती है। दिन में दो बार चेहरा धोएं गर्मी में चेहरे को साफ रखना सबसे जरूरी है। दिन में कम से कम दो बार हल्के फेस वॉश से चेहरा धोएं। इससे अतिरिक्त तेल और गंदगी हटती है और पोर्स क्लियर रहते हैं। ऑयल-फ्री प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल हेल्दी स्किन के लिए ऑयल-फ्री मॉइस्चराइज़र और सनस्क्रीन का उपयोग जरूरी है। ये त्वचा को हाइड्रेट रखते हैं और सूरज की हानिकारक किरणों से भी बचाते हैं। आइस थेरेपी अपनाएं हफ्ते में दो से तीन बार आइस फेशियल करने से त्वचा की सूजन और रेडनेस कम होती है। बर्फ को सीधे चेहरे पर न लगाएं, बल्कि किसी कपड़े में लपेटकर 2-4 मिनट हल्के हाथों से रगड़ें। घरेलू नुस्खे नीम का रस या एलोवेरा जेल रात में लगाने से त्वचा को ठंडक और मजबूती मिलती है। गुलाब जल भी चेहरे को हाइड्रेटेड और ग्लोइंग बनाता है। चेहरे को बार-बार न छुएं हाथों की गंदगी से बैक्टीरिया फैलते हैं। इसलिए चेहरे को अनावश्यक न छुएं और हाथ हमेशा साफ रखें। हेल्दी डाइट और पर्याप्त पानी हरी सब्जियां, फल और पर्याप्त पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और त्वचा में सुधार आता है। पर्याप्त नींद लें नींद की कमी से स्किन की समस्या बढ़ सकती है। हर मौसम में पूरी नींद लेना जरूरी है। क्या न करें ज्यादा केमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें। पिंपल्स को दबाकर न निकलें और गंदे तौलिये या तकिये का उपयोग बंद करें।
Vitamin B12 Deficiency Symptoms: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान, कमजोरी और फोकस की कमी आम हो गई है। लेकिन अगर ये समस्याएं लगातार बनी रहें, तो इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। Indian Journal of Endocrinology and Metabolism में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, उत्तर भारत के करीब 47% लोग विटामिन B12 की कमी से जूझ रहे हैं। इसे ‘साइलेंट’ समस्या इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। क्यों जरूरी है Vitamin B12? विटामिन B12 शरीर के कई जरूरी कामों के लिए अहम है: रेड ब्लड सेल्स (RBC) बनाने में मदद नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखना खाने को ऊर्जा में बदलना दिमाग और याददाश्त को सपोर्ट करना इसकी कमी होने पर शरीर अंदर ही अंदर कमजोर होने लगता है। किन लोगों को ज्यादा खतरा? शाकाहारी (Vegetarians) बुजुर्ग लोग लंबे समय तक कुछ दवाएं लेने वाले जिनका शरीर B12 सही से अब्जॉर्ब नहीं कर पाता ICMR के अनुसार, शाकाहारियों में इसकी कमी ज्यादा देखी जाती है, क्योंकि B12 मुख्य रूप से एनिमल-बेस्ड फूड में पाया जाता है। B12 की कमी के शुरुआती और गंभीर लक्षण शुरुआती लक्षण: हमेशा थकान और कमजोरी ध्यान न लगना (Brain Fog) हल्की सांस फूलना गंभीर लक्षण: हाथ-पैरों में झुनझुनी याददाश्त कमजोर होना चलने-फिरने में बैलेंस बिगड़ना अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह न्यूरोलॉजिकल डैमेज तक पहुंच सकता है। किन चीजों में मिलता है Vitamin B12? नॉन-वेज सोर्स: अंडा मछली चिकन दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स वेज ऑप्शन: दूध, दही, पनीर फोर्टिफाइड सीरियल्स प्लांट-बेस्ड मिल्क ध्यान दें: सामान्य शाकाहारी खाने में B12 बहुत कम होता है। कैसे करें बचाव? संतुलित और पोषक आहार लें जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स लें नियमित रूप से ब्लड टेस्ट कराते रहें लंबे समय तक थकान को नजरअंदाज न करें
हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। ऐसे में 5 अप्रैल 2026 को पड़ने वाली विकट संकष्टी चतुर्थी विशेष महत्व रखती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत व पूजा करने से जीवन की कठिन बाधाएं दूर होती हैं और करियर व व्यापार में सफलता के नए रास्ते खुलते हैं। क्या है इस दिन का विशेष महत्व? वैशाख मास में आने वाली यह चतुर्थी भगवान गणेश के “विकट” स्वरूप को समर्पित होती है, जो हर प्रकार के संकट को हरने वाले माने जाते हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दिन पूजा करने से बुध और केतु ग्रह के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं, जिससे मानसिक स्पष्टता, निर्णय क्षमता और सफलता में वृद्धि होती है। शुभ मुहूर्त (5 अप्रैल 2026) चतुर्थी प्रारंभ: सुबह 11:59 बजे चतुर्थी समाप्त: 6 अप्रैल, दोपहर 02:10 बजे अमृत काल: शाम 06:20 से रात 08:06 बजे अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 से 12:49 बजे तक पूजा विधि इस दिन प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें और घर के पूजा स्थान पर स्वच्छ चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें। पंचामृत से अभिषेक करें सिंदूर, अक्षत, फूल, फल और दूर्वा अर्पित करें मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं आरती करें और रात में चंद्रोदय के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें व्रत कथा का महत्व धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत कथा का पाठ करने से पूजा का फल दोगुना हो जाता है। कथा के अनुसार, सच्ची श्रद्धा और भक्ति से भगवान गणेश अपने भक्तों के सबसे बड़े संकट भी दूर कर देते हैं और उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। क्या मिलता है इस व्रत से? करियर और व्यापार में आ रही रुकावटें दूर होती हैं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ता है परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है
देशभर में आज चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर हनुमान जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था। पवनपुत्र, रामभक्त और चिरंजीवी हनुमान जी को ‘अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता’ कहा जाता है, जिसका उल्लेख हनुमान चालीसा में भी मिलता है। भक्ति साहित्य के महान कवि गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा- “अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, अस वर दीन जानकी माता” मान्यता है कि माता सीता ने हनुमान जी को इन दिव्य शक्तियों और संपत्तियों का वरदान दिया था। क्या हैं हनुमान जी की 8 सिद्धियां? हनुमान जी के पास आठ अद्भुत दिव्य शक्तियां मानी जाती हैं, जिन्हें अष्ट सिद्धि कहा जाता है- अणिमा – स्वयं को अत्यंत सूक्ष्म बनाने की शक्ति महिमा – इच्छानुसार विशाल रूप धारण करने की शक्ति गरिमा – शरीर को अत्यधिक भारी बनाने की क्षमता लघिमा – शरीर को अत्यंत हल्का कर लेने की शक्ति प्राप्ति – किसी भी वस्तु को तुरंत प्राप्त कर लेने की शक्ति प्राकाम्य – कहीं भी जाने, आकाश में उड़ने या जल में रहने की क्षमता ईशित्व – दैवीय शक्तियों पर नियंत्रण रखने की क्षमता वशित्व – इंद्रियों और मन को वश में करने की शक्ति इन सिद्धियों के कारण हनुमान जी किसी भी रूप में प्रकट होकर असंभव कार्यों को संभव बना सकते हैं। क्या हैं 9 निधियां? नव निधियां दिव्य संपत्तियों का प्रतीक मानी जाती हैं, जो जीवन में समृद्धि और संतुलन का संकेत देती हैं- पद्म निधि – स्वर्ण-चांदी संग्रह और दान की प्रवृत्ति महापद्म निधि – धर्म कार्यों में धन का उपयोग नील निधि – कई पीढ़ियों तक चलने वाली संपत्ति मुकुंद निधि – राज्य और सत्ता से जुड़ी संपत्ति नंद निधि – परिवार और वंश को संभालने वाली संपत्ति मकर निधि – अस्त्र-शस्त्रों का संग्रह कच्छप निधि – स्वयं के उपयोग की संपत्ति शंख निधि – सीमित अवधि तक रहने वाली संपत्ति खर्व निधि – मिश्रित और विविध फल देने वाली संपत्ति भक्तों को क्या मिलता है हनुमान जी की कृपा से? धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से भक्तों को साहस, शक्ति और सफलता का आशीर्वाद मिलता है। हनुमान जी को ‘संकटमोचन’ कहा जाता है, क्योंकि उनकी कृपा से जीवन के कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं।
हिंदू धर्म में Hanuman Jayanti का विशेष महत्व है। इस वर्ष यह पावन पर्व 2 अप्रैल को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन Hanuman का जन्म हुआ था, इसलिए इसे चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और कुंडली का मंगल दोष भी शांत होता है। हनुमान जयंती पर करें ये 5 प्रभावी उपाय 1. व्रत और राम नाम का जप इस दिन व्रत रखकर हनुमान जी की पूजा करें और Ram का नाम जपें। रामचरितमानस, राम स्तुति या राम चालीसा का पाठ करने से बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है। 2. सिंदूर अर्पित करें हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं, भय दूर होता है और शत्रुओं पर विजय मिलती है। 3. हनुमान बाहुक और अष्टक का पाठ रोग, भय या संकट से मुक्ति के लिए हनुमान बाहुक और संकटमोचन हनुमान अष्टक का पाठ करें। यह उपाय मानसिक और शारीरिक कष्टों को दूर करने में सहायक माना जाता है। 4. बजरंग बाण का पाठ (विशेष परिस्थिति में) यदि जीवन में गंभीर संकट हो, तो बजरंग बाण का पाठ किया जा सकता है। हालांकि इसे सामान्य परिस्थितियों में पढ़ने की सलाह नहीं दी जाती, लेकिन कठिन समय में यह अत्यंत प्रभावी माना गया है। 5. दान और भोग का महत्व हनुमान जयंती पर मसूर की दाल, गुड़, चना दाल और लाल वस्त्र का दान करें। साथ ही हनुमान जी को लड्डू और बूंदी का भोग लगाएं। इससे मंगल और शनि दोष शांत होते हैं। आस्था और विश्वास का पर्व हनुमान जयंती केवल पूजा का दिन नहीं, बल्कि शक्ति, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। इस दिन किए गए छोटे-छोटे उपाय भी जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। नवरात्रि का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। नौ दिन तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा और आराधना के बाद पर्व का समापन नवमी के दिन होता है। इस दिन कन्या पूजन करने की परंपरा होती है, जिसमें देवी के नौ रूपों के प्रतिनिधि माने जाने वाली कन्याओं का सम्मान और सेवा की जाती है। नवमी के अवसर पर मां सिद्धिदात्री का प्रिय भोग तैयार करना इस दिन का विशेष महत्व रखता है। मां सिद्धिदात्री का पसंदीदा भोग मां सिद्धिदात्री के भोग में सूजी का हलवा और काला चना सबसे प्रिय माने जाते हैं। अगर आप इस नवमी पर कन्या पूजन का आयोजन कर रहे हैं, तो इन दोनों व्यंजनों को बनाने की विधि और सामग्री का ध्यान रखना जरूरी है। सूजी का हलवा बनाने की सामग्री: • सूजी – 1 कप • पानी – 4 कप • चीनी – 2 कप • घी – 2 टेबलस्पून • दूध – 2 कप • काजू, किशमिश, बादाम – सजाने के लिए • इलायची पाउडर – 1/4 टीस्पून विधि: 1. कड़ाही में घी गरम करें और उसमें सूजी डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। 2. भुनी हुई सूजी में धीरे-धीरे पानी डालें और लगातार चलाते रहें। 3. चीनी मिलाकर 2-3 मिनट पकाएं और फिर इलायची पाउडर डालें। 4. ऊपर से काजू, किशमिश और बादाम डालकर हलवा सजाएं। 5. गरमा-गरम हलवा कन्या पूजन में भोग के रूप में परोसें। काला चना बनाने की सामग्री और विधि सामग्री: • काला चना – 1 कप (भीगा हुआ) • नमक – स्वादानुसार • जीरा पाउडर – 1/4 टीस्पून • हरा धनिया – सजाने के लिए विधि: 1. चनों को रात भर पानी में भिगो दें। 2. अगली सुबह चनों को साफ पानी में 20–25 मिनट या प्रेशर कुकर में 2-3 सीटी तक पकाएं। 3. उबले चनों में नमक और जीरा पाउडर मिलाएं। 4. ऊपर से हरा धनिया डालकर सजाएं। 5. इसे बिना प्याज-लहसुन के फ्राई कर कन्या पूजन में भोग के रूप में अर्पित करें। नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री को भोग अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। सूजी का हलवा और काला चना बनाना आसान है और ये पारंपरिक भोग के रूप में बेहद पसंद किए जाते हैं। इस नवमी, इन व्यंजनों के साथ कन्या पूजन कर पुण्य और आशीर्वाद प्राप्त करें।
टेक्नोलॉजी की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रफ्तार लगातार तेज हो रही है, और इसी दिशा में Microsoft ने एक और बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने तीन नए एडवांस्ड AI मॉडल्स लॉन्च किए हैं - MAI-Transcribe-1, MAI-Voice-1 और MAI-Image-2 जो टेक्स्ट ट्रांसक्रिप्शन, रियलिस्टिक वॉइस और हाई-क्वालिटी इमेज जनरेशन जैसे कामों को और आसान और तेज बनाएंगे। तीनों AI मॉडल्स में क्या है खास? MAI-Transcribe-1: सबसे एडवांस ट्रांसक्रिप्शन MAI-Transcribe-1 को लेकर Microsoft का दावा है कि यह 25 प्रमुख भाषाओं में स्पीच-टू-टेक्स्ट ट्रांसक्रिप्शन में बेहतरीन परफॉर्मेंस देता है। कंपनी के अनुसार, यह मॉडल Google और OpenAI के मौजूदा मॉडल्स से भी कम एरर रेट देता है। यह मॉडल खास तौर पर तेज स्पीड और बेहतर प्राइस-परफॉर्मेंस के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे डेवलपर्स और एंटरप्राइज यूजर्स को फायदा मिलेगा। MAI-Voice-1: इंसानों जैसी आवाज़ MAI-Voice-1 की मदद से अब AI द्वारा जनरेट की गई आवाज़ पहले से ज्यादा नेचुरल और इमोशनल होगी। कुछ सेकंड की ऑडियो से कस्टम वॉइस तैयार 1 सेकंड में 60 सेकंड की ऑडियो जनरेशन लंबे कंटेंट में भी आवाज़ की स्थिरता यह मॉडल Copilot Audio Expressions और Podcasts जैसे फीचर्स को भी पावर देगा। MAI-Image-2: बेहतर और तेज इमेज जनरेशन MAI-Image-2 इमेज जनरेशन को एक नए स्तर पर ले जाता है। ज्यादा नैचुरल लाइटिंग और टेक्सचर इमेज में टेक्स्ट की बेहतर क्लैरिटी फास्ट प्रोसेसिंग इस मॉडल को डिजाइनर्स और फोटोग्राफर्स के साथ मिलकर तैयार किया गया है, जिससे प्रोफेशनल क्वालिटी आउटपुट मिल सके। कहां उपलब्ध होंगे ये मॉडल्स? ये सभी मॉडल्स Microsoft Foundry और MAI Playground के जरिए उपलब्ध हैं। इसके अलावा, MAI-Image-2 को Copilot, Bing और PowerPoint जैसे प्रोडक्ट्स में भी रोलआउट किया जा रहा है। AI रेस में Microsoft की मजबूत पकड़ इन नए मॉडल्स के साथ Microsoft ने साफ संकेत दे दिया है कि वह AI की वैश्विक रेस में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहता है। कंपनी का फोकस बेहतर स्पीड, कम लागत और उच्च गुणवत्ता वाले AI सॉल्यूशंस देने पर है। निष्कर्ष Microsoft के ये नए AI मॉडल्स न सिर्फ टेक्नोलॉजी को आसान बनाएंगे, बल्कि कंटेंट क्रिएशन, बिजनेस और डेवलपमेंट के नए अवसर भी खोलेंगे। आने वाले समय में AI का इस्तेमाल और ज्यादा व्यापक और प्रभावी होता नजर आएगा।
स्मार्टफोन बाजार में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। Google के आगामी फ्लैगशिप स्मार्टफोन Google Pixel 11 Pro XL के CAD रेंडर्स लीक हो गए हैं, जिससे इसके डिजाइन और संभावित फीचर्स की झलक सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार कंपनी डिजाइन में बड़ा बदलाव करने के बजाय पुराने फॉर्मूले को ही आगे बढ़ाती नजर आ रही है। डिजाइन में नहीं होगा बड़ा बदलाव लीक हुए रेंडर्स के अनुसार Pixel 11 Pro XL का डिजाइन लगभग अपने पिछले मॉडल Google Pixel 10 Pro XL जैसा ही होगा। वही सिग्नेचर horizontal camera bar ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप बॉडी और कैमरा मॉड्यूल का समान डिजाइन यह दर्शाता है कि Google इस बार डिजाइन के बजाय परफॉर्मेंस और इंटरनल अपग्रेड पर ज्यादा ध्यान दे सकता है। बड़ी स्क्रीन के साथ XL एक्सपीरियंस Pixel 11 Pro XL में बड़ा डिस्प्ले देखने को मिल सकता है: 6.8-इंच LTPO AMOLED स्क्रीन बड़ा फॉर्म फैक्टर, प्रीमियम लुक पावर और वॉल्यूम बटन दाईं तरफ यह डिवाइस उन यूजर्स को टारगेट करेगा जो बड़ी स्क्रीन और प्रीमियम अनुभव चाहते हैं। संभावित स्पेसिफिकेशन लीक्स के मुताबिक इस स्मार्टफोन में दमदार हार्डवेयर मिल सकता है: नया Tensor G6 प्रोसेसर 16GB RAM 256GB स्टोरेज लगभग 162.7 x 76.5 x 8.5mm डाइमेंशन हालांकि, अभी तक कंपनी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। क्या है खास? Pixel 11 Pro XL में भले ही डिजाइन पुराना लगे, लेकिन इसकी ताकत इसके अंदर छिपी हो सकती है। बेहतर AI और कैमरा प्रोसेसिंग की उम्मीद Tensor चिप के साथ स्मार्ट फीचर्स फ्लैगशिप परफॉर्मेंस निष्कर्ष Google Pixel 11 Pro XL उन यूजर्स के लिए दिलचस्प हो सकता है जो डिजाइन से ज्यादा परफॉर्मेंस और सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस को प्राथमिकता देते हैं। अब देखना होगा कि लॉन्च के समय कंपनी इसमें क्या नए इनोवेशन जोड़ती है
चीनी टेक कंपनी Xiaomi भारत में अपने इकोसिस्टम को तेजी से विस्तार दे रही है। स्मार्टफोन के बाद अब कंपनी प्रीमियम स्मार्ट टीवी सेगमेंट में बड़ा दांव खेलने जा रही है। Xiaomi ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि उसकी नई Xiaomi TV S Mini LED Series 15 अप्रैल 2026 को भारतीय बाजार में लॉन्च होगी। भारत में किन मॉडल्स के साथ एंट्री? कंपनी शुरुआत में इस सीरीज के 55 इंच और 65 इंच मॉडल लॉन्च कर सकती है। हालांकि ग्लोबल मार्केट में यह सीरीज 55, 65, 75, 85 और 98 इंच जैसे बड़े स्क्रीन ऑप्शन के साथ पहले ही पेश की जा चुकी है। भारत में आगे चलकर अन्य साइज भी लाए जा सकते हैं। डिस्प्ले में मिलेगा प्रीमियम अनुभव Xiaomi की इस नई टीवी सीरीज में Quantum MagiQ Mini LED डिस्प्ले टेक्नोलॉजी दी जाएगी, जो बेहतर ब्राइटनेस और कलर एक्युरेसी के लिए जानी जाती है। टीवी में मिलेगा: 4K रेजोल्यूशन (3840×2160 पिक्सल) 120Hz रिफ्रेश रेट 1200 निट्स तक पीक ब्राइटनेस 94% DCI-P3 कलर गामट HDR10+ और HLG सपोर्ट ये फीचर्स मिलकर यूजर्स को शानदार विजुअल एक्सपीरियंस देने का वादा करते हैं। दमदार ऑडियो और स्मार्ट फीचर्स ऑडियो के मामले में भी यह टीवी पीछे नहीं है। इसमें 15W के ड्यूल स्पीकर्स दिए जा सकते हैं, जो Dolby Atmos सपोर्ट के साथ इमर्सिव साउंड देंगे। यह टीवी Google TV पर चलेगा, जिससे यूजर्स को Netflix, Prime Video, Disney+ Hotstar जैसी सभी प्रमुख OTT ऐप्स का एक्सेस मिलेगा। साथ ही Chromecast और AirPlay सपोर्ट भी मिलेगा। कनेक्टिविटी और पोर्ट्स कनेक्टिविटी के लिए टीवी में Wi-Fi 5 और Bluetooth 5.0 का सपोर्ट मिल सकता है। इसके अलावा: HDMI 2.1 और HDMI 2.0 पोर्ट्स USB पोर्ट्स Ethernet पोर्ट जैसे जरूरी विकल्प भी शामिल होंगे। कीमत और उपलब्धता फिलहाल Xiaomi ने कीमत का खुलासा नहीं किया है। उम्मीद है कि लॉन्च के करीब कंपनी इसकी कीमत और सेल डेट की पूरी जानकारी साझा करेगी। यह लॉन्च भारत के स्मार्ट टीवी मार्केट में Xiaomi की पकड़ को और मजबूत कर सकता है, खासकर उन ग्राहकों के बीच जो प्रीमियम फीचर्स किफायती कीमत में चाहते हैं।
भारत में 5G की रेस तेज होती जा रही है और अब Vodafone Idea (Vi) ने भी बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह अगले दो महीनों में अपने 5G नेटवर्क को 90 नए शहरों तक विस्तार देगी, जिससे कुल कवरेज 133 शहरों तक पहुंच जाएगी। 43 से 133 शहरों तक का सफर फिलहाल Vi का 5G नेटवर्क 17 सर्किल्स के 43 शहरों में उपलब्ध है। कंपनी का लक्ष्य मई 2026 तक इसे बढ़ाकर 133 शहरों तक पहुंचाना है। यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब Vi को Bharti Airtel और Reliance Jio से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जिन्होंने पहले ही देशभर में 5G नेटवर्क तेजी से फैलाया है। किन क्षेत्रों में होगा विस्तार? Vi का यह विस्तार 15 प्रमुख सर्किल्स में किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश (ईस्ट और वेस्ट), हरियाणा, गुजरात और छत्तीसगढ़। कंपनी खासतौर पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, हाई डेटा कंजंप्शन वाले इलाकों और तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों पर फोकस कर रही है। इन शहरों को मिलेगा 5G आने वाले समय में जिन प्रमुख शहरों में Vi 5G सेवा शुरू होगी, उनमें Chennai, Hyderabad, Varanasi, Goa, Gandhinagar और Kolhapur जैसे शहर शामिल हैं। इसके अलावा प्रयागराज, पुडुचेरी, सीकर, दुर्गापुर, हरिद्वार और ग्वालियर जैसे शहरों में भी 5G नेटवर्क पहुंचाया जाएगा। टेक्नोलॉजी पार्टनर्स का सहयोग Vi ने अपने 5G नेटवर्क विस्तार के लिए Nokia, Ericsson और Samsung के साथ साझेदारी की है। इन कंपनियों की मदद से Vi उन इलाकों में नेटवर्क मजबूत कर रहा है जहां 5G डिवाइस का इस्तेमाल और डेटा की मांग तेजी से बढ़ रही है। क्यों अहम है यह विस्तार? Vi का यह कदम भारत में 5G प्रतिस्पर्धा को और तेज करेगा। इससे यूजर्स को बेहतर नेटवर्क स्पीड, कम लेटेंसी और बेहतर डिजिटल अनुभव मिलने की उम्मीद है। हालांकि, Vi के लिए यह विस्तार बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि उसे बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए तेजी से नेटवर्क बढ़ाना होगा।
आज के तेजी से बदलते तकनीकी दौर में करियर का सही चुनाव करना पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। हर साल नई-नई टेक्नोलॉजी सामने आ रही हैं, जिससे यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि किस फील्ड में भविष्य सुरक्षित और मजबूत होगा। अगर आप भी BTech करने की सोच रहे हैं और कन्फ्यूज हैं कि कौन-सी ब्रांच चुनें, तो यह रिपोर्ट आपके लिए बेहद काम की है। AI और Data Science: टेक इंडस्ट्री का भविष्य वर्तमान समय में Artificial Intelligence (AI) और Data Science टेक सेक्टर के सबसे तेजी से उभरते और हाई-डिमांड क्षेत्रों में शामिल हैं। हेल्थकेयर, बैंकिंग, ई-कॉमर्स से लेकर एंटरटेनमेंट तक, हर इंडस्ट्री में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। AI मशीनों को इंसानों की तरह सोचने और निर्णय लेने की क्षमता देता है, जबकि Data Science बड़े डेटा का विश्लेषण करके कंपनियों को बेहतर रणनीति बनाने में मदद करता है। यही कारण है कि कंपनियां इन स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता दे रही हैं। क्यों बढ़ रही है इनकी डिमांड? ऑटोमेशन का बढ़ता ट्रेंड: कंपनियां मैन्युअल काम को कम करके ऑटोमेशन अपना रही हैं बिग डेटा का विस्तार: हर दिन भारी मात्रा में डेटा तैयार हो रहा है, जिसे समझने के लिए एक्सपर्ट्स की जरूरत है स्मार्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग: Chatbots, Self-driving Cars और Recommendation Systems जैसी तकनीकें AI पर आधारित हैं जरूरी स्किल्स क्या हैं? AI और Data Science में करियर बनाने के लिए छात्रों को कुछ प्रमुख स्किल्स सीखनी होंगी: Python जैसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज Machine Learning और Deep Learning Data Analysis और Visualization Statistics और Mathematics की मजबूत समझ करियर ऑप्शन और सैलरी इस फील्ड में करियर के कई आकर्षक विकल्प मौजूद हैं: Data Scientist Machine Learning Engineer AI Engineer Business Analyst शुरुआती स्तर पर सैलरी लगभग 6 से 10 लाख रुपये सालाना हो सकती है, जो अनुभव के साथ 20 लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंच सकती है। अन्य उभरती हुई BTech ब्रांच AI के अलावा भी कई टेक ब्रांच तेजी से आगे बढ़ रही हैं: Cyber Security: डेटा सुरक्षा के लिए Cloud Computing: ऑनलाइन सर्वर और स्टोरेज मैनेजमेंट Blockchain Technology: सुरक्षित डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए
केंद्र सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा और अहम फैसला लेते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद को ‘डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी’ का दर्जा दे दिया है। इस फैसले के बाद अब NCERT न केवल शोध और पाठ्यक्रम निर्माण तक सीमित रहेगा, बल्कि खुद भी डिग्री और उच्च शिक्षा कार्यक्रम संचालित कर सकेगा। क्या है सरकार का फैसला? शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, NCERT को UGC अधिनियम 1956 की धारा 3 के तहत ‘Deemed to be University’ घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि अब NCERT को विश्वविद्यालय जैसी शैक्षणिक स्वायत्तता मिल गई है। अब NCERT क्या-क्या कर सकेगा? इस नए दर्जे के बाद NCERT के अधिकार काफी बढ़ जाएंगे: डिप्लोमा, अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) कोर्स शुरू कर सकेगा पीएचडी और शोध आधारित कार्यक्रम चला सकेगा स्पेशलाइज्ड एजुकेशन प्रोग्राम डिजाइन कर सकेगा देश-विदेश में ऑफ-कैंपस और ऑफशोर सेंटर खोल सकेगा (UGC गाइडलाइन के तहत) क्यों लिया गया यह फैसला? यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है: शिक्षक शिक्षा (Teacher Training) को बेहतर बनाना शिक्षा में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देना एक मजबूत और आधुनिक शिक्षा ढांचा तैयार करना छात्रों और शिक्षा प्रणाली पर क्या होगा असर? विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से: शिक्षक बनने की पढ़ाई और अधिक गुणवत्ता वाली होगी शिक्षा क्षेत्र में नए कोर्स और रिसर्च के अवसर बढ़ेंगे NCERT का रोल सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगा हालांकि, यह भी देखना होगा कि नए कोर्स और कैंपस कैसे और कब शुरू किए जाते हैं। निष्कर्ष NCERT को ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा मिलना भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। इससे न केवल शिक्षक शिक्षा मजबूत होगी, बल्कि छात्रों को भी नए अवसर मिलेंगे।
जयपुर: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 12वीं कॉमर्स स्ट्रीम का रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है। इस बार कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल पास प्रतिशत 93.64% रहा है। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र अब बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर जाकर अपना परिणाम आसानी से चेक कर सकते हैं। ऐसे करें RBSE 12th Commerce Result 2026 चेक रिजल्ट देखने के लिए इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं होमपेज पर “Senior Secondary Commerce Result 2026” लिंक पर क्लिक करें अपना रोल नंबर दर्ज करें सबमिट बटन पर क्लिक करें स्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिखाई देगा रिजल्ट डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंट निकाल लें इस साल का प्रदर्शन कुल पास प्रतिशत: 93.64% कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों ने इस वर्ष बेहतर प्रदर्शन किया है, जिससे सफलता दर काफी ऊंची रही है पिछले साल कैसा रहा था रिजल्ट? पिछले वर्ष राजस्थान बोर्ड ने 12वीं के सभी स्ट्रीम का रिजल्ट एक साथ जारी किया था। कॉमर्स स्ट्रीम पास प्रतिशत (2025): 99.07% कुल 8,93,616 छात्रों ने 12वीं के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था इनमें से 28,250 छात्र कॉमर्स स्ट्रीम के थे टॉपर: कंगना कोसनानी (99.20%)
JEE Main Session 2 Admit Card 2026: जेईई मेन सेशन 2 के उम्मीदवारों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। जो उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। कब से शुरू होगी परीक्षा? JEE Main Session 2 की परीक्षा 2 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 9 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी। इससे पहले NTA ने एग्जाम सिटी स्लिप जारी कर दी थी और अब एडमिट कार्ड भी उपलब्ध करा दिया गया है। ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं। होमपेज पर “JEE Main Session 2 Admit Card 2026” लिंक पर क्लिक करें। अपना Application Number, Date of Birth और Security Pin दर्ज करें। लॉगिन करते ही एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसे डाउनलोड करें और प्रिंटआउट निकाल लें। परीक्षा से पहले इन बातों का रखें ध्यान परीक्षा के दिन एडमिट कार्ड अनिवार्य है, इसके बिना एंट्री नहीं मिलेगी। साथ में एक वैध फोटो आईडी प्रूफ जरूर लेकर जाएं। एडमिट कार्ड में दी गई सभी डिटेल्स (नाम, सेंटर, तारीख) ध्यान से चेक करें। परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें। एडमिट कार्ड में दिए गए सभी दिशा-निर्देश (Guidelines) को ध्यान से पढ़ें।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2027 वित्तीय वर्ष के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 139 लाख करोड़ रुपये) के विशाल रक्षा बजट का प्रस्ताव रखा है। अगर इसे कांग्रेस मंजूरी देती है, तो यह अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा बजट होगा। 42% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी यह बजट पिछले साल के मुकाबले करीब 42% ज्यादा है रक्षा खर्च में इतनी बड़ी बढ़ोतरी पहले कभी नहीं देखी गई ‘गोल्डन डोम’ डिफेंस सिस्टम पर फोकस इस बजट में ट्रंप के प्रस्तावित ‘Golden Dome’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए फंड शामिल है इसका उद्देश्य अमेरिका को आधुनिक और अगली पीढ़ी के हवाई खतरों से बचाना है नए ‘Trump-Class’ बैटलशिप बजट में दर्जनों सैन्य जहाजों के निर्माण का प्रावधान अमेरिकी नौसेना के लिए नई ‘Trump-Class’ बैटलशिप सीरीज भी शामिल घरेलू उत्पादन पर जोर यह प्रस्ताव ट्रंप प्रशासन के घरेलू रक्षा उत्पादन और बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस को दर्शाता है इसका मकसद अमेरिका की मिलिट्री ताकत को और मजबूत करना है ईरान युद्ध से अलग बजट यह रक्षा बजट प्रस्ताव ईरान के साथ चल रहे संघर्ष से अलग है पेंटागन ने ‘Operation Epic Fury’ के लिए अलग से 200 अरब डॉलर (करीब 18.5 लाख करोड़ रुपये) की मांग की है क्या है इसका मतलब? अमेरिका अपनी सैन्य ताकत को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ाने की तैयारी में है बढ़ते वैश्विक तनाव और तकनीकी युद्ध को देखते हुए यह कदम रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव कम होने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। सीजफायर के लिए चल रही कूटनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि ईरान ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित बातचीत में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है। क्या है पूरा मामला? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक: ईरान ने मध्यस्थों को स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिकी अधिकारियों से मिलने को तैयार नहीं है उसने अमेरिका की शर्तों को “अस्वीकार्य” बताया है इस वजह से सीजफायर के लिए चल रही बातचीत ठप पड़ गई है पाकिस्तान की कोशिशें भी नाकाम इस मामले में पाकिस्तान समेत कई क्षेत्रीय देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे थे। पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में बातचीत की मेजबानी का प्रस्ताव दिया था विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा था कि पाकिस्तान इस प्रक्रिया में सहयोग देने को तैयार है लेकिन ईरान के इनकार के बाद यह पहल फिलहाल अधर में लटक गई है। बढ़ सकता है तनाव विशेषज्ञों का मानना है कि: बातचीत रुकने से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है सीजफायर की संभावना फिलहाल कमजोर पड़ गई है आगे क्या? अब नजर इस बात पर है कि क्या दोनों देश किसी नए मंच या शर्तों के तहत बातचीत के लिए तैयार होंगे या फिर हालात और बिगड़ेंगे।
पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों को लेकर बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। हाल ही में कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बाद अब सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल के दाम में कटौती कर दी है। ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, 4 अप्रैल 2026 से पेट्रोल की कीमत में 80 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। इस फैसले के बाद देश में पेट्रोल की नई कीमत 378.41 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गई है। हालांकि, सरकार ने डीज़ल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। डीज़ल अभी भी 520.35 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। एक दिन पहले ही हुई थी भारी बढ़ोतरी इससे पहले गुरुवार को पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल दोनों की कीमतों में जोरदार इजाफा किया था। पेट्रोल में 137.23 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी डीज़ल में 184.49 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी इस बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की कीमत 458.41 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी, जिससे आम जनता पर भारी बोझ पड़ा। सरकार का यू-टर्न प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की सरकार ने बढ़ते दबाव और महंगाई के असर को देखते हुए अब पेट्रोल की कीमतों में राहत देने का फैसला लिया है। हालांकि, डीज़ल की कीमतों को जस का तस रखना सवाल खड़े कर रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट और महंगाई पर पड़ता है। आम जनता को आंशिक राहत पेट्रोल सस्ता होने से आम लोगों को कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन डीज़ल की ऊंची कीमतें अभी भी चिंता का विषय बनी हुई हैं।
वाशिंगटन, एजेंसियां। नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के तहत 4 अंतरिक्ष यात्री चांद के 10-दिन के सफर पर हैं। सफर की शुरुआत में ही ओरियन अंतरिक्ष यान में टॉयलेट खराब हो गया, जिससे सभी को करीब 6 घंटे तक पेशाब रोकना पड़ा। मिशन में अमेरिका के 3 और कनाडा के 1 अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। क्रिस्टीना कूच को टॉयलेट ठीक करने की जिम्मेदारी इस समस्या को सुलझाने के लिए मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कूच को अंतरिक्ष में प्लंबर की भूमिका निभानी पड़ी। उन्होंने नासा ह्यूस्टन से निर्देश लेकर टॉयलेट के पुर्जे हटाए और सिस्टम को बंद करके दोबारा चालू किया। कुछ घंटों की कोशिश के बाद टॉयलेट पूरी तरह काम करने लगा और अंतरिक्ष यात्रियों को रात में इसका इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई। स्पेस में टॉयलेट का खर्च और प्रशिक्षण नासा ने “यूनिवर्सल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम” पर 17.4 मिलियन पाउंड खर्च किए हैं। स्पेस में जीरो ग्रैविटी में टॉयलेट का उपयोग मुश्किल होता है, इसलिए यात्रियों को धरती पर ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें सही पोजिशन, फ़नल और स्टोरेज कंटेनर के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जाती है। मिशन में और तकनीकी दिक्कतें इसके अलावा, मिशन के दौरान PCD, वॉल्व और फ्यूल सेंसर जैसी तकनीकी समस्याएं भी आईं, जिन्हें अंतरिक्ष यात्री ने अपने कौशल से संभाला। ये टेस्ट फ्लाइट चांद पर जीवन-रक्षक उपकरणों की जांच करेगी और 2028 में चांद पर लैंडिंग का मार्ग तैयार करेगी। ऐतिहासिक मिशन यह मिशन Apollo के बाद इंसानों का चांद पर सबसे बड़ा कदम है। यात्रियों को टॉयलेट जैसी बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी तैयारी और तकनीकी मदद से ये बाधाएं पार की गईं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। अगर आप कुछ ऐसा स्नैक बनाना चाहते हैं जो हल्का भी हो, स्वादिष्ट भी और देखने में भी एकदम रेस्टोरेंट स्टाइल लगे, तो दही के कबाब आपके लिए शानदार विकल्प हैं। ये कबाब बाहर से हल्के कुरकुरे और अंदर से इतने सॉफ्ट व क्रीमी होते हैं कि मुंह में जाते ही घुल जाते हैं। खास बात यह है कि इन्हें बनाने में ज्यादा समय या मेहनत नहीं लगती, फिर भी इनका स्वाद किसी बढ़िया रेस्टोरेंट डिश से कम नहीं होता। शाम की चाय, घर आए मेहमानों या वीकेंड स्नैक के लिए यह एक परफेक्ट रेसिपी है। क्या-क्या लगेगा बनाने में? दही के कबाब बनाने के लिए सबसे जरूरी चीज है हंग कर्ड (गाढ़ा दही)। इसके लिए आपको चाहिए डेढ़ कप हंग कर्ड, एक चुटकी काला नमक, आधा टेबलस्पून कटा अदरक, 2 टेबलस्पून कटा धनिया स्टेम, 2 टीस्पून भुना जीरा पाउडर, स्वादानुसार नमक, 2 टेबलस्पून कटा प्याज, 1 कटी हरी मिर्च, 3 टेबलस्पून फ्राइड प्याज, एक-तिहाई कप कद्दूकस किया पनीर, 2 कप ब्रेड क्रम्ब्स और तलने के लिए तेल। ऐसे तैयार करें कबाब का क्रीमी मिश्रण सबसे पहले एक बड़े बाउल में हंग कर्ड लें। इसमें काला नमक, अदरक, धनिया स्टेम, भुना जीरा पाउडर, नमक, प्याज, हरी मिर्च, फ्राइड प्याज और कद्दूकस किया हुआ पनीर डालें। अब इन सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं। ध्यान रखें कि दही ज्यादा पतला न हो, वरना कबाब बनाते समय मिश्रण ढीला पड़ सकता है।इस मिश्रण की खुशबू और टेक्सचर ही दही के कबाब को खास बनाते हैं। इसमें दही की क्रीमीनेस, पनीर की सॉफ्टनेस और मसालों का बैलेंस शानदार स्वाद देता है। कबाब बनाना और फ्राई करना है बेहद आसान अब अपने हाथों पर थोड़ा सा तेल लगाएं और तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे कबाब का आकार दें। इसके बाद इन्हें ब्रेड क्रम्ब्स में अच्छी तरह रोल करें, ताकि बाहर की परत फ्राई होने पर कुरकुरी बने और कबाब टूटे नहीं। अब इन कबाब को 15 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें। यह स्टेप बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे कबाब अच्छे से सेट हो जाते हैं और तलते समय अपना आकार बनाए रखते हैं। इसके बाद एक कढ़ाही में तेल गरम करें और कबाब को मध्यम आंच पर गोल्डन ब्राउन होने तक तल लें। ऐसे करें सर्व तैयार दही के कबाब को गरमागरम हरी चटनी, इमली की चटनी या टमाटर सॉस के साथ परोसें। इनका स्वाद इतना शानदार होता है कि एक बार खाने के बाद हर कोई इसकी रेसिपी जरूर पूछेगा।
मोरबी (गुजरात): ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध का असर अब भारत के उद्योगों पर भी साफ दिखने लगा है। गुजरात के मोरबी में सिरेमिक इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे लाखों मज़दूरों के रोज़गार पर संकट खड़ा हो गया है। कैसे शुरू हुआ संकट? 28 फरवरी के बाद ईरान पर हमलों के चलते हालात बिगड़े ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में आवाजाही पर असर डाला गैस से भरे जहाज़ों की सप्लाई कच्छ के कांडला पोर्ट तक रुक गई प्रोपेन और LNG गैस की कमी से फैक्ट्रियों की भट्टियां बंद होने लगीं 670 फैक्ट्रियां ठप, उत्पादन रुका मोरबी में करीब 670 सिरेमिक फैक्ट्रियां हैं इनमें लगभग 4 लाख मज़दूर काम करते हैं गैस सप्लाई रुकने से ज्यादातर फैक्ट्रियां बंद सिर्फ कुछ सैनेट्रीवेयर यूनिट्स ही चालू हैं मज़दूरों पर सबसे बड़ा असर लाखों मज़दूर बेरोज़गारी की कगार पर कई मज़दूर अपने गांव लौट चुके हैं कुछ लोग दूसरे काम की तलाश में कॉन्ट्रैक्ट मज़दूरों को छुट्टी के दौरान वेतन नहीं मज़दूर लक्ष्मी पंडित कहती हैं: “फैक्ट्री बंद होने से चिंता बढ़ गई है, समझ नहीं आ रहा कब काम फिर शुरू होगा।” फैक्ट्रियों की हालत पहले 24 घंटे चलने वाली यूनिट्स अब बंद मशीनों पर धूल जम गई, शेड खाली पड़े हैं ट्रकों की आवाजाही लगभग बंद सिर्फ मेंटेनेंस का काम चल रहा है एक फैक्ट्री डायरेक्टर के मुताबिक: रोज़ाना 14,000 क्यूबिक मीटर गैस की जरूरत लागत करीब 14 लाख रुपये प्रतिदिन गैस खत्म होते ही 4 मार्च को प्लांट बंद करना पड़ा आगे क्या? अगर जल्द गैस सप्लाई बहाल नहीं हुई तो संकट और गहरा सकता है स्थानीय मज़दूर खेती या छोटे कामों की ओर लौट सकते हैं उद्योग और निर्यात दोनों पर बड़ा असर पड़ने की आशंका
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में एक ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। कैसे हुआ हादसा? घटना भगवानपुर क्षेत्र में पुहाना पावर ग्रिड के पास हुई दोनों ट्रक रुड़की की ओर आ रहे थे पीछे से आ रहे ट्रक ने आगे चल रहे ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी चालक की मौके पर मौत हादसे में पीछे वाले ट्रक के चालक जुनैद (पुत्र जावेद) की मौके पर ही मौत हो गई वह मुजफ्फरनगर (सुजडू, थाना खालापार) का निवासी था दो लोग घायल आगे वाले ट्रक में सवार नोमान और सहिम घायल हो गए दोनों बागपत (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं घायलों को 108 एंबुलेंस से उपजिला अस्पताल रुड़की भेजा गया पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रुड़की सिविल अस्पताल में रखवा दिया है मामले की जांच जारी है
महाराष्ट्र के नासिक जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक कार के कुएं में गिर जाने से एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 6 बच्चे भी शामिल हैं। कैसे हुआ हादसा? यह हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे डिंडोरी कस्बे के शिवाजी नगर इलाके में हुआ। परिवार के सभी लोग एक कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहे थे इसी दौरान उनकी कार संतुलन खोकर पास के कुएं में गिर गई रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। दो क्रेन और तैराकों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया आधी रात तक कार और सभी लोगों को कुएं से बाहर निकाला गया मृतकों की पहचान पुलिस के अनुसार, सभी मृतक डिंडोरी तालुका के इंदौर गांव के दरगुडे परिवार से थे। मृतकों में शामिल हैं: सुनील दत्तु दरगुडे (32) उनकी पत्नी रेशमा आशा अनिल दरगुडे (32) परिवार के 6 बच्चे (7 से 14 वर्ष आयु वर्ग) 5 लड़कियां 1 लड़का जांच जारी सभी शवों को डिंडोरी सरकारी अस्पताल भेजा गया है पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है हादसे के कारणों की जांच जारी है इलाके में शोक की लहर इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने शुक्रवार को 27 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। राज्य में 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। कांग्रेस इस बार सत्तारूढ़ द्रमुक (DMK) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है। सीट बंटवारे के तहत कांग्रेस को 234 सदस्यीय विधानसभा में से 28 सीटें मिली हैं, जिन पर पार्टी अपने उम्मीदवार उतार रही है। जारी सूची के अनुसार, तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई को श्रीपेरंबुदूर (SC) सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता एस. राजेश कुमार को किलियूर सीट से मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा, पूर्व सांसद ए. चेल्ला कुमार को कृष्णागिरी विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया गया है। कांग्रेस की यह सूची पार्टी के प्रमुख चेहरों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जिससे गठबंधन को मजबूती मिल सके। गौरतलब है कि तमिलनाडु में इस बार मुख्य मुकाबला द्रमुक गठबंधन और विपक्षी दलों के बीच माना जा रहा है। कांग्रेस, DMK के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरी है और राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अब सभी की नजरें 23 अप्रैल को होने वाली वोटिंग और 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को गर्माते हुए भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बड़ा ऐलान किया है। मालदा जिले के वैष्णव नगर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका लक्ष्य केवल बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि वे केंद्र की सत्ता से भी भाजपा को हटाने का संकल्प ले चुकी हैं। ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि वह पहले पश्चिम बंगाल से भाजपा को बाहर करेंगी और इसके बाद दिल्ली की सत्ता से भी उसे उखाड़ फेंकेंगी। उन्होंने इसे जनता के सामने किया गया वादा बताते हुए कहा कि देश की मौजूदा नीतियां जनता को नुकसान पहुंचा रही हैं और बदलाव की आवश्यकता है। निर्वाचन आयोग और केंद्र पर तीखा हमला सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने Election Commission of India पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आयोग ने राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों में बदलाव कर विकास कार्यों को बाधित किया है। उनके अनुसार, यह कदम निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के बजाय राजनीतिक प्रभाव में लिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि राज्य में राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। मालदा घटना पर सख्त रुख हाल ही में मालदा में न्यायिक अधिकारियों के घेराव की घटना पर ममता बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे राज्य की छवि के लिए नुकसानदायक बताया और कहा कि ऐसी घटनाएं किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को चुनाव के दौरान संयम बरतने की सलाह दी। विपक्षी दलों पर मिलीभगत का आरोप मुख्यमंत्री ने भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस और वामपंथी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी पार्टियां अंदरखाने एक-दूसरे के साथ मिली हुई हैं और राज्य के विकास में बाधा डाल रही हैं। ममता बनर्जी ने जनता से अपील की कि वे इन दलों को चुनाव में जवाब दें। चुनावी माहौल में तेज हुआ सियासी घमासान पश्चिम बंगाल में चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ममता बनर्जी का यह बयान न केवल राज्य की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ा संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बयान का चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।
कोलकाता/तिरुवनंतपुरम: विधानसभा चुनावों के बीच पश्चिम बंगाल और केरल में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जहां एक ओर बंगाल में गृह मंत्री अमित शाह ने भवानीपुर में रोड शो कर चुनावी माहौल गरमा दिया, वहीं केरल में UDF ने अपना चुनावी मेनिफेस्टो जारी कर कई बड़े वादे किए हैं। भवानीपुर में अमित शाह का शक्ति प्रदर्शन गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में रोड शो किया। इस दौरान उनके साथ बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे, जो इसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा: “इस बार बंगाल में बदलाव तय है। किसी को डरने की जरूरत नहीं है, वोटरों को कोई गुंडा नहीं रोक सकता।” उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी का लक्ष्य सिर्फ जीत नहीं, बल्कि “ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ में हराना है।” भवानीपुर सीट पर सीधी टक्कर भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी भी चुनाव मैदान में हैं सुवेंदु अधिकारी को बीजेपी ने यहां से उतारा है ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से भी उम्मीदवार हैं इस सीट को लेकर मुकाबला बेहद हाई-प्रोफाइल माना जा रहा है। चुनावी माहौल तेज दोनों राज्यों में चुनावी सरगर्मी चरम पर है: बंगाल में बीजेपी और TMC के बीच सीधी टक्कर केरल में LDF बनाम UDF मुकाबला नेताओं के रोड शो, रैलियां और वादों के जरिए मतदाताओं को लुभाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
गुवाहाटी/धेमाजी: असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए प्रचार तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्य में कई रैलियों को संबोधित करते हुए भरोसा जताया कि बीजेपी के नेतृत्व वाला NDA एक बार फिर सरकार बनाएगा और हैट्रिक पूरी करेगा। पीएम मोदी का बड़ा बयान गोगामुख और धेमाजी में जनसभाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि असम ने पिछले 10 वर्षों में अभूतपूर्व विकास देखा है। उन्होंने कहा, “इस बार का चुनाव विकसित भारत (Viksit Bharat) बनाने का संकल्प है। जनता का उत्साह बता रहा है कि NDA फिर से सत्ता में आएगा।” कांग्रेस पर तीखा हमला प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के बाद कांग्रेस को एक और बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी “हार का शतक” लगाने की ओर बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी ने यह भी दावा किया कि असम में कांग्रेस की हार तय है। चुनावी रैलियां और कार्यक्रम पीएम मोदी ने आज धेमाजी और बिस्वनाथ जिलों में रैलियों को संबोधित किया सुबह 11 बजे गोगामुख में पहली रैली हुई इसके बाद बिस्वनाथ के बेहाली में दूसरी जनसभा आयोजित हुई वह 31 मार्च को ही डिब्रूगढ़ पहुंच चुके थे बीजेपी का ‘संकल्प पत्र’ (घोषणापत्र) बीजेपी ने असम चुनाव के लिए 31 वादों वाला ‘संकल्प पत्र’ जारी किया है, जिसमें विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर जोर दिया गया है। मुख्य वादे: असम को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए 18,000 करोड़ रुपये का ‘बाढ़ मुक्त असम मिशन’ 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर असम को ‘ईस्टर्न गेटवे’ बनाना युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर किसानों की आय सुरक्षा मजबूत करना मछुआरों को आर्थिक सहायता महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हर जिले में यूनिवर्सिटी और शिक्षा ढांचे को मजबूत करना गरीब परिवारों को मुफ्त राशन और सस्ती दरों पर जरूरी खाद्य सामग्री जनजातीय और स्वदेशी समुदायों के लिए भूमि और अधिकारों की सुरक्षा सामाजिक और जनजातीय मुद्दों पर फोकस 7 समुदायों को OBC सूची में शामिल कराने का प्रयास विभिन्न जनजातीय स्वायत्त परिषदों को संवैधानिक दर्जा देने की दिशा में काम चाय बागान और आदिवासी समुदायों के समग्र विकास का वादा चुनाव की तारीख असम में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होने हैं, जिसे लेकर सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है।
Aaj Ka Vrishabh Rashifal: अक्सर लोग दिन की शुरूआत से पहले जानना चाहते हैं कि आज उनका पूरा दिन कैसा रहने वाला है. चलिए वृषभ राशि वालों को बताते हैं कि आज उनके जीवन में क्या होने वाला है और आज इन राशि वालों को किन समस्याओं का सामना करना होगा. काशी के ज्योतिष ने बताया कि वृषभ राशि वालों को आज क्या उपाय करने चाहिए.
Aaj Ka Mesh Rashifal 5 April 2026 : मेष राशि के आज का दिन मिलाजुला रहेगा. मिर्जापुर के ज्योतिषी अखिलेश अग्रहरि लोकल 18 से बताते हैं कि मेष राशि के जातकों की सेहत आज सामान्य रहेगी. ऊर्जा और उत्साह बना रहेगा. पेय पदार्थों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें. प्यार और रिश्तों के लिए दिन अनुकूल है. रिश्तों में आकर्षण बढ़ेगा. आज ऋतु बसंत, माष बैसाख है. तिथि तृतीया, नक्षत्र विशाखा है. पक्ष कृष्ण और योग ब्रज है. आज शुभ अंक 1 और 9 होगा. भाग्यांक 5 होगा. शुभ रंग लाल और केसरिया रहेगा. शुभ दिशा पूरब होगी.
Aaj Ka Kark Rashifal 5 April 2026: 5 अप्रैल का दिन कर्क राशि के जातकों के लिए नई ऊर्जा का संचार लेकर आया है. आज का दिन न केवल आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा, बल्कि लव लाइफ से लेकर करियर और स्वास्थ्य तक, हर मोर्चे पर सकारात्मक परिणाम देने वाला साबित होगा. वैशाख मास के विशेष योग आपके रुके हुए कार्यों को गति प्रदान करेंगे.
Aaj Ka Mithun Rashifal 5 April 2026 : अगले पल क्या होगा, अगर इसका पता पहले ही चल जाए तो हर कोई फूंक-फूंककर कदम उठाने लगेगा. राशिफल यही काम करता है. इसकी मदद से अगले 24 घंटे में क्या होगा, उसका अंदाजा लगा सकते हैं. कई लोग अपने दिन की शुरुआत दैनिक राशिफल जान लेने के बाद ही करते हैं. देहरादून के ज्योतिषाचार्य योगेश कुकरेती बताते हैं कि मिथुन राशि को आज अपनी एकाग्रता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी. बातचीत में स्पष्टता रखने से गलतफहमियां दूर होंगी.
Aaj ka Kumbh Rashifal 05 April 2026: कुंभ राशि के लिए 5 अप्रैल 2026 का दिन मिला-जुला रहने वाला है. करियर में नए अवसर मिलेंगे, लेकिन धैर्य और सावधानी जरूरी है. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और रुका हुआ धन मिल सकता है. परिवार में खुशी का माहौल रहेगा, सेहत सामान्य बनी रहेगी.
Aaj ka Makar Rashifal 5 April 2026: मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिलाजुला परिणाम देने वाला रहेगा. आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत हैं और उधार दिया हुआ पैसा वापस मिल सकता है. हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा. कार्यस्थल पर कुछ चुनौतियां आएंगी, लेकिन धैर्य से आप उन्हें संभाल लेंगे. परिवार में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, जिससे मानसिक दबाव महसूस होगा. स्वास्थ्य में थकान या सिर दर्द की परेशानी हो सकती है. प्रेम संबंधों में तनाव संभव है. कुल मिलाकर दिन सतर्कता और संतुलन के साथ आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है.
Aaj Ka Love Rashifal 5 April 2026: आज 5 अप्रैल रविवार का दिन मेष राशि वालों के लिए प्रेम और संबंधों के मामले में बहुत ही अद्भुत है. कर्क वाले सिंगल जातकों को नए प्रेम के अवसर प्राप्त हो सकते हैं. धनु राशि के जातकों के लिए प्रेम के मामले में दिन बेहतरीन साबित होगा. यह अवधि आपके रिश्तों में सामंजस्य और खुशी लेकर आएगी. पढ़ें अन्य राशि वालों का आज का लव राशिफल.
Aaj ka Tula Rashifal 5 April 2026: तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा. चंद्रमा वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जो द्वितीय भाव धन, वाणी और परिवार को प्रभावित करेगा. आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन रही है. परिवार में मधुरता बढ़ेगी और वातावरण सकारात्मक रहेगा. आपकी वाणी प्रभावशाली होगी जिससे आप लोगों को प्रभावित करेंगे. खर्चों पर नियंत्रण जरूरी रहेगा. कार्यस्थल पर नए अवसर मिल सकते हैं. कुल मिलाकर दिन लाभकारी रहेगा और मानसिक संतुलन बना रहेगा.